Monday, April 20, 2026

🌟 “रिश्तों की रौनक, तहज़ीब की चमक: मेरठ कैंट में मोहम्मद अमान के वलीमे की यादगार शाम”

मेरठ। खुशियों, दुआओं और आपसी मोहब्बत से सजी एक खुशनुमा शाम 20 अप्रैल 2026 को उस वक्त यादगार बन गई, जब मेरठ कैंट स्थित कैसल व्यू, गेट नंबर 2 पर जनाब मोहम्मद अमान (फ़र्ज़ंद जनाब खालिक अहमद उर्फ पप्पी साहब, मेरठ) का वलीमा बड़े ही शानदार और पुरवक़ार अंदाज़ में आयोजित किया गया। यह आयोजन सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूती, तहज़ीब की झलक और सामाजिक एकजुटता का खूबसूरत संगम बनकर सामने आया।

इससे पूर्व बारात मुज़फ्फरनगर (रुड़की रोड) में जनाब मोहम्मद सलीम साहब के यहां पहुंची, जहां उनकी साहबज़ादी साबिया नूर के साथ निकाह की रस्म सादगी और रूहानियत के माहौल में अदा की गई। निकाह के बाद आयोजित वलीमा समारोह में दोनों परिवारों की खुशियां और अपनाइयत साफ तौर पर झलक रही थी।

महफ़िल में दूल्हे के वालिद जनाब खालिक अहमद साहब और दुल्हन के वालिद जनाब मोहम्मद सलीम साहब की मौजूदगी ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। मेहमानों की आवभगत और इंतज़ामात में जो सलीका और अनुशासन देखने को मिला, वह हर किसी के लिए मिसाल बन गया।

इस शानदार आयोजन में देश-विदेश से आई अज़ीम और मुअज्ज़ज़ शख्सियतों ने शिरकत कर इसे और भी खास बना दिया। दूल्हे के ताया-ज़ाद भाई इंजीनियर रिज़वान रफ़ीक साहब अपनी अहलिया के साथ यूके से तशरीफ लाए, जिनकी मौजूदगी ने परिवार की खुशियों में चार चांद लगा दिए। वहीं उनकी बहन नाहिदा अनवर साहिबा (मुज़फ्फरनगर, क़य्यूम साहब के ख़ानदान में रिश्ता) की शिरकत भी काबिले-तारीफ़ रही।


दिल्ली से मरहूम फारूक साहब (पूर्व वाइस चेयरमैन, MSCT दिल्ली) के अहल-ए-ख़ानदान—उनके बेहनोई, अहलिया, छोटे भाई और बहन—भी इस खुशी में शामिल हुए। मरहूम फारूक साहब की यादें महफ़िल में बार-बार ताज़ा होती रहीं और उनके तीनों बेटों की मौजूदगी ने इस रिश्ते की गहराई को और मजबूत किया।

इस अवसर पर जनाब मोहम्मद आलम साहब, एक्स चेयरमैन “मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट” (रजिस्टर्ड ऑल इंडिया) की गरिमामयी शिरकत ने कार्यक्रम को एक अलग ही वक़ार और सम्मान प्रदान किया। उनकी सामाजिक सेवाओं और अनुभवों का ज़िक्र महफ़िल में बड़े एहतराम के साथ किया गया।

इसके अलावा MSCT पंजाब के वाइस चेयरमैन इकरा सुल्तान साहब अपनी साहबज़ादियों के साथ उपस्थित रहे। दिल्ली हाई कोर्ट की एडवोकेट रबीया फारूक साहिबा, खतौली से एडवोकेट आबिद अली साहब, सरधना से इस्माइल साहब, फलौदा व खतौली से कई प्रतिष्ठित अधिवक्ता, इंजीनियर और बिरादरी के गणमान्य लोग इस आयोजन में शरीक हुए।

पूरे कार्यक्रम में जिस तरह मेहमाननवाज़ी, भाईचारे और तहज़ीब का शानदार प्रदर्शन हुआ, उसने इस वलीमे को एक यादगार मिसाल बना दिया। हर तरफ दुआओं और मुबारकबादों का सिलसिला जारी रहा।

अंत में सभी ने मिलकर यही दुआ की कि अल्लाह तआला नवविवाहित जोड़े को खुशहाल, कामयाब और बरकतों भरी ज़िंदगी अता फरमाए, उनके रिश्ते में मोहब्बत और सुकून कायम रखे। आमीन।




✍️ ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, प्रधान संपादक (मेरठ, उत्तर प्रदेश )
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🕊️ “चार महीने की खुशियाँ… और फिर बिछड़ने का दर्द”नकुड़ (सहारनपुर) से एक दिल दहला देने वाली इंतकाल की खबर

