Tuesday, February 17, 2026

🌟 मुल्तानी समाजसेवी संगठन ने निभाया वादा, अफ़ज़ाल मिर्ज़ा कुशावली वाले के आवास पर हुआ अहम सामाजिक कार्यक्रम

मुल्तानी बिरादरी की सामाजिक एकजुटता और वादे की पाबंदी की एक खूबसूरत मिसाल उस वक्त देखने को मिली जब मुल्तानी समाजसेवी संगठन की टीम ने जनाब अफ़ज़ाल मिर्ज़ा (कुशावली वाले) के आवास पर पहुँचकर पूर्व में किए गए तमाम वादों को पूरा किया।

यह मुलाक़ात सिर्फ़ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आपसी भरोसे, इत्तेहाद और बिरादरी की बेहतरी के लिए उठाया गया एक मज़बूत क़दम साबित हुई।

👤 गरिमामयी मौजूदगी

इस अहम मौके पर संगठन के राष्ट्रीय सदर जनाब हाजी नसीम साहब, राष्ट्रीय अध्यक्ष (खतौली) जनाब यास्मीन जी, बुढ़ाना से नायब सदर जनाब जमरूद्दीन साहब, सिक्योरिटी प्रभारी जनाब मिर्ज़ा नौशाद साहब (खतौली), सदर जनाब अफ़ज़ाल मिर्ज़ा (कुशावली वाले), जनाब शाहनवाज़ मिर्ज़ा (सरधना वाले) और जनाब शाही़न मिर्ज़ा साहब विशेष रूप से मौजूद रहे।

सभी ज़िम्मेदारान ने मिलकर संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया और समाज की तरक़्क़ी, तालीम और आपसी सहयोग के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की।

🤝 वादे निभाने की परंपरा

मुल्तानी समाजसेवी संगठन हमेशा से अपने उसूलों और वादों पर कायम रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से यह साफ़ संदेश दिया गया कि बिरादरी की भलाई के लिए जो भी इरादे किए जाते हैं, उन्हें अमल में लाना ही असल सेवा है।

📚 बिरादरी के नाम पैग़ाम

मुल्तानी लोहार और बढ़ई बिरादरी के लिए समर्पित, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” लगातार समाज की आवाज़ को बुलंद कर रही है।

यह रिपोर्ट बिरादरी की एकता, भरोसे और खिदमत-ए-खल्क़ की जज़्बे को सलाम करती है।


✍️ ज़मीर आलम
प्रधान संपादक
पत्रिका — “मुल्तानी समाज”

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आपकी दुआओं और रहनुमाई का तलबगार।

🌙 रमजान 2026 का आग़ाज़: इबादत, रहमत और बरकत का मुक़द्दस सफ़र शुरू

मुस्लिम उम्मत के लिए इंतज़ार की घड़ियाँ ख़त्म हुईं। सऊदी अरब में रमज़ान का चांद नज़र आने की तस्दीक़ के साथ ही इबादतों के इस मुक़द्दस महीने का औपचारिक आग़ाज़ हो गया। आज से तरावीह की नमाज़ अदा की जा रही है और कल पहला रोज़ा रखा जाएगा।

भारत में भी चांद दिखाई देने की उम्मीद के साथ मस्जिदों और घरों में रूहानी तैयारी पूरी कर ली गई है। मेरठ समेत देश के कई शहरों में चांद की तस्दीक़ होते ही आज रात से तरावीह की नमाज़ शुरू होगी और गुरुवार को पहला रोज़ा रखा जाएगा।


🌙 चांद की तस्दीक़ और इबादतों की शुरुआत

रमज़ान का चांद महज़ एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि रूहानी एहसास है। जैसे ही चांद की खबर आई, मस्जिदों में रोशनी, सफ़ाई और इंतज़ामात मुकम्मल कर लिए गए। इमामों और इंतज़ामिया कमेटियों ने नमाज़ियों की सहूलियत के लिए खास व्यवस्थाएं की हैं।

तरावीह की नमाज़ से मस्जिदें आबाद होंगी और कुरआन-ए-पाक की तिलावत की सदा गूंजेगी। यह महीना सब्र, शुकर और इबादत का पैग़ाम देता है।


🕌 तैयारियों में जुटा मुस्लिम समाज

मेरठ सहित देशभर में मुस्लिम समुदाय ने रमज़ान की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। बाज़ारों में रौनक है, घरों में सेहरी और इफ्तार के इंतज़ाम किए जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों द्वारा जरूरतमंदों के लिए राशन और सहायता की योजनाएँ भी बनाई गई हैं।

