मोहम्मद आलम की सरपरस्ती में देश-विदेश में धूमधाम से मनाया गया स्थापना दिवस, आने वाली नस्लों के नाम किया गया वृक्षारोपण
नई दिल्ली। किसी भी कौम और बिरादरी की असली ताकत उसके महलों, दावतों और दिखावों में नहीं, बल्कि उसके उन नेक इरादों में छिपी होती है जो आने वाली नस्लों के लिए राहें आसान बनाते हैं। यही पैग़ाम इस वर्ष 17 जून को मनाए गए 15वें "जश्न-ए-मुल्तानी स्थापना दिवस" के अवसर पर दुनिया भर में बसे मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी के लोगों ने दिया।
देश की राजधानी दिल्ली से पंजीकृत पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की अग्रणी एवं क्रांतिकारी तंजीम के आह्वान पर आयोजित इस विशेष दिवस को भारत के विभिन्न राज्यों, जनपदों, कस्बों और गांवों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले बिरादरी के लोगों ने भी पूरे उत्साह, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाया। इस अवसर पर बिरादरी के लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्थापना दिवस मनाना नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ वातावरण और सामाजिक जागरूकता की ऐसी विरासत छोड़ना था जो आने वाले वर्षों तक समाज को प्रेरित करती रहे।खिदमत का जज़्बा बना कार्यक्रम की पहचान
स्थापना दिवस के अवसर पर बिरादरी की अनेक नामचीन हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, व्यवसायियों और ख्वातीन ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न स्थानों से वृक्षारोपण की तस्वीरें और संदेश साझा करते हुए सभी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समाज की तरक्की केवल बड़े-बड़े आयोजनों और खर्चीले कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे नेक कामों से भी संभव है। कार्यक्रम में शामिल लोगों का मानना था कि यदि नीयत साफ हो और मकसद समाज की भलाई हो, तो बिना किसी बड़े आर्थिक बोझ के भी पूरी बिरादरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सकारात्मक पहचान कायम कर सकती है।नई नस्लों को दिया गया जिम्मेदारी और पर्यावरण का पैग़ाम
वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से नौजवानों और बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में न केवल छाया देगा बल्कि समाज की दूरअंदेशी सोच का प्रतीक भी बनेगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सकता है।सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश
स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों से प्राप्त संदेशों में सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे, शिक्षा, जागरूकता और समाज सुधार पर विशेष बल दिया गया। बिरादरी के वरिष्ठजनों ने कहा कि संगठन की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना, नई पीढ़ी को सही दिशा देना और सामाजिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास करना रहा है। आज जब दुनिया विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे लोगों को सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करें और समाज में भाईचारे तथा इंसानियत की भावना को मजबूत करें।देश-विदेश से मिला भरपूर समर्थन
स्थापना दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों में रहने वाले बिरादरी के लोगों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम को सफल बनाया। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की गई तस्वीरों और संदेशों ने यह साबित कर दिया कि मुल्तानी बिरादरी आज वैश्विक स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान रखती है और समाजहित के कार्यों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती है। आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और बच्चों का आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।इन महान हस्तियों ने कार्यक्रम को बनाया यादगार
इस अवसर पर देश एवं विदेश से बिरादरी की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, ख्वातीन प्रतिनिधियों तथा युवाओं ने सहभागिता कर वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में विशेष रूप से
देश-विदेश की नामचीन हस्तियों ने निभाई पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी
15वें जश्न-ए-मुल्तानी स्थापना दिवस एवं वृक्षारोपण अभियान में देश और विदेश से बिरादरी की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, व्यवसायियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, ख्वातीन प्रतिनिधियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।इस अवसर पर जनाब इनाम साहब (खतौली, मुजफ्फरनगर), तंजीम के सरपरस्त मोहम्मद आलम साहब, जनाब महबूब खान साहब (करनाल, हरियाणा), मोहतरमा इकरा सुल्ताना (जम्मू-कश्मीर), मोहतरमा रेशमा जमाल (बिजनौर), मोहतरमा शाजदा सबा (देवबंद), जनाब अब्दुल सलाम साहब (देवबंद), जनाब हासिमुद्दीन साहब एवं जनाब मिर्ज़ा मिन्हाजुद्दीन साहब (फलावदा, मेरठ), जनाब सिकंदर साहब (भगवानपुर, उत्तराखंड), एडवोकेट इरशाद मुल्तानी साहब (नगीना, बिजनौर), धामपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. कमाल साहब, वरिष्ठ समाजसेवी एवं योग प्रशिक्षक जनाब नूरमोहम्मद साहब "स्टीयरिंग वाले" (शामली), जनाब फैसल साहब (रुड़की), जनाब सलीम साहब उर्फ़ पप्पू (देवबंद), जनाब नाज़िम साहब (शामली), जनाब मोहम्मद दानिश साहब (दुबई, यूएई), जनाब फैसल इस्माईल साहब (सरधना, मेरठ), जनाब इरशाद साहब (बिजनौर), जनाब आशिफ अली (रुड़की, उत्तराखंड), मोहतरमा नाहिदा खान (मुजफ्फरनगर), हाजी इरफान साहब (चंडीगढ़), जनाब अब्दुल हफ़ीज़ साहब (गुरुग्राम, हरियाणा), हाजी दिलशाद साहब (निजामुद्दीन मरकज़, नई दिल्ली), हाजी इक़बाल साहब (अलीगढ़), हाजी साज़िद मिर्ज़ा साहब (वज़ीराबाद, दिल्ली), वसीम सलीम (मुजफ्फरनगर), इरफान साहब (चमोली, उत्तराखंड), फैज़ मोहम्मद साहब (वल्लभगढ़, हरियाणा) तथा हाजी लियाकत अली साहब (सोनीपत, हरियाणा) सहित देश-विदेश की अनेक सम्मानित हस्तियों ने वृक्षारोपण कर स्थापना दिवस को यादगार बनाया।इन सभी हस्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पौधे लगाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि मुल्तानी बिरादरी सामाजिक एकता, शिक्षा, जागरूकता और इंसानियत की खिदमत के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रही है। कार्यक्रम में शामिल अन्य गणमान्य व्यक्तियों, ख्वातीन और युवाओं सहित दर्जनों गणमान्य लोगों ने सहभागिता कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
प्रेस लाइन
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए नई दिल्ली डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।
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