सहारनपुर जनपद के क़स्बा नकुड़ से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में गम का माहौल पैदा कर दिया है। जिंदगी की हकीकत एक बार फिर सबके सामने आई—जहां खुशियाँ अभी दस्तक ही दे रही थीं, वहीं अचानक मातम ने घर कर लिया।

मिली जानकारी के अनुसार, क़स्बा नकुड़ निवासी जनाब मरहूम अख्तर साहब के बेटे की अहलिया, जो कि देवबंद (जिला सहारनपुर) के हाफिज अतीक साहब की साहबजादी थीं, उनका 20 अप्रैल 2026, दिन सोमवार की रात चंडीगढ़ में इलाज के दौरान इंतकाल हो गया। यह खबर जैसे ही इलाके में फैली, हर दिल ग़मगीन हो उठा।

सबसे ज्यादा दर्दनाक पहलू यह है कि इस नवविवाहिता की शादी को अभी महज़ 4 महीने और 10 दिन ही गुजरे थे। जिस घर में अभी नई-नई खुशियों की शुरुआत हुई थी, वहां इतनी जल्दी मातम छा जाना हर किसी को अंदर तक तोड़ देने वाला है। यह घटना हमें एक बार फिर यह याद दिलाती है कि इंसानी जिंदगी कितनी नाज़ुक और अनिश्चित है—कब, किस मोड़ पर, क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।

परिजनों और आसपास के लोगों के लिए यह सदमा बेहद गहरा है। हर आंख नम है और हर दिल दुआगो। ऐसे वक्त में हर कोई यही कह रहा है—
“अल्लाह की जैसी मर्जी, वही हकीकत है… और आखिरकार हर एक को उसी की तरफ लौटकर जाना है।”

अल्लाह रब्बुल करीम से दुआ है कि मरहूमा की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे और घरवालों को सब्र-ए-जमील नसीब फरमाए। आमीन।

🕌 जनाजे की नमाज आज, 21 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को अदा की जाएगी। तमाम अहबाब से गुजारिश है कि जनाजे में शिरकत कर मरहूमा के लिए दुआएं करें और सवाबे दारेन हासिल करें।


✍️ रिपोर्ट: अब्दुल खालिक साहब (सहारनपुर)
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यह खबर केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक गहरी सीख भी है—ज़िंदगी की कद्र करें, अपनों के साथ हर लम्हा मोहब्बत से जिएं… क्योंकि वक्त का कोई भरोसा नहीं।

🕊️ गांव निंबरी में पसरा मातम: नेकदिल इंसान मोहम्मद नवाब का इंतकाल, पूरे इलाके में शोक की लहर

हरियाणा के जिला पानीपत के गांव निंबरी से एक बेहद दर्दनाक और ग़मगीन खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ गांव बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। बीते एक वर्ष के भीतर यह तीसरा बड़ा इंतकाल है, जिससे खास तौर पर नूरवाला खानदान में ग़म और मायूसी का माहौल गहरा गया है।

🧕🏻 मरहूम का परिचय और इंतकाल की खबर

मरहूम मोहम्मद नवाब साहब, मरहूम चौधरी मीर हसन मीरा नूरवाला के तीसरे बेटे और अब्दुल सत्तार साहब के चौथे भाई थे। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे मोहम्मद नवाब साहब ने आखिरकार 20 अप्रैल 2026 दिन पीर को दोपहर करीब 1:30 बजे इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया।

उनके इंतकाल की खबर जैसे ही गांव और रिश्तेदारों तक पहुंची, हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। घर पर लोगों का तांता लग गया और हर आंख नम दिखाई दी।

🤲🏻 शख्सियत: सादगी, नेकी और इंसानियत की मिसाल

मोहम्मद नवाब साहब एक बेहद शरीफ, नेकदिल और मिलनसार इंसान थे। गांव में उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में थी जो हमेशा दूसरों के काम आता था, रिश्तों को निभाना जानता था और इंसानियत को सबसे ऊपर रखता था।
उनकी सादगी और अच्छे व्यवहार की वजह से हर उम्र के लोग उनका सम्मान करते थे।

👨‍👩‍👧‍👦 परिवार और रिश्तेदारी

मरहूम अपने पीछे एक बड़ा और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में:

  • पत्नी
  • दो बेटियां
  • एक बेटा
  • पोते-पोतियां
  • नवासे-नवासियां
  • भाई-बहन और पूरा खानदान

उनकी शादी चौधरी जिजू दीन साहब की भांजी से, गांव कनिपला (जिला कुरुक्षेत्र) में हुई थी।

उनके बच्चों की शादियां भी अच्छे परिवारों में हुईं:

