Thursday, September 10, 2026

सरधना के शाहिद मिर्ज़ा का दर्दनाक इंतक़ाल

अलवर में लोहे का भारी पैनल गिरने से हादसा, 45 वर्षीय युवक की मौत से घर में मचा कोहराम; ग़मगीन माहौल में हुआ दफ़ीना

सरधना/अलवर, 10 सितंबर 2026।
क़स्बा सरधना, ज़िला मेरठ, उत्तर प्रदेश के मोहल्ला कमरा नवाबान निवासी मोहम्मद शाहिद मिर्ज़ा के इंतक़ाल की दर्दनाक ख़बर से पूरे ख़ानदान और अहले-मोहल्ला में ग़म की लहर दौड़ गई। 45 वर्षीय शाहिद मिर्ज़ा की राजस्थान के अलवर शहर में एक दर्दनाक हादसे के दौरान मौत हो गई।

मिली जानकारी के मुताबिक़ शाहिद मिर्ज़ा अलवर में मौजूद थे, जहां लोहे का एक भारी पैनल अचानक गिर गया। इस हादसे में वह गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गए और उनकी जान चली गई। हादसे की ख़बर जैसे ही उनके परिजनों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को मिली, घर में कोहराम मच गया और हर आंख अश्कबार हो उठी।

शाहिद मिर्ज़ा का शव जब उनके आबाई क़स्बे सरधना पहुंचा तो मातम का माहौल पैदा हो गया। अपने अज़ीज़ को आख़िरी बार देखने के लिए रिश्तेदारों, दोस्तों और अहले-मोहल्ला की बड़ी तादाद जमा हो गई। हर शख़्स इस दर्दनाक हादसे पर अफ़सोस का इज़हार करता और मरहूम के लिए मग़फ़िरत की दुआ करता नज़र आया।

बाद में बेहद ग़मगीन माहौल में मोहम्मद शाहिद मिर्ज़ा को सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। नम आंखों के साथ लोगों ने उनके जनाज़े में शिरकत की और मरहूम के लिए रहमत व मग़फ़िरत की दुआएं कीं।

मग़फ़िरत की दुआ

अल्लाह तआला मरहूम मोहम्मद शाहिद मिर्ज़ा की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह रब्बुल आलमीन तमाम पसमांदगान, अहले-ख़ाना और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को यह सदमा बर्दाश्त करने का सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।

إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ


"मुल्तानी समाज" की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अपनी ख़बर हम तक पहुंचाएं

अगर आपके यहां भी किसी अज़ीज़ के इंतक़ाल की इत्तिला, ताज़ियती ख़बर, ख़ुशी का पैग़ाम, मुबारकबाद, मज़मून (आर्टिकल), दिलचस्प वाक़िया, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या आपके कारोबार से मुताल्लिक़ इश्तिहार (विज्ञापन) हो, जिसे आप क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएं।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

"मुल्तानी समाज"

अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

दो दर्दनाक इंतक़ाल से बिरादरी में पसरा रंज-ओ-ग़म

नई दिल्ली में 95 वर्षीय बुज़ुर्ग ख़ातून का इंतक़ाल, सरधना के शाहिद साहब भी दर्दनाक हादसे में क़ज़ा-ए-इलाही से हुए वफ़ात

नई दिल्ली/सरधना (मेरठ)। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ अहले बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन जुमेरात, बा-तारीख़ 10 सितंबर 2026 को दो अलग-अलग दुखद वाक़ियात में बिरादरी ने अपने दो अज़ीज़ अफ़राद को खो दिया। दोनों इंतक़ाल की ख़बर से अहले ख़ानदान, रिश्तेदारों और बिरादराना हज़रात में गहरा सदमा और मातम की कैफ़ियत है।

पहली इंतक़ाल की इत्तिला — न्यू जाफ़राबाद, दिल्ली

जनाब मो. यामीन साहब, मकान नंबर B-55, न्यू जाफ़राबाद, दिल्ली-53 की वालिदा मोहतरमा का आज इंतक़ाल हो गया। मरहूमा की उम्र तकरीबन 95 साल बताई गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-ईशा अदा की जाएगी और इसके बाद वेलकम स्थित क़ब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

मरहूमा, मास्टर जमशेद, भजनपुरा वालों की ददिया सास थीं।

तमाम अहले ईमान और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाकर उनके लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और अपने मरहूमीन के लिए भी ख़ुसूसी दुआ करें।

