Tuesday, June 2, 2026

मुल्तानी समाज की एकता और तरक्की की राह में अहम कदम, एमएमडब्ल्यूएस और मुल्तानी समाज सेवी संगठन के बीच हुआ विचार-विमर्श

बिरादरी के मसलों पर सकारात्मक चर्चा, सामाजिक एकता और विकास पर दिया गया विशेष बल

खतौली, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। समाज की तरक्की और बिरादरी की बेहतरी के लिए आपसी संवाद और मशवरे की परंपरा हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। इसी क्रम में एमएमडब्ल्यूएस (MMWS) के सम्मानित जिम्मेदार हाजी जाहिद साहब मुजफ्फरनगर से मुल्तानी समाज सेवी संगठन के पदाधिकारियों से मुलाकात करने के लिए तशरीफ लाए।

इस अवसर पर बिरादरी से जुड़े विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक का माहौल बेहद सकारात्मक और भाईचारे से भरपूर रहा, जहां समाज की एकता, जागरूकता और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य को लेकर गंभीर चर्चा हुई।

मुल्तानी समाज सेवी संगठन के जिम्मेदारों से मुलाकात के बाद हाजी जाहिद साहब ने अपनी खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि समाज के हित में कार्य कर रहे लोगों का एक मंच पर आना और आपसी सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने संगठन की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की मजबूती के लिए ऐसे प्रयास समय की आवश्यकता हैं।

बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम राय साहब, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सचिव मिर्जा नौशाद साहब, कोषाध्यक्ष अफजाल मिर्जा कुशवली वाले, संचालक प्रभारी शाहनवाज मिर्जा सरधने वाले, कय्यूम साहब (दिल्ली नांगलोई) सहित अन्य सम्मानित सदस्य शामिल रहे।

सभी उपस्थित जिम्मेदारों ने समाज की तरक्की के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। बैठक के दौरान "सबका साथ, सबका विकास" की भावना को आगे बढ़ाने और बिरादरी के युवाओं को शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक जागरूकता से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि इस प्रकार की मुलाकातें और संवाद न केवल आपसी रिश्तों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में भी ऐसे सकारात्मक प्रयास समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए खतौली, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

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Monday, June 1, 2026

स्वरूप नगर, दिल्ली से दुखद खबर: नफीसा बी का इंतेकाल, आज सुपुर्द-ए-ख़ाक

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

स्वरूप नगर, दिल्ली से आई एक बेहद गमगीन खबर — नफीसा बी का इंतेकाल, आज बाद नमाज़ ज़ोहर होगा सुपुर्द-ए-ख़ाक

निहायत ही रंजो-ग़म और अफसोस के साथ यह दुखद समाचार प्राप्त हुआ है कि मरहूम इदरीस साहब (मूल निवासी ग्राम बिजरोल, जनपद बागपत, उत्तर प्रदेश) की अहलिया मरहूमा नफीसा बी का आज दिन मंगलवार, 02 जून 2026 को तकरीबन 75 वर्ष की उम्र में कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूमा पिछले कई वर्षों से अपने परिवार के साथ स्वरूप नगर, दिल्ली में रह रही थीं। उनके इंतेकाल की खबर सुनकर रिश्तेदारों, परिचितों तथा बिरादरी के लोगों में गहरा दुख और शोक व्याप्त है। एक नेक, शरीफ और खुशअख़लाक़ महिला के रूप में उन्हें याद किया जा रहा है। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

इस दुख की घड़ी में मुल्तानी समाज परिवार मरहूमा के तमाम अहलो-अयाल, रिश्तेदारों और चाहने वालों के साथ अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता है। अल्लाह तआला मरहूमा की तमाम खताओं को माफ फरमाए, उनकी मगफिरत फरमाए, कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए। आमीन।

जनाज़ा और तदफीन

मिली जानकारी के अनुसार मरहूमा का जनाज़ा आज बाद नमाज़ ज़ोहर स्वरूप नगर, दिल्ली से अदा किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें वहीं सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

