Sunday, April 12, 2026

रुड़की में शोक की लहर: बेबी तबस्सुम का इंतकाल, इलाके में ग़म का माहौल

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि उत्तराखंड के जिला हरिद्वार के रूड़की स्थित मोहल्ला सत्ती, नज़दीक लोहार वाली मस्जिद में जनाब बाबू लोहार (मरहूम) की साहबज़ादी, बेबी तबस्सुम (उम्र लगभग 50 वर्ष), जो गफ्फार मिर्जा और अब्दुल रहमान उर्फ़ बाबा की बहन थीं, का आज दिन इतवार, 12 अप्रैल 2026 को क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। बताया जाता है कि उनका इंतेकाल रात लगभग 9 बजे हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मरहूमा के इंतकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और जानने वालों में गहरा दुख और मायूसी छा गई। हर आंख नम है और हर दिल ग़मगीन नजर आ रहा है। अल्लाह तआला से दुआ है कि वह मरहूमा की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम खता को माफ करे और उन्हें जन्नत-उल-फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए। साथ ही, उनके तमाम अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।

जनाज़े की जानकारी:
मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा कल दिन पीर, 13 अप्रैल को बाद नमाज़ ज़ोहर अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब हासिल करें।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क:
मय्यत से संबंधित विस्तृत जानकारी हेतु मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के जिला चेयरमैन जनाब एम.डी. मुबाशिर से उनके मोबाइल नंबर 9917117593 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह खबर “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल के लिए रुड़की, उत्तराखंड से पत्रकार ज़मीर आलम द्वारा संकलित की गई है, जो समाज की गतिविधियों और महत्वपूर्ण सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फरमाए और उन्हें अपनी रहमतों में जगह अता करे। आमीन।

इन्तेक़ाल की ख़बर: शहनाज़ बी का इंतकाल, घर-परिवार में शोक की लहर

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जा रही है कि आज दिन इतवार, 12 अप्रैल 2026 को गांव उमरपुर, ब्लॉक व तहसील बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) की निवासी और हाल बाशिंदा राजू पार्क, संगम विहार, दिल्ली की मरहूमा शहनाज़ बी (उम्र लगभग 58 वर्ष) का तकरीबन शाम साढ़े 8 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूमा, जनाब मजीद साहब के बेटे तौफीक साहब की अहलिया थीं। उनके इंतकाल की खबर से पूरे परिवार, रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों में गहरा शोक व्याप्त है। मरहूमा का मायका जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) में है। वह अपने पीछे अपने शौहर, एक बेटे और एक बेटी के साथ-साथ पौते-पोतियों और नाते-नातिनों समेत भरा-पूरा कुनबा छोड़ गई हैं, जो इस वक्त ग़मगीन माहौल में डूबा हुआ है।

यह दुनिया फानी है और हर ज़िंदा को एक दिन इस हक़ीक़त का सामना करना है। मरहूमा का इस तरह अचानक दुनिया से रुख्सत होना, परिवार के लिए एक गहरा सदमा है।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फिरत फरमाए, उन्हें जन्नत-उल-फिरदौस में आला मकाम अता करे और तमाम अहल-ए-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

कल दिन पीर बा - तारीख़ 13 अप्रैल 2026 को बाद नमाज जोहर मय्यत को किया जाएगा सुपुर्द-ए-ख़ाक, लिहाज़ा आप हजरात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।।

ज़रूरी इत्तिला:
मरहूमा के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जनाब अब्दुल बरी साहब से उनके मोबाइल नंबर 9210520007 पर संपर्क किया जा सकता है।


(विशेष रिपोर्ट)

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से संचालित मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए नई दिल्ली से पत्रकार ज़मीर आलम की रिपोर्ट।

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Saturday, April 11, 2026

📰 इंतकाल की खबर: अनीसा खातून के इंतेकाल से इलाके में शोक की लहर

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ आप सभी बिरादराना हजरात को इत्तला दी जाती है कि कस्बा बड़ौत (जनपद बागपत, उत्तर प्रदेश) में मरहूम मोहम्मद अय्यूब साहब (निवासी ग्राम जीवनी) की अहलिया, अनीसा खातून (उम्र लगभग 65 वर्ष) का दिन शनिवार, 11 अप्रैल 2026 की रात तकरीबन साढ़े 11 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूमा अपने पीछे तीन बेटे—मोहम्मद इमरान, मोहम्मद इरफ़ान, मोहम्मद एहसान—तथा दो बेटियां—अफसाना बी और फरजाना बी—के साथ पूरा कुनबा, खानदान और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मगीन छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गई हैं। उनके इंतकाल की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूमा की मग़फिरत फरमाए, उन्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मुकाम अता करे और तमाम घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

नोट: मय्यत के दफ़ीने का वक्त खबर लिखे जाने तक तय नहीं हो पाया था। जैसे ही वक्त मुक़र्रर होगा, इसकी जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।

मय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए राशिद मुल्तानी से इस नंबर पर राब्ता कायम किया जा सकता है: 8053991786


📌 यह ख़ास रिपोर्ट "मुल्तानी समाज" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल के लिए बड़ौत (बागपत, उत्तर प्रदेश) से पत्रकार ज़मीर आलम द्वारा तैयार की गई है।

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🕊️ इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन: हज्जन खातून का इंतकाल, आज रात बड़ौत में होगी सुपुर्द-ए-ख़ाक

