Monday, August 3, 2026

🕊️ ग़मगीन ख़बर | एक और घर का चराग़ बुझ गया, बिरादरी ग़म में डूब गई


"إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ"
अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील नसीब फ़रमाए। आमीन।

नई दिल्ली / मुज़फ्फरनगर।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ बिरादरान-ए-मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) को यह दर्दनाक इत्तिला दी जाती है कि उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर के गाँव महाददौ की मूल निवासी तथा हाल मुक़ीम मकान संख्या M-295, सुंदर नगरी, दिल्ली-110094 की रहने वाली अनीसा बी (उम्र तक़रीबन 50 वर्ष), अहलिया मरहूम जनाब अनवर साहब, का आज मंगल, 04 अगस्त 2026 की सुबह तकरीबन 6:00 बजे सुंदर नगरी, दिल्ली में कजा - ए - ईलाही से इंतिक़ाल हो गया।

यह ख़बर इसलिए भी दिलों को और ज़्यादा अश्कबार कर देने वाली है कि मरहूमा के शौहर जनाब अनवर साहब का भी महज़ 11 माह पहले इंतिक़ाल हुआ था। अभी वह सदमा पूरी तरह कम भी न हुआ था कि आज यह दूसरा बड़ा सदमा पूरे ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी पर टूट पड़ा।

मरहूमा अपने पीछे दो साहबज़ादे, छह साहबज़ादियाँ तथा पूरा ख़ानदान, रिश्तेदार, अहबाब और चाहने वालों को ग़मज़दा छोड़कर अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं। मरहूमा का मायका शाहपुर, ज़िला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में था और अपने नेक अख़लाक़, सादगी तथा ख़ुशनुमां मिज़ाज की वजह से बिरादरी में अच्छी पहचान रखती थी मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज नमाज़-ए-जोहर सुंदर नगरी, दिल्ली में ही सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके लिए ईसाल-ए-सवाब का एहतेमाम करें।

दुआ है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा की तमाम ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाए, क़ब्र की तंगी और वहशत को आसान फ़रमाए, मुनकर-नकीर के सवालात में कामयाबी अता फ़रमाए, हश्र के दिन अपने ख़ास करम से साया-ए-रहमत नसीब फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में अपने नेक बंदों के साथ आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

📌 नोट :
मय्यत के सिलसिले में किसी भी तरह की तफ़सील मालूम करने के लिए जनाब मोहम्मद नौशाद साहब (छुर वालों) से मोबाइल नंबर 9971840143 पर राब्ता किया जा सकता है।

— उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट
"मुल्तानी समाज"
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल।

Sunday, August 2, 2026

📢 सार्वजनिक सूचना / अहम इत्तिला

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू

तमाम अहबाब, अज़ीज़ों और बिरादराने इस्लाम को इत्तिला दी जाती है कि क़स्बा थानाभवन, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) निवासी जनाब अकरम साहब वल्द जनाब अब्दुल अज़ीज़ साहब (मरहूम), क़ुतुबगढ़ वाले का व्हाट्सएप नंबर 7017481648 किसी खुराफाती शख्स द्वारा हैक कर लिया गया है।

हैकर इस नंबर के ज़रिए लोगों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग कर रहा है। आप सभी से गुज़ारिश है कि इस नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज, कॉल या पैसों की मांग पर हरगिज़ भरोसा न करें और कोई भी रकम ट्रांसफर न करें।

अगर इस नंबर से आपके पास कोई संदिग्ध मैसेज या कॉल आए, तो कृपया उसे नज़रअंदाज़ करें और इसकी जानकारी तुरंत नीचे दिए गए नंबर पर दें।

संपर्क (अकरम साहब):
📞 9719999101

आप सभी हज़रात से दरख़्वास्त है कि इस सार्वजनिक सूचना को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें, ताकि कोई भी धोखाधड़ी का शिकार न हो।

भवदीय
अकरम
थानाभवन, जिला शामली (उ.प्र.)

