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Wednesday, August 26, 2026
सरधना की बदलती तस्वीर के पीछे जुनैद हयात की खामोश मगर असरदार खिदमात
अब्दुल गफ्फार के बड़े बेटे अख्तर का इंतकाल, आज ईशा के बाद अदा होगी नमाज-ए-जनाजा, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन — बड़ौत में गम की लहर
Sunday, August 23, 2026
इन्तक़ाल-ए-पुरमलाल: हाजी हाफिज़ अब्दुल जब्बार काज़ी मुल्तानी का इंतक़ाल
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला तमाम अहले-बिरादरी और अहले-मोहब्बत तक पहुँचाई जाती है कि हाजी हाफिज़ अब्दुल जब्बार साहब काज़ी मुल्तानी का दिनांक 22 अगस्त 2026, शनिवार, ईशा बाद इंतक़ाल हो गया।
मरहूम, हाफिज़ मुश्ताक काज़ी मुल्तानी और हाफिज़ मुख्तार काज़ी मुल्तानी के वालिद-ए-मोहतरम तथा मरहूम हाजी मोहम्मद इस्माइल साहब काज़ी के फ़रज़ंद थे।
मरहूम की तदफ़ीन 23 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 10 बजे की गई।
क़ुरआनख़्वानी व फ़ातेहा-ए-सोयम
मरहूम के ईसाल-ए-सवाब के लिए क़ुरआनख़्वानी व सोयम की फ़ातेहा दिनांक 24 अगस्त 2026, सोमवार, ज़ोहर के बाद, मस्जिद उमर, ग्रीन पार्क कॉलोनी, इंदौर (मध्य प्रदेश) में रखी गई है।
तमाम अहले-बिरादरी से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएँ और ईसाल-ए-सवाब के लिए फ़ातेहा व क़ुरआनख़्वानी में शिरकत करें।
अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताएँ माफ़ फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम अहले-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।
रब्बना इग़फ़िर लहू वरहम्हु, व आफिहि व'अफ़ु अन्हु।
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मुल्तानी समाज — ख़ास रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी राब्ता फरमाएँ।
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“मुल्तानी समाज” — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।
इंतकाल की दो गमगीन खबरें, बिरादरी के दो खानदानों में पसरा मातम, अहलेखाना से इज़हार-ए-ताज़ियत और मरहूमीन के लिए दुआ-ए-मगफिरत की अपील
पहली खबर — गांव मोहाना, जिला सोनीपत
तमाम अहले बिरादरी को निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि रईस अहमद वल्द मरहूम याकूब अली, बावली, जिला बागपत वाले, उम्र तकरीबन 65 साल, हाल मुकाम गांव मोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा का आज रविवार, 23 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6 बजे इस फानी दुनिया से इंतकाल हो गया।
मरहूम के इंतकाल की खबर से अहलेखाना, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। मरहूम अपने पीछे 4 लड़के और 3 लड़कियां छोड़ गए हैं।
मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-असर, गांव मोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा में अदा की जाएगी, इंशाअल्लाह। इसके बाद मरहूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
मैय्यत के सिलसिले में अधिक मालूमात के लिए मोहम्मद राहिल — 9416487304 पर राब्ता किया जा सकता है।
हम दुआगो हैं कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मुकम्मल मगफिरत फरमाए, उनकी तमाम खताओं और लग्ज़िशों को माफ फरमाए, कब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए, कब्र की मंजिल आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए।
अल्लाह तआला तमाम अहलेखाना को यह सदमा बर्दाश्त करने की तौफीक और सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
दूसरी खबर — लुहारी सराय, नगीना, जिला बिजनौर
मरहूमा जनाब नज़ीर अहमद मुल्तानी साहब मेडिकल वाले की अहलिया का इंतकाल
इसी तरह लुहारी सराय, नगीना, जिला बिजनौर से भी एक बेहद अफसोसनाक खबर सामने आई है। तमाम अहले बिरादरी को निहायत ही रंज-ओ-मलाल के साथ इत्तिला दी जाती है कि मरहूम जनाब नज़ीर अहमद मुल्तानी साहब मेडिकल वाले की अहलिया का इंतकाल हो गया है।
मरहूमा, जनाब निसार एडवोकेट साहब, नजीबाबाद की समधन और जनाब शाहिद मुल्तानी साहब, पूर्व बैंक मैनेजर, नजीबाबाद की सास थीं।
मरहूमा के इंतकाल की खबर से अहलेखाना, रिश्तेदारों और उनसे जुड़े तमाम लोगों में गहरे ग़म और सदमे की लहर है। इस दुख की घड़ी में "मुल्तानी समाज" परिवार तमाम अहलेखाना और परिजनों के साथ दिली हमदर्दी और इज़हार-ए-ताज़ियत पेश करता है।
नमाज़-ए-जनाज़ा और तद्फीन के बारे में जानकारी उपलब्ध होने पर अहले बिरादरी को उससे अवगत कराया जाएगा।
अल्लाह तआला मरहूमा की मगफिरत-ए-कामिला फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, कब्र की तमाम मंजिलें आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए।
परवरदिगार-ए-आलम तमाम अहलेखाना को इस सदमे पर सब्र-ए-जमील, हौसला और बर्दाश्त अता फरमाए तथा मरहूमा की नेकियों को उनके लिए सदका-ए-जारीया बनाए।
आमीन सुम्मा आमीन।
दुआ-ए-मगफिरत