रमज़ान न सिर्फ़ रोज़ा रखने का नाम है, बल्कि यह खुद को सुधारने, गुनाहों से तौबा करने और इंसानियत की खिदमत करने का महीना है।


🤲 रहमतों और बरकतों का महीना

रमज़ान का हर दिन और हर रात इबादत और दुआओं से सजी होती है। इस महीने में अल्लाह तआला अपनी खास रहमतें नाज़िल फरमाते हैं। रोज़ा इंसान को सब्र, तक़वा और इंसानियत का पाठ पढ़ाता है।

आइए, इस मुक़द्दस महीने का इस्तक़बाल पूरे अदब और तहज़ीब के साथ करें और दुआ करें कि यह रमज़ान हम सबके लिए अमन, सेहत और कामयाबी का सबब बने।


📌 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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Monday, February 16, 2026

इंतिहाई रंजो-अलम की खबर: मासूम कली का कजा-ए-इलाही से इंतेकाल, बिरादरी ग़मगीन

अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को बड़े ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तला दी जाती है कि जनाब हाजी हनीफ साहब (गांव बसी, तहसील खेकड़ा, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश) हाल बाशिंदे स्वरूप नगर, नई दिल्ली — के पोते और जनाब नदीम साहब के साहबज़ादे, तैमूर उम्र तक़रीबन डेढ़ साल, कल बरोज़ पीर बा-तारीख़ 16 फ़रवरी 2026 को एक दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

आज बरोज़ मंगल बा-तारीख़ 17 फ़रवरी 2026 को सुबह 9:00 बजे उस मासूम तैमूर ने कज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल फरमा लिया।

यह खबर पूरे बिरादराने इस्लाम के लिए बेहद अफ़सोसनाक और दिल को झकझोर देने वाली है। इतनी कम उम्र में इस दुनिया से रुख़्सती हर दिल को नम और आंखों को अश्कबार कर गई।

नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन

मय्यत का वक़्त अभी मुक़र्रर नहीं हो सका है। जैसे ही तफ़सीलात हासिल होंगी, खबर अपडेट कर दी जाएगी।

दिल्ली-करनाल बाईपास, दिल्ली स्थित कब्रिस्तान में नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की जाएगी और वहीं सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

अल्लाह तआला मरहूम मासूम को जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए, उसके सदमे में डूबे वालिदैन और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।


मालूमात के लिए राब्ता

मय्यत के सिलसिले में ज्यादा जानकारी के लिए मरहूम के चाचा जनाब मोहम्मद नईम साहब से मोबाइल नंबर 9211770077 पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है।


एक ज़रूरी ऐलान – इंतेकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें

अक्सर देखा गया है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की खबर बिरादरी तक देर से पहुंचती है या अधूरी जानकारी के कारण लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि इंतेकाल की खबर भेजते वक्त इन बातों का खास एहतिमाम करें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ मुकम्मल पता (असली वतन और मौजूदा रिहाइश)।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार शख्स (एक-दो) के मोबाइल नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतकाल हुआ हो तो मरहूम की तस्वीर।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बयान करना मुनासिब समझें)।
7️⃣ बाकी अहल-ए-ख़ाना के नाम – जैसे वालिदैन, भाई, बहन, औलाद वगैरह।

👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही और वक़्त पर पहुंचती है, जिससे बिरादरी को शामिल होने में आसानी रहती है।


📰 डिस्क्लेमर

पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति या विज्ञापन संबंधित लेखक, संवाददाता अथवा विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं। इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक या प्रबंधन की सहमति आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं है।

प्रकाशित सामग्री की सत्यता एवं दावों के लिए संबंधित लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे। पत्रिका एवं प्रबंधन किसी भी प्रकार की कानूनी, सामाजिक अथवा वित्तीय जिम्मेदारी से मुक्त रहेंगे।

किसी भी विवाद या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

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🤲 या अल्लाह, इस मासूम की मग़फ़िरत फरमा, उसे अपनी रहमत के साये में जगह अता कर और उसके ग़मज़दा घर वालों को हिम्मत और सब्र बख़्श दे। आमीन।

रियाज़ साहब का इंतेक़ाल — बिरादरी के लिए गहरा सदमा, दुआओं की दरख़्वास्त,

🕯️ इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन, निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादराने इस्लाम को यह इत्तला दी जाती है कि आज बरोज़ मंगल, 17 फ़रवरी 2026 को रुड़की, ज़िला हरिद्वार (उत्तराखंड) में जनाब हसीनुद्दीन मिर्ज़ा उर्फ़ मंजू भाई के बड़े भाई जनाब रियाज़ साहब वल्द जनाब का सुबह क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

