Friday, February 27, 2026

“मोहब्बत, आज़ादी और माँ-बाप की ख़ामोश चीख” घर से भागकर शादी करने के फैसलों के पीछे छूटते रिश्तों की सच्चाई

कभी-कभी एक फैसला सिर्फ दो लोगों का नहीं होता — वह पूरे परिवार की ज़िंदगी की दिशा बदल देता है।

आज की यह बात उन बेटियों और बेटों के नाम है जो घर से भागकर शादी करने का फैसला कर लेते हैं… और उन माँ-बाप के नाम भी, जो बाहर से भले सख्त दिखाई दें, लेकिन अंदर से हर रोज़ टूटते रहते हैं।


जब एक बेटी घर छोड़ती है…

जब कोई बेटी घर की चौखट पार करती है, तो वह अकेली नहीं जाती। उसके साथ जाता है घर का सुकून, बरसों की परवरिश का भरोसा, समाज में बना सम्मान और रिश्तों की नाज़ुक डोर।

माँ की आँखें दरवाज़े पर टिक जाती हैं। हर आहट पर दिल धड़कता है —
“शायद मेरी बच्ची वापस आ जाए…”

पिता बाहर से चुप रहते हैं, मगर भीतर ही भीतर शर्म, गुस्से और दर्द की आग में जलते रहते हैं।
भाई-बहन स्कूल, कॉलेज और मोहल्ले में तानों का सामना करते हैं। समाज सवाल कम पूछता है, फैसले ज़्यादा सुनाता है। रिश्तेदार सहारा देने के बजाय दूरी बना लेते हैं। हर शादी-ब्याह, हर समारोह में परिवार खुद को झुका हुआ महसूस करता है।


प्यार गुनाह नहीं… तरीका मायने रखता है

मोहब्बत इंसानी फितरत है, इसमें कोई बुराई नहीं। लेकिन मोहब्बत का तरीका, उसका वक्त और उसका असर — ये सब बहुत अहम होते हैं।

जब फैसला घरवालों को बताए बिना, उनसे रिश्ता तोड़कर लिया जाता है, तो वह सिर्फ एक शादी नहीं होती — वह भरोसे के टूटने की आवाज़ भी होती है।

भविष्य के दुष्परिणामों पर भी सोचना जरूरी है। रिश्ते सिर्फ दो दिलों के नहीं होते, दो परिवारों के भी होते हैं।


कानून, अधिकार और माँ-बाप की बेबसी

आज के दौर में जैसे ही लड़का या लड़की बालिग होते हैं, कानून उन्हें अपने फैसले लेने का पूरा अधिकार देता है। पुलिस थाने में गर्दन झुकाए खड़े पिता को अक्सर यही जवाब मिलता है —
“दोनों बालिग हैं, अपनी मर्जी से गए हैं… हम कुछ नहीं कर सकते।”

कानून कहता है — व्यक्ति की स्वतंत्रता सर्वोपरि है।
यह बात सही भी है, क्योंकि अधिकारों की रक्षा जरूरी है।

लेकिन सवाल यह भी है कि क्या स्वतंत्रता का अर्थ यह है कि परिवार की प्रतिष्ठा, भावनाएं और वर्षों का विश्वास एक पल में तोड़ दिया जाए?

कानून आँसू नहीं देखता, वह माँ की टूटी रातें नहीं गिनता। वह केवल उम्र और सहमति देखता है।
मगर एक माँ-बाप के लिए यह घटना उम्र की नहीं, रिश्ते की होती है।


अधिकार के साथ कर्तव्य भी जरूरी

यह सच है कि हर इंसान को अपनी ज़िंदगी चुनने का अधिकार है। लेकिन अधिकार के साथ कर्तव्य भी आते हैं।

स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं कि घरवालों को अंधेरे में रखकर फैसला लिया जाए।
अगर बच्चे अपने माता-पिता से संवाद करें, समझाएँ, धैर्य रखें — तो कई बार रास्ते निकल आते हैं।

माँ-बाप भी यह समझें कि बदलते समय के साथ बच्चों की भावनाएँ बदलती हैं।
और बच्चों को यह समझना होगा कि माँ-बाप की इज़्ज़त और भावनाएँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी उनकी अपनी पसंद।


समाधान संवाद में है, टकराव में नहीं

घर से भाग जाना आख़िरी रास्ता नहीं होना चाहिए।
अगर रिश्ते की नींव सच्ची है, तो उसे मजबूती संवाद से मिलती है, छुपकर लिए गए फैसलों से नहीं।

समाज को भी बदलना होगा — तानों की जगह समझ, और फैसलों की जगह सहानुभूति देनी होगी।
तभी परिवार टूटने से बचेंगे और रिश्ते बचेंगे।


