Tuesday, May 5, 2026

🌙 सब्र, हिम्मत और खुशियों का सफर: शीबा–मुस्तफा कमाल का मुकद्दस निकाह सहारनपुर में अदा

देवबंद निवासी जनाब अब्दुल सलाम साहब की बहन, नोशरा साहिबा एक मशहूर-ओ-मारूफ शख्सियत के तौर पर जानी जाती हैं। उनकी ज़िंदगी अपने आप में सब्र, हिम्मत और जिम्मेदारियों को निभाने की एक मिसाल रही है। उनका निकाह थाना भवन के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखने वाले, मुश्ताक साहब (ट्रैक्टर वालों) के छोटे भाई जनाब हारून अली साहब से हुआ था। निकाह के बाद वह लिलौन में अपने ससुराल में ससुर साहब के साथ बेहद सुकून और इज़्ज़त के साथ रह रही थीं।

🌿 जिंदगी के इम्तिहान और हिम्मत की मिसाल

वक्त ने करवट ली और ससुर साहब के साथ-साथ उनके शौहर हारून अली साहब का इंतकाल हो गया। यह दौर उनके लिए बेहद दर्दनाक रहा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पहले देवबंद और फिर रुड़की मुन्तक़िल होकर उन्होंने अपनी जिंदगी को नए सिरे से संभाला और आगे बढ़ाया।

👩‍👧 बेटी की परवरिश और बेहतर परवरिश का नतीजा

नोशरा साहिबा ने अपनी बेटी शीबा की परवरिश बेहद अच्छे संस्कारों और तालीम के साथ की। उनकी मेहनत और परवरिश का ही नतीजा रहा कि शीबा एक नेक और सलीकेदार शख्सियत के रूप में सामने आईं।

💍 मुबारक निकाह: एक खुशनुमा मौका

आखिरकार वह खुशनुमा घड़ी आई जब शीबा का निकाह सहारनपुर के सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखने वाले जनाब मुस्तफा कमाल साहब के साथ तय हुआ।

यह मुबारक निकाह सहारनपुर के मशहूर न्यू हैदराबाद पैलेस, 62 फुटा रोड पर बड़े ही शानदार और सादगी भरे अंदाज़ में अदा किया गया। नोशरा साहिबा रुड़की से सहारनपुर पहुंचीं और पूरे परिवार के साथ इस खुशी के मौके में शरीक हुईं।

🤝 बिरादरी की खास शिरकत

इस शादी में मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन जनाब मोहम्मद आलम साहब समेत बिरादरी के कई मशहूर और कोहिनूर शख्सियतों ने शिरकत की और दूल्हा-दुल्हन को अपनी दुआओं से नवाज़ा।

🕊️ दुआओं और खुशियों से भरा समां

निकाह की रस्में बेहद खुशनुमा माहौल में अदा की गईं, जहां बारात का स्वागत, निकाह मस्नून, दावत और रुखसती—हर लम्हा यादगार बन गया। यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच मोहब्बत और रिश्तों की एक नई शुरुआत भी थी।

✨ एक प्रेरणादायक कहानी

नोशरा साहिबा की जिंदगी यह साबित करती है कि मुश्किल हालात में भी अगर इंसान सब्र और हिम्मत से काम ले, तो वह अपने बच्चों के लिए बेहतर मुकाम बना सकता है।


📢 ख़ास सूचना:

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए यह ख़ास रिपोर्ट सहारनपुर (उत्तर प्रदेश ) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा प्रस्तुत की गई है।

अगर आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, संदेश, किस्से-कहानियां या विज्ञापन प्रकाशित/प्रसारित कराना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:

📞 9410652990
📞 8010884848



Saturday, May 2, 2026

💍 निकाह की मुबारक खबर: मरहूम सलीम साहब की बेटियों फातिमा और यासमीन मिर्ज़ा का निकाह मुकम्मल

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

निहायत ही खुशी और मुबारकबाद के साथ इत्तला दी जाती है कि बरोज़ शनिचर, तारीख़ 02 मई 2026 को मरहूम सलीम साहब (बाबरी वाले) की दोनों छोटी साहबज़ादियों फातिमा मिर्ज़ा और यासमीन मिर्ज़ा का निकाह मुकम्मल हुआ। यह पुरसुकून और मुबारक तक़रीब वंदना गार्डन, थानाभवन (जिला शामली) में अंजाम पाई।