यह खबर पूरे समाज के लिए बेहद अफसोसनाक और दिल को रंज देने वाली है। मरहूम की शख्सियत सादगी, ख़ुलूस और नेक-अख़लाक़ी का आईना थी। अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उन्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मक़ाम अता करे और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील नसीब फ़रमाए। आमीन या रब्बल आलमीन।

🕌 नमाज़-ए-जनाज़ा

नमाज़-ए-जनाज़ा आज असर की नमाज़ के वक़्त अदा की जाएगी। तमाम अहबाब और बिरादरान से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें और मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें।

📍 निवासी: मोहल्ला सत्ती, निकट मस्जिद लोहारान, रुड़की, ज़िला हरिद्वार, उत्तराखंड

📞 मज़ीद मालूमात के लिए:
मुल्तानी समाज के सदर जनाब मोहम्मद मुदस्सिर साहब
मोबाइल: 9917117593


📢 एक ज़रूरी ऐलान – इंतेक़ाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें

अक्सर देखने में आता है कि इंतेक़ाल की खबर अधूरी या देर से पहुंचने की वजह से लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि जब भी किसी के इंतिक़ाल की खबर भेजें, तो इन बातों का खास ख्याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ मुकम्मल पता — पहले और मौजूदा निवास।
3️⃣ दफ़ीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार अफ़राद के संपर्क नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतिक़ाल हुआ हो तो मरहूम की तस्वीर शामिल करें।
6️⃣ इंतिक़ाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ घर के बाकी अहल-ए-ख़ाना के नाम।

👉 मुकम्मल जानकारी से खबर सही और वक़्त पर बिरादरी तक पहुंच सकेगी।


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प्रकाशित सामग्री की सत्यता अथवा दावों के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे।
किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


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“मुल्तानी समाज”

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🌙📚 रमज़ान और बोर्ड इम्तिहान: इबादत भी, कामयाबी भी

रमज़ान की बरकतें और बोर्ड इम्तिहान की अहमियत — इस बार दोनों साथ-साथ दस्तक दे रहे हैं। एक तरफ़ रोज़े, तरावीह और इबादत का महीना; दूसरी तरफ़ मेहनत, एकाग्रता और भविष्य तय करने वाले इम्तिहान। ऐसे में ज़रूरी है कि हमारे मुमतहन (परीक्षार्थी) समझदारी, एहतियात और बेहतर प्लानिंग के साथ आगे बढ़ें।

यह दौर सिर्फ़ इम्तिहान का नहीं, बल्कि सब्र, तवक्कुल और तवाज़ुन (संतुलन) का भी है।


🌅 सेहरी और सुबह की तैयारी: लापरवाही नहीं, एहतियात ज़रूरी

  • जिन बच्चों का पेपर सुबह की शिफ्ट में हो, वो सेहरी के बाद लेटने की कोशिश न करें। लेटकर पढ़ना भी ख़तरे से खाली नहीं — झपकी लग सकती है और पेपर छूटने तक की नौबत आ सकती है।
  • वालिदैन भी तब तक आराम न करें जब तक बच्चे इम्तिहान के लिए रवाना न हो जाएँ। यह छोटी सी निगरानी बड़े नुक़सान से बचा सकती है।
  • अपना मोबाइल साइलेंट न रखें, ताकि किसी ज़रूरी सूचना या साथी छात्रों से राब्ता आसानी से हो सके।

☕ सेहत का ख्याल: रोज़ा भी मुकम्मल, पेपर भी बेहतर

  • जो बच्चे चाय पीने के आदी हैं, वो सेहरी में चाय ज़रूर लें। अचानक परहेज़ से सरदर्द या सुस्ती हो सकती है, जिसका असर सीधे इम्तिहान पर पड़ेगा।
  • जो किसी भी तरह की दवा ले रहे हों, वह सेहरी में दवा लेना न भूलें। अगर किसी दवा से नींद आने की शिकायत हो, तो डॉक्टर से मशविरा कर उसके मुतबादिल (सब्सटिट्यूट) का इंतज़ाम पहले से कर लें।
  • सेहरी और इफ़्तार में हल्का और पौष्टिक खाना लें। फल, दूध, अंडा, बादाम और मुरब्बा शामिल करें।
  • बाज़ार के शरबत और ठंडे जूस से परहेज़ करें। अगर जूस लें तो घर का बना हुआ और सामान्य तापमान का हो।
  • ऐसी चीज़ें बिल्कुल न खाएँ जिनसे पेट या गले की तकलीफ़ का अंदेशा हो।

