Saturday, April 25, 2026

🕊️ नई बस्ती में शोक की लहर: जनाब सत्तार साहब का इंतकाल, इलाके में गमगीन माहौल

सरधना (मेरठ)। बेहद रंज-ओ-ग़म के साथ यह दुखद खबर सामने आई है कि मोहल्ला नई बस्ती निवासी जनाब सत्तार साहब वल्द जनाब शेरदीन साहब (मरहूम), निवासी ( गांव ढ़हार , मेरठ , उत्तर प्रदेश ) वाले जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष, का आज दिन शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को करीब साढ़े 11 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। इस खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और हर आंख नम दिखाई दी।

मरहूम सत्तार साहब अपने पीछे अपनी अहलिया, चार बेटों और एक बेटी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके इंतकाल से परिवार ही नहीं बल्कि रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब के बीच गहरा दुख और सन्नाटा पसरा हुआ है।

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूम की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे और उनके तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

मिली जानकारी के अनुसार, मरहूम को आज बाद नमाज़ असर बिनौली रोड स्थित अलकरीम होटल के पीछे वाले कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाबे दारेन हासिल करें।

नोट: मय्यत के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जनाब नदीम मिर्ज़ा साहब से मोबाइल नंबर 9917446974 पर संपर्क किया जा सकता है।


✍️ ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम
📍 सरधना, जिला मेरठ (उत्तर प्रदेश)

📢 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए

📞 संपर्क: 9410652990, 8010884848

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🕊️ रुड़की से आई दिल दहला देने वाली खबर: मासूम नन्हे फरिश्ते का इंतकाल, घर में पसरा मातम


रुड़की (हरिद्वार)। बेहद रंजो-ग़म के साथ यह दुखद सूचना साझा की जा रही है कि मुस्लिम मुल्तानी लौहार, बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले मोहल्ला रामपुर, रुड़की निवासी जनाब शाहिद साहब के नवजात पौते का आज इंतकाल हो गया। यह मासूम बच्चा, जिसकी पैदाइश अभी पिछले महीने ही हुई थी, जन्म के बाद से ही शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती था और जिंदगी की जंग लड़ रहा था।

कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। आज दिन शनिवार, 25 अप्रैल 2026 की सुबह यह नन्हा फरिश्ता क़ज़ा-ए-इलाही से अपने खालिक़ के पास लौट गया। इस दर्दनाक खबर से पूरे इलाके में गहरा शोक छा गया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

अल्लाह तआला से दुआ है कि इस मासूम बच्चे की मग़फिरत फरमाए, उसे जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता करे और उसके वालिदेन व तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

मिली जानकारी के अनुसार, नमाज़-ए-जनाज़ा आज ज़ोहर की नमाज़ के वक्त, दोपहर 1:30 बजे, रामपुर रुड़की में अदा की जाएगी। तमाम अहबाब से गुजारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाबे दारेन हासिल करें।

नोट: मय्यत के संबंध में अधिक जानकारी के लिए मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट, जिला रुड़की के चेयरमैन एमडी मुबशिर साहब से मोबाइल नंबर 9917117593 पर संपर्क किया जा सकता है।


✍️ ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम
📍 रुड़की, जिला हरिद्वार (उत्तराखंड)

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Friday, April 24, 2026

🌟 सरधना की बेटी अदीबा मिर्जा बनी जिला टॉपर, मुल्तानी समाज ने किया भव्य सम्मान

सरधना (मेरठ)। मेहनत, लगन और हौसले का जब संगम होता है, तो कामयाबी खुद रास्ता बना लेती है। ऐसा ही शानदार उदाहरण पेश किया है सरधना की होनहार छात्रा अदीबा मिर्जा ने, जिन्होंने हाई स्कूल परीक्षा में जिला टॉप कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया।

