Thursday, January 15, 2026

🕯️ इंतेकाल की गमगीन ख़बर | दुआओं के साथ 🕯️

निहायत ही अफ़सोस और गहरे रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराने इस्लाम को यह इत्तिला दी जाती है कि

आज बरोज़ जुमेरात, तारीख़ 15 जनवरी 2026 को
जनाब मोहम्मद शाहिद साहब
वल्द जनाब मोहम्मद लुक़मान साहब (बिराल वाले)
हाल मुक़ाम गांव गौरीपुर, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश
का क़ज़ा-ए-ईलाही से इंतेकाल हो गया।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनके दर्जात बुलंद फरमाए और जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए। अल्लाह तआला अहले-ख़ाना को यह सदमा सहन करने की तौफ़ीक़ दे और उन्हें सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।

मरहूम की मय्यत को बाद नमाज़-ए-असर, आज ही
गांव गौरीपुर में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
लिहाज़ा तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के हक़ में दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएं और सवाब-ए-दारैन हासिल करें।


🕊️ एक ज़रूरी ऐलान – इंतेकाल की ख़बर भेजने से पहले अहम हिदायतें

अक्सर देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की सूचना देर से या अधूरी जानकारी के साथ बिरादरी तक पहुँचती है, जिस वजह से कई लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से अदब के साथ दरख़्वास्त करती है कि इंतेकाल की ख़बर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास ख़याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता — स्थायी व वर्तमान निवास।
3️⃣ दफ़न का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के मोबाइल नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेकाल हुआ हो तो मरहूम की तस्वीर।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहले-ख़ाना के नाम — वालिदैन, भाई-बहन, औलाद वग़ैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से ख़बर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों तक सही और वक़्त पर सूचना पहुँच पाती है।


📰 डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार का लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन या अन्य सामग्री लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के निजी विचार होते हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन या संस्थान की सहमति या समर्थन अनिवार्य रूप से अभिप्रेत नहीं है।

प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता अथवा किसी भी प्रकार के दावे के लिए संबंधित लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे।
पत्रिका एवं उसका प्रबंधन किसी भी कानूनी, सामाजिक या वित्तीय दायित्व से पूर्णतः मुक्त रहेगा।

किसी भी विवाद या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज”

✍️ ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

अल्लाह तआला मरहूम को जन्नत में आला मक़ाम अता फरमाए। आमीन।

Wednesday, January 14, 2026

निहायत ही अफ़सोसनाक खबर: मुल्तानी बिरादरी से तीन इंतेकाल, क़स्बा ऊन में कनीज़ा बी का इंतकाल


इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन निहायत ही अफ़सोस और रंज के साथ तमाम अहले-बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि बीते कल, बरोज़ बुधवार, 14 जनवरी 2025, मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक़ रखने वाले तीन अफ़राद के इंतेकाल की दुखद खबरें हमें हासिल हुईं। इनमें से दो इंतेकाल की सूचनाएं हम अपने न्यूज़ पोर्टल के ज़रिए पहले ही आप हज़रात तक पहुंचा चुके हैं।

इसी कड़ी में तीसरी अफ़सोसनाक खबर उत्तर प्रदेश के जिला शामली के क़स्बा ऊन से प्राप्त हुई, जहां कनीज़ा बी का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। मरहूमा की मय्यत को बीते कल ही बाद नमाज़-ए-असर, क़स्बा ऊन के क़ब्रिस्तान में पूरे एहतराम और सुन्नत के मुताबिक सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ीचों में से एक बाग़ बनाए और तमाम अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

इस इंतेकाल की सूचना हमें सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसे बिरादरी की जानकारी और दुआओं की नियत से हमारे द्वारा खबर के रूप में पेश किया जा रहा है।


ज़रूरी ऐलान

इंतेकाल की खबर भेजने से पहले इन अहम हिदायतों पर ज़रूर अमल करें

अक्सर देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की खबर बिरादरी तक या तो देर से पहुंचती है या फिर अधूरी जानकारी की वजह से लोग जनाज़े या तदफ़ीन में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से अदब के साथ गुज़ारिश करती है कि इंतेकाल की खबर भेजते वक़्त नीचे दी गई जानकारियां ज़रूर शामिल करें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम, वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (स्थायी व वर्तमान निवास)।
3️⃣ तदफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के संपर्क नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेकाल हो तो मरहूम की फोटो।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहले-ख़ाना के नाम – जैसे वालिदैन, भाई-बहन, औलाद वग़ैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से खबर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों को सही व वक़्त पर जानकारी मिल पाती है।


📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार का लेख, समाचार, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन या अन्य सामग्री संबंधित लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन या संस्थान की सहमति आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता अथवा किसी दावे की ज़िम्मेदारी लेखक या विज्ञापनदाता की होगी। पत्रिका एवं प्रबंधन किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या वित्तीय ज़िम्मेदारी से पूर्णतः मुक्त रहेंगे।

किसी भी विवाद या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए

✍️ ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

📌 #multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com | www.msctindia.com
✉️ multanisamaj@gmail.com


🕊️ निहायत ही अफ़सोस के साथ एक और ग़मगीन इत्तिला 🕊️

निहायत ही रंजो-ग़म के साथ आप तमाम हज़रात को यह दुखद सूचना दी जाती है कि

गंगोह, ज़िला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में आज बुधवार, तारीख़ 14 जनवरी 2026 को अभी कुछ ही देर पहले
मिस्त्री अकरम साहब का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेक़ाल हो गया है।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ीचों में से एक बाग़ीचा बनाए और अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

मरहूम की तदफ़ीन कल
बरोज़ जुमेरात, तारीख़ 15 जनवरी 2026
बाद नमाज़-ए-जौहर, दोपहर 1 बजे
इंशा अल्लाह अदा की जाएगी।

लिहाज़ा तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जहाँ तक मुमकिन हो, दोनों जनाज़ों में शिरकत फरमाकर सवाबे-दारेन हासिल करें।


⚠️ नोट (महत्वपूर्ण सूचना)

यह ख़बर सोशल मीडिया पर प्राप्त/वायरल सूचना के आधार पर साझा की जा रही है।
इनके बारे में जो हज़रात मुकम्मल व सही मालूमात रखते हों, वह नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करके बिरादरी तक सही जानकारी पहुँचाने में हमारी मदद फरमाएँ।


📢 एक ज़रूरी ऐलान

इंतेक़ाल की ख़बर भेजने से संबंधित अहम हिदायतें

अक्सर यह देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेक़ाल की सूचना बिरादरी तक देर से पहुँचती है या अधूरी जानकारी होने की वजह से लोग जनाज़े में शिरकत नहीं कर पाते।
इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से पुरज़ोर गुज़ारिश करती है कि जब भी किसी के इंतेक़ाल की ख़बर भेजें, तो निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम तथा वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (मूल निवास और वर्तमान निवास)।
3️⃣ तदफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार शख़्स (एक-दो) के संपर्क नंबर।
5️⃣ यदि मर्द का इंतेक़ाल हुआ हो तो मरहूम की तस्वीर।
6️⃣ इंतेक़ाल की वजह (यदि बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम – जैसे भाई, बहन, माँ-बाप, औलाद आदि।

👉 इन तमाम जानकारियों से ख़बर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों को सही वक़्त पर सही जानकारी मिल पाती है।


📰 डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार के लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन अथवा अन्य सामग्री संबंधित लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन अथवा संस्थान की सहमति या समर्थन आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता अथवा किसी भी प्रकार के दावे के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे।
पत्रिका एवं उसका प्रबंधन किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या वित्तीय जिम्मेदारी से पूर्णतः मुक्त रहेगा।

किसी भी विवाद, शिकायत या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

#multanisamaj

📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com


ग़मगीन ख़बर-ए-इंतेक़ाल इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बड़े ही रंजो-ग़म के साथ यह दुखद ख़बर दी जाती है कि

हाजी अब्दुल सत्तार साहब
वल्द: मिस्त्री कालू साहब
उम्र: लगभग 70 वर्ष

का आज दिन बुध बा- तारीख़ 14 जनवरी 2026, को अभी शाम सवा पाँच बजे तकरीबन,
ग्राम बावली, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) में कजा- ए - ईलाही से इंतक़ाल हो गया।

