शामली (उत्तर प्रदेश) | मुल्तानी समाज | उत्तर प्रदेश डेस्क
निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात की ख़िदमत में यह दर्दनाक इत्तिला पेश की जाती है कि (गांव भैंसवाल वाले) हाल निवासी माजरा रोड, शामली (उत्तर प्रदेश) के जनाब अमीर अहमद उर्फ़ मीर साहब वल्द जनाब नसीबी साहब (मरहूम) का आज पीजीआई हॉस्पिटल, चंडीगढ़ में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया। मरहूम की उम्र तक़रीबन 50 वर्ष थी।
मरहूम के इंतिकाल की ख़बर सुनते ही अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों और पूरी मुल्तानी बिरादरी में गहरे रंज-ओ-मलाल की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है और हर ज़ुबान से मरहूम की मग़फ़िरत और बुलंदी-ए-दराजात की दुआएँ निकल रही हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम सात भाइयों और दो बहनों के बड़े परिवार से ताल्लुक़ रखते थे। उनकी खुशमिज़ाजी, मिलनसार मिज़ाज और बिरादरी से मोहब्बत को हमेशा याद रखा जाएगा।
ख़बर लिखे जाने तक मरहूम की मैय्यत को पीजीआई हॉस्पिटल, चंडीगढ़ से शामली लाने की तैयारियाँ जारी थीं। जानकारी के अनुसार मैय्यत को मोहल्ला गुलशन नगर, शामली में उनके बड़े भाई जनाब मिस्त्री सगीर अहमद साहब के मकान पर लाया जाएगा।
इसके बाद नमाज़-ए-ईशा के बाद मरहूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के हक़ में दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।
🤲 दुआ-ए-मग़फ़िरत
ऐ अल्लाह! मरहूम जनाब अमीर अहमद उर्फ़ मीर साहब की तमाम ख़ताओं को अपनी रहमत से माफ़ फ़रमा। उनकी मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, हश्र के दिन उन्हें अपने नेक बंदों के साथ उठाना और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा। उनके तमाम लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील, हिम्मत और इस्तिक़ामत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।
"إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ"
"बेशक हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ़ लौटकर जाने वाले हैं।"
"मुल्तानी समाज" की जानिब से ताज़ियत
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" की पूरी टीम मरहूम के इंतिकाल पर गहरे दुख और अफ़सोस का इज़हार करती है तथा अहल-ए-ख़ाना से दिली ताज़ियत पेश करती है।
अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।
रिपोर्ट:
प्रधान संपादक – ज़मीर आलम
उत्तर प्रदेश डेस्क | "मुल्तानी समाज"
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