बिरादराना हजरात और तमाम अहबाब से गुजारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए मगफिरत की दुआ करें तथा गमज़दा परिवार को सब्र-ए-जमील की दुआओं से नवाजें। ऐसे मौकों पर एक-दूसरे के दुख में शरीक होना इंसानी और इस्लामी दोनों लिहाज़ से बड़ी नेकी का काम है।

मालूमात के लिए संपर्क

मैय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जनाब अब्दुल करीम साहब (गंगेरू वाले), दिल्ली से मोबाइल नंबर 9548250005 पर संपर्क किया जा सकता है।

मरहूमा के लिए दुआ

"ऐ अल्लाह! मरहूमा नफीसा बी की मगफिरत फरमा, उनकी कब्र को नूर से भर दे, उनके दर्जात बुलंद फरमा और उनके तमाम लवाहिकीन को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।"


मुल्तानी समाज

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल।

ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, प्रधान संपादक, दिल्ली।

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Sunday, May 31, 2026

सिलाना से सोनीपत तक मातम की लहर: हारून साहब का इंतिकाल, बिरादरी में गहरा शोक

सोनीपत/बागपत। इंसान इस दुनिया में एक मुसाफिर की तरह आता है और एक दिन अपने रब के हुक्म से वापस लौट जाता है। इसी हकीकत को फिर एक बार याद दिलाते हुए आज बिरादरी को एक बेहद दुखद खबर मिली। बड़े ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला हमें हासिल हुई कि गांव सिलाना, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) के मूल निवासी तथा फिलवक्त में मोहल्ला नंदवानी (मामू-भांजा), सोनीपत (हरियाणा) में रह रहे जनाब हारून साहब वल्द हाजी मोहम्मद मुन्तियाज साहब का आज इतवार, 31 मई 2026 को तकरीबन 55 साल की उम्र में कज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया।

मरहूम के इंतिकाल की खबर सुनते ही परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि हारून साहब अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसार स्वभाव और समाज के प्रति सकारात्मक सोच के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक इस दुनिया से रुख़्सत हो जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मिली जानकारी के अनुसार मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद उन्हें ईदगाह कॉलोनी, सोनीपत (हरियाणा) में बाद नमाज़-ए-ईशा सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। बिरादरी और तमाम अहबाब से गुजारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें तथा ग़मज़दा परिवार को ढांढस बंधाएं।

दुनिया की जिंदगी फानी है और हर जान को मौत का स्वाद चखना है। ऐसे मुश्किल वक्त में हम सबकी जिम्मेदारी है कि मरहूम के लिए ज्यादा से ज्यादा दुआ करें और उनके परिवार के साथ हमदर्दी का इज़हार करें।

दुआ-ए-मगफिरत:
अल्लाह तआला मरहूम हारून साहब की तमाम खताओं को माफ फरमाए, उनकी मगफिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और तमाम लवाहिकीन को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।


ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, प्रधान संपादक
मुल्तानी समाज
(सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल)

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Saturday, May 30, 2026

मुल्तानी समाजसेवी संगठन: सीमित संसाधनों के बावजूद सेवा और भाईचारे का मजबूत प्रतीक, जल्द लगेगा निःशुल्क मेडिकल कैंप

खतौली/मुजफ्फरनगर। समाज की बेहतरी और जरूरतमंद लोगों की मदद का जज़्बा यदि सच्चा हो तो सीमित संसाधन भी बड़ी से बड़ी सेवा का माध्यम बन जाते हैं। इसी सोच और सामाजिक सरोकारों के साथ कार्य कर रहा मुल्तानी समाजसेवी संगठन लगातार बिरादरी और समाज के सुख-दुख में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।

संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से संगठन भले ही बहुत मजबूत न हो, लेकिन सेवा, सहयोग और इंसानियत का जज़्बा इसकी सबसे बड़ी ताकत है। संगठन हमेशा बिरादरी के लोगों के साथ खड़ा रहने का प्रयास करता है और हर संभव मदद के लिए तत्पर रहता है।

पदाधिकारियों के अनुसार आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर कुर्बानी के गोश्त की तकसीम (वितरण) का कार्य पूरा होने के बाद संगठन द्वारा एक निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इस कैंप के माध्यम से जरूरतमंद और आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मेडिकल कैंप की तारीख और स्थान का औपचारिक ऐलान जल्द किया जाएगा।