अल्लाह तआला की यही मर्ज़ी थी।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक रखते थे। हाजी अब्दुल सत्तार साहब बड़ौत में दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर, एल.आई.सी. ऑफिस के ठीक सामने अपने अहल-ए-ख़ाना के साथ सुकूनत फरमा रहे थे। ख़बर मिली है कि मरहूम का जनाज़ा बड़ौत से गांव बावली ले जाया जाएगा, इंशाअल्लाह।

हाजी अब्दुल सत्तार साहब तीन भाइयों में से एक थे। मरहूम अपने पीछे
पाँच बेटे
अब्दुल वाजिद,
अब्दुल साजिद,
राशिद अली,
मुहम्मद आरिफ,
मुहम्मद सुहेल,

दो बेटियाँ, और भरा-पूरा अहल-ए-ख़ाना छोड़ गए हैं।
आज 14 जनवरी 2026 को मरहूम अपने तमाम अज़ीज़ों को रोता-बिलखता छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गए।

हम तमाम अहल-ए-ईमान, अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की बारगाह में दुआगो हैं कि
अल्लाह तआला मरहूम हाजी अब्दुल सत्तार साहब की मग़फिरत फरमाए,
उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए,
और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए।

आमीन। सुम्मा आमीन।

दफ़ीन की जानकारी

ख़बर के मुताबिक मरहूम की मय्यत को ग्राम बावली के बड़े क़ब्रिस्तान,
बिजली घर के सामने दफ़न किया जाएगा।
चूँकि मरहूम के दो बेटे महाराष्ट्र में रोज़गार के सिलसिले में रहते हैं,
इस कारण दफ़ीना कल बा - तारीख़ 15 जनवरी 2026 दिन जुमेरात को जुहर की नमाज़ के बाद मय्यत को बिजली घर के सामने वाले बावली गांव के बड़े कब्रिस्तान में दफनाया जायेगा अल्लाह मरहूम  की मग़फिरत फरमाएं ।

ज़्यादा मालूमात के लिए

  • नौशाद अली — 7906409518
  • मिस्त्री पप्पू चौधरी (बावली) — 9756277494
  • नदीम ठेकेदार (बावली) — 9997411304

अहम् हिदायत

  • किसी की मय्यत पर जाकर खाना खाने का बोझ न बनें
  • किसी के साथ हंसी-मज़ाक से परहेज़ करें।
  • अव्वल कलमा पढ़ते रहें।
  • कारोबार या रिश्ते-नातों की बातें फोन पर भी न करें

एक ज़रूरी ऐलान

इंतेक़ाल की ख़बर भेजते वक़्त अहम् हिदायतें

अक्सर अधूरी जानकारी की वजह से बिरादरी के लोग जनाज़े तक नहीं पहुँच पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि इंतेक़ाल की ख़बर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास ख़याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत/शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (स्थायी व वर्तमान निवास)।
3️⃣ दफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स के 1–2 फोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेक़ाल हो तो मरहूम की फोटो (मुनासिब हो तो)।
6️⃣ इंतेक़ाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वगैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से ख़बर मुकम्मल होगी और बिरादरी तक सही वक़्त पर सही सूचना पहुँच सकेगी।


📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, विचार, टिप्पणियाँ, विज्ञापन आदि लेखक/संवाददाता/विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक या प्रबंधन की सहमति आवश्यक नहीं मानी जाएगी।
सामग्री की सत्यता व दावों की ज़िम्मेदारी लेखक/विज्ञापनदाता की होगी।
किसी भी विवाद की स्थिति में न्याय क्षेत्र केवल दिल्ली रहेगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित,
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
अलीहसन मुल्तानी की ख़ास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
✉️ multanisamaj@gmail.com

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।

Tuesday, January 13, 2026

“मुल्तानी घराना” की ऐतिहासिक पहल: रमज़ान के मुक़द्दस महीने में पूरे भारत में बिरादरी की डिजिटल जनगणना और शिजरा तैयार करने का मिशन

मुस्लिम मुल्तानी लोहार और बढ़ई बिरादरी के इतिहास में एक नई और रोशन इबारत लिखने जा रहा है “मुल्तानी घराना”। पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम “मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजिस्टर्ड ऑल इंडिया)” ने बिरादरी की एकजुटता, पहचान और आने वाली नस्लों के बेहतर भविष्य के लिए एक अहम और ऐतिहासिक क़दम उठाया है।

