Tuesday, September 1, 2026

सहारनपुर के मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद का इंतिक़ाल — आज रात गोटे शाह में होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन, 🕊️ इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

मुग़ल होटल वालों के छोटे भाई के इंतिक़ाल की ख़बर से बिरादरी में ग़म की लहर

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि सहारनपुर के मशहूर “मुग़ल होटल” वालों के जनाब अफ़ज़ल साहब के छोटे भाई मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद, निवासी पुल खुमरान, प्रतापगंज, बेहट रोड, सहारनपुर का आज दिन मंगल, बा - तारीख़ 01 सितंबर 2026 को शाम के वक़्त क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर से खानदान, रिश्तेदारों, दोस्तों, अहबाब और बिरादरी में गहरे रंज और अफ़सोस की लहर दौड़ गई। मरहूम के इंतिक़ाल से उनके परिजनों पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुख की घड़ी में हर शख़्स उनके खानदान के साथ शरीक-ए-ग़म है।

🕌 आज रात होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद की नमाज़-ए-जनाज़ा आज रात 11:00 बजे चुंगी गोटे शाह पर अदा की जाएगी। इसके बाद मरहूम की तदफ़ीन गोटे शाह कब्रिस्तान में की जाएगी, इंशाअल्लाह।

तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा में शरीक होकर उनके लिए मग़फ़िरत की दुआ करें और उनके अहले-ख़ाना के साथ इस ग़म की घड़ी में इज़हार-ए-हमदर्दी फ़रमाएँ।

🤲 मरहूम के लिए ख़ास दुआ

अल्लाह तआला मरहूम मुहम्मद फ़ैज़ान अहमद की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह पाक मरहूम को अपनी रहमत के साए में जगह अता फ़रमाए और उनके दर्जात बुलंद फ़रमाए।

अल्लाह तआला तमाम अहले-ख़ाना को यह सदमा बर्दाश्त करने का सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस मुश्किल वक़्त में सब्र व हिम्मत प्रदान फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन। 🤲


📰 “मुल्तानी समाज” की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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“मुल्तानी समाज”

अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान।

🌹🌹 शादी मुबारक 🌹🌹अहले मक्कड़ खानदान में दो बेटियों के निकाह की खुशियाँ, 11 अक्टूबर को होगा तकरीब-ए-निकाह

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

अस्सलातु वस्सलामु अलैका या रसूलल्लाह ﷺ

भीलवाड़ा (राजस्थान)।
अल्लाह तआला के फ़ज़्लो-करम और हुज़ूर-ए-अकरम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ के सदक़े-तुफ़ैल से अहले मक्कड़ खानदान, दान्थल और पारोली वालों के यहाँ शादी की खुशियों ने दस्तक दी है।

मरहूम हाजी मोहम्मद कासम साहब मक्कड़ दान्थल वाले की परपोती, मरहूम हाजी कमालुद्दीन साहब मक्कड़ दान्थल वाले की पोती एवं मोहम्मद सलीम साहब मक्कड़ दान्थल वाले की बेटियों के निकाह की तकरीब इंशाअल्लाह 11 अक्टूबर 2026, बरोज़ रविवार को आयोजित की जाएगी।

परिवार की ओर से तमाम बिरादराने अहले मुल्तानी से गुज़ारिश की गई है कि इस मुबारक तकरीब में शिरकत फरमाकर शादी की खुशियों को चार चाँद लगाएँ और दूल्हा-दुल्हन को अपनी नेक दुआओं से नवाज़ें।


🌹 पहला निकाह 🌹

✨ नेक दुख़्तर — सादिका नूर

बिन्ते जनाब मोहम्मद सलीम साहब मक्कड़ दान्थल वाले, भीलवाड़ा

🌹 हमराह 🌹

✨ नेक फ़रज़ंद — मोहम्मद रिज़वान

इब्ने अब्दुल मजीद साहब उस्ता (बाबू भाई), भीलवाड़ा


🌹 दूसरा निकाह 🌹

✨ नेक दुख़्तर — आयशा बानो

बिन्ते जनाब मोहम्मद सलीम साहब मक्कड़ दान्थल वाले, भीलवाड़ा

🌹 हमराह 🌹

✨ नेक फ़रज़ंद — मोहम्मद तोहीद

इब्ने मरहूम अब्दुल रहमान साहब लजवान, काछौला


🕌 तकरीब-ए-निकाह

29 रबीउल आखिर 1448 हिजरी
मुताबिक़ 11 अक्टूबर 2026, बरोज़ रविवार
बाद नमाज़-ए-ज़ुहर