आख़िर में बस इतना —
मोहब्बत कीजिए, मगर अपने माँ-बाप की इज़्ज़त और उनके दिल का ख्याल रखते हुए।
क्योंकि दुनिया में सबसे सच्चा प्यार वही होता है, जो आपकी हर गलती के बाद भी आपके लौट आने का इंतजार करता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका
“मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

🕯️ एक ही दिन में तीन सदमात – अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी में ग़म की लहर


इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी के लिए आज का दिन बेहद अफ़सोसनाक और ग़मगीन रहा। एक ही दिन में तीन इंतेकाल की खबरों ने दिलों को झकझोर कर रख दिया। हम अल्लाह तआला की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ करते हैं कि वह मरहूमीन के सगीरा-कबीरा गुनाहों को माफ़ फरमाए, उनकी मग़फिरत फरमाए और जन्नतुल फिरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए। घर वालों को सब्र-ए-जमील अता हो। आमीन, सुम्मा आमीन।


🕊️ पहली खबर – गांव बिनोली, खतौली (जनपद , )

आज दिन जुमा, बा-तारीख़ 27 फ़रवरी 2026 को कस्बा खतौली, जिला मुजफ्फरनगर के गांव बिनोली निवासी जनाब असलम साहब की वाल्दा का कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया है।

दफीने का वक़्त अभी मालूम नहीं हो सका है। जैसे ही जानकारी प्राप्त होगी, बिरादरी को इत्तिला दी जाएगी।

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फिरत फरमाए और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र अता करे।


🕊️ दूसरी खबर – बिज़रोल (ज़िला )

निहायत ही रंजो-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन जुमा, 27 फ़रवरी 2026, तक़रीबन असर के वक़्त जनाब हाफिज रहीमुद्दीन साहब s/o हाजी नजीर साहब का इंतिक़ाल हो गया। मरहूम की उम्र तक़रीबन 65 वर्ष थी।

मरहूम की मय्यत को कल दिन शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 को सुबह 10 बजे बिज़रोल (बागपत) के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

तमाम अहले-ईमान और अज़ीज़ो-अक़ारिब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत फरमाएं।

अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूम की मग़फिरत फरमाए और घर वालों को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।


🕊️ तीसरी खबर – खतौली / दिल्ली

बड़े रंजो-ग़म के साथ यह खबर दी जाती है कि खतौली के मरहूम हाजी जलालुद्दीन के बेटे मरहूम शरीफ अहमद की अहलिया और मोहम्मद असलम की वाल्दा का इंतकाल दिल्ली के एक हॉस्पिटल में हो गया है।

जनाज़ा अभी खतौली नहीं पहुंचा है, इसलिए दफनाने का वक़्त मालूम नहीं हो सका है। जैसे ही जानकारी प्राप्त होगी, बिरादरी को अवगत कराया जाएगा।

मरहूमा की मग़फिरत के लिए खास दुआ की दरख्वास्त है।


📢 एक ज़रूरी ऐलान – इंतेकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें

अक्सर देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की खबर अधूरी जानकारी या देरी से पहुंचती है, जिसकी वजह से कई लोग जनाज़े में शिरकत नहीं कर पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि जब भी इंतेकाल की खबर भेजें तो इन बातों का खास ख्याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (मूल निवासी और वर्तमान निवास)।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार शख्स के एक-दो फोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतकाल हुआ हो तो मरहूम का फोटो शामिल करें।
6️⃣ इंतकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब समझें)।
7️⃣ घर के बाकी अहल-ए-ख़ाना के नाम (भाई, बहन, औलाद आदि)।

👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही और भरोसेमंद बनती है, जिससे बिरादरी के लोगों को आसानी रहती है और वे वक्त पर जनाज़े में शिरकत कर पाते हैं।


🤲 दुआ के साथ

अल्लाह तआला इन तीनों मरहूमीन की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन करे, जन्नतुल फिरदौस में आला मुक़ाम अता करे और तमाम लवाहितीन को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

Thursday, February 26, 2026

🕯️ इंतकाल की ख़बर: जनाब सलीम साहब का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल — दफ़ीना जुमे की नमाज़ के बाद

निहायत ही अफसोस और रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराने इस्लाम को इत्तला दी जाती है कि बरोज़ जुमेरात, 26 फ़रवरी 2026 को क़स्बा , ज़िला (उत्तर प्रदेश) के रहनुमा शख्सियत जनाब सलीम साहब वल्द नामालूम का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम की जुदाई से घर-ख़ानदान और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब गहरे सदमे में हैं। अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए, उनकी कब्र को रौशन और वसीअ फ़रमाए, जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता करे और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।