मरहूम सलीम साहब की तीन बेटियाँ थीं, जिनमें से बड़ी साहबज़ादी का निकाह पहले ही हो चुका था। अब दोनों छोटी बेटियों के निकाह के साथ घर में खुशी और रौनक का माहौल रहा।


🤵 बारातों की आमद

इस मुबारक मौके पर दो बारातें शरीक हुईं:

  • पहली बारात:
    जनाब दानिश मिर्ज़ा साहब
    साहबजादे: मोहम्मद मक़बूल साहब
    साकिन: गाँव चोसाना

  • दूसरी बारात:
    जनाब खालिद मिर्ज़ा साहब
    साहबजादे: मरहूम मोहम्मद इस्लाम साहब (बाबरी वाले)
    साकिन: बेहटा हाजीपुर, लोनी, गाजियाबाद 

दोनों बारातों का गरमजोशी से इस्तकबाल किया गया और निकाह की तमाम रसूमात शरीअत के मुताबिक़ अदा की गईं।


🤝 अहल-ए-बिरादरी की शिरकत

इस बابرकत तक़रीब में मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजिस्टर्ड ऑल इंडिया) के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन
जनाब मोहम्मद आलम साहब भी शरीक हुए।

इसके अलावा बिरादरी की कई मुअज्ज़िज़ और अहम शख्सियात ने भी शिरकत कर के नवदंपतियों को अपनी खुलूस भरी दुआओं से नवाज़ा। यह महफ़िल बिरादरी की इत्तेहाद (एकता) और भाईचारे की खूबसूरत मिसाल बनी।


🤲 दुआओं की गुज़ारिश

अल्लाह तआला से दुआ है कि
वह इन दोनों जोड़ों की ज़िंदगी में मोहब्बत, खुशहाली, सेहत और बरकत अता फरमाए और उन्हें नेक औलाद से नवाज़े। आमीन।


📰 खास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित,
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज पोर्टल / यूट्यूब चैनल
👉 “मुल्तानी समाज”

के लिए
📍 थानाभवन, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) से
प्रधान संपादक: ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट


📢 अपनी खबर हम तक पहुँचाएं

अगर आप भी अपनी कोई

  • खबर
  • पैग़ाम
  • आर्टिकल
  • या इश्तिहार

प्रसारित कराना चाहते हैं, तो हमसे राब्ता करें:

📞 9410652990
📞 8010884848


✨ आख़िर में

यह मुबारक निकाह सिर्फ दो घरों का मिलन नहीं, बल्कि रिश्तों की मजबूती, तहज़ीब और मोहब्बत की एक खूबसूरत झलक है।
अल्लाह तआला इस रिश्ते को हमेशा कायम और खुशहाल रखे। 🤲

Friday, May 1, 2026

🌙 एक रूहानी सन्नाटा छोड़कर चले गए हाजी हनीफ साहब…

इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन , निहायत ही रंजो-ग़म के साथ यह खबर पेश की जा रही है कि हमारी बिरादरी के बुज़ुर्ग, नेकदिल और मोहब्बत करने वाले शख्स जनाब हाजी हनीफ साहब (उम्र 82 साल) वल्द जनाब अल्लाह बंदा (मालेहंडी वाले), हाल मुकाम कस्बा गंगोह, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का 02 मई 2026, बरोज शनिचर, सुबह 7 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।

मरहूम ने अपनी आख़िरी सांस अपनी बेटी आयशा (अहलिया मोहम्मद शहज़ाद) के यहां, शामली के एक अस्पताल में ली। उनके इंतकाल की खबर ने पूरे इलाके में गम का माहौल पैदा कर दिया है।

हाजी हनीफ साहब अपनी सादगी, नेक अख़लाक़ और बिरादरी के लिए खिदमत के जज़्बे के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा लोगों की भलाई, रिश्तों की मजबूती और इंसानियत के उसूलों पर गुज़ारा। उनका जाना सिर्फ एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे समाज का नुकसान है।

मरहूम को आज बाद नमाज़-ए-असर, कस्बा गंगोह (जिला सहारनपुर) में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

वे अपने पीछे अपनी बीमार अहलिया, एक बेटी आयशा (शामली), और पूरा कुनबा, खानदान, रिश्तेदारों व चाहने वालों को ग़मगीन छोड़ गए हैं। उनके जाने से जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।

🤲 दुआ की दरख्वास्त

अल्लाह तआला से दुआ है कि मरहूम को जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए, उनकी मगफिरत फरमाए और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता करे।
आमीन सुम्मा आमीन।