  • बड़ी बेटी की शादी गांव रक्सेड़ा (जिला पानीपत) में चौधरी साहिदू के पोते के साथ हुई।
  • दूसरी बेटी की शादी गढ़ी बिरबल (वर्तमान यमुनानगर) में चौधरी जमी़ल के पोते के साथ हुई।
  • बेटे की शादी गांव जांबा (जिला करनाल) में हुई है।

🕌 जनाज़ा और सुपुर्द-ए-खाक

मरहूम मोहम्मद नवाब साहब की मय्यत को आज 20 अप्रैल 2026 बरोज पीर को नमाज़-ए-इशा के बाद
गांव निंबरी, सनौली रोड, जिला पानीपत (हरियाणा) में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

📞 जानकारी के लिए संपर्क

मय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए आप निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

  • अब्दुल सत्तार साहब: 9896736786
  • मोहम्मद कासिम साहब: 9050417243
  • मोहम्मद इमरान साहब: 9896190786

🤲🏻 दुआ और तसल्ली

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूम मोहम्मद नवाब साहब को जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके तमाम अहल-ए-खाना को इस ग़म को सहने की हिम्मत दे।
आमीन 🤲🏻


📰 विशेष रिपोर्ट

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"मुल्तानी समाज"

👉 प्रधान संपादक: ज़मीर आलम
📍 गांव निंबरी, जिला पानीपत (हरियाणा) से खास रिपोर्ट

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यह खबर सिर्फ एक इंतकाल की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान के जाने की है जिसने अपने व्यवहार और अच्छाई से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। उनका जाना निंबरी गांव के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

Sunday, April 19, 2026

✨ “मज़बूत बिरादरी, मज़बूत कल” – खतौली में रणनीतिक बैठक, बड़े कार्यक्रम की तैयारी तेज़

खतौली (जिला मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) से एक सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है, जहां बिरादरी की एकता और विकास को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भाई जमीरुद्दीन जी के आवास पर संपन्न हुई, जिसमें बिरादरी मज़बूत मिशन को आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक की शुरुआत “माशाअल्लाह हम मज़बूत थे, मज़बूत हैं और मज़बूत ही रहेंगे” जैसे आत्मविश्वास से भरे जज़्बे के साथ हुई। उपस्थित सदस्यों ने बिरादरी की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक प्रगति को लेकर अपने-अपने सुझाव साझा किए। खास तौर पर युवाओं को जोड़ने, संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने और आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर यह भी तय किया गया कि बिरादरी के बार-बार अनुरोध को ध्यान में रखते हुए बहुत जल्द एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्यक्रम बिरादरी के एकजुट स्वरूप को और सशक्त करेगा तथा आने वाले समय के लिए नई दिशा तय करेगा। इंशाल्लाह, यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनेगी।

बैठक में मौजूद लोगों ने एकमत होकर इस बात पर सहमति जताई कि संगठन की ताकत उसकी एकता और निरंतर प्रयास में निहित है। इसलिए हर सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने स्तर पर योगदान देकर इस मिशन को सफल बनाए।


✍️ ख़ास रिपोर्ट:
यह रिपोर्ट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार/बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए खतौली (जिला मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा प्रस्तुत की गई है।

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“एकता में ताकत है, और ताकत से ही तरक्की का रास्ता निकलता है।”

🕊️ ग़मगीन ख़बर: शामली के मोहम्मद मेहराज का इंतकाल, इलाके में शोक की लहर

वेशामली (उत्तर प्रदेश) से एक बेहद दुखद समाचार सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को ग़मगीन कर दिया है। मोहल्ला हाजीपुरा, नाला पटरी निवासी मोहम्मद मेहराज वल्द जनाब मोहम्मद शरीफ़ (उम्र लगभग 40 वर्ष) का आज दिन इतवार, 19 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 7 बजे कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूम मोहम्मद मेहराज अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसार स्वभाव और सामाजिक व्यवहार के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक इस दुनिया से रुख़सत हो जाने से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा मोहल्ला और जानने वालों में गहरा शोक व्याप्त है। वह अपने पीछे 4 भाई, एक बहन, अपनी वालिदा, अपनी अहलिया (पत्नी) और 2 बेटियां व 1 बेटा समेत एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो इस कठिन घड़ी में ग़म और सदमे से गुजर रहा है।

परिवार और रिश्तेदारों के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। हर आंख नम है और हर ज़ुबान पर बस यही दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे। साथ ही, उनके तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

मय्यत को आज बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, रिश्तेदारों और इलाके के लोगों से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

📞 अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
आमिर मिर्ज़ा साहब – 9720975114


✍️ ख़ास रिपोर्ट:
यह रिपोर्ट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार/बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा तैयार की गई है।