राब्ता:
📞 9213505099
📞 9810032314
📞 9910703901
📞 9871490790


दूसरी इंतक़ाल की इत्तिला — क़स्बा सरधना, ज़िला मेरठ

क़स्बा सरधना, ज़िला मेरठ, उत्तर प्रदेश से भी एक बेहद दर्दनाक इंतक़ाल की इत्तिला सामने आई है।

अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादराना हज़रात को निहायत दुख और अफ़सोस के साथ इत्तिला दी जाती है कि आज दिन जुमेरात, बा-तारीख़ 10 सितंबर 2026 को गाँव कलखेड़ा वालों के डॉ. क़य्यूम साहब के फ़र्ज़ंद जनाब शाहिद साहब का राजस्थान के एक शहर में पेश आए एक दर्दनाक हादसे के बाद क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया।

इस दर्दनाक हादसे की ख़बर से परिवार और बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है। मिली जानकारी के मुताबिक़ आज शाम तक मय्यत के क़स्बा सरधना पहुंचने की उम्मीद है।

मय्यत के घर पहुंचने के बाद ज़िम्मेदारान की तरफ़ से नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन का वक़्त मुक़र्रर किया जाएगा। जैसे ही दफ़्न का समय और स्थान मुकर्रर होने की इत्तिला हासिल होगी, ख़बर को अपडेट कर दिया जाएगा।

तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि मरहूम के जनाज़े में शरीक होकर सवाब-ए-दारेन हासिल करें और इस मुश्किल व ग़म के मौक़े पर अहले ख़ाना के साथ इज़हार-ए-हमदर्दी फ़रमाएं।

दुआ-ए-मग़फ़िरत

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

अल्लाह तआला दोनों मरहूमीन की मग़फ़िरत-ओ-बख़्शिश फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्रों को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए और उनके दर्जात बुलंद फ़रमाए।

परवरदिगार-ए-आलम तमाम अहले ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ दे।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अपनी ख़बर हम तक पहुंचाएं

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

"मुल्तानी समाज"

अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

Tuesday, September 8, 2026

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ इत्तिला-ए-इंतक़ाल

बाग्गू वालों के भतीजे एवं मिस्त्री अली हसन साहब के बड़े साहबज़ादे मोहम्मद अनीस का लम्बी बीमारी के बाद कजा- ए - ईलाही से हुआ इंतक़ाल

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम बिरादरान-ए-हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि हारून बाग्गू वालों के भतीजे एवं मिस्त्री अली हसन साहब के बड़े साहबज़ादे जनाब मोहम्मद अनीस का लम्बी बीमारी के चलते आज दिन मंगल, बा - तारीख़ 08 सितम्बर 2026 को कजा - ए - ईलाही से इंतक़ाल हो गया है।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा, इंशाअल्लाह आज ईशा की नमाज़ के बाद अदा की जाएगी और उसके बाद तकिया वाले क़ब्रिस्तान, बागपत में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

तमाम अहल-ए-बिरादरी और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम मोहम्मद अनीस साहब की कामिल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताएँ माफ़ फ़रमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर और कुशादा फ़रमाए, क़ब्र की तमाम मंज़िलें आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह पाक तमाम पिछली मंज़िलों को आसान फ़रमाते हुए मरहूम को अपनी रहमत के साए में जगह अता फ़रमाए और घरवालों, अहल-ए-ख़ाना एवं तमाम अज़ीज़ों को यह सदमा सहने का सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

मैय्यत के सिलसिले में राब्ता

अधिक मालूमात के लिए:

जनाब इरफ़ान साहब (बाग्गू वाले)
📞 8218611245

हारून (बाग्गू)
📞 9634974132


ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।


अपनी ख़बर हम तक पहुँचाएँ

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

"मुल्तानी समाज"

अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

Friday, September 4, 2026

सादगी की मिसाल बनी ज़मीर आलम के बेटे की सगाई—महज़ पाँच मेहमान, बिरादरी में हुआ ज़ोरदार ख़ैरमक़दम

रिश्तों में दिखावा नहीं, मोहब्बत और अदब को तरजीह—लारेब ज़मीर और जवेरिया की सगाई ने पेश की सादगी भरी रस्म की नई मिसाल