📍 मुकाम: मस्जिद-ए-नीलगरान, बाहला


🌹 दावते आम 🌹

बाद नमाज़-ए-असर

📍 तिलक नगर कम्यूनिटी हॉल
पॉलीटेक्निक कॉलेज के सामने, भीलवाड़ा

परिवार की जानिब से तमाम रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादराने अहले मुल्तानी को दावते आम है कि इस पुरमसर्रत मौके पर तशरीफ़ लाकर नवविवाहित जोड़ों को अपनी दुआओं से नवाज़ें।

अल्लाह तआला इस निकाह को दोनों जोड़ों के लिए बाबरकत बनाए, उनके जीवन में मोहब्बत, सुकून, खुशहाली और ख़ैर-ओ-बरकत अता फरमाए। आमीन। 🤲


🌴 सरपरस्त 🌴

हाजी मोहम्मद इब्राहिम साहब मक्कड़ दान्थल वाले

🌹 अल-मुकल्लेफ़ीन 🌹

हाजी अब्दुल रज्जाक • हाजी अब्दुल अजीज • हाजी उस्मान गनी • हाजी उस्मान गनी उर्फ़ बाबू • हाजी अब्दुल रहमान • हाजी अब्दुल हमीद • अब्दुल गफूर • हाजी अब्दुल रहमान • हाजी मोहम्मद इब्राहिम • हाफिज मोहम्मद सिद्दिक • अब्दुल कय्यूम • मोहम्मद यूनुस • हाजी जमालुद्दीन • हाजी कमालुद्दीन • अब्दुल हकीम • हाजी अलारख हुसैन • मोहम्मद उमर • हाजी मोहम्मद सिद्दिक • मोहम्मद हनीफ • मुबारक हुसैन • मोहम्मद शरीफ • हाजी मोहम्मद हनीफ • मोहम्मद शफीक • हाजी मोहम्मद आरिफ • हाजी मोहम्मद इरफान • मोहम्मद आसिफ

व अहले मक्कड़ खानदान — दान्थल और पारोली वाले


🌹 अददाईयान 🌹

हाजी मोहम्मद हनीफ, हाजी मोहम्मद शरीफ, मोहम्मद उमर, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद इस्माइल, अब्दुल सत्तार, मोहम्मद इदरीस, मोहम्मद सलीम, अब्दुल सलाम, हाजी फजलुर्रहमान, हबीबुर्रहमान, शफीकुर्रहमान, मोहम्मद अय्यूब, मोहम्मद याकूब, मोहम्मद उमर, मोहम्मद एहसान, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद कलीम, अब्दुल कादर, अब्दुल शकूर, जहूर हसन, अब्दुल करीम, वाहिद हुसैन, मोइनुद्दीन, अमीनुद्दीन, साजिद हुसैन एवं माजिद हुसैन।

व अहले मक्कड़ खानदान।


🌲 चश्मे बराह 🌲

मोहम्मद रफीक, मोहम्मद शफीक, मोहम्मद अनीस, मोहम्मद याकूब, हाजी मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद यूनूस, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद असलम, नूर हसन, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद तौसीफ, अल्ताफ हुसैन, मोहम्मद शोएब, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद शोएब, मोहसिन हुसैन, तौफीक नूर, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद फैजान, वसीम हुसैन, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद सोहेल, मोहम्मद आकिब उर्फ़ शेर अली, मोहम्मद फरहान, मुज़फ्फर रहमान, मोहम्मद अमान, अब्दुल वहाब, मोहम्मद अरशद, अली हसन, अब्दुल हक, ताहा नूर, मोहम्मद मुज़फ्फर, मोहम्मद रज़ा, अब्दुल मुत्तलिफ़, ताहिर हुसैन, मोहम्मद अली, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद मूसा, मोहम्मद शारिम, मोहम्मद हमजा, मोहम्मद जकी, मोहम्मद नूमान, मोहम्मद मुज़म्मिल एवं मोहम्मद मुदस्सिर।