संगठन के राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम साहब, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सचिव मिर्ज़ा नौशाद साहब, कोषाध्यक्ष अफजाल मिर्जा (कुशवली वाले) तथा संचालक प्रभारी शाहनवाज मिर्जा (सरधना वाले) ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज की तरक्की, आपसी एकता और जरूरतमंदों की सहायता ही संगठन का मूल उद्देश्य है। उन्होंने बिरादरी के लोगों से अपील की कि सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग करें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा सके।

गौरतलब है कि मुल्तानी समाजसेवी संगठन समय-समय पर सामाजिक, शैक्षिक और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से लोगों की सेवा करने का प्रयास करता रहा है। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि समाज की मजबूती केवल आर्थिक संसाधनों से नहीं, बल्कि आपसी सहयोग, भाईचारे और नेक नीयत से भी सुनिश्चित होती है।


(विशेष रिपोर्ट)

यह समाचार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा खतौली, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से तैयार की गई विशेष रिपोर्ट है।

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Wednesday, May 27, 2026

ईद-उल-अजहा : कुर्बानी से इंसानियत तक — करोड़ों गरीबों की थाली और देश की अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाला त्योहार

✍️ विशेष लेख : ज़मीर आलम

प्रधान संपादक — मुल्तानी समाज
नई दिल्ली

भारत विविधताओं का देश है, जहां हर त्योहार केवल धार्मिक रस्म नहीं बल्कि सामाजिक भाईचारे, इंसानियत और आर्थिक सहयोग का भी प्रतीक बन जाता है। ऐसा ही एक पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है ईद-उल-अजहा यानी बकरीद, जिसे पूरी दुनिया में मुसलमान हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और अल्लाह की राह में समर्पण की याद में मनाते हैं।

यह त्योहार केवल जानवर की कुर्बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि त्याग, इंसानियत, बराबरी, जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक सहभागिता का एक बेहद खूबसूरत संदेश देता है। भारत जैसे विशाल देश में यह पर्व धार्मिक भावना के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीब तबकों के लिए भी एक बड़ी राहत बनकर सामने आता है।


🐐 भारत में कितनी होती है कुर्बानी?

भारत में मुस्लिम आबादी 20 करोड़ से अधिक मानी जाती है। स्वतंत्र आर्थिक अध्ययनों और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें से लगभग 8 से 10 प्रतिशत परिवार आर्थिक रूप से सक्षम होने के कारण कुर्बानी में हिस्सा लेते हैं।

अनुमानों के मुताबिक —

  • देशभर में लगभग 1.5 करोड़ से 2 करोड़ तक बकरों और भेड़ों की कुर्बानी दी जाती है।
  • वहीं जिन राज्यों में नियमों के अंतर्गत बड़े जानवरों की अनुमति है, वहां 20 लाख से 40 लाख तक बड़े जानवरों की सामूहिक कुर्बानी होने का अनुमान लगाया जाता है।

मुंबई की देवनार मंडी, हैदराबाद, दिल्ली, लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ और उत्तर भारत की कई बड़ी मंडियां इस दौरान लाखों पशुओं की खरीद-बिक्री का केंद्र बन जाती हैं।


💰 बकरीद और भारत की अर्थव्यवस्था

ईद-उल-अजहा केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा भी है। पशुपालक, किसान, ट्रांसपोर्टर, चारा व्यापारी, कारीगर, चमड़ा उद्योग, मसाला व्यापारी और छोटे कारोबारी — सभी को इस अवसर पर रोजगार और आय प्राप्त होती है।

विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार —

📌 पशुओं की खरीद-बिक्री

एक औसत बकरे की कीमत ₹15,000 से ₹25,000 तक होती है। इसी आधार पर केवल पशुओं की खरीद-बिक्री का कारोबार लगभग —

₹30,000 करोड़ से ₹40,000 करोड़ तक पहुंच जाता है।

📌 कुल आर्थिक प्रभाव

यदि परिवहन, चारा, मजदूरी, कपड़े, मसाले, चमड़ा उद्योग और अन्य संबंधित कारोबार को भी शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़ा —

₹45,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ तक माना जाता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस धनराशि का बड़ा हिस्सा सीधे गांवों में रहने वाले पशुपालकों और किसानों तक पहुंचता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।


