मरहूम जीशान मिर्ज़ा अपने पीछे चार बहनें, एक छोटा भाई सूफ़ियान, अपनी अहलिया, दो बेटे और एक बेटी सहित तमाम कुनबा, रिश्तेदार और अज़ीज़-ओ-अक़ारीब को ग़मज़दा छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए। वह नेकदिल, कम-गो और अपनी बात को सोच-समझकर कहने वाले सादा-मिज़ाज इंसान थे। उनके वालिद, वालिदा और एक जवान बहन का इंतेकाल पहले ही हो चुका है।
मरहूम की मय्यत आज दिन जुमेरात, 22 जनवरी 2026, नमाज़-ए-ज़ोहर के बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक की जाएगी। तमाम अहल-ए-बिरादरी से अदबन गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर सवाब-ए-दारैन हासिल करें और मग़फ़िरत की दुआओं में मरहूम को याद रखें।
जीशान साहब रुड़की की मशहूर व मारूफ़ शख़्सियत महबूब नाल-बंद वालों के दामाद, महमूद साहब के बहनोई तथा मंज़ूर अहमद (गढ़ी पुख़्ता वाले)—हाल बाशिंदा यमुना विहार, दिल्ली—के साले थे। उनकी अचानक जुदाई से तमाम घराने और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है।
🕊️ ज़रूरी ऐलान — इंतेकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें
अक्सर देखा गया है कि इंतेकाल की खबर देर से या अधूरी पहुंचने के कारण लोग जनाज़े तक नहीं पहुंच पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने-इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि खबर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास ख़याल रखें:
1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता — स्थायी व वर्तमान निवास।
3️⃣ दफ़्न का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के फ़ोन नंबर।
5️⃣ मर्द के इंतेकाल की सूरत में मरहूम की फोटो।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — भाई, बहन, माँ-बाप, औलाद वगैरह।
👉 इन तमाम जानकारियों से खबर मुकम्मल होती है और बिरादरी तक सही वक़्त पर सही जानकारी पहुंचती है।
📰 डिस्क्लेमर
पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, विचार, टिप्पणी, विज्ञापन या अन्य सामग्री लेखक/संवाददाता/विज्ञापनदाता के अपने विचार हैं। इनसे संपादक, प्रकाशक या प्रबंधन की सहमति आवश्यक नहीं मानी जाएगी।
प्रकाशित सामग्री की सत्यता व दावों की ज़िम्मेदारी संबंधित लेखक/विज्ञापनदाता की होगी। किसी भी विवाद की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।
दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, दर्जात बुलंद करे और अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।
“मुल्तानी समाज” — सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, दिल्ली से प्रकाशित
ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट
#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com | www.msctindia.com
✉️ multanisamaj@gmail.com