🪴 लख़्त-ए-जिगर 🪴

अली हसन • सैफुल्लाह • मकसूद हसन • मोहम्मद हसन • मोहम्मद हुसैन • मोहम्मद रज़ा • मोहम्मद जैद • मोहम्मद अली रज़ा • मोहम्मद रूहान

🌹 नन्ही इल्तेजा 🌹

फातिमा बतूल उर्फ़ जुनैरा


📞 राब्ता

हाजी मोहम्मद इब्राहिम — 9799575224
हाजी अब्दुल रहमान — 9602093498
मोहम्मद इस्माइल — 9928731522
हाजी फजलुर्रहमान — 9829023059
मोहम्मद उमर — 9414617702
मोहम्मद सलीम — 9461079579 / 8078627997

🌹 अहले मक्कड़ खानदान 🌹

दान्थल वाले, भीलवाड़ा

📍 पता: गरीब नवाज़ कॉलोनी, भवानी नगर, भीलवाड़ा

फर्म: K K इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्ट नगर
फर्म: H D इंजीनियरिंग, रेलवे फाटक, साबुन मार्ग
भीलवाड़ा, राजस्थान


📰 "मुल्तानी समाज" की विशेष प्रस्तुति

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

Saturday, August 29, 2026

शाहपुर बिडौली के शहीदुद्दीन साहब का इंतिक़ाल — बिरादरी में पसरा मातम, मगरिब बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बागपत/बड़ौत, 29 अगस्त 2026।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि गांव शाहपुर बिडौली, तहसील बड़ौत, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश निवासी शहीदुद्दीन वल्द जनाब मोहम्मद कालू साहब (मरहूम) का आज शनिवार, 29 अगस्त 2026 को दिन में तक़रीबन डेढ़ बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम की उम्र तक़रीबन 65 साल थी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से घर-ख़ानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़-ओ-कारिब और मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूम अपने पीछे 3 साहबज़ादे और 1 साहबज़ादी समेत अपने पूरे कुनबे और परिवार को रोता-बिलखता छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

मरहूम के इंतिक़ाल से परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुख की घड़ी में बिरादरी और तमाम अज़ीज़-ओ-कारिब उनके परिवार के साथ खड़े हैं और मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत कर रहे हैं।

नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक

मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम की मैय्यत को बाद नमाज़-ए-मग़रिब सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात और अज़ीज़-ओ-कारिब से गुज़ारिश है कि नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और अहले-ख़ाना के ग़म में शरीक हों।

मैय्यत के सिलसिले में मज़ीद मालूमात के लिए:
📞 शाहनूद्दीन साहब — 9997155176
📞 9917027390

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम शहीदुद्दीन कालू साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह रब्बुल आलमीन उनके तमाम घरवालों, साहबज़ादों, साहबज़ादी, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-कारिब को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस ग़म के बदले बेहतर अज्र अता फ़रमाए।

या अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


ख़ास रिपोर्ट

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“मुल्तानी समाज”

अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान

Wednesday, August 26, 2026

सरधना की बदलती तस्वीर के पीछे जुनैद हयात की खामोश मगर असरदार खिदमात

जमीनी काम से बिरादरी की खिदमत तक—मिर्जा मुल्तानी लोहार समाज के उभरते सितारे के रूप में बना रहे हैं अपनी अलग पहचान

सरधना, मेरठ।
मिर्जा मुल्तानी लोहार बिरादरी की नई पीढ़ी में कुछ ऐसे नौजवान भी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ़ बातों तक सीमित रहने के बजाय अपने अमली कामों से समाज में अपनी पहचान बनाने का रास्ता चुना है। सरधना की सरज़मीन पर ऐसा ही एक नाम आज जुनैद हयात का भी उभरकर सामने आ रहा है।

जफर हयात के साहिबज़ादे जुनैद हयात ने अपने सामाजिक और बिरादरी से जुड़े कामों के ज़रिए यह साबित करने की कोशिश की है कि अगर नियत नेक हो और मकसद समाज की बेहतरी हो, तो छोटे-छोटे कदम भी आने वाले कल की बड़ी तब्दीली की बुनियाद बन सकते हैं।

