Thursday, January 29, 2026

गमगीन ख़बर | बिरादरी के दो अज़ीज़ अफ़राद के इंतेकाल की दुखद इत्तिला

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि बीती रात, दिन जुमेरात बा-तारीख़ 29 जनवरी 2026, मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक़ रखने वाले दो अज़ीज़ अफ़राद का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। यह दुखद ख़बरें हमें सोशल मीडिया के ज़रिये हासिल हुईं, जिनसे पूरी बिरादरी शोक में डूब गई है।

पहली दुखद ख़बर
राजस्थान के नागौर शहर से ताल्लुक़ रखने वाले
जनाब शम्सुद्दीन उर्फ़ सम्मु साहब, वल्द मरहूम जनाब अब्दुल्लाह जी (पोल वाले) का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।
मरहूम नागौर की किदवई कॉलोनी, लोहार पूरा के रहने वाले थे। उनके इंतेकाल से न सिर्फ़ उनके अहल-ए-ख़ाना बल्कि पूरी बिरादरी को गहरा सदमा पहुँचा है।

दूसरी दुखद ख़बर
सहारनपुर से यह रंज-ओ-ग़म भरी इत्तिला मिली कि
मरहूम शौकत अली साहब की अहलिया, ख़ैरुन्निसा बी, और आमिर मिर्ज़ा की अम्मीजान का भी बीती रात, दिन जुमेरात बा-तारीख़ 29 जनवरी 2026 को क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।
मरहूमा का निवास 62 फूटा रोड, निकट जनता पैलेस, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में था।

अल्लाह तआला दोनों मरहूमीन की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्रों को जन्नत के बाग़ीचों में से एक बाग़ बनाए, और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।


🕊️ एक ज़रूरी ऐलान | इंतेकाल की ख़बर भेजने के लिए अहम् हिदायतें

अक्सर यह देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की ख़बर बिरादरी तक या तो देर से पहुँचती है या अधूरी रहती है, जिसकी वजह से कई लोग जनाज़े या ताज़ियत में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि जब भी इंतेकाल की कोई ख़बर भेजी जाए, तो इन बातों का ख़ास ख़याल रखा जाए:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता — मूल निवास और मौजूदा रहाइश।
3️⃣ दफ़्न का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के फ़ोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेकाल हुआ हो तो मरहूम की साफ़ फोटो।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — जैसे वालिदैन, भाई-बहन, औलाद वग़ैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से ख़बर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों तक सही व वक़्त पर मालूमात पहुँच पाती हैं।


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किसी भी विवाद, शिकायत या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


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“मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

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अल्लाह तआला हम सबको सब्र और समझ अता फरमाए। आमीन।

इंतकाल की दुखभरी सूचना: मुहम्मद इमरान साहब इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गए

निहायत ही अफ़सोस और गहरे रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार व बढ़ई बिरादरी को यह इत्तला दी जाती है कि आज दिन जुमेरात, 29 जनवरी 2026 को

मुहम्मद इमरान वल्द हाजी जमील अहमद साहब (गोटके वालों) का तक़रीबन साढ़े 12 बजे दिन में अपने आवास मोहल्ला बूढ़ा बाबू, कस्बा सरधना, ज़िला मेरठ, उत्तर प्रदेश में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूम के इंतकाल की खबर से पूरे इलाके और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई। अल्लाह तआला ने उन्हें इस फ़ानी दुनिया से उठाकर अपने पास बुला लिया। मरहूम बेहद नेक, मिलनसार और सादगी पसंद इंसान थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाती रहेगी।

मरहूम दो भाइयों में थे, जिनमें उनके भाई मुहम्मद यूनुस साहब हैं। इसके अलावा उनकी चार बहनें हैं—
सईदा बी, फ़हमीदा बी, इमराना बी और रिहाना बी
मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया (पत्नी) और एक बेटी समेत भरा-पूरा कुनबा, खानदान, रिश्तेदार और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारीब को ग़मज़दा छोड़कर इस दुनिया से रुख़्सत हो गए।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए, उनके दर्जात बुलंद करे और तमाम घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़ अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें
बिनौली रोड, अलकरीम होटल के बराबर स्थित कब्रिस्तान में सपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर सवाब-ए-दारैन हासिल करें।