अदीबा मिर्जा की इस उपलब्धि पर मुल्तानी समाजसेवी संगठन ग्रुप की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह न सिर्फ एक छात्रा की सफलता का जश्न था, बल्कि समाज में शिक्षा के बढ़ते महत्व और बेटियों की कामयाबी का भी प्रतीक बना। इस मौके पर अदीबा के पिता अब्दुल कादिर की भी हौसला अफजाई की गई, जिन्होंने अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग दिया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अदीबा की मेहनत और समर्पण की खुलकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि अदीबा की सफलता पूरे सरधना और खासतौर पर मिर्जा समाज के लिए गर्व की बात है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अदीबा मिर्जा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और निरंतर अध्ययन को दिया। उन्होंने अन्य छात्र-छात्राओं को भी संदेश दिया कि यदि सच्ची लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई की जाए, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता।

यह सम्मान समारोह एक सकारात्मक संदेश भी छोड़ गया कि समाज यदि अपने होनहार बच्चों को पहचान कर उनका उत्साह बढ़ाए, तो वे और भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।


✍️ ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम
📍 क़स्बा सरधना, जिला मेरठ (उत्तर प्रदेश)

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Thursday, April 23, 2026

🕊️ “याद-ए-मरहूमीन: दुआओं का सिलसिला, सदक़ा-ए-जारीया का ज़रिया”

हम सब इस फ़ानी दुनिया के मुसाफ़िर हैं… आज हम हैं, कल हमें भी अपने रब के पास लौट जाना है। ज़िंदगी की ये हक़ीक़त जितनी सादा है, उतनी ही गहरी भी—और इसी में हमारे लिए नसीहत भी है।

इस्लाम हमें सिर्फ ज़िंदा लोगों के हक़ अदा करने की तालीम नहीं देता, बल्कि जो हमसे बिछड़ चुके हैं, उनके साथ भी एक मजबूत रिश्ता क़ायम रखने का तरीका सिखाता है—दुआ, खैर का ज़िक्र और उनकी नेकियों को ज़िंदा रखना। यही अमल उनके लिए राहत का सबब बनता है और हमारे लिए अज्र का ज़रिया।

इसी नेक मक़सद और दीनी जज़्बे के साथ हमने एक ऐसा प्लेटफॉर्म/ग्रुप तैयार किया है, जहाँ हम अपने छोटे-बड़े बुजुर्गों, रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब—जो इस दुनिया से रुख़्सत हो चुके हैं—उनकी यादों को मोहब्बत और अदब के साथ ज़िंदा रख सकें।

यह महज़ एक ग्रुप नहीं… बल्कि दुआओं का एक सिलसिला है, जो इंशा-अल्लाह उनके लिए आख़िरत में नूर का सबब बनेगा।

✨ आपसे ख़ास गुज़ारिश

आप अपने किसी भी मरहूम अज़ीज़ की:

  • तस्वीर
  • नाम वल्दियत के साथ
  • पूरा पता
  • उनकी अच्छी आदतें, अख़लाक़, हुनर या कोई खास बात

हमें भेजें, या दिए गए नंबरों पर कॉल करके लिखवा दें।

🌙 इस अमल के दीनी फ़ायदे

  • हर पढ़ने वाला उनके लिए दुआ-ए-मग़फिरत करेगा
  • उनकी नेकियों का ज़िक्र सदक़ा-ए-जारीया बन सकता है
  • उनकी ज़िंदगी दूसरों के लिए नसीहत और इबरत बनेगी
  • और इंशा-अल्लाह, यह सब उनके लिए अजर व सवाब का ज़रिया होगा

कभी-कभी एक छोटी सी बात… किसी का दिल बदल देती है।
हो सकता है, आपके मरहूम की कोई खूबी किसी को नेक रास्ते पर ले आए—और वही अमल उनके लिए क़यामत तक सवाब बनता रहे।

🤲 एक दिल से निकली दुआ

आइए… हम अपने मरहूमीन को सिर्फ याद ही न करें, बल्कि उनके लिए ऐसा ज़रिया बनें, जो उनकी मग़फिरत और बुलंदी-ए-दराजात का सबब बने।

अल्लाह तआला तमाम मरहूमीन की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्रों को जन्नत का बाग़ बनाए और हमें उनके लिए सच्चे दिल से दुआ करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन 🤲


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आपका एक छोटा सा कदम इस नेक काम को आगे बढ़ाने और मरहूमीन के लिए ज्यादा से ज्यादा दुआओं का ज़रिया बन सकता है।