🕌 दफ़ीना

मरहूम का दफ़ीना जुमे की नमाज़ के बाद रखा गया है। तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत फ़रमाएं।

📞 मालूमात के लिए राब्ता:
मिर्ज़ा शाहनवाज़ साहब — 9720378056


📢 एक ज़रूरी ऐलान – इंतेकाल की ख़बर भेजने के लिए अहम् हिदायतें

अक्सर ऐसा होता है कि इंतकाल की खबर देर से या अधूरी पहुंचती है, जिसकी वजह से कई लोग जनाज़े में शामिल नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि खबर भेजते वक्त इन बातों का ख़ास ख्याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (मूल निवास और वर्तमान निवास)।
3️⃣ दफ़ीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार शख्स के 1–2 फ़ोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतकाल हुआ हो तो मरहूम की तस्वीर।
6️⃣ इंतकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वगैरह।

👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही और वक़्त पर पहुंचती है, जिससे बिरादरी को आसानी रहती है।


📰 डिस्क्लेमर

पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति या विज्ञापन संबंधित लेखक/संवाददाता/विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं। इनसे संपादक, प्रकाशक या प्रबंधन की अनिवार्य सहमति अभिप्रेत नहीं है।
सामग्री की सत्यता व दावों के लिए लेखक/विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे।
किसी भी विवाद की स्थिति में न्याय क्षेत्र केवल दिल्ली रहेगा।


📰 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

अल्लाह मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए और सबको सब्र अता करे। आमीन।

🌙 रमज़ान की रहमतों के साए में: खतौली में “रमजान मुबारक किट वितरण” का खिदमती कारवां

क़स्बा खतौली, जिला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)।

पवित्र माह रमज़ान की बरकतों और रहमतों के दरमियान, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी की तंजीम “मुल्तानी समाजसेवी संगठन” की जानिब से कल दिन जुमाअ, बा-तारीख़ 27 फ़रवरी 2026 को “रमजान मुबारक किट वितरण (तक़सीम) प्रोग्राम” का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल जरूरतमंद और हक़दार परिवारों तक राशन व जरूरी सामान पहुंचाकर उन्हें राहत देने की नेक नीयत से की जा रही है।

रमज़ान का महीना सब्र, शुकर और खिदमत-ए-खल्क़ का पैग़ाम देता है। ऐसे पाक मौके पर समाजसेवी संगठन द्वारा यह कदम भाईचारे और इंसानियत की मिसाल पेश करता है। आयोजन समिति के अनुसार, किट में रोज़मर्रा की आवश्यक सामग्री शामिल होगी, ताकि जरूरतमंद परिवार इफ्तार और सहरी के इंतज़ामात बेफिक्री से कर सकें।

इस खिदमती मुहिम में हाजी नसीम, जमीरुद्दीन साहब, नौशाद मिर्जा, शाहिन मिर्जा, यासीन मिर्जा, यासमीन मिर्जा (समाज सेविका), अफजाल मिर्जा, शाहनवाज मिर्जा और रेशमा ज़मीर समेत अनेक गणमान्य हस्तियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। सभी जिम्मेदारान ने इसे बिरादरी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए सक्षम लोगों से दिल खोलकर सहयोग की अपील की है।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि रमज़ान में एक जरूरतमंद की मदद करना दरअसल पूरे समाज को मजबूत बनाना है। यही जज़्बा इस कार्यक्रम की असली रूह है—जहां न सिर्फ राहत सामग्री बांटी जाएगी, बल्कि एक-दूसरे के लिए खड़े रहने का पैग़ाम भी दिया जाएगा।

खतौली में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, मोहब्बत और तहज़ीब की खूबसूरत तस्वीर पेश कर रहा है। विभिन्न वर्गों के लोग इस मुहिम से जुड़कर यह साबित कर रहे हैं कि इंसानियत से बढ़कर कोई पहचान नहीं।


📌 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित,
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 9410652990
🌐 www.multanigharana.com
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