Thursday, July 30, 2026

🚨 गुमशुदगी की इत्तिला | 15 दिनों से लापता मोहम्मद अंसार की तलाश में तआवुन की अपील

بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ

निहायत अहम् और फ़िक्रअंगेज़ इत्तिला तमाम अहले बिरादरी की ख़िदमत में पेश की जाती है।

आप सभी बिरादराना हज़रात से अदब के साथ गुज़ारिश है कि मोहल्ला शाहमुबारिक, कस्बा झिंझाना, ज़िला शामली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले तथा हाल बाशिंदा कैराना, ज़िला शामली के निवासी जनाब मोहम्मद अंसार साहब वल्द मरहूम जनाब हाजी इश्तियाक साहब (सऊदी वाले) पिछले करीब 15 दिनों से घर से नाराज़ होकर लापता हैं। अब तक उनका कोई सुराग़ नहीं मिल सका है, जिसकी वजह से उनके अहल-ए-ख़ाना बेहद परेशान और फ़िक्रमंद हैं।

तमाम अहले बिरादरी से दर्दमंदाना इल्तिज़ा है कि इस नेक काम में अपना भरपूर तआवुन फ़रमाएँ। अगर किसी भी हज़रत को मोहम्मद अंसार साहब कहीं भी नज़र आएँ या उनके बारे में किसी भी क़िस्म की मालूमात हासिल हो, तो बराए करम फ़ौरन उनके बड़े भाई जनाब हाजी इसरार साहब से नीचे दिए गए नंबर पर राब्ता करें—

📞 82678 07373

या फिर "मुल्तानी समाज" न्यूज़ के हेल्पलाइन नंबरों पर इत्तिला दें—

📞 9410652990
📞 8010884848

आपकी एक छोटी-सी इत्तिला किसी परिवार की बड़ी परेशानी को दूर कर सकती है। इसलिए इस पैग़ाम को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर फ़रमाएँ ताकि यह ख़बर हर उस शख़्स तक पहुँचे जो उनकी तलाश में मददगार साबित हो सके।

अल्लाह तआला से दुआ है कि मोहम्मद अंसार साहब को महफ़ूज़ व सलामत उनके घर वालों से जल्द अज़ जल्द मिला दे और उनके अहल-ए-ख़ाना को सुकून-ए-क़ल्ब अता फ़रमाए। आमीन या रब्बल आलमीन।

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ—

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Wednesday, July 29, 2026

إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ गाँव जिमानी की बुज़ुर्ग ख़ातून जुलेखा बी का इंतिक़ाल, पूरे इलाक़े में ग़म की लहर


निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ आप तमाम अहले बिरादरी को इत्तिला दी जाती है कि आज, 30 जुलाई 2026 (जुमेरात) को रात तक़रीबन 1:30 बजे गाँव जिमानी निवासी मरहूमा जुलेखा बी, अहलिया जनाब अब्दुल हमीद साहब, जिनकी उम्र तक़रीबन 68 साल थी और जो जनाब साजिद जिमानी वाले की वालिदा-ए-माजिदा थीं, कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल फ़रमा गईं।

إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

यह ख़बर सुनकर पूरे इलाके और बिरादरी में गहरे दुख और अफ़सोस की लहर दौड़ गई। मरहूमा अपने अख़लाक़, सादगी, ख़ुलूस और नेक सीरत की वजह से बिरादरी में एहतराम की निगाह से देखी जाती थीं। अल्लाह तआला ने जो फैसला फ़रमाया, उसी पर सब्र करना मोमिन की पहचान है।

मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं तदफ़ीन आज दिन जुमेरात को दोपहर 12:00 बजे, गाँव जिमानी के क़ब्रिस्तान में अदा की जाएगी।

🤲 मग़फ़िरत और सब्र की दुआ

हम बारगाह-ए-इलाही में दुआगो हैं कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा जुलेखा बी की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, उसे नूर से मुनव्वर फ़रमाए, सवालात-ए-क़ब्र को आसान फ़रमाए, तमाम सगीरा व कबीरा ख़ताओं को माफ़ फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।