ज़रूरी सूचना

मय्यत के सिलसिले में और ज़्यादा मालूमात के लिए मरहूम के भतीजे
जनाब मिर्ज़ा महताब
मोबाइल नंबर: 8534021401
पर राब्ता किया जा सकता है।


एक ज़रूरी ऐलान — इंतकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें

अक्सर देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतकाल की खबर बिरादरी तक देर से या अधूरी जानकारी के साथ पहुँचती है, जिससे कई लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से अदब के साथ गुज़ारिश करती है कि जब भी इंतकाल की खबर भेजें, तो निम्नलिखित बातों का ख़ास ख़याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (मूल निवास व वर्तमान निवास)।
3️⃣ दफ़न का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार एक-दो अफ़राद के मोबाइल नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतकाल हुआ हो तो मरहूम की फोटो।
6️⃣ इंतकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के अन्य सदस्यों के नाम—भाई, बहन, वालिदैन, औलाद आदि।

👉 इन तमाम जानकारियों से खबर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों तक सही वक़्त पर सही सूचना पहुँच पाती है।


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कस्बा सरधना, ज़िला मेरठ, उत्तर प्रदेश से
मिर्ज़ा महताब की खास रिपोर्ट

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Wednesday, January 28, 2026

✨ सुलह की रौशनी: बिरादरी के दो पुराने तनाज़े आपसी समझ से हल ✨

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू, अल्हम्दुलिल्लाह! बिरादरी के लिए एक बेहद सुकून और इत्मीनान देने वाली खबर सामने आई है। आप सबकी दुआओं और नेक नीयत कोशिशों की बदौलत बीते कल दो ऐसे तनाज़े आपसी सुलह और समझदारी से हल हो गए, जो वर्षों से लंबित चले आ रहे थे। इन सुलहों के बाद चार परिवारों ने राहत की सांस ली और आपसी रिश्तों में फिर से भरोसा और अपनापन कायम हुआ।

हल होने वाले दोनों मामले इस प्रकार रहे—

  1. शाहपुर बनाम सरधना
  2. मुजफ्फरनगर बनाम मुजफ्फरनगर

इन संवेदनशील और पुराने मामलों को सुलझाने में मुजफ्फरनगर की टीम की मेहनत, सूझबूझ और खैरख्वाही काबिले-तारीफ रही। सुलह की इस पाक कोशिश में जिन जिम्मेदार और समझदार साथियों ने अहम भूमिका निभाई, उनमें—

मुजफ्फरनगर से
हाजी अलीमुद्दीन साहब, अनीस अहमद साहब, जुल्फ़कार साहब, सलाहुद्दीन साहब, इदरीस साहब, हाजी ज़ाहिद साहब

सरधना से
मिर्ज़ा मोहम्मद इस्माइल साहब, हाजी बशीर अहमद साहब, मोहम्मद महताब साहब

शाहपुर से
जब्बार साहब एवं उनके साथी

मुजफ्फरनगर से
इसरार साहब, अहसान साहब सहित अनेक खैरख्वाह साथी शामिल रहे।

ये दोनों मामले सालों से लंबित चले आ रहे थे, लेकिन अल्लाह तआला के फ़ज़्ल से आपसी बातचीत, सब्र और समझदारी के ज़रिये इन्हें सुलह की मंज़िल तक पहुँचाया गया। यह पहल न केवल संबंधित परिवारों के लिए राहत लेकर आई, बल्कि पूरी बिरादरी के लिए एक मिसाल बनकर सामने आई कि अमन, मोहब्बत और भाईचारे से हर विवाद का हल संभव है।

दुआ है कि
अल्लाह तआला इस सुलह को कायम रखे, इसे खैर और बरकत का ज़रिया बनाए और बिरादरी में इत्तेहाद व आपसी मोहब्बत हमेशा क़ायम रखे। आमीन।


✍️ नवेद मिर्ज़ा की खास रिपोर्ट
(सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत)
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Monday, January 26, 2026

राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर एमएससीटी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं

मैं मोहम्मद आलम, पूर्व-राष्ट्रीय चेयरमैन, MSCT (पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम ) की और से गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर देश के 145 करोड़ समस्त भारतवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करता हूँ।

26 जनवरी 1950 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन भारत में संविधान को लागू किया गया था। संविधान की रक्षा करना न केवल सरकार का बल्कि प्रत्येक भारतवासी का प्रथम कर्तव्य है। संविधान हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। हमें बिना किसी राजनीतिक दबाव के संविधान के मूल्यों पर चलते हुए देश और समाज के हित में कार्य करना चाहिए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर आधारित भारतीय संविधान, लाखों भारतीयों के सपनों की बुनियाद है। हमें अपने संविधान की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और इसके सिद्धांतों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए, ताकि समाज में शांति, सौहार्द और समानता बनी रहे।

भारतीय संविधान का इतिहास भी अत्यंत गौरवशाली है। ब्रिटिश शासन के दौरान 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से लेकर 1947 के स्वतंत्रता अधिनियम तक संवैधानिक विकास की लंबी प्रक्रिया चली। आज़ादी के बाद संविधान सभा का गठन हुआ और 31 दिसंबर 1947 को इसकी पहली बैठक आयोजित की गई। कुल 299 सदस्यों वाली संविधान सभा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में भारत का संविधान तैयार किया, जिसे 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू किया गया।

मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई समाज के नाम से यह भी उल्लेखनीय है कि हमारे समाज के अनेक साथी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी योग्यता का प्रदर्शन कर रहे हैं। जिन लोगों ने Graduation और Post Graduation जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त की है, वे समाज को संगठित और शिक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।

मेरा समाज के सभी जागरूक साथियों से निवेदन है कि वे बिरादरी के नवजवानों पर विशेष ध्यान दें। सबसे पहले शिक्षा को प्राथमिकता दें और उसके बाद आर्थिक व सामाजिक आवश्यकताओं पर कार्य करें।

इसी उद्देश्य के साथ मोहम्मद आलम  ने भी समाज सेवा का बीड़ा उठाया है और वे विभिन्न क्षेत्रों में MSCT के बैनर तले लगातार प्रयासरत हैं। वर्ष 2011 से अब तक MSCT समाज के उत्थान, स्वरोज़गार और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

आइए, इस गणतंत्र दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि संविधान का सम्मान करेंगे, शिक्षा को बढ़ावा देंगे और एक सशक्त, संगठित एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में अपना योगदान देंगे।

जय हिंद 🇮🇳
जय संविधान

मोहम्मद आलम 
पूर्व-राष्ट्रीय चेयरमैन
MSCT मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि0 ) ऑल इंडिया 



Sunday, January 25, 2026

🇮🇳 मुस्लिम मुल्तानी लोहार बिरादरी ने मनाया गणतंत्र दिवस, ध्वजारोहण समारोह एवं समाजहित बैठक का गरिमामय आयोजन

मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश। 26 जनवरी के पावन और राष्ट्रीय महत्व के अवसर पर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बिरादरी से जुड़ी मुल्तानी मिर्ज़ा वेलफेयर सोसायटी के ज़िलाध्यक्ष मिर्ज़ा हाजी इदरीश के आवास पर ध्वजारोहण समारोह एवं समाजहित बैठक का शालीन और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः राष्ट्रध्वज फहराकर की गई, जहां उपस्थित सभी लोगों ने देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की।

ध्वजारोहण के पश्चात बैठक में समाज के हित से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। बताया गया कि SIR में किसी भी प्रकार के छूटे हुए अथवा गलत नामों को दुरुस्त कराने के उद्देश्य से शीघ्र ही एक विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिससे समाज के जरूरतमंद लोगों को सीधा लाभ मिल सकेगा। इस पहल को उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत सराहना के साथ स्वीकार किया।

बैठक की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष हाजी अलीमुद्दीन साहब ने की, जबकि कार्यक्रम का सुचारु संचालन हाजी अनीस साहब ने किया। इस अवसर पर हाजी ज़ाहिद ज़ुल्फ़िकार, अहमद सलाहुद्दीन, अहमद नौशाद, अहमद शहज़ाद, अहमद परवेज़, नज्म शुऐब एवं डॉ. आक़िब आसिफ ने अपने विचार रखते हुए मुस्लिम मुल्तानी लोहार बिरादरी की सामाजिक एकता, जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपरोक्त सभी गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

