हम सब इस फ़ानी दुनिया के मुसाफ़िर हैं… आज हम हैं, कल हमें भी अपने रब के पास लौट जाना है। ज़िंदगी की ये हक़ीक़त जितनी सादा है, उतनी ही गहरी भी—और इसी में हमारे लिए नसीहत भी है।
इस्लाम हमें सिर्फ ज़िंदा लोगों के हक़ अदा करने की तालीम नहीं देता, बल्कि जो हमसे बिछड़ चुके हैं, उनके साथ भी एक मजबूत रिश्ता क़ायम रखने का तरीका सिखाता है—दुआ, खैर का ज़िक्र और उनकी नेकियों को ज़िंदा रखना। यही अमल उनके लिए राहत का सबब बनता है और हमारे लिए अज्र का ज़रिया।
इसी नेक मक़सद और दीनी जज़्बे के साथ हमने एक ऐसा प्लेटफॉर्म/ग्रुप तैयार किया है, जहाँ हम अपने छोटे-बड़े बुजुर्गों, रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब—जो इस दुनिया से रुख़्सत हो चुके हैं—उनकी यादों को मोहब्बत और अदब के साथ ज़िंदा रख सकें।
यह महज़ एक ग्रुप नहीं… बल्कि दुआओं का एक सिलसिला है, जो इंशा-अल्लाह उनके लिए आख़िरत में नूर का सबब बनेगा।
✨ आपसे ख़ास गुज़ारिश
आप अपने किसी भी मरहूम अज़ीज़ की:- तस्वीर
- नाम वल्दियत के साथ
- पूरा पता
- उनकी अच्छी आदतें, अख़लाक़, हुनर या कोई खास बात
हमें भेजें, या दिए गए नंबरों पर कॉल करके लिखवा दें।
🌙 इस अमल के दीनी फ़ायदे
- हर पढ़ने वाला उनके लिए दुआ-ए-मग़फिरत करेगा
- उनकी नेकियों का ज़िक्र सदक़ा-ए-जारीया बन सकता है
- उनकी ज़िंदगी दूसरों के लिए नसीहत और इबरत बनेगी
- और इंशा-अल्लाह, यह सब उनके लिए अजर व सवाब का ज़रिया होगा
कभी-कभी एक छोटी सी बात… किसी का दिल बदल देती है।
हो सकता है, आपके मरहूम की कोई खूबी किसी को नेक रास्ते पर ले आए—और वही अमल उनके लिए क़यामत तक सवाब बनता रहे।
🤲 एक दिल से निकली दुआ
आइए… हम अपने मरहूमीन को सिर्फ याद ही न करें, बल्कि उनके लिए ऐसा ज़रिया बनें, जो उनकी मग़फिरत और बुलंदी-ए-दराजात का सबब बने।अल्लाह तआला तमाम मरहूमीन की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्रों को जन्नत का बाग़ बनाए और हमें उनके लिए सच्चे दिल से दुआ करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन 🤲
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आपका एक छोटा सा कदम इस नेक काम को आगे बढ़ाने और मरहूमीन के लिए ज्यादा से ज्यादा दुआओं का ज़रिया बन सकता है।
📰 ख़ास रिपोर्ट | मुल्तानी समाज
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए भीलवाड़ा (राजस्थान) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।📢 यदि आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, मैसेज, दीनी पैग़ाम, किस्से, कहानियां या विज्ञापन प्रसारित कराना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:
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