📝 पेपर के बाद का रवैया: सुकून रखिए, आगे बढ़िए

  • एग्ज़ाम से लौटकर सवालों को टैली करने का कोई फायदा नहीं। “कितना सही, कितना ग़लत” — यह सोच सिर्फ़ टेंशन बढ़ाती है।
  • जो पेपर हो चुका, उस पर डिस्कशन न करें। हाँ, अगले पेपर की तैयारी पर बातचीत ज़रूर करें।
  • घर लौटते ही किताबों पर न बैठ जाएँ। कुछ देर आराम करें, थोड़ी नींद लें, फिर तरोताज़ा होकर तैयारी शुरू करें।

🌤️ मौसम और एहतियात

रमज़ान का मतलब सिर्फ़ गर्मी नहीं। सुबह की ठंड अब भी बाकी है। घर में और इम्तिहान सेंटर जाते वक्त ठंड से बचाव ज़रूरी है।

ख़ास तौर से नौजवान लड़के — गिरेबान खोलकर और बाइक को “हवाई जहाज़” बनाकर सेंटर पहुँचने का जोश थोड़ा कम रखें। सेहत सलामत रहेगी तो इम्तिहान भी बेहतर होगा।


🌙 रातों का निज़ाम और पढ़ाई का रूटीन

  • रमज़ान में देर रात तक जागने की आदत से बचें, खासकर इम्तिहान के दिनों में।
  • जिस दिन पेपर न भी हो, उस दिन भी सेहरी के बाद सोने के बजाय पढ़ाई का रूटीन बनाएं। सुबह का वक़्त याददाश्त के लिए सबसे मुफीद होता है।

👨‍👩‍👧‍👦 वालिदैन की ज़िम्मेदारी

बच्चों के साथ-साथ पैरेंट्स भी अपनी ज़िम्मेदारी समझें। घर का माहौल इम्तिहान की तैयारी के अनुकूल हो।
रमज़ान की रौनक़ अपनी जगह, मगर पूरा ध्यान पकौड़ी और कचौरी पर ही रहे — यह अंदाज़ बच्चों की मेहनत पर भारी पड़ सकता है।


✨ दुआ और हौसला

रमज़ान सब्र और बरकत का महीना है। इम्तिहान मेहनत और कामयाबी का रास्ता। जब दोनों एक साथ हों तो यह यक़ीन रखिए कि अल्लाह तआला की रहमत भी साथ होती है।

मेहनत कीजिए, एहतियात बरतिए, और बेफ़िक्र होकर आगे बढ़िए।
अल्लाह तआला तमाम बच्चों को कामयाबी, सेहत और रोशन मुस्तक़बिल अता फ़रमाए। आमीन।


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Sunday, February 15, 2026

🕯️ इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊनपूर्वी महावीर, मेरठ से एक अफ़सोसनाक ख़बर – नौजवान का इंतक़ाल

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराने इस्लाम को यह इत्तिला दी जाती है कि बरोज़ इतवार, 15 फ़रवरी 2026 की शाम तक़रीबन 6 बजे के आसपास के इलाक़ा पूर्वी महावीर के रहने वाले जनाब मोहम्मद जाहिद साहब वल्द जनाब खलीक साहब के साहबज़ादे, जनाब मोहम्मद जाहिद साहब का कज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया।

यह दर्दनाक ख़बर हमें सोशल मीडिया के ज़रिये हासिल हुई। खबर के मुताबिक़ मरहूम की मय्यत को आज बरोज़ पीर, 16 फ़रवरी 2026 को सुबह 11 बजे सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाना बताया गया है, लिहाज़ा आप हजरात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।

इस दुखद मौके पर पूरा मुल्तानी समाज ग़मज़दा है। एक नौजवान का यूँ अचानक रुख़्सत हो जाना न सिर्फ़ अहल-ए-ख़ाना बल्कि पूरी बिरादरी के लिए सदमे से कम नहीं। अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को रौशन करे और तमाम लवाहितीन को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।


📢 बिरादरी से गुज़ारिश

जो भी हज़रत मरहूम के बारे में मुकम्मल और सही जानकारी रखते हों—ख़ास तौर पर दफीने के वक़्त और कब्रिस्तान के नाम के संबंध में—वो बराए करम “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के दिये गये नंबर या ईमेल के ज़रिये इत्तिला दें, ताकि सही और तस्दीक़शुदा जानकारी बिरादरी तक पहुंचाई जा सके।