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अल्लाह मरहूम को जन्नत नसीब फरमाए। आमीन।

Thursday, April 16, 2026

🕊️ खतौली-बागपत से दिल्ली तक शोक की लहर: बाबू साहब का इंतकाल, बिरादरी में गम का माहौल

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि जनाब बाबू साहब वल्द जनाब हाफिजुद्दीन साहब (मूल निवासी: गांव टयोढी, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश) का आज दिन जुमेरात, 16 अप्रैल 2026 को शाम तकरीबन साढ़े 4 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। उनकी उम्र लगभग 72 वर्ष थी और वह हाल बाशिंदा मकान नंबर D-1, नेहरू विहार, मुस्तफाबाद, दिल्ली-110094 थे।

मरहूम के इंतकाल की खबर सुनते ही पूरे इलाके और बिरादरी में गहरा शोक व्याप्त हो गया। बाबू साहब अपनी नेकदिली, सादगी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उनके जाने से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे समाज में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है।

मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया समेत चार बेटों —
मोहम्मद हारून, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद इमरान और मोहम्मद रिजवान — के अलावा तमाम रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को गमगीन छोड़ गए हैं। परिवार पर इस समय ग़म का पहाड़ टूटा हुआ है।

अल्लाह तआला से दुआ है कि वह मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रोशन करे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। साथ ही घरवालों को इस बड़े सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।

📍 जनाज़े की जानकारी:
मरहूम को आज रात तकरीबन 10 बजे मुस्तफाबाद, दिल्ली स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

📞 अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
मोहम्मद इरशाद (वल्द जनाब मैनुद्दीन साहब)
📱 9818287516, 8178767976


📰 मुल्तानी समाज की खास रिपोर्ट

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👉 “मुल्तानी समाज”
के लिए प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा मुस्तफाबाद, दिल्ली से पेश की गई है।


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🕊️ बड़ौत में शोक की लहर: मिस्त्री अहमद हसन का इंतकाल, परिवार पर टूटा ग़म का पहाड़

निहायत ही अफसोस और रंज-ओ-ग़म के साथ यह दुखद समाचार सामने आया है कि मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी के सम्मानित सदस्य, कस्बा बड़ौत (जिला बागपत) के पट्टी चौधरान, डालचंद इंटर कॉलेज के पास रहने वाले मिस्त्री अहमद हसन (उम्र लगभग 68 वर्ष) का आज दिन जुमेरात, 16 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 9 बजे इंतकाल हो गया।

मरहूम अहमद हसन साहब एक मेहनती, नेकदिल और अपने परिवार के मजबूत सहारे के रूप में जाने जाते थे। उनका जाना न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरी बिरादरी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

💔 पहले बेटे का ग़म, अब खुद का बिछड़ना

यह दुःख और भी गहरा इसलिए हो जाता है क्योंकि लगभग दो वर्ष पहले ही उनके जवान बेटे का भी इंतकाल हो चुका था। उस हादसे के बाद से ही परिवार एक बड़े सदमे से गुजर रहा था, और अब अहमद हसन साहब का यूँ अचानक दुनिया से चले जाना परिवार के लिए बेहद भारी आघात बन गया है।

उनके छोटे-छोटे पोता-पोतियों का सहारा अब छिन गया है, जिससे पूरे परिवार में गहरा मातम छाया हुआ है।

🤲 अल्लाह की मर्ज़ी के आगे सब बेबस

हर चीज़ अल्लाह की मर्ज़ी से होती है, और उसी की तरफ सबको लौटना है।
इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन।

हम दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला मरहूम अहमद हसन साहब की मग़फिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे और उनके परिवार को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन, सुम्मा आमीन।

🕯️ सुपुर्द-ए-खाक का वक्त

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरहूम को आज शाम 4 बजे, छपरोली चुंगी चौराहे के पास स्थित कब्रिस्तान (बड़ौत) में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

📞 संपर्क सूत्र

अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों से संपर्क किया जा सकता है:

  • हाजी इलियास साहब (कारखाने वाले, बड़ौत) – 9411904310
  • फिरोज इलियास (मलकपुर, बड़ौत) – 9045380036
  • फरीद इलियास (मलकपुर, बड़ौत) – 9634335217
  • खुरशैद (फावड़े वाले, किशनपुर बिराल) – 9917553856

📰 मुल्तानी समाज – आपकी आवाज़, आपकी पहचान

यह खबर "मुल्तानी समाज" (राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल) के लिए बड़ौत, जिला बागपत से पत्रकार अलीहसन मुल्तानी द्वारा भेजी गई है।

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यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक परिवार के टूटे सहारे और एक समाज के साझा दुख की कहानी है… 🕊️