Wednesday, February 25, 2026

📝💐 *इत्तिला तारीख-ए-निकाह* 💐📝

🌹*بسم اللہ الرحمٰن الرحیم*🌹 

  *الصلتوۃ والسلام علیک یا رسولاللہ ﷺ* 
 📝💐 *इत्तिला तारीख-ए-निकाह* 💐📝

तमाम बिरादराने अहले मुलतानी 📢📢
 अस्सलामु अलयकुम व रहमतुल्लाही व बरकातुहु* 

      🍁🌸🌸🌸🌸🌸🍁
अल्लाह के फ़ज़्लो करम से , हुजूर ए अकरम मुहम्मद मुस्तफाﷺ  के सदक़े तुफैल , गौस ओ ख़्वाजा ओर रज़ा के सदक़े इंतहाई खुशी के साथ यह तहरीर की जाती है हाजी अब्दुल शकुर साहब कि पोती  हाजी अब्दुल रहीम साहब कि नेक दुखतर की  शादी खाना आबादी हस्बे ज़ैल प्रोगाम मुताबिक तय होना पाई हे।                           *✨*इंशाल्लाह*✨* 

  ▫️▫️▫️▫️▫️▫️
 
लिहाजा आप सभी से  गुजारिश है कि इस तकरीबे निकाह में शिरकत फरमाकर जश्ने शादी की रौनक बढ़ाएं और दूल्हा व दुल्हन को अपनी नेक दुआओं से नवाजे।
💐💐💐💐💐💐💐                             
******************************

     ✨नेक दुख्तर✨
🌹  *हज्जन जीनत बानो* 🌹
बिन्ते जनाब *हाजी अब्दुल रहीम जी मोटियार कोटडी ( पारोली वाले)

     🌹 *हमराह* 🌹 

     ✨नेक फरजंद✨
**💐 *मोहम्मद फुरक़ान* 💐 *                    
इब्ने मरहूम काबिल हुसैन डडियाल पितास वाले भवानी नगर भीलवाड़ा

 🌹  *निकाह*🌹
 
29 शव्वाल 1448 हिजरी मुताबिक 18 अप्रेल 2026 बरोज शनिचर  बाद नमाजे  असर 

🌹*ईन्शाअल्लाह* 🌹

लिहाजा आप सभी से गुजारीश हे की इस तकरीबन निकाह मे शिरकत  फरमाकर जश्ने शादी की रौनक बढाऐ और   दूल्हा व दुल्हन को अपनी दुआओ से नवाजे 

🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴

*********************
🌹 *सरपरस्त* 🌹

*हाजी अब्दुल शकुर साहब * 

🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄🎄
 
🌹अल मुकल्ले फिन 🌹

अब्दुल गफूर जी, हाजी मोहम्मद हुसैन, अब्दुल हक़, मोहम्मद फारुख 

🌹अदद्दाईन🌹

हाजी अब्दुल रहीम ,
हाजी अब्दुल करीम ,
हाजी अब्दुल कादर , 
अब्दुल सत्तार ,अब्दुल मंजूर  ✨** 
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴

🌹 *चश्मे बराह*🌹

*अब्दुल रहुफ, अब्दुल कादिर, मोहम्मद अली, अब्दुल कय्यूम, अहमद अली,सदाम हुसैन,मोहशीन अली, मोहम्मद शाहरुख़,शाकिर हुसैन, मोहम्मद हुसैन ✨ व अहले मोटियार खानदान पारोली *🌹।
🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴

******************************
         🌹*लख्ते जिगर*🌹

       *🌹अहमद नूर, मोहम्मद आमीन, मोहम्मद ओवेज,मोहम्मद नूर, मोहम्मद इब्राहिम, मोहम्मद बिलाल, नियामत अली, शौकत अली, आजम अली, ओवैस रज़ा ,मोहम्मद हाशिम 
******************************
  🌹नन्ही इल्तिज़ा 🌹

🌹शहनाज बानो, सुल्ताना बानो, इरम फातिमा, नुरिन फातिमा, नाजिया नूर, अफसाना नूर, नूर फातिमा मेरी फुफ्फी कि छादी मे जलूल -जलूल आना 
  
🌹 *अहले मोटियार  खानदान* 🌹

  *पारोली वाले कोटडी  भीलवाड़ा*

      🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴

पता:* ईदगाह के सामने 
जहाजपुर - रोड कोटडी 
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
फर्म;   *गरीब नवाज वेल्डिंग वर्क्स कोटडी
📞9785391427
📞8058370436

😢 इंतकाल की खबर: जनाब अब्दुल लेहाद साहब का 90 वर्ष की उम्र में इंतकाल, नगीना में नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-ख़ाक आज

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन, निहायत ही रंज–ओ–ग़म के साथ बिरादराने हजरात को यह दुखद इत्तिला दी जाती है कि क़स्बा नगीना, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के बुज़ुर्ग और नेक सीरत शख्सियत, शहजाद अनवर के वालिद मोहतरम जनाब अब्दुल लेहाद साहब (उम्र लगभग 90 वर्ष) का बा-तारीख़ 25 फ़रवरी 2026, बरोज़ बुध की रात तक़रीबन 8 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूम का इंतकाल उनके घराने, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और तमाम अहबाब के लिए गहरे सदमे का सबब बना। इलाक़े में उन्हें एक सादा मिज़ाज, नेक दिल और दीनदार बुज़ुर्ग के तौर पर जाना जाता था। उनकी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा इबादत, खिदमत-ए-ख़ल्क़ और अपनों की रहनुमाई में गुज़रा।