इस मुबारक मुहिम के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत पूरे भारत के हर शहर और गांव में “जनगणना अधिकारियों” की नियुक्ति की जा रही है। यह अधिकारी रमज़ान के पाक महीने में घर-घर जाकर मुल्तानी बिरादरी के परिवारों का सर्वे करेंगे, ताकि बिरादरी से जुड़ी सही, मुकम्मल और भरोसेमंद जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा सके।

घर-घर सर्वे, हाथों-हाथ “मुल्तानी घराना” में शामिल

इस सर्वे अभियान की सबसे अहम ख़ासियत यह है कि जो भी परिवार इस जनगणना में शामिल होगा, उसे “मुल्तानी घराना” का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके साथ-साथ पूरी बिरादरी का शिजरा (वंशावली) भी तैयार किया जा रहा है, जिससे आने वाली नस्लें अपनी जड़ों, रिश्तों और पारिवारिक इतिहास को आसानी से जान और समझ सकें।

रमज़ान में नेक काम का सुनहरा मौका

रमज़ान का महीना इबादत, सब्र और खिदमत का महीना होता है। ऐसे मुक़द्दस माह में “मुल्तानी घराना” पूरे भारत के हर शहर और गांव से उन खिदमतगुज़ार भाइयों को दावत दे रहा है, जो अपनी बिरादरी के लिए कुछ करना चाहते हैं। इन वालंटियर्स को इज़्ज़त और भरोसे के साथ “जनगणना अधिकारी” के ओहदे से नवाज़ा जाएगा।

चयनित जनगणना अधिकारियों को बाक़ायदा आई-कार्ड, ट्रेनिंग और सभी ज़रूरी दस्तावेज़ मुहैया कराए जाएंगे, ताकि यह जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और तहज़ीब के साथ निभाई जा सके।

कैसे करें संपर्क

जो भी भाई इस नेक, समाजी और ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे फौरन
📞 हेल्पलाइन नंबर: 9410652900
पर कॉल /व्हाट्सऐप मैसेज करके अपनी पूरी जानकारी साझा करें।


आपका
ज़मीर आलम
निदेशक
“मुल्तानी घराना”


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

📱 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
✉️ multanisamaj@gmail.com

#multanisamaj


Monday, January 12, 2026

निहायत अफ़सोसनाक ख़बर — सलीम मुल्तानी (बड़ौत) की बहन का इंतकाल

निहायत ही अफ़सोस और रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को इत्तला दी जाती है कि आज बरोज़ पीर, बा-तारीख़ 12 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल ख़बर के ज़रिये मिली सूचना के मुताबिक सलीम मुल्तानी, (मुस्कान मोबाईल वाले) निवासी क़स्बा व तहसील बड़ौत, ज़िला बागपत (उत्तर प्रदेश) की बहन नसीमा बी का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया है।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूमा का हाल मुक़ाम क़स्बा व तहसील बड़ौत में इदारा मदरसे के पास बताया गया है। यह ख़बर पूरे ख़ानदान और बिरादरी के लिए गहरे सदमे और दुख का सबब है। मिली जानकारी के मुताबिक मय्यत को बाद नमाज़ मगरिब किया जाएगा सपुर्दे ख़ाक, लिहाज़ा आप हजरात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूमा को अपनी बेपनाह रहमतों के साये में जगह अता फ़रमाए, उनकी मुकम्मल मग़फ़िरत करे, क़ब्र को नूर से भर दे और जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।
अल्लाह तआला इस मुश्किल वक़्त में पूरे ख़ानदान को सब्र-ए-जमील और हिम्मत अता फ़रमाए। आमीन। 🤲

तमाम अहल-ए-ईमान से गुज़ारिश है कि मरहूमा के लिए ख़ुसूसी दुआएँ करें, मग़फ़िरत मांगें और शोक जदा परिवार को तसल्ली पहुँचाएँ।


एक ज़रूरी ऐलान — इंतेकाल की ख़बर भेजने के लिए अहम् हिदायतें

अक्सर देखा गया है कि किसी अज़ीज़ के इंतकाल की ख़बर बिरादरी तक देर से या अधूरी जानकारी के साथ पहुँचती है, जिसकी वजह से लोग जनाज़े तक शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से दरख़्वास्त करती है कि इंतेकाल की ख़बर भेजते वक़्त नीचे दी गई जानकारियों का ख़ास ख़याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता — स्थायी निवास और मौजूदा मुक़ाम।
3️⃣ दफ़्न का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के मोबाइल नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतकाल हुआ हो तो मरहूम की फोटो।
6️⃣ इंतकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वग़ैरह।