ऐ अल्लाह! हमारे इन मरहूमीन पर अपनी खास रहमत नाज़िल फरमा, उनकी मगफिरत फरमा, उनकी कब्रों को रोशन और कुशादा फरमा, उन्हें कब्र के अज़ाब से महफूज़ फरमा और जन्नतुल फिरदौस में अपने नेक बंदों के साथ जगह अता फरमा। उनके अहलेखाना को सब्र और सुकून अता फरमा।
या अल्लाह! उनकी तमाम खामियों को दरगुज़र फरमा और उनकी नेकियों को अपनी बारगाह में कुबूल फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।
मुल्तानी समाज — प्रधान संपादक की खास रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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Friday, August 21, 2026
इन्तक़ाल पुर-मलाल — मोहम्मद रफ़ीक़ के इंतक़ाल पर बिरादराने-मुल्तानी में ग़म की लहर
भीलवाड़ा। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह इत्तिला बिरादराने-मुल्तानी हज़रात तक पहुँचाई जाती है कि अब्दुल अज़ीज़ ठेकेदार कोटरी वाले के फ़र्ज़न्द मोहम्मद रफ़ीक़, निवासी गुलज़ार नगर, गली नंबर-1, भीलवाड़ा, का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया है।
मरहूम के इंतक़ाल की ख़बर से उनके अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों, अहबाब और बिरादराने-मुल्तानी में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। मरहूम के इंतक़ाल से परिवार ने अपना एक अज़ीज़ फ़र्द खो दिया है, जिसकी कमी हमेशा महसूस की जाती रहेगी।
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعونَ
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
तमाम बिरादराने-मुल्तानी और अहबाब से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके अहल-ए-ख़ाना को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता होने की दुआ करें।
🤲 दुआ-ए-मग़फ़िरत
ऐ अल्लाह! मरहूम मोहम्मद रफ़ीक़ की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी ख़ताओं और गुनाहों को माफ़ फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, क़ब्र की तमाम मुश्किलात आसान फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।
या रब्बुल आलमीन! मरहूम के तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्तों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा तथा इस सदमे को उनके लिए आसान फ़रमा।
आमीन या रब्बुल आलमीन। 🤲
क़ब्र में मिट्टी देने की दुआ
पहली मर्तबा:
मिन्हा ख़लक़नाकुम।
दूसरी मर्तबा:
व फ़ीहा नुईदुकुम।
तीसरी मर्तबा:
व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा।
अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।
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पठानकोट, बड़ौत में दिलशाद की अहलिया के इंतकाल की पुरदर्द इत्तिला, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
बड़ौत | 21 अगस्त 2026
निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला बिरादरान-ए-मिल्लत और तमाम अहबाब तक पहुंचाई जाती है कि दिलशाद साहब, वल्द मकसूद साहब, (गाँव पेलखा जिला शामली, उत्तर प्रदेश वाले ) की अहलिया इशरत जहां हाल मुकाम मोहल्ला पठानकोट, क़स्बा बड़ौत जिला बागपत, उत्तर प्रदेश, उम्र तकरीबन 45 साल, कल दिन जुमा बा - तारीख़ 21 अगस्त 2026 को असर की नमाज़ के बाद इस दार-ए-फ़ानी से रुख़्सत फ़रमा हो गई।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूमा इशरत जहां के इंतकाल की खबर से अहल-ए-ख़ाना, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है। मरहूमा के चले जाने से उनके अहल-ए-ख़ाना और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को जो सदमा पहुंचा है, उसे अल्फ़ाज़ में बयान करना मुश्किल है।
नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन
मिली हुई इत्तिला के मुताबिक मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं तदफ़ीन कल ( आज ) दिन शनिचर बा - तारीख 22 अगस्त 2026 को सुबह 8:00 बजे
गोरे गरीबां कब्रिस्तान, हीरोज़ कॉलेज के सामने, बड़ौत में की जाएगी।
तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और अहल-ए-ख़ाना के ग़म में शरीक हों।
दुआ-ए-मग़फिरत
या अल्लाह! मरहूमा इशरत जहां की मुकम्मल मग़फिरत फ़रमा।
उनकी तमाम ख़ताओं और गुनाहों को माफ़ फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, क़ब्र को कुशादा और आरामगाह बना। उन्हें सवाल-ए-क़ब्र में आसानी अता फ़रमा और जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा।
या रब्बुल आलमीन! मरहूमा को अपने ख़ास फ़ज़्ल-ओ-करम के साये में जगह अता फ़रमा और उनके नेक आमाल को उनके लिए सदक़ा-ए-जारीया बना।
अल्लाह तआला तमाम अहल-ए-ख़ाना को इस सख़्त सदमे पर सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस मुसीबत का अजर-ए-अज़ीम नसीब फ़रमाए। मरहूमा का मायका रुड़की जिला हरिद्वार, उत्तराखंड का बताया जाता है।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
राब्ता:
भाई यूनुस बड़ौत
📞 +91 9389673274
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