नई दिल्ली/सहारनपुर।
आज के दौर में जब शादी-ब्याह और रिश्तों की खुशियों को बड़े-बड़े जलसों, सैकड़ों मेहमानों और बेपनाह खर्च के साथ मनाने का चलन आम होता जा रहा है, वहीं “मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) ऑल इंडिया” के फाऊंडर एवं “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के प्रधान-संपादक ज़मीर आलम ने अपने फरजंद की सगाई की रस्म को बेहद सादगी और ख़ुशअख़लाक़ी के साथ अंजाम देकर एक ख़ूबसूरत मिसाल कायम की है।

पैदाइशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम के फाउंडर ज़मीर आलम की इस सादगी की बिरादरी के लोगों ने जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि आज जब छोटी-सी खुशी को भी बड़ा आयोजन बनाने की होड़ लगी हुई है, ऐसे में
सिर्फ़ पाँच लोगों के साथ रिश्ता लेकर जाना सादगी, दिली सुकून और रिश्तों की असल खूबसूरती का पैग़ाम देता है।

मुंहज़बानी तय हुआ रिश्ता, दिलों में पैदा हुई मोहब्बत

मिली जानकारी के मुताबिक, ज़मीर आलम ने अपने बड़े फरजंद लारेब ज़मीर का रिश्ता लिंक रोड, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश निवासी जनाब मोहम्मद राशिद साहब की बेटी जवेरिया के साथ तय किया है।

बताया जाता है कि यह रिश्ता किसी दिखावे या शो - बाजी या किसी होड़ समारोह के बजाय मुंहज़बानी बातचीत और आपसी रज़ामंदी से तय हुआ। दोनों फैमिली के बीच रिश्ते को लेकर मोहब्बत और एतमाद का माहौल बना और बात निकाह की तरफ़ आगे बढ़ी।

हालांकि लड़की पक्ष की ख़्वाहिश थी कि ज़मीर आलम अपने पूरे ख़ानदान, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ सहारनपुर आएँ, ताकि शुरुआती रस्म अदायगी बाकायदा पूरे कुनबे की मौजूदगी में हो और अपनी होने वाली बहू के सिर पर हाथ रखकर उसे दुआओं से नवाज़ें।

“हम आपकी बेटी को लेने नहीं, दुआ देने आएँगे”

ज़मीर आलम का कहना था कि किसी भी रिश्ते की शुरुआत बोझ, दिखावे या गैर-ज़रूरी खर्च से नहीं होनी चाहिए। वह नहीं चाहते थे कि लड़की पक्ष पर किसी तरह का बे - फ़िज़ूल दबाव या खर्च आए।

काफी मान-मनौव्वल के बाद जब ज़मीर आलम लड़की पक्ष की ख़्वाहिश का एहतराम करने के लिए राज़ी हुए तो उन्होंने साफ़ अल्फ़ाज़ में कहा कि—

“आप जब कहेंगे, हम आपकी बेटी के सिर पर हाथ रखकर उसे अपनी होने वाली बहू के रूप में दुआओं से नवाज़ने ज़रूर आएँगे, लेकिन हमारी तरफ़ से सिर्फ़ पाँच लोग ही आएँगे।”

ज़मीर आलम की इस बात में जहाँ सादगी और ख़ुद्दारी दिखाई दी, वहीं लड़की पक्ष की इज़्ज़त और जज़्बात का भी पूरा ख़याल रखा गया।

आख़िरकार लड़की के बड़े अब्बू जनाब मोहम्मद नौशाद साहब
ने उनकी इस सादगी भरी बात को क़ुबूल किया और दोनों फैमिली की रज़ामंदी से दिन शनिचर, बा - तारीख़ 05 सितंबर 2026 की शाम का समय तय किया गया।

महफ़िल छोटी, मगर दुआएँ बड़ी

बेफिजूल सगाई की यह रस्म भले ही मेहमानों की तादाद के लिहाज़ से छोटी रही, लेकिन इसकी ख़ूबसूरती इसी सादगी में नज़र आई। महज़ पाँच लोगों की मौजूदगी में होने वाली यह रस्म इस बात का पैग़ाम देती है कि रिश्तों की मज़बूती मेहमानों की तादाद, खाने की variedad या सजावट से नहीं, बल्कि दिलों की मोहब्बत और नीयत की पाकीज़गी से होती है।