जुनैद हयात की पहचान महज़ किसी बड़े नाम या खानदानी पहचान तक सीमित नहीं दिखाई देती, बल्कि वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़कर काम करने और बिरादरी के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करते नज़र आते हैं। सरधना में उनके सामाजिक कामों ने लोगों के बीच उन्हें एक ऐसे नौजवान के तौर पर पहचान दिलाई है, जो अपनी बिरादरी के बेहतर मुस्तकबिल के लिए कुछ करने का जज़्बा रखता है।

06 सितंबर का साइकिल वितरण कार्यक्रम बना मिसाल

जुनैद हयात की सामाजिक सोच की एक अहम मिसाल आगामी 06 सितंबर को आयोजित होने वाले साइकिल वितरण कार्यक्रम में भी देखने को मिलेगी। इस कार्यक्रम के तहत मिर्जा मुल्तानी बिरादरी की ज़रूरतमंद और होनहार बच्चियों तक साइकिल पहुँचाने की पहल की जा रही है।

बच्चियों को साइकिल उपलब्ध कराने का यह कदम सिर्फ़ एक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनकी तालीम, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के हौसले को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा सकता है। कई बार आवागमन की छोटी-सी परेशानी भी बच्चियों की पढ़ाई के रास्ते में बड़ी रुकावट बन जाती है। ऐसे में साइकिल वितरण जैसी पहल उनके लिए सहूलियत का ज़रिया बनने के साथ-साथ परिवारों में बेटियों की शिक्षा के प्रति भरोसा भी बढ़ा सकती है।

बिरादरी की मजबूती के लिए नई सोच

जुनैद हयात का कहना है कि आने वाले वक्त में मिर्जा मुल्तानी बिरादरी की भलाई और तरक़्क़ी के लिए बनाई गई योजनाओं पर और तेज़ी से काम किया जाएगा। उनका मकसद ऐसी सामाजिक पहल को आगे बढ़ाना है, जिससे बिरादरी के ज़रूरतमंद परिवारों, बच्चों, नौजवानों और खास तौर पर तालीम हासिल करने वाली बेटियों को बेहतर अवसर मिल सकें।

आज के दौर में किसी भी समाज की असल ताक़त सिर्फ़ उसकी तादाद नहीं, बल्कि उसकी तालीम, इत्तेहाद, आपसी सहयोग और नई पीढ़ी के लिए बनाए गए बेहतर अवसर होते हैं। अगर बिरादरी के नौजवान इसी तरह आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारियां संभालें और सकारात्मक कामों को तहरीक की शक्ल दें, तो निश्चित तौर पर समाज को मजबूत बुनियाद मिल सकती है।

नई नस्ल को जोड़ने की कोशिश

मिर्जा मुल्तानी लोहार बिरादरी की नई नस्ल में सामाजिक जागरूकता पैदा करना आज के दौर की अहम ज़रूरत है। जुनैद हयात जैसे नौजवानों की कोशिशें तभी और ज्यादा असरदार बन सकती हैं, जब बिरादरी के बुज़ुर्ग अपनी रहनुमाई, नौजवान अपना वक्त और कारोबारी व सामर्थ्य रखने वाले लोग अपने संसाधन समाज की बेहतरी के लिए पेश करें।

सरधना में जुनैद हयात की सक्रियता इसी सिलसिले की एक कड़ी के तौर पर देखी जा रही है। उनके कामों को देखकर उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में वह बिरादरी की तालीमी, सामाजिक और कल्याणकारी योजनाओं को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

मकसद साफ़ हो, नियत नेक हो और कदम समाज की भलाई के लिए उठें, तो एक शख्स की कोशिश भी पूरी बिरादरी के लिए मिसाल बन सकती है। सरधना से उभरता जुनैद हयात का सफर इसी उम्मीद और जज़्बे की एक तस्वीर पेश करता है।

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ख़ास रिपोर्ट

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अब्दुल गफ्फार के बड़े बेटे अख्तर का इंतकाल, आज ईशा के बाद अदा होगी नमाज-ए-जनाजा, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन — बड़ौत में गम की लहर