📌 एक ज़रूरी ऐलान

इंतेकाल की खबर भेजने के लिए अहम हिदायतें

अक्सर देखा गया है कि किसी अज़ीज़ के इंतक़ाल की खबर देर से या अधूरी जानकारी के साथ पहुंचती है, जिसकी वजह से कई लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से अदबाना गुज़ारिश करती है कि इंतेकाल की खबर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास एहतिमाम करें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ मुकम्मल पता – पहले कहाँ के रहने वाले थे और फिलहाल कहाँ रह रहे थे।
3️⃣ दफीने का सही वक़्त और कब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार अफ़राद (कम से कम एक-दो) के फ़ोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतक़ाल हुआ है तो मरहूम का फोटो।
6️⃣ इंतक़ाल की वजह (अगर बयान करना मुनासिब समझें)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम – जैसे वालिदैन, भाई-बहन, औलाद वगैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से खबर मुकम्मल और मुस्तनद बनेगी तथा बिरादरी को सही मालूमात हासिल होंगी।


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किसी भी विवाद की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।


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ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

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🤲 अल्लाह मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए, अपने रहमत का साया अता फ़रमाए। आमीन।

बड़ौत की सरज़मीं पर अदब व एहतराम का नूर: मास्टर यामीन आज़ाद साहब के साहेबजादे का यादगार दावत-ए-वलीमा

बड़ौत (जनपद बागपत): खुशियों, दुआओं और मुहब्बत की रौशनी से जगमगाता एक ऐसा दिन, जिसने बड़ौत की फिज़ा को खास बना दिया। जनपद की प्रतिष्ठित शख्सियत, राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित, समाजसेवा के लिए समर्पित आदरणीय (सलाहकार – MMWS एवं खिदमत सोसाइटी) के सुपुत्र के दावत-ए-वलीमा का आयोजन बड़ौत स्थित में अत्यंत गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ।

यह महज़ एक पारिवारिक समारोह नहीं था, बल्कि बड़ौत की गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।


गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाई रौनक

समारोह में क्षेत्र की राजनीति, शिक्षा और सामाजिक जगत की नामचीन हस्तियों ने शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा में चार चाँद लगा दिए।

मुख्य अतिथियों में सम्मानित , जिला पंचायत अध्यक्ष , वरिष्ठ रालोद नेता , , , एडवोकेट , गायत्री देवी कॉलेज के चेयरमैन , बड़ौत चेयरमैन , वरिष्ठ रालोद नेता एडवोकेट तथा युवा नेता ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई और नव-विवाहित जोड़े को स्नेह व आशीर्वाद प्रदान किया।

मेहमानों की आत्मीय सहभागिता ने आयोजन को यादगार बना दिया।


संस्थाओं का समर्पित सहयोग

समारोह की व्यवस्थाओं और रौनक में (MMWS) का विशेष योगदान रहा।

  • सदर जनाब इंजीनियर उस्मान साहब व उनकी समर्पित टीम
  • तनाज़ा हल कमेटी से हमदम मिर्ज़ा जी
  • खेल कमेटी से सनव्वर साहब
  • लीगल सेल से एडवोकेट आबिद मिर्ज़ा जी
  • मैरिज ब्यूरो सेल के कन्वीनर अब्दुल खालिक
  • एजुकेशन कमेटी के सदर मास्टर खलील अहमद

इन सभी ने अपने-अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाते हुए आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाया।


खिदमत का जज़्बा और मेहमाननवाज़ी की मिसाल

कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और आतिथ्य-सत्कार की जिम्मेदारी के कंधों पर रही। डॉक्टर इरफ़ान मलिक और उनकी टीम ने बारीक से बारीक इंतज़ाम को इतनी खूबसूरती से संभाला कि हर मेहमान ने खुले दिल से प्रशंसा की।

यह आयोजन आपसी भाईचारे, दोस्ती निभाने के जज़्बे और सामाजिक सौहार्द की एक शानदार मिसाल बनकर सामने आया।


दुआओं के साए में नई ज़िंदगी की शुरुआत

मास्टर यामीन आज़ाद साहब और उनके समस्त परिवार को इस नई खुशी पर दिली मुबारकबाद। दुआ है कि नव-विवाहित जोड़े की ज़िंदगी खुशियों, कामयाबी और बरकतों से महकती रहे, और उनका दामन हमेशा सुकून व मोहब्बत से भरा रहे। 🤲🌹


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट

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