ज़मीर आलम की कोशिश को बिरादरी के लोगों ने इसलिए भी पसंद किया कि उन्होंने एक ऐसे दौर में, जब शादी-ब्याह में गैर-ज़रूरी खर्च और दिखावे का चलन बढ़ता जा रहा है, सादगी को तरजीह देकर एक बेहतरीन सामाजिक मैसेज देने की कोशिश की है।

बिरादरी के लोगों का कहना है कि अगर खुशियों की रस्मों को इसी तरह सादगी, मोहब्बत और आपसी सम्मान के साथ अंजाम दिया जाए तो इससे न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा बल्कि रिश्तों में भी बरकत और अपनापन बढ़ेगा।

बिरादरी के लिए एक ख़ूबसूरत पैग़ाम

ज़मीर आलम की यह पहल महज़ उनके परिवार की खुशी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे बिरादरी के लिए एक सामाजिक मैसेज के तौर पर भी देखा जा रहा है।

“सादगी अपनाइए, रिश्ते निभाइए और खुशियों को बोझ मत बनाइए”— यही इस पूरे वाक़िये का सबसे ख़ूबसूरत पैग़ाम कहा जा सकता है।

अल्लाह तआला लारेब ज़मीर और जवेरिया की जोड़ी को हमेशा सलामत रखे, दोनों के दरमियान मोहब्बत, उल्फ़त, एतमाद और इज़्ज़त कायम रखे, उनके आने वाले वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ, सुकून और बरकत अता फ़रमाए तथा दोनों ख़ानदानों के बीच मोहब्बत के रिश्ते को और मज़बूत करे।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


प्रधान संपादक की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदाइशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से पत्रकार अज़हर खान की ख़ास रिपोर्ट।

अपनी ख़बर हमें भेजें

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

“मुल्तानी समाज”

अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान

Tuesday, September 1, 2026

सहारनपुर के मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद का इंतिक़ाल — आज रात गोटे शाह में होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन, 🕊️ इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

मुग़ल होटल वालों के छोटे भाई के इंतिक़ाल की ख़बर से बिरादरी में ग़म की लहर

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि सहारनपुर के मशहूर “मुग़ल होटल” वालों के जनाब अफ़ज़ल साहब के छोटे भाई मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद, निवासी पुल खुमरान, प्रतापगंज, बेहट रोड, सहारनपुर का आज दिन मंगल, बा - तारीख़ 01 सितंबर 2026 को शाम के वक़्त क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर से खानदान, रिश्तेदारों, दोस्तों, अहबाब और बिरादरी में गहरे रंज और अफ़सोस की लहर दौड़ गई। मरहूम के इंतिक़ाल से उनके परिजनों पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुख की घड़ी में हर शख़्स उनके खानदान के साथ शरीक-ए-ग़म है।

🕌 आज रात होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद की नमाज़-ए-जनाज़ा आज रात 11:00 बजे चुंगी गोटे शाह पर अदा की जाएगी। इसके बाद मरहूम की तदफ़ीन गोटे शाह कब्रिस्तान में की जाएगी, इंशाअल्लाह।

तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा में शरीक होकर उनके लिए मग़फ़िरत की दुआ करें और उनके अहले-ख़ाना के साथ इस ग़म की घड़ी में इज़हार-ए-हमदर्दी फ़रमाएँ।

🤲 मरहूम के लिए ख़ास दुआ

अल्लाह तआला मरहूम मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह पाक मरहूम को अपनी रहमत के साए में जगह अता फ़रमाए और उनके दर्जात बुलंद फ़रमाए।

अल्लाह तआला तमाम अहले-ख़ाना को यह सदमा बर्दाश्त करने का सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस मुश्किल वक़्त में सब्र व हिम्मत प्रदान फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन। 🤲


📰 “मुल्तानी समाज” की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

📢 अपनी ख़बर हम तक पहुँचाएँ

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

“मुल्तानी समाज”

अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान।

🌹🌹 शादी मुबारक 🌹🌹अहले मक्कड़ खानदान में दो बेटियों के निकाह की खुशियाँ, 11 अक्टूबर को होगा तकरीब-ए-निकाह

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

अस्सलातु वस्सलामु अलैका या रसूलल्लाह ﷺ

भीलवाड़ा (राजस्थान)।
अल्लाह तआला के फ़ज़्लो-करम और हुज़ूर-ए-अकरम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ के सदक़े-तुफ़ैल से अहले मक्कड़ खानदान, दान्थल और पारोली वालों के यहाँ शादी की खुशियों ने दस्तक दी है।