बड़ौत/बागपत, उत्तर प्रदेश।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन। बड़ौत से एक बेहद गमगीन और अफसोसनाक खबर सामने आई है। मरहूम अब्दुल गफ्फार (बिजरोल वाले) के बड़े बेटे अख्तर साहब, उम्र तकरीबन 55 साल, का हार्ट अटैक के चलते कजा - ए - ईलाही से इंतकाल हो गया। उनके अचानक इंतकाल की खबर से परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी में गम की लहर दौड़ गई।

अख्तर साहब का हाल मुकाम सुनेहरी मस्जिद के पास, बड़ौत, जिला बागपत था। वह अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। उनके इंतकाल से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।

आज ईशा के बाद होगी नमाज-ए-जनाजा

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मरहूम अख्तर साहब की नमाज-ए-जनाजा आज ईशा की नमाज के बाद रात 10:30 बजे सुनेहरी मस्जिद, बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश में अदा की जाएगी।

तमाम रिश्तेदारों, दोस्तों, अहबाब और बिरादरी के लोगों से पुरखुलूस गुजारिश है कि वक्त का खास ख्याल रखते हुए जनाजे में जरूर शिरकत फरमाएं और मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें। जनाजे में शामिल होना और अपने मरहूम भाई के हक में दुआ करना उनके लिए भी सवाब का जरिया बनेगा।

दफ्न के बाद मरहूम के लिए दुआ

नमाज-ए-जनाजा के बाद दफ्न के मौके पर और दफ्न के बाद तमाम अहबाब से गुजारिश है कि मरहूम अख्तर साहब के लिए दिल से दुआ-ए-मगफिरत फरमाएं।

«ऐ अल्लाह! मरहूम अख्तर साहब की मगफिरत फरमा, उनकी तमाम खताओं को माफ फरमा। उनकी कब्र को नूर से मुनव्वर फरमा, उसे जन्नत के बागों में से एक बाग बना दे और उनकी कब्र को कुशादा फरमा। उन्हें सवाल-ए-कब्र में आसानी अता फरमा और उनके दर्जात बुलंद फरमा।»

«ऐ रब्बुल आलमीन! मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला से आला मुकाम अता फरमा। उनके पीछे रह गए दो बेटों, दो बेटियों और तमाम अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। इस सदमे को उनके लिए आसान फरमा और उन्हें अपने खास करम से नवाज।»

अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

परिजनों से ताज़ियत और दुआ की अपील

मरहूम के छोटे भाई आरिफ अहमद, बड़ौत जिला बागपत ने तमाम रिश्तेदारों, दोस्तों, अहबाब और बिरादरी के लोगों से नमाज-ए-जनाजा में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करने की गुजारिश की है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क:
📞 8439515115
आरिफ अहमद
छोटे भाई, बड़ौत, बागपत

📰 मुल्तानी समाज — उत्तर प्रदेश डेस्क

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Sunday, August 23, 2026

इन्तक़ाल-ए-पुरमलाल: हाजी हाफिज़ अब्दुल जब्बार काज़ी मुल्तानी का इंतक़ाल

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला तमाम अहले-बिरादरी और अहले-मोहब्बत तक पहुँचाई जाती है कि हाजी हाफिज़ अब्दुल जब्बार साहब काज़ी मुल्तानी का दिनांक 22 अगस्त 2026, शनिवार, ईशा बाद इंतक़ाल हो गया।

मरहूम, हाफिज़ मुश्ताक काज़ी मुल्तानी और हाफिज़ मुख्तार काज़ी मुल्तानी के वालिद-ए-मोहतरम तथा मरहूम हाजी मोहम्मद इस्माइल साहब काज़ी के फ़रज़ंद थे।

मरहूम की तदफ़ीन 23 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 10 बजे की गई।

क़ुरआनख़्वानी व फ़ातेहा-ए-सोयम

मरहूम के ईसाल-ए-सवाब के लिए क़ुरआनख़्वानी व सोयम की फ़ातेहा दिनांक 24 अगस्त 2026, सोमवार, ज़ोहर के बाद, मस्जिद उमर, ग्रीन पार्क कॉलोनी, इंदौर (मध्य प्रदेश) में रखी गई है।