🍛 करोड़ों गरीबों तक पहुंचता है भोजन

इस्लाम में कुर्बानी के गोश्त को बांटने का स्पष्ट तरीका बताया गया है। परंपरा के अनुसार गोश्त के तीन हिस्से किए जाते हैं

  • एक हिस्सा अपने परिवार के लिए,
  • एक हिस्सा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए,
  • और एक बड़ा हिस्सा गरीबों एवं जरूरतमंदों के लिए।

यही वह पहलू है जो इस पर्व को इंसानियत और सामाजिक बराबरी का संदेश देने वाला त्योहार बनाता है।

अनुमान है कि भारत में लगभग 15 करोड़ से 20 करोड़ जरूरतमंद लोगों तक इस अवसर पर भोजन पहुंचता है। इनमें ऐसे परिवार भी शामिल होते हैं जिन्हें पूरे साल मांस या पौष्टिक भोजन नसीब नहीं हो पाता।

एक जरूरतमंद परिवार को इस वितरण के माध्यम से कम से कम 2 से 4 वक्त का भरपूर और प्रोटीन युक्त भोजन आसानी से मिल जाता है। कई स्थानों पर बिरयानी, पका हुआ खाना और सूखा राशन भी बड़े पैमाने पर बांटा जाता है।


🤝 बकरीद का असली पैगाम

ईद-उल-अजहा केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि यह इंसान को यह सिखाती है कि —

  • जरूरतमंदों का ख्याल रखा जाए,
  • समाज में बराबरी कायम हो,
  • अपनी कमाई में गरीबों का हिस्सा समझा जाए,
  • और इंसानियत को सबसे ऊपर रखा जाए।

आज जब दुनिया स्वार्थ और भौतिकता की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे समय में यह पर्व हमें त्याग, मोहब्बत, साझेदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का एहसास कराता है।


🌹 आखिर में…

बकरीद का यह पर्व भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और साझा संस्कृति की खूबसूरत मिसाल भी है। यह त्योहार केवल मुसलमानों का नहीं बल्कि इंसानियत, मदद और सामाजिक सहयोग की भावना का प्रतीक बन चुका है।

जरूरत इस बात की है कि हम त्योहारों को केवल रस्मों तक सीमित न रखें बल्कि उनके असली संदेश — इंसानियत, मोहब्बत और साझेदारी — को अपने जीवन में उतारें।


📢 विशेष सूचना

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए यह विशेष लेख प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा प्रस्तुत।

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ईद की खुशियों में इंसानियत की मिसाल बना “मुल्तानी समाजसेवी संगठन”, जरूरतमंदों तक पहुंचाई जाएगी मदद

खतौली / मुज़फ्फरनगर : ईद-उल-अजहा सिर्फ कुर्बानी का त्योहार नहीं, बल्कि मोहब्बत, भाईचारे, हमदर्दी और इंसानियत का पैग़ाम देने वाला मुकद्दस त्योहार है। इसी जज़्बे को आगे बढ़ाते हुए “मुल्तानी समाजसेवी संगठन” ने इस बार भी जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने का सराहनीय कदम उठाया है।

संगठन की ओर से ऐलान किया गया कि ईद के मौके पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को कुर्बानी के गोश्त के साथ-साथ तेल, रिफाइंड, बेसन और रोज़मर्रा की ज़रूरी खाद्य सामग्री भी वितरित की जाएगी, ताकि समाज का कोई भी जरूरतमंद परिवार ईद की खुशियों से महरूम न रहे और हर घर में खुशी और राहत का माहौल बन सके।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मुल्तानी समाजसेवी संगठन शुरू से ही बिरादरी और समाज की बेहतरी के लिए काम करता आ रहा है। इससे पहले भी संगठन द्वारा अनेक जरूरतमंद परिवारों की मदद की जा चुकी है और भविष्य में भी यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

कमेटी के सदस्यों ने बताया कि बिरादरी की तरक्की, आपसी एकता, शिक्षा, समाज सेवा और जरूरतमंदों की सहायता को लेकर कई महत्वपूर्ण एजेंडे तैयार किए गए हैं, जिन पर अब और तेजी से कार्य किया जाएगा। संगठन का उद्देश्य सिर्फ सहायता करना ही नहीं, बल्कि बिरादरी को एक परिवार की तरह जोड़कर मजबूत बनाना भी है।