मरहूम हाजी मोहम्मद कासम साहब मक्कड़ दान्थल वाले की परपोती, मरहूम हाजी कमालुद्दीन साहब मक्कड़ दान्थल वाले की पोती एवं मोहम्मद सलीम साहब मक्कड़ दान्थल वाले की बेटियों के निकाह की तकरीब इंशाअल्लाह 11 अक्टूबर 2026, बरोज़ रविवार को आयोजित की जाएगी।

परिवार की ओर से तमाम बिरादराने अहले मुल्तानी से गुज़ारिश की गई है कि इस मुबारक तकरीब में शिरकत फरमाकर शादी की खुशियों को चार चाँद लगाएँ और दूल्हा-दुल्हन को अपनी नेक दुआओं से नवाज़ें।


🌹 पहला निकाह 🌹

✨ नेक दुख़्तर — सादिका नूर

बिन्ते जनाब मोहम्मद सलीम साहब मक्कड़ दान्थल वाले, भीलवाड़ा

🌹 हमराह 🌹

✨ नेक फ़रज़ंद — मोहम्मद रिज़वान

इब्ने अब्दुल मजीद साहब उस्ता (बाबू भाई), भीलवाड़ा


🌹 दूसरा निकाह 🌹

✨ नेक दुख़्तर — आयशा बानो

बिन्ते जनाब मोहम्मद सलीम साहब मक्कड़ दान्थल वाले, भीलवाड़ा

🌹 हमराह 🌹

✨ नेक फ़रज़ंद — मोहम्मद तोहीद

इब्ने मरहूम अब्दुल रहमान साहब लजवान, काछौला


🕌 तकरीब-ए-निकाह

29 रबीउल आखिर 1448 हिजरी
मुताबिक़ 11 अक्टूबर 2026, बरोज़ रविवार
बाद नमाज़-ए-ज़ुहर

📍 मुकाम: मस्जिद-ए-नीलगरान, बाहला


🌹 दावते आम 🌹

बाद नमाज़-ए-असर

📍 तिलक नगर कम्यूनिटी हॉल
पॉलीटेक्निक कॉलेज के सामने, भीलवाड़ा

परिवार की जानिब से तमाम रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादराने अहले मुल्तानी को दावते आम है कि इस पुरमसर्रत मौके पर तशरीफ़ लाकर नवविवाहित जोड़ों को अपनी दुआओं से नवाज़ें।

अल्लाह तआला इस निकाह को दोनों जोड़ों के लिए बाबरकत बनाए, उनके जीवन में मोहब्बत, सुकून, खुशहाली और ख़ैर-ओ-बरकत अता फरमाए। आमीन। 🤲


🌴 सरपरस्त 🌴

हाजी मोहम्मद इब्राहिम साहब मक्कड़ दान्थल वाले

🌹 अल-मुकल्लेफ़ीन 🌹

हाजी अब्दुल रज्जाक • हाजी अब्दुल अजीज • हाजी उस्मान गनी • हाजी उस्मान गनी उर्फ़ बाबू • हाजी अब्दुल रहमान • हाजी अब्दुल हमीद • अब्दुल गफूर • हाजी अब्दुल रहमान • हाजी मोहम्मद इब्राहिम • हाफिज मोहम्मद सिद्दिक • अब्दुल कय्यूम • मोहम्मद यूनुस • हाजी जमालुद्दीन • हाजी कमालुद्दीन • अब्दुल हकीम • हाजी अलारख हुसैन • मोहम्मद उमर • हाजी मोहम्मद सिद्दिक • मोहम्मद हनीफ • मुबारक हुसैन • मोहम्मद शरीफ • हाजी मोहम्मद हनीफ • मोहम्मद शफीक • हाजी मोहम्मद आरिफ • हाजी मोहम्मद इरफान • मोहम्मद आसिफ

व अहले मक्कड़ खानदान — दान्थल और पारोली वाले


🌹 अददाईयान 🌹

हाजी मोहम्मद हनीफ, हाजी मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद उमर, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद इस्माइल, अब्दुल सत्तार, मोहम्मद इदरीस, मोहम्मद सलीम, अब्दुल सलाम, हाजी फजलुर्रहमान, हबीबुर्रहमान, शफीकुर्रहमान, मोहम्मद अय्यूब, मोहम्मद याकूब, मोहम्मद उमर, मोहम्मद एहसान, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद कलीम, अब्दुल कादर, अब्दुल शकूर, जहूर हसन, अब्दुल करीम, वाहिद हुसैन, मोइनुद्दीन, अमीनुद्दीन, साजिद हुसैन एवं माजिद हुसैन।