तमाम अहले-बिरादरी से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएँ और ईसाल-ए-सवाब के लिए फ़ातेहा व क़ुरआनख़्वानी में शिरकत करें।

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताएँ माफ़ फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम अहले-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

रब्बना इग़फ़िर लहू वरहम्हु, व आफिहि व'अफ़ु अन्हु।

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मुल्तानी समाज — ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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इंतकाल की दो गमगीन खबरें, बिरादरी के दो खानदानों में पसरा मातम, अहलेखाना से इज़हार-ए-ताज़ियत और मरहूमीन के लिए दुआ-ए-मगफिरत की अपील

पहली खबर — गांव मोहाना, जिला सोनीपत

तमाम अहले बिरादरी को निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि रईस अहमद वल्द मरहूम याकूब अली, बावली, जिला बागपत वाले, उम्र तकरीबन 65 साल, हाल मुकाम गांव मोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा का आज रविवार, 23 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6 बजे इस फानी दुनिया से इंतकाल हो गया।

मरहूम के इंतकाल की खबर से अहलेखाना, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। मरहूम अपने पीछे 4 लड़के और 3 लड़कियां छोड़ गए हैं।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-असर, गांव मोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा में अदा की जाएगी, इंशाअल्लाह। इसके बाद मरहूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

मैय्यत के सिलसिले में अधिक मालूमात के लिए मोहम्मद राहिल — 9416487304 पर राब्ता किया जा सकता है।

हम दुआगो हैं कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मुकम्मल मगफिरत फरमाए, उनकी तमाम खताओं और लग्ज़िशों को माफ फरमाए, कब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए, कब्र की मंजिल आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए।

अल्लाह तआला तमाम अहलेखाना को यह सदमा बर्दाश्त करने की तौफीक और सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।


दूसरी खबर — लुहारी सराय, नगीना, जिला बिजनौर

मरहूमा जनाब नज़ीर अहमद मुल्तानी साहब मेडिकल वाले की अहलिया का इंतकाल

इसी तरह लुहारी सराय, नगीना, जिला बिजनौर से भी एक बेहद अफसोसनाक खबर सामने आई है। तमाम अहले बिरादरी को निहायत ही रंज-ओ-मलाल के साथ इत्तिला दी जाती है कि मरहूम जनाब नज़ीर अहमद मुल्तानी साहब मेडिकल वाले की अहलिया का इंतकाल हो गया है।

मरहूमा, जनाब निसार एडवोकेट साहब, नजीबाबाद की समधन और जनाब शाहिद मुल्तानी साहब, पूर्व बैंक मैनेजर, नजीबाबाद की सास थीं।

मरहूमा के इंतकाल की खबर से अहलेखाना, रिश्तेदारों और उनसे जुड़े तमाम लोगों में गहरे ग़म और सदमे की लहर है। इस दुख की घड़ी में "मुल्तानी समाज" परिवार तमाम अहलेखाना और परिजनों के साथ दिली हमदर्दी और इज़हार-ए-ताज़ियत पेश करता है।

नमाज़-ए-जनाज़ा और तद्फीन के बारे में जानकारी उपलब्ध होने पर अहले बिरादरी को उससे अवगत कराया जाएगा।

अल्लाह तआला मरहूमा की मगफिरत-ए-कामिला फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, कब्र की तमाम मंजिलें आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए।

परवरदिगार-ए-आलम तमाम अहलेखाना को इस सदमे पर सब्र-ए-जमील, हौसला और बर्दाश्त अता फरमाए तथा मरहूमा की नेकियों को उनके लिए सदका-ए-जारीया बनाए।

आमीन सुम्मा आमीन।


दुआ-ए-मगफिरत

ऐ अल्लाह! हमारे इन मरहूमीन पर अपनी खास रहमत नाज़िल फरमा, उनकी मगफिरत फरमा, उनकी कब्रों को रोशन और कुशादा फरमा, उन्हें कब्र के अज़ाब से महफूज़ फरमा और जन्नतुल फिरदौस में अपने नेक बंदों के साथ जगह अता फरमा। उनके अहलेखाना को सब्र और सुकून अता फरमा।

या अल्लाह! उनकी तमाम खामियों को दरगुज़र फरमा और उनकी नेकियों को अपनी बारगाह में कुबूल फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।


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