मुल्तानी समाजसेवी संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह ग्रुप बिरादरी के लिए एक घर की तरह है, जहां हर व्यक्ति की बात सुनी जाती है और हर जरूरतमंद की मदद के लिए संगठन हर वक्त तैयार रहता है।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम साहब, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सेक्रेटरी मिर्ज़ा नौशाद साहब, खजांची अफजाल मिर्जा कुशवली वाले सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। वहीं बैठक का संचालन प्रभारी शाहनवाज मिर्जा सरधने वाले एवं राष्ट्रीय अध्यक्षा मोहतरमा यास्मीन मिर्जा बुढ़ाना वाली ने बेहतरीन अंदाज में किया।

समाजसेवा और इंसानियत की यह मिसाल निश्चित रूप से अन्य संगठनों और समाज के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए खतौली, जिला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Tuesday, May 26, 2026

MS Businessmen Club : बिरादरी के कारोबार, रोजगार और तरक़्क़ी को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल

मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट रजिस्टर्ड ऑल इंडिया की जानिब से कारोबारियों और नौजवानों के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म

आज के इस तेज़ रफ़्तार और मुकाबले भरे दौर में हर शख़्स चाहता है कि उसका कारोबार तरक़्क़ी करे, उसे सही रहनुमाई मिले और अपने लोगों का साथ हासिल हो। इसी नेक सोच, बिरादराना जज़्बे और कौमी हमदर्दी के साथ पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम “मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट” रजिस्टर्ड ऑल इंडिया की जानिब से MS Businessmen Club की शुरुआत की गई है।

यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर मुल्तानी समाज के उन कारोबारियों, ताजिर साथियों, हुनरमंद नौजवानों और प्रोफेशनल लोगों के लिए तैयार किया गया है जो अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, नए मौके तलाश रहे हैं या अपनी मेहनत, तजुर्बे और हुनर के दम पर कामयाबी हासिल करना चाहते हैं।

क्या है MS Businessmen Club?

MS Businessmen Club दरअसल बिरादरी के कारोबारियों और प्रोफेशनल साथियों को एक-दूसरे से जोड़ने वाला ऐसा मजबूत मंच है जहां आपसी मशवरा, कारोबार में मदद, रोजगार के मौके, बिज़नेस नेटवर्किंग और व्यापारिक तआरुफ़ को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए —

- कारोबारी साथी अपने बिज़नेस का प्रचार-प्रसार कर सकेंगे
- बेरोजगार नौजवानों को नौकरी और रोजगार के मौके मिल सकेंगे
- नए कारोबार शुरू करने वालों को सही सलाह और रहनुमाई हासिल होगी
- फ्रेंचाइजी, एजेंसी या चैनल पार्टनर बनकर नया कारोबार शुरू करने के अवसर मिलेंगे
- तजुर्बेकार कारोबारियों से कारोबार बढ़ाने के तरीके सीखे जा सकेंगे
- बिरादरी के अंदर आपसी व्यापारिक रिश्ते और भरोसा मजबूत होगा
- छोटे कारोबारियों को बड़े स्तर पर पहचान बनाने का मौका मिलेगा

नौजवानों के लिए उम्मीद की नई किरण

आज बड़ी तादाद में पढ़े-लिखे नौजवान बेहतर रोजगार और कारोबार की तलाश में हैं। ऐसे में MS Businessmen Club उनके लिए एक अहम ज़रिया साबित हो सकता है।

अगर कोई नौजवान अपना कारोबार शुरू करना चाहता है लेकिन उसे सही जानकारी, तजुर्बे या सहयोग की ज़रूरत है, तो यह मंच उसे बिरादरी के तजुर्बेकार कारोबारियों से जोड़ने का काम करेगा।

साथ ही जिन कारोबारियों को अपने कारोबार के लिए स्टाफ, सेल्समैन, सुपरवाइज़र, मार्केटिंग टीम या बिज़नेस पार्टनर की ज़रूरत है, वह भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से अपने लोगों तक पहुंच सकेंगे।