अल्लाह तआला मरहूमा के तमाम अहल-ए-ख़ाना, रिश्तेदारों और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ नसीब फ़रमाए। आमीन या रब्बल आलमीन।

मज़ीद मालूमात के लिए संपर्क करें:
📞 9012645041


"मुल्तानी समाज" विशेष रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।


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Monday, July 27, 2026

बिरादरी के बुज़ुर्ग मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब का इंतिक़ाल — शामली की फ़िज़ा ग़मगीन, अहले बिरादरी में दौड़ गई शोक की लहर

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन 

निहायत ही रंज़-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह दुखद इत्तिला दी जाती है कि अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की एक बुज़ुर्ग, नेकदिल, शरीफ़ और सम्मानित शख्सियत जनाब मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब वल्द जनाब मिस्त्री अज़ीमुल्ला साहब (मरहूम) निवासी गढ़ी पुख़्ता, हाल बाशिंदे नज़दीक मक्का मस्जिद, शामली (उत्तर प्रदेश) का आज बरोज़ पीर, 27 जुलाई 2026, शाम लगभग 4:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम काफ़ी लंबे अर्से से गंभीर बीमारी में मुब्तिला थे। तमाम इलाज और दुआओं के बावजूद आखिरकार अल्लाह तआला का हुक्म पूरा हुआ और वह इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कहकर अपने असली मालिक की बारगाह में हाज़िर हो गए।

मरहूम मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब अपनी सादगी, नेक अख़लाक़, ख़ुशमिज़ाजी, मेहनतकशी और बिरादरी के प्रति मोहब्बत के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी इज़्ज़त, ईमानदारी और ख़िदमत के साथ गुज़ारी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से शामली, गढ़ी पुख़्ता और आसपास के इलाक़ों सहित पूरी मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में गहरे रंज़-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है। जो भी इस दुखद समाचार को सुन रहा है, वह मरहूम के लिए मग़फ़िरत की दुआ और उनके अहल-ए-ख़ाना के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ कर रहा है।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-ईशा अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहले बिरादरी, रिश्तेदारों, दोस्तों और अकीदतमंदों से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए मग़फ़िरत, बुलंदी-ए-दराजात और जन्नतुल फ़िरदौस की दुआ करें। जनाज़े में शिरकत करना मुसलमान का अपने भाई पर हक़ भी है और अज़ीम सवाब का ज़रिया भी।

हम बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर दुआगो हैं:

ऐ अल्लाह! मरहूम मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा। उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे। क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमा। उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा। उनके अहल-ओ-अयाल, औलाद, रिश्तेदारों और तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील और हिम्मत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।»

मुल्तानी समाज की ओर से ताज़ियत

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" मरहूम के इंतिक़ाल पर गहरा दुख व्यक्त करता है तथा समूचे शोकाकुल परिवार से दिली ताज़ियत पेश करता है।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को रौशन फ़रमाए और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमाए। आमीन।

अपनी ख़बरें और इश्तिहार भेजें

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"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

सहारनपुर से शामली तक मोहब्बत, यकजहती और भरोसे का सफ़र — मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय पर हुआ गर्मजोशी से इस्तक़बाल

"जब क़ौम अपने लोगों से मिलने निकलती है, तो सिर्फ़ मुलाक़ातें नहीं होतीं, बल्कि भरोसे, मोहब्बत और इत्तेहाद की नई दास्तानें भी लिखी जाती हैं।"

शामली (उत्तर प्रदेश):
बीते रोज़, इतवार, 26 जुलाई 2026 को सहारनपुर के लिंक रोड निवासी जनाब मोहम्मद नौशाद साहब और जनाब मोहम्मद राशिद साहब अपनी फैमिली के साथ पैदाइशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम "मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजिस्टर्ड ऑल इंडिया)" एवं "मुल्तानी समाज" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के प्रधान-संपादक ज़मीर आलम मुल्तानी के शामली स्थित कार्यालय पहुँचे।