📰 ख़ास रिपोर्ट | मुल्तानी समाज

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए भीलवाड़ा (राजस्थान) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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🕯️ इंतिहाई रंजो-अलम के साथ… हज्जन फातमा बी का इंतिक़ाल, पूरे इलाके में ग़म की लहर

बड़ौत (बागपत)। निहायत ही रंजो-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज बरोज़ जुमा, 24 अप्रैल 2026 को सुबह तक़रीबन 3 बजे जनाब हाजी मोहम्मद हसन साहब (गांव सिलाने, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश) की अहलिया मोहतरमा हज्जन फातमा बी का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूमा की उम्र तकरीबन 75 साल थी। उनका हालिया मक़ाम बड़ी मस्जिद, मोहल्ला पठान कोट, क़स्बा बड़ौत, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) बताया गया है। उनके इंतिक़ाल की खबर मिलते ही इलाके में ग़म का माहौल छा गया और घर पर ताज़ियत करने वालों का सिलसिला जारी हो गया।

हज्जन फातमा बी अपने पीछे एक बड़ा भरा-पूरा कुनबा छोड़ गई हैं, जिसमें बेटे, बेटियां, पौते, पोतियां, नाते-नातिनें और तमाम अज़ीज़ो-अक़ारिब शामिल हैं। उनकी ज़िंदगी सादगी, ख़ुलूस और मोहब्बत की मिसाल रही, और यही वजह है कि हर आंख आज अश्कबार है।

परिवार की जानिब से दी गई जानकारी के मुताबिक, मरहूमा की मय्यत को बाद नमाज़ मगरिब गौरे ग़रीबा कब्रिस्तान हीरोज के पास क़स्बा बड़ौत जिला बागपत , उत्तर प्रदेश में किया जायगा सपुर्दे -ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहले-ईमान से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और उनके दर्जात बुलंद होने की दुआ करें।

👉 अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूमा की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन करे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। साथ ही उनके अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन, सुम्मा आमीन।

📞 मय्यत से संबंधित अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

  • भाई सफीक: 8791117252
  • मोहम्मद ताहिर: 9990757786

✍️ ख़ास रिपोर्ट:
"मुल्तानी समाज" — सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल
बड़ौत, जिला बागपत (उ.प्र.) से
प्रधान संपादक: ज़मीर आलम

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Tuesday, April 21, 2026

🌟 बागपत की होनहार बेटी अलिज़ा की शानदार कामयाबी—92.08% अंक के साथ मेहनत, लगन और हौसले की मिसाल

बागपत, उत्तर प्रदेश। शिक्षा के क्षेत्र में एक और प्रेरणादायक उपलब्धि सामने आई है, जहां लक्ष्य पब्लिक स्कूल, दिल्ली रोड बागपत की छात्रा अलिज़ा ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 92.08% अंक प्राप्त कर एक नई मिसाल कायम की है। यह सफलता केवल अंकों तक सीमित नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का बेहतरीन नतीजा है।

कक्षा XI-H की छात्रा अलिज़ा ने इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, अंग्रेज़ी समेत सभी विषयों में संतुलित और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनके 600 में से 552 अंक इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने पूरे सत्र में निरंतर मेहनत और फोकस बनाए रखा। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम है, बल्कि परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन का भी असर साफ दिखाई देता है।

रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, अलिज़ा को क्रिएटिव थिंकिंग, हेल्थ एंड हाइजीन और सेल्फ कॉन्फिडेंस में ‘A’ ग्रेड प्राप्त हुआ, जो उनके सर्वांगीण विकास को दर्शाता है। वहीं अनुशासन में ‘B’ ग्रेड यह संकेत देता है कि उनमें और भी बेहतर करने की क्षमता मौजूद है। कक्षा अध्यापक द्वारा दिया गया यह विशेष उल्लेख—
“Excellent – Excellent academic performance throughout the session.”
उनकी मेहनत और निरंतरता की सच्ची पहचान है।