🕊️ नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफीन

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बरोज़ जुमेरात, 26 फ़रवरी 2026 को सुबह 10 बजे अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

📞 मालूमात के लिए राब्ता

मरहूम के बारे में तफ्सीलात जानने के लिए मोहम्मद लईक साहब से मोबाइल नंबर 9412216561 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।


🤲 दुआएँ

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन और वसीअ फरमाए, जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुक़ाम अता करे।
घर वालों को सब्र-ए-जमील और हिम्मत बख्शे।
आमीन या रब्बुल आलमीन।



📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार का लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन या अन्य सामग्री लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के स्वयं के विचार हैं।
इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन या संस्थान की सहमति या समर्थन आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

पत्रिका में प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता या किसी प्रकार के दावे के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे।
पत्रिका एवं प्रबंधन इस संबंध में किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या वित्तीय जिम्मेदारी से पूर्णतः मुक्त रहेंगे।

किसी भी विवाद, शिकायत या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित,
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका

“मुल्तानी समाज”

के लिए ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 9410652990
🌐 www.multanigharana.com
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

Tuesday, February 24, 2026

🌙 खतौली से एक ग़मगीन खबर – हाफिज़ याकूब साहब का इंतकाल

🕯️ इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को बड़े ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तला दी जाती है कि मोहल्ला बिद्दीवाड़ा बाजार, कस्बा खतौली, जिला मुजफ्फरनगर के बाशिंदे जनाब हाफिज़ याकूब साहब वल्द जनाब हाजी ज़िक्रिया (उम्र लगभग 75 वर्ष) का बीती रात तक़रीबन 11:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूम अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार, चाहने वाले रिश्तेदार, दोस्त-अहबाब और पूरी बिरादरी को ग़मगीन छोड़ गए हैं। उनकी सादगी, मिलनसार तबीयत और दीनी लगाव को हमेशा याद किया जाएगा।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन फरमाए और घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।


🕊️ दफीने से संबंधित जानकारी

खबर लिखे जाने तक जिम्मेदारान मरहूम के दफीने के सही वक़्त की पुष्टि नहीं कर पाए थे। जैसे ही मुकम्मल और सही जानकारी प्राप्त होगी, फौरन अपडेट कर दी जाएगी इंशाअल्लाह।

अल्बत्ता कयास लगाए जा रहे हैं कि आज बरोज़ बुधवार, 25 फ़रवरी को बाद नमाज जोहर मय्यत को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

तमाम अहले बिरादरी से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और सवाबे दारेन हासिल करें।


📢 एक ज़रूरी ऐलान

इंतेकाल की खबर भेजने के लिये अहम् हिदायतें

अक्सर देखा गया है कि किसी अज़ीज़ के इंतकाल की खबर देर से पहुंचती है या अधूरी जानकारी की वजह से लोग जनाज़े में शामिल नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि जब भी इंतेकाल की खबर भेजें तो इन बातों का ख़ास ख्याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और उनकी वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता – पहले कहाँ के रहने वाले थे और फिलहाल कहाँ मुक़ीम थे।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार एक-दो अफ़राद के फ़ोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतकाल हुआ है तो मरहूम की तस्वीर भी शामिल करें।
6️⃣ इंतकाल की वजह (अगर बयान करना मुनासिब हो)।
7️⃣ घर के अन्य अहल-ए-ख़ाना के नाम – जैसे भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वगैरह।

👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही और वक़्त पर बिरादरी तक पहुंचेगी और लोग आसानी से शरीक हो सकेंगे।


📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार का लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन या अन्य सामग्री लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के स्वयं के विचार हैं।

इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक, प्रबंधन या संस्थान की सहमति या समर्थन आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

प्रकाशित सामग्री की सत्यता, विश्वसनीयता या किसी दावे के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे। पत्रिका एवं प्रबंधन किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक या वित्तीय जिम्मेदारी से पूर्णतः मुक्त रहेंगे।

किसी भी विवाद, शिकायत या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।



📌 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका
"मुल्तानी समाज"

✍️ ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 9410652990
🌐 www.multanigharana.com
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com


अल्लाह तआला मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए। आमीन। 🤲