कार्यालय पहुँचने पर सभी मेहमानों का बेहद गर्मजोशी, अपनत्व और इज़्ज़त के साथ इस्तक़बाल किया गया। इस ख़ुशनुमा मुलाक़ात के दौरान बिरादरी की तरक़्क़ी, तालीम, सामाजिक एकता, नौजवानों के बेहतर मुस्तक़बिल और आने वाले वक़्त में संगठन को और मज़बूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।

इस अवसर पर मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के कानूनी सलाहकार हाजी शकील अहमद साहब तथा ख़ज़ांची हाजी नूरमोहम्मद साहब भी मौजूद रहे। सभी ने बिरादरी के हित में एकजुट होकर काम करने और समाज को नई बुलंदियों तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।

प्रधान-संपादक ज़मीर आलम मुल्तानी ने कहा कि "मुल्तानी समाज" केवल एक समाचार पत्रिका नहीं, बल्कि बिरादरी की आवाज़, पहचान और हक़ूक़ की बुलंद आवाज़ है। इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना, प्रतिभाओं को सामने लाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और देशभर में फैले मुल्तानी समाज के लोगों को एक मज़बूत मंच उपलब्ध कराना है।

यह मुलाक़ात इस बात का भी प्रमाण है कि आज देश के विभिन्न राज्यों से बिरादरी के लोग संगठन और समाचार पत्रिका पर लगातार अपना भरोसा जता रहे हैं तथा समाज की बेहतरी के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं।


उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान-संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदाइशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज"।

यदि आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी स्तर पर प्रकाशित या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी निम्नलिखित नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ—

📞 9410652990
📞 8010884848

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"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

बावली बिरादरी पर ग़म का पहाड़ टूटा — जनाब वहीदू साहब (बावली वाले) की अहलिया का इंतेक़ाल, आज मगरिब के बाद बावली कब्रिस्तान में होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी और अहले-ईमान को यह ग़मगीन इत्तिला दी जाती है कि आज बरोज़ पीर, बा-तारीख़ 27 जुलाई 2026 को जनाब वहीदू साहब (बावली वाले), हाल मुक़ाम दिल्ली की मोहतरमा अहलिया इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कहकर अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं।

إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

मरहूमा, हाजी खालिद अहमद (बावली वाले) की चाची थीं। उनके इंतेक़ाल की खबर सुनते ही पूरे ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, अहबाब और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूमा अपने पीछे रोने वाले अज़ीज़, रिश्तेदार, चाहने वाले और दुआ करने वालों की एक बड़ी तादाद छोड़ गई हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मय्यत को दिल्ली से उनके पैतृक गांव बावली लाया जा रहा है। मरहूमा की तदफ़ीन का वक़्त मगरिब की नमाज़ के बाद तय किया गया है।
नमाज़-ए-जनाज़ा इंशाअल्लाह बावली कब्रिस्तान में अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

ज़िंदगी और मौत का मालिक सिर्फ़ अल्लाह तआला है। हर जान को एक न एक दिन मौत का मज़ा चखना है। आज मरहूमा अपने तमाम दुनियावी रिश्तों को पीछे छोड़कर उस सफ़र पर रवाना हो चुकी हैं, जहाँ से कोई वापस नहीं आता। अब उनके लिए सबसे क़ीमती तोहफ़ा सिर्फ़ दुआ-ए-मग़फ़िरत, ईसाल-ए-सवाब और नेक अमल हैं।

👉 तमाम अहले-ईमान से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ।

ऐ अल्लाह!
मरहूमा की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा।
उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
क़ब्र की तंगी और अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा।
उनकी मंज़िल आसान फ़रमा, हश्र के दिन उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम नसीब फ़रमा।
उनके तमाम अहले-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन, सुम्मा आमीन।


📰 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

📌 नोट:
अधिक जानकारी के लिए हाजी खालिद अहमद (बावली वाले) से मोबाइल नंबर 79848 44198 पर राब्ता क़ायम करें।


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