👉 इन तमाम मालूमात से ख़बर मुकम्मल होती है और बिरादरी तक सही-सही जानकारी वक़्त पर पहुँच पाती है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार का लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन या अन्य सामग्री लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन या संस्थान की सहमति या समर्थन आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता अथवा किसी भी प्रकार के दावे के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे। पत्रिका एवं प्रबंधन किसी भी कानूनी, सामाजिक या वित्तीय दायित्व से पूर्णतः मुक्त रहेंगे।
किसी भी विवाद, शिकायत या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत; देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित; पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com | www.msctindia.com
✉️ multanisamaj@gmail.com

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए और हम सबको इबरत व सब्र अता करे। आमीन।

Saturday, January 10, 2026

ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ की रोशन मिसाल: मुल्तानी सोसाइटी का कंबल तक़सीम प्रोग्राम, खतौली में इंसानियत की गर्माहट

आज दिन शनिचर, 10 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के ज़िला मुज़फ्फरनगर के क़स्बा खतौली, जिसे मुल्तानी बिरादरी की राजधानी कहा जाता है, में मुल्तानी सोसाइटी की जानिब से ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ की एक बेहतरीन और क़ाबिले-तारीफ़ मिसाल पेश की गई। कड़ाके की ठंड के बीच ज़रूरतमंदों की राहत के लिए कंबल तक़सीम प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें बिरादरी की कई अज़ीम और मोअज़्ज़ज़ शख़्सियतों ने शिरकत फरमाई।

इस इंसानी और समाजी मुहिम में बुढ़ाना से वरिष्ठ समाजसेविका मोहतरमा यास्मीन मिर्ज़ा, बुलंदशहर से सईद अहमद, सरधना से मोहतरमा आयशा परवीन और मिर्ज़ा नौशाद (फलावदा वाले), शाहनवाज़ मुल्तानी के साथ-साथ हाजी नसीम, ज़मीरउद्दीन मिर्ज़ा, अफ़ज़ाल मिर्ज़ा (कुशावली वाले), आशु मिर्ज़ा, इरफ़ान अली निज़ामी, मोहम्मद याक़ूब मिर्ज़ा, मोहम्मद मूसा मुल्तानी सहित कई जिम्मेदार और समाज-सेवी हज़रात मौजूद रहे।

मोहतरमा यास्मीन मिर्ज़ा ने अपने ख़िताब में कहा कि बिरादरी की ताक़त आपसी एकता, मोहब्बत और ख़िदमत में है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिस तरह कुनबा और ख़ानदान हमें जोड़कर रखते हैं, उसी तरह बिरादरी का आपस में जुड़े रहना भी समाज की तरक़्क़ी और भलाई के लिए बेहद ज़रूरी है।

यह प्रोग्राम न सिर्फ़ ठंड से राहत देने का ज़रिया बना, बल्कि समाज में इंसानियत, हमदर्दी और भाईचारे के पैग़ाम को भी मज़बूती से आगे बढ़ाने वाला साबित हुआ। मुल्तानी सोसाइटी की यह कोशिश क़ाबिले-सिताइश है और उम्मीद की जाती है कि आने वाले वक़्त में भी ऐसी समाजी और फ़लाही गतिविधियाँ जारी रहेंगी।


📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार का लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन या अन्य सामग्री लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के स्वयं के विचार हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन या संस्थान की सहमति या समर्थन आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

पत्रिका में प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता या किसी प्रकार के दावे के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे।

पत्रिका एवं प्रबंधन इस संबंध में किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या वित्तीय जिम्मेदारी से पूर्णतः मुक्त रहेंगे।

किसी भी विवाद, शिकायत या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका
“मुल्तानी समाज” के लिए
✍️ ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

संपर्क: 8010884848
वेबसाइट: www.multanisamaj.com | www.msctindia.com
ईमेल: multanisamaj@gmail.com
हैशटैग: #multanisamaj