बड़ौत (बागपत), उत्तर प्रदेश — बेहद अफ़सोस और ग़म के साथ इत्तिला दी जाती है कि मरहूम डॉ. इशाक (गांव मलकपुर) की अहलिया, बड़का रोड बड़ौत की रहनुमा शख्सियत हज्जन खातून (उम्र लगभग 80 वर्ष) का आज दिन शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूमा अपने पीछे दो बेटे, दो बेटियां, पूरा कुनबा, खानदान और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मगीन छोड़ गई हैं। उनके इंतकाल की खबर से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।


🤲 दुआ और सब्र की गुज़ारिश

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूमा की मग़फ़िरत फरमाए, उन्हें जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुकाम अता करे और तमाम अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।


🕌 जनाज़े की जानकारी

मय्यत को आज बाद नमाज़-ए-ईशा, तकरीबन रात 10:30 बजे के आसपास कस्बा बड़ौत, जिला बागपत में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम हजरात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर सवाब-ए-दारेन हासिल करें।


📞 संपर्क सूचना

मय्यत के सिलसिले में ज्यादा जानकारी के लिए:
जनाब यूनुस साहब — 7017744785


🖊️ ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, बड़ौत (बागपत, उत्तर प्रदेश)
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Thursday, April 9, 2026

🕊️ नगीना (बिजनौर) में नूरजहां बी का इंतिकाल, इलाके में शोक की लहर

निहायत ही अफसोस और ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि मोहल्ला हीरो का बाग, क़स्बा नगीना, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) की बुज़ुर्ग खातून नूरजहां बी (उम्र करीब 70 वर्ष), अहलिया जनाब निसार पहलवान (मरहूम) का आज बरोज़ जुमा, 10 अप्रैल 2026 को क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया। उनके इंतिकाल की खबर से पूरे मोहल्ले और आसपास के इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

मरहूमा नूरजहां बी अपने पीछे अपने दो बेटे जनाब इसरार साहब और मोहम्मद अहमद साहब समेत पूरा भरा-पूरा परिवार, खानदान और चाहने वालों को ग़मगीन छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गईं। वह अपने अच्छे अख़लाक, सादगी और मिलनसार तबीयत के लिए जानी जाती थीं, जिसकी वजह से उन्हें इलाके में खास इज्जत हासिल थी।

परिवार के मुताबिक, मय्यत को आज बाद नमाज़ मगरिब सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों और इलाके के लोगों से गुजारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूमा की मग़फिरत फरमाए, उन्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मुकाम अता करे और उनके तमाम अहल-ए-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

नोट: मय्यत से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जनाब शैकुल रहमान साहब से मोबाइल नंबर 9719174812 पर संपर्क किया जा सकता है।


(ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, बिजनौर – उत्तर प्रदेश)
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Wednesday, April 8, 2026

ख़तौली से दुखद ख़बर: नसीम साहब का इंतकाल, इलाके में शोक की लहर

निहायत ही अफसोस के साथ यह इत्तला दी जाती है कि आज दिन बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को गांव तिसंग निवासी जनाब नसीम साहब (उम्र 54 वर्ष), वल्द जनाब अब्दुल कय्यूम साहब (मरहूम), हाल निवासी नजदीक रोडवेज बस स्टैंड, क़स्बा खतौली, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर से पूरे इलाके और बिरादरी में गहरा दुख और शोक व्याप्त है।

मरहूम नसीम साहब अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसार स्वभाव और समाज के प्रति सकारात्मक सोच के लिए जाने जाते थे। उनके जाने से परिवार ही नहीं, बल्कि जानने वालों के बीच भी एक खालीपन महसूस किया जा रहा है।

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन करे और जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे। साथ ही, शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

नमाज़-ए-जनाज़ा व दफ़न की जानकारी:
मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़ असर अदा की जाएगी, जिसके बाद मगरिब के समय सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब और बिरादराना हजरात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें।


(ख़ास रिपोर्ट)
ज़मीर आलम, पत्रकार
खतौली, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, दिल्ली से संचालित “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल व यूट्यूब चैनल के लिए विशेष रिपोर्ट

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Sunday, April 5, 2026

💔 सहारनपुर के अदबी घराने पर टूटा ग़म का पहाड़: शऊर असलम का दर्दनाक इंतकाल

सहारनपुर से एक निहायत ही रंजो-ग़म भरी खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके और खासकर अदबी हलकों को सदमे में डाल दिया है। शहर के मशहूर व मारूफ शायर मरहूम साहिल फरीदी साहब के बड़े बेटे शऊर असलम का मसूरी–देहरादून में काम के दौरान एक हादसे में आज शाम लगभग 4 बजे कजा - ए - ईलाही से इंतकाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

बताया जा रहा है कि यह हादसा अचानक पेश आया, जिसने परिवार के साथ-साथ जानने वालों को भी गहरे दुख में डाल दिया है। मरहूम शऊर असलम की हालिया रिहाइश सहारनपुर में हबीबगढ़ से थोड़ा आगे, लड़कियों के मदरसे के पास सामने वाली गली में थी।

👉 नमाज़-ए-जनाज़ा
मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा मदरसा मारिफुल क़ुरान, राणा पैलेस के सामने अदा की जाएगी।

👉 तदफीन का वक़्त व मक़ाम
तदफीन का वक़्त मग़रिब तय किया गया है।
तदफीन गोटे शाह क़ब्रिस्तान में इंशाअल्लाह अमल में आएगी।

इस दुखद घड़ी में तमाम अहबाब, अज़ीज़ो-अक़ारिब और बिरादरी से दरख्वास्त है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और उनके घरवालों को सब्र-ए-जमील अता होने की दुआ करें।

📞 मय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए:
मोहम्मद नौशाद साहब – 8077249223


✍️ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से संचालित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार/बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से पत्रकार ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

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🤲 दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम शऊर असलम साहब की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।