इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
निहायत ही रंज़-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह दुखद इत्तिला दी जाती है कि अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की एक बुज़ुर्ग, नेकदिल, शरीफ़ और सम्मानित शख्सियत जनाब मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब वल्द जनाब मिस्त्री अज़ीमुल्ला साहब (मरहूम) निवासी गढ़ी पुख़्ता, हाल बाशिंदे नज़दीक मक्का मस्जिद, शामली (उत्तर प्रदेश) का आज बरोज़ पीर, 27 जुलाई 2026, शाम लगभग 4:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।
मरहूम काफ़ी लंबे अर्से से गंभीर बीमारी में मुब्तिला थे। तमाम इलाज और दुआओं के बावजूद आखिरकार अल्लाह तआला का हुक्म पूरा हुआ और वह इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कहकर अपने असली मालिक की बारगाह में हाज़िर हो गए।
मरहूम मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब अपनी सादगी, नेक अख़लाक़, ख़ुशमिज़ाजी, मेहनतकशी और बिरादरी के प्रति मोहब्बत के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी इज़्ज़त, ईमानदारी और ख़िदमत के साथ गुज़ारी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से शामली, गढ़ी पुख़्ता और आसपास के इलाक़ों सहित पूरी मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में गहरे रंज़-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है। जो भी इस दुखद समाचार को सुन रहा है, वह मरहूम के लिए मग़फ़िरत की दुआ और उनके अहल-ए-ख़ाना के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ कर रहा है।
मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-ईशा अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहले बिरादरी, रिश्तेदारों, दोस्तों और अकीदतमंदों से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए मग़फ़िरत, बुलंदी-ए-दराजात और जन्नतुल फ़िरदौस की दुआ करें। जनाज़े में शिरकत करना मुसलमान का अपने भाई पर हक़ भी है और अज़ीम सवाब का ज़रिया भी।
हम बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर दुआगो हैं:
ऐ अल्लाह! मरहूम मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा। उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे। क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमा। उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा। उनके अहल-ओ-अयाल, औलाद, रिश्तेदारों और तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील और हिम्मत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।»
मुल्तानी समाज की ओर से ताज़ियत
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" मरहूम के इंतिक़ाल पर गहरा दुख व्यक्त करता है तथा समूचे शोकाकुल परिवार से दिली ताज़ियत पेश करता है।
अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को रौशन फ़रमाए और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमाए। आमीन।
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