🕯️ इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट
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अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादराना हज़रात को बड़े ही रंज-ओ-ग़म के साथ इत्तिला दी जाती है कि जनाब राशिद साहब (उम्र लगभग 50 वर्ष) वल्द जनाब सगीर अहमद (मनक पुट्टी वाले), हाल मुकाम मोहल्ला मल्हूपुरा, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश का आज बरोज़ पीर, तारीख़ 02 मार्च 2026 को मगरिब के बाद कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।
इस खबर ने पूरे इलाके और बिरादरी को गहरे सदमे में डाल दिया है।
ग़ौरतलब है कि जनाब राशिद साहब के सगे भाई जनाब ज़ाकिर साहब, जो कस्बा बड़ौत, जिला बागपत में रह रहे थे, उनका भी बरोज़ शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 को इंतिक़ाल हो गया था। महज़ तीन-चार दिन के अंदर दूसरे भाई के भी दुनिया से रुख़्सत हो जाने से इस घर पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मरहूम राशिद साहब और मरहूम जमील साहब, कस्बा छुटमुलपुर, जिला सहारनपुर से नगर पंचायत की चेयरमैन शमा परवीन के चाचा थे। पूरे खानदान और रिश्तेदारों में ग़म की लहर दौड़ गई है।🕊️ सुपुर्द-ए-ख़ाक
मरहूम राशिद साहब की मय्यत को बरोज़ मंगल, तारीख़ 03 मार्च 2026 को सभी को इत्तिला दी जाती है कि राशिद मिर्जा मुजफ्फरनगर वालो कि नमाजे जनाजा 1 बजे पीर वाली मस्जिद मल्लुहपुरा में अदा की जायेगी कई बार बताने के लिए मजरात चाहता हूं अब ये टाइम बिल्कुल फिक्स है। तमाम अहले बिरादरी से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर सवाब-ए-दारेन हासिल करें और घरवालों को सब्र की तसल्ली दें।यह लम्हा सिर्फ एक खानदान का ग़म नहीं, बल्कि पूरे मुल्तानी समाज का सामूहिक दुख है। दो भाइयों का यूं लगातार इंतिक़ाल हमें जिंदगी की नापायेदारी का एहसास कराता है।
अल्लाह तआला से दुआ है कि दोनों मरहूमीन की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन और वसीअ बनाए, जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे और तमाम अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।आमीन या रब्बुल आलमीन।
📞 नोट: मय्यत के बारे में ज्यादा मालूमात के लिए हाजी जाहिद साहब से मोबाइल नंबर 9258491478 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।
📢 एक ज़रूरी ऐलान – इंतेकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें
अक्सर अधूरी जानकारी की वजह से बिरादरी के लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि इंतिक़ाल की खबर भेजते समय इन बातों का ख़ास ख्याल रखें:
1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता – असल निवास और मौजूदा मुकाम।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार एक-दो अफ़राद के फोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतिक़ाल हुआ है तो मरहूम का फोटो शामिल करें।
6️⃣ इंतिक़ाल की वजह (अगर बताना मुनासिब समझें)।
7️⃣ बाकी अहले-ख़ाना के नाम – जैसे भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वगैरह।
👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही और वक़्त पर पहुंचती है, जिससे बिरादरी एक-दूसरे के ग़म में शरीक हो सके।
📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)
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किसी भी विवाद या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।
🖤 ग़म की इस घड़ी में पूरा मुल्तानी समाज दुआओं में शरीक है।
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