व अहले मक्कड़ खानदान।


🌲 चश्मे बराह 🌲

मोहम्मद रफीक, मोहम्मद शफीक, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद याकूब, हाजी मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद यूनूस, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद असलम, नूर हसन, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद तौसीफ, अल्ताफ हुसैन, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शोएब, मोहसिन हुसैन, तौफीक नूर, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद फैजान, वसीम हुसैन, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद आकिब उर्फ़ शेर अली, मोहम्मद फरहान, मुज़फ्फर रहमान, मोहम्मद अमान, अब्दुल वहाब, मोहम्मद अरशद, अली हसन, अब्दुल हक, ताहा नूर, मोहम्मद मुज़फ्फर, मोहम्मद रज़ा, अब्दुल मुत्तलिफ़, ताहिर हुसैन, मोहम्मद अली, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद मूसा, मोहम्मद शारिम, मोहम्मद हमजा, मोहम्मद जकी, मोहम्मद नूमान, मोहम्मद मुज़म्मिल एवं मोहम्मद मुदस्सिर।


🪴 लख़्त-ए-जिगर 🪴

अली हसन • सैफुल्लाह • मकसूद हसन • मोहम्मद हसन • मोहम्मद हुसैन • मोहम्मद रज़ा • मोहम्मद जैद • मोहम्मद अली रज़ा • मोहम्मद रूहान

🌹 नन्ही इल्तेजा 🌹

फातिमा बतूल उर्फ़ जुनैरा


📞 राब्ता

हाजी मोहम्मद इब्राहिम — 9799575224
हाजी अब्दुल रहमान — 9602093498
मोहम्मद इस्माइल — 9928731522
हाजी फजलुर्रहमान — 9829023059
मोहम्मद उमर — 9414617702
मोहम्मद सलीम — 9461079579 / 8078627997

🌹 अहले मक्कड़ खानदान 🌹

दान्थल वाले, भीलवाड़ा

📍 पता: गरीब नवाज़ कॉलोनी, भवानी नगर, भीलवाड़ा

फर्म: K K इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्ट नगर
फर्म: H D इंजीनियरिंग, रेलवे फाटक, साबुन मार्ग
भीलवाड़ा, राजस्थान


📰 "मुल्तानी समाज" की विशेष प्रस्तुति

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी राब्ता फ़रमाएँ।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

Saturday, August 29, 2026

शाहपुर बिडौली के शहीदुद्दीन साहब का इंतिक़ाल — बिरादरी में पसरा मातम, मगरिब बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बागपत/बड़ौत, 29 अगस्त 2026।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि गांव शाहपुर बिडौली, तहसील बड़ौत, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश निवासी शहीदुद्दीन वल्द जनाब मोहम्मद कालू साहब (मरहूम) का आज शनिवार, 29 अगस्त 2026 को दिन में तक़रीबन डेढ़ बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम की उम्र तक़रीबन 65 साल थी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से घर-ख़ानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़-ओ-कारिब और मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूम अपने पीछे 3 साहबज़ादे और 1 साहबज़ादी समेत अपने पूरे कुनबे और परिवार को रोता-बिलखता छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

मरहूम के इंतिक़ाल से परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुख की घड़ी में बिरादरी और तमाम अज़ीज़-ओ-कारिब उनके परिवार के साथ खड़े हैं और मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत कर रहे हैं।

नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक

मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम की मैय्यत को बाद नमाज़-ए-मग़रिब सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात और अज़ीज़-ओ-कारिब से गुज़ारिश है कि नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और अहले-ख़ाना के ग़म में शरीक हों।

मैय्यत के सिलसिले में मज़ीद मालूमात के लिए:
📞 शाहनूद्दीन साहब — 9997155176
📞 9917027390

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम शहीदुद्दीन कालू साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह रब्बुल आलमीन उनके तमाम घरवालों, साहबज़ादों, साहबज़ादी, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-कारिब को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस ग़म के बदले बेहतर अज्र अता फ़रमाए।

या अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

“मुल्तानी समाज”

अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान