इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन, अहले बिरादरी मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई समाज के लिए यह खबर निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ पेश की जा रही है कि बरोज पीर, तारीख़ 02 मार्च की बीती रात तकरीबन साढ़े 11 बजे मरहूमा नूरजहां बी (68 साल) अहलिया जनाब अनीस अहमद साहब वल्द जनाब अज़ीमुल्ला साहब (मरहूम), निवासी गढ़ी पुख्ता, ज़िला शामली (उ.प्र.), हाल बाशिंदे क़स्बा किच्छा, ज़िला उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।
इस दर्दनाक खबर ने न सिर्फ उनके घर बल्कि पूरी बिरादरी को ग़मगीन कर दिया है।
🏡 जिंदगी का सफर
मरहूमा का मायका गांव जसोई, ज़िला मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) में था। वह मरहूम जनाब रसीद साहब की बेटी थीं। उनके कोई भाई नहीं थे। उनकी दो बहनें—जरीना (जसोई) और हसीना (पानीपत)—अपनी-अपनी जगह आबाद हैं।
काफी अरसा पहले उनका परिवार क़स्बा बाजपुर, ज़िला उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) में आकर बसा और बाद में किच्छा में मुक़ीम हो गया। अपनी सादगी, नेक अख़लाक़ और बिरादरी से गहरा ताल्लुक रखने वाली नूरजहां बी ने पूरी ज़िंदगी खामोशी और इख़लास के साथ गुज़ारी।
👨👩👧👦 पीछे रह गए अहल-ए-ख़ाना
मरहूमा अपने पीछे अपने शौहर जनाब अनीस अहमद साहब समेत तीन बेटे—- जनाब शहज़ाद साहब
- जनाब अशरफ़ साहब
- जनाब अरशद साहब
और दो बेटियां—
- बड़ी बेटी सन्नो (आजाद चौक, शामली, उ.प्र.)
- दूसरी बेटी शबनम (नजीबाबाद, बिजनौर, उ.प्र.)
को ग़मगीन छोड़ गई हैं।
घर का हर कोना आज उनकी याद में नम है। माँ का साया उठ जाना वह खालीपन है जिसे कोई भर नहीं सकता।
🕌 नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक
मरहूमा को आज दिन मंगल, तारीख़ 03 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे क़स्बा किच्छा, ज़िला उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) में ही सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर सवाब-ए-दारेन हासिल करें और मरहूमा के लिए मग़फिरत की दुआ फरमाएं।
📞 मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात के लिए मोहम्मद एहसान से मोबाइल नंबर 9756156658 पर राब्ता किया जा सकता है।
🤲 दुआ-ए-मग़फिरत
अल्लाह तआला मरहूमा नूरजहां बी की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।आमीन या रब्बुल आलमीन।
📢 एक ज़रूरी ऐलान – इंतेकाल की खबर भेजने के लिए हिदायतें
अक्सर अधूरी जानकारी की वजह से खबर देर से पहुंचती है। “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से दरख़्वास्त करती है कि इंतेकाल की खबर भेजते वक़्त इन बातों का खास ख्याल रखें:1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता – असल व मौजूदा।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ जिम्मेदार शख्स का फोन नंबर।
5️⃣ (अगर मर्द का इंतकाल हो) तो फोटो शामिल करें।
6️⃣ इंतकाल की वजह (अगर मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम।
👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही वक़्त पर और सही तरीके से बिरादरी तक पहुंचेगी।
📰 डिस्क्लेमर
पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, विचार, प्रेस विज्ञप्ति या विज्ञापन संबंधित लेखक/संवाददाता/विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं। इनसे संपादक, प्रकाशक या प्रबंधन की सहमति आवश्यक नहीं है। सामग्री की सत्यता व दावों के लिए संबंधित लेखक/विज्ञापनदाता स्वयं जिम्मेदार होंगे। किसी भी विवाद की स्थिति में न्याय क्षेत्र केवल दिल्ली रहेगा।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका
📰 “मुल्तानी समाज”
✍️ ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट
📞 9410652990
🌐 www.multanigharana.com
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com
#multanisamaj
नोट:- शिनाख्त के लिए ख़बर में मरहूमा के शौहर जनाब अनीस अहमद साहब के फ़ोटो लगाए गए है।