अलिज़ा की इस कामयाबी से उनके माता-पिता श्री इरशाद और श्रीमती फातिमा बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। परिवार के साथ-साथ विद्यालय और स्थानीय समाज में भी खुशी और गर्व का माहौल है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है कि सही दिशा, समर्पण और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में जहां छात्रों पर कई तरह के दबाव होते हैं, वहां अलिज़ा की सफलता यह संदेश देती है कि अगर लगन सच्ची हो और मेहनत लगातार की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है।


✍️ ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, प्रधान संपादक
📍 बागपत, उत्तर प्रदेश

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📰 “Multani In Loving Memory”: दुआओं और यादों का वो कारवां जो कभी थमता नहीं

नई दिल्ली। इंसानी ज़िंदगी फानी है, मगर नेक लोगों की यादें और उनके लिए की गई दुआएँ हमेशा ज़िंदा रहती हैं। इसी जज़्बे के साथ एक नई और ख़ालिस नीयत से शुरू किया गया प्लेटफॉर्म “Multani In Loving Memory” आज मुस्लिम मुल्तानी लोहार व बढ़ई बिरादरी के बीच एक ऐसी पहल बनकर सामने आया है, जो मरहूम अफ़राद की यादों को महफूज़ करने और उन्हें दुआओं से जोड़ने का जरिया बन रहा है।

इस पेज का मकसद सिर्फ याद करना नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए सदक़ा-ए-जारिया का सिलसिला जारी रखना है, जो हमसे रुख़्सत हो चुके हैं। जैसा कि क़ुरआन पाक में फरमाया गया—
“कुल्लु नफ़्सिन ज़ाइकतुल मौत” (हर जान को मौत का स्वाद चखना है) — (सूरह आल-इमरान 3:185)

और हदीस शरीफ़ में भी आता है कि इंसान के इंतकाल के बाद उसके अमल बंद हो जाते हैं, मगर तीन चीज़ें जारी रहती हैं—सदक़ा-ए-जारिया, फ़ायदेमंद इल्म और नेक औलाद की दुआ

इन्हीं उसूलों को सामने रखते हुए यह प्लेटफॉर्म बिरादरी के हर उस शख्स के लिए एक डिजिटल यादगार बन रहा है, जो अब इस दुनिया में नहीं है, मगर अपने पीछे मोहब्बत, रिश्ते और नेक नाम छोड़ गया है।

🤲 यादों को महफूज़ करने की एक कोशिश

आज के दौर में जब वक्त तेजी से बदल रहा है, तो कई बार हम अपने बुज़ुर्गों और अज़ीज़ों की यादों को ठीक से सहेज नहीं पाते। “Multani In Loving Memory” इसी कमी को पूरा करने की एक सच्ची कोशिश है—जहाँ हर शख्स अपने मरहूम रिश्तेदार, दोस्त या बिरादरी के किसी भी शख्स की तस्वीर, नाम और कुछ अल्फ़ाज़ साझा कर सकता है।

यह पेज न सिर्फ एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, बल्कि दुआओं का ऐसा सिलसिला है जो लोगों को जोड़ता है, रिश्तों को मजबूत करता है और आने वाली नस्लों को अपनी जड़ों से रूबरू कराता है।

📿 बिरादरी से खास अपील

मुल्तानी बिरादरी के तमाम अहबाब से दरख्वास्त है कि इस नेक पहल का हिस्सा बनें। अपने मरहूमीन की यादों को इस प्लेटफॉर्म पर साझा करें, ताकि उनकी यादें ज़िंदा रहें और उनके लिए दुआओं का सिलसिला जारी रहे।

एक छोटी सी कोशिश—एक पोस्ट, एक दुआ—किसी के लिए आखिरत में रोशनी का सबब बन सकती है।


🗞️ “मुल्तानी समाज” मीडिया प्लेटफॉर्म की खास पेशकश

यह खास रिपोर्ट सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार व बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा प्रस्तुत की गई है।

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अंत में एक पैग़ाम

मौत हक़ है, मगर यादें अमानत हैं।
आइए, अपने मरहूमीन को सिर्फ याद ही नहीं, बल्कि दुआओं में ज़िंदा रखें… 🤲