यह आयोजन न केवल गणतंत्र दिवस के मूल्यों को सहेजने वाला रहा, बल्कि मुस्लिम मुल्तानी लोहार बिरादरी के सामाजिक हित में उठाए गए सकारात्मक कदमों के कारण भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।


हाजी जाहिद की खास रिपोर्ट
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Saturday, January 24, 2026

मोहम्मद यामीन साहब का इंतेकाल ,ग़म की इस घड़ी में पूरा मुल्तानी समाज शरीक-ए-दुख़ है।

निहायत ही ग़म और रंज के साथ तमाम बिरादराने इस्लाम को यह इत्तला दी जाती है कि

मोहम्मद यामीन साहब (उम्र 63 वर्ष) वल्द मरहूम जनाब नज़ीर साहब,
बाशिंदा गांव बसी, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश तथा हाल बाशिंदा ई-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, दिल्ली का
इतवार, 25 जनवरी 2026 को अल-सुबह क़ज़ा-ए-ईलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूम मोहम्मद यामीन साहब कुल तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई मोहम्मद यूसुफ साहब और मोहम्मद यासीन साहब सहित वालिदैन का भी पहले ही इंतेकाल हो चुका है।

मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया, चार बेटियां
रुख़सार, इशरत, रुकैय्या, फरहीन
और एक बेटा मोहम्मद समीर समेत भरा-पूरा कुनबा, खानदान, रिश्तेदार और अज़ीज़-ओ-अकारिब को ग़मगीन छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

अल्लाह तआला से दुआ है कि वह मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन।

नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-ज़ोहर,
जहांगीरपुरी, दिल्ली में अदा की जाएगी और वहीं मय्यत को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाकर सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

मय्यत के सिलसिले में किसी भी तरह की मालूमात के लिए
मरहूम के भांजे जनाब दिलशाद मुल्तानी जी
मोबाइल नंबर: 9760383915
पर राब्ता किया जा सकता है।


एक ज़रूरी ऐलान

(इंतेकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें)

अक्सर देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतकाल की खबर देर से या अधूरी पहुंचती है, जिससे बिरादरी के लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि इंतेकाल की खबर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास ख़्याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (मूल निवास और वर्तमान निवास)।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार शख़्स के एक-दो मोबाइल नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेकाल हुआ हो तो मरहूम की फोटो।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम – जैसे भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वगैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से खबर मुकम्मल होगी और बिरादरी तक सही वक़्त पर सही जानकारी पहुंचेगी।


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दुआओं की दरख़्वास्त के साथ

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Friday, January 23, 2026

नंदनवन कॉलोनी इंदौर से लापता मोहम्मद अहमद मुल्तानी की तलाश, परिजनों की अपील – सहयोग करें

ब्लॉग रिपोर्ट | मुल्तानी समाज नंदनवन कॉलोनी इंदौर , मध्यप्रदेश निवासी मोहम्मद अहमद मुल्तानी दिन जुमेरात बा - तारीख़ 22 जनवरी 2026 की रात से अपने घर से कहीं चले गए हैं। परिजनों और शुभचिंतकों के अनुसार अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार गहरी चिंता में है।

परिवार की ओर से तमाम भाइयों, अकीदतमंदों और क्षेत्रवासियों से अदब के साथ गुज़ारिश की जाती है कि यदि किसी भाई को मोहम्मद अहमद मुल्तानी के बारे में कोई भी जानकारी प्राप्त हो, तो कृपया तत्काल मोबाइल नंबर: 7987164027 पर संपर्क कर सहयोग करें। आपकी एक छोटी-सी सूचना किसी परिवार की बड़ी चिंता को दूर कर सकती है।

यह सूचना सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार/बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
अब्दुल कादिर मुल्तानी की ख़ास रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।

हम दुआगो हैं कि मोहम्मद अहमद जल्द से जल्द सकुशल अपने घर लौटें। सभी से दरख़्वास्त है कि इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि तलाश में तेज़ी आ सके।

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