कारोबार के प्रचार-प्रसार का बेहतरीन जरिया

आज के डिजिटल दौर में सिर्फ मेहनत काफी नहीं, बल्कि कारोबार का सही तरीके से प्रचार होना भी बेहद जरूरी है।

MS Businessmen Club के ज़रिए बिरादरी के छोटे और बड़े कारोबारी अपने प्रोडक्ट, सर्विस और व्यापारिक योजनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकेंगे। इससे कारोबार को नई पहचान, नए ग्राहक और बेहतर मौके मिलने की उम्मीद है।

यह मंच आने वाले वक्त में बिरादरी के कारोबारियों के लिए एक मजबूत बिज़नेस नेटवर्क के तौर पर उभर सकता है।

“मुल्तानी समाज” की राष्ट्रीय पहचान

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत तथा देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” लगातार समाज की आवाज़ को मुल्क भर में पहुंचाने का काम कर रहा है।

प्रधान संपादक जनाब ज़मीर आलम की खास कोशिशों और मेहनत से यह मंच समाज के सामाजिक, तालीमी, कारोबारी और कौमी मसाइल को लगातार उठाता रहा है। अब MS Businessmen Club के ज़रिए बिरादरी के कारोबारियों और नौजवानों को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है।

अपनी खबर, पैगाम या विज्ञापन कैसे भेजें?

अगर आप भी —

- अपने कारोबार का प्रचार करना चाहते हैं
- कोई खबर, आर्टिकल या पैगाम प्रसारित कराना चाहते हैं
- रोजगार या व्यापार से जुड़ी जानकारी साझा करना चाहते हैं
- अपने बिज़नेस का विज्ञापन देना चाहते हैं
- फ्रेंचाइजी, एजेंसी या पार्टनरशिप के अवसर साझा करना चाहते हैं

तो नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता कर सकते हैं —

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जरूरी नोट

बिरादरी के कुछ साथी अलग-अलग नामों से बनाए गए ग्रुप्स को बिना उसका मकसद समझे तंज या गलत नजरिये से देखने लगते हैं, जबकि हकीकत यह है कि हर ग्रुप एक खास उद्देश्य और अलग-अलग केटेगिरी को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

हमारी तमाम बिरादराना साथियों से अदब के साथ गुजारिश है कि किसी भी ग्रुप को ज्वॉइन करने से पहले उसके मकसद, नियम और विषय को अच्छी तरह समझ लें। क्योंकि जब कोई शख़्स बिना जानकारी के किसी ग्रुप में शामिल होता है, तो वहां मिलने वाली खबरें, पोस्ट, इत्तिलाएं या पैगाम उसकी पसंद के मुताबिक हों यह जरूरी नहीं।

ऐसी सूरत में कई बार गलतफहमियां और बेवजह की परेशानी पैदा हो जाती है। इसलिए बेहतर यही है कि हर साथी सोच-समझकर उसी ग्रुप से जुड़े जो उसकी दिलचस्पी, जरूरत और मकसद के मुताबिक हो।

हमारा मकसद सिर्फ बिरादरी के लोगों को सही जानकारी, कारोबार, रोजगार, तालीम और आपसी सहयोग के बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है, ताकि हर केटेगिरी के लोग अपनी जरूरत और दिलचस्पी के हिसाब से फायदा उठा सकें।

आखिर में

MS Businessmen Club सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि बिरादरी की तरक़्क़ी, आपसी सहयोग, रोजगार और कारोबार को मजबूत करने की एक खूबसूरत और दूरदर्शी कोशिश है।

अगर बिरादरी के कारोबारी, ताजिर और नौजवान एक-दूसरे का साथ दें, अपने तजुर्बे साझा करें और आपसी भरोसे को मजबूत बनाएं, तो इंशाअल्लाह आने वाले वक्त में यह मंच हजारों लोगों के लिए रोजगार, कारोबार और कामयाबी का बड़ा जरिया बन सकता है।

अल्लाह तआला इस नेक कोशिश को कामयाबी अता फरमाए और बिरादरी को तरक़्क़ी, इत्तेहाद, खुशहाली और कामयाबी से नवाज़े। आमीन।