📞 मय्यत के सिलसिले में मालूमात के लिए:
मरहूम के दामाद मोहम्मद शहज़ाद साहब
मोबाइल: 9639473913


✍️ ख़ास रिपोर्ट:

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित
मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल

“मुल्तानी समाज”

प्रधान संपादक: ज़मीर आलम (शामली/गंगोह, उत्तर प्रदेश)

📢 अगर आप भी अपनी खबर, आर्टिकल, संदेश, किस्से, कहानियां या विज्ञापन प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें:
📱 9410652990
📱 8010884848


🕊️ कुछ लोग जाते नहीं… अपनी यादों में हमेशा ज़िंदा रह जाते हैं।

🕌 बिरादरी की खिदमत और सोशल मीडिया के ताल्लुक़ से अहम गुज़ारिश

तमाम बिरादराने अहले मुल्तानी से अदब के साथ अर्ज़ है कि हमारी कमेटी हमेशा की तरह आपकी खिदमत के लिए दिन-रात हाज़िर रहती है। दुख हो या खुशी, किसी भाई की मदद का मामला हो या बीमारी का वक़्त—इंशाअल्लाह हम हर क़दम पर आपके साथ खड़े हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।


📢 सोशल मीडिया के बारे में गुज़ारिश

बिरादरी में इत्तेहाद (एकता) और निज़ाम को बरकरार रखने के लिए, ग्रुप के ज़रिए तमाम हज़रात से गुज़ारिश की जाती है कि:

👉 1 मई से इंस्टाग्राम और फेसबुक पर किसी भी किस्म की गैर-ज़रूरी पोस्ट करने से परहेज़ करें।
👉 अगर ऐसी पोस्ट पाई जाती है, तो उसे हटा दिया जाएगा।
👉 अलबत्ता, बिरादरी से मुताल्लिक खबरें, पैग़ाम या कोई भी मुफीद मालूमात शेयर करना पूरी तरह जायज़ है।

यह कदम महज़ समाज की बेहतरी और आपसी ताल्लुक़ात को मज़बूत करने के लिए उठाया गया है।


📰 "मुल्तानी समाज" – आपकी आवाज़

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, दिल्ली से प्रसारित,
"मुल्तानी समाज" मुल्तानी लोहार और बढ़ई बिरादरी की एकमात्र राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल है, जो आपकी आवाज़ को पूरे मुल्क तक पहुँचाने का ज़रिया है।


🖊️ ख़ास रिपोर्ट

📍 खतौली, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)
प्रधान संपादक: ज़मीर आलम

(Contact करें)

अगर आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, पैग़ाम, किस्सा, कहानी या इश्तेहार (विज्ञापन) शाए करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फरमाएँ:

📞 9410652990
📞 8010884848


🤲 दुआ के साथ

अल्लाह तआला हमारी इस छोटी सी कोशिश को क़ुबूल फरमाए और हमारी बिरादरी में मोहब्बत, इत्तेहाद और खुशहाली अता फरमाए।
आमीन 🤲

Thursday, April 30, 2026

इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन😢 बेहद अफ़सोसनाक खबर: मीना बी का इंतकाल, पूरा इलाका ग़म में डूबा

निहायत ही अफ़सोस और दिली रंज के साथ यह इत्तला दी जाती है कि क़स्बा तीतरो, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली मरहूमा मीना बी, अहलिया जनाब इलियास साहब, का आज बروز जुमेरात 30 अप्रैल 2026 को क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। मरहूमा की उम्र तकरीबन 65 साल थी।

मरहूमा का मायका गांव लखनौती, तहसील नकुड़, जिला सहारनपुर में था। अपने अच्छे अख़लाक, सादगी और मिलनसार मिज़ाज के लिए जानी जाने वाली मीना बी का यूं अचानक इस दुनिया से रुख़्सत हो जाना पूरे इलाके और बिरादरी के लिए एक गहरा सदमा है।

मरहूमा अपने पीछे अपने शौहर, एक बेटा और सात बेटियों समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, जो इस वक्त ग़म और सदमे में डूबा हुआ है। घर-परिवार और रिश्तेदारों में मातम का माहौल है और हर आंख अश्कबार है।

📿 जनाज़े की जानकारी:
मरहूमा को आज बाद नमाज़-ए-ईशा सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर के मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

📞 अधिक जानकारी के लिए संपर्क:
मरहूमा के बेटे मोहम्मद अज़ीज़
मोबाइल: 6395886386


🤲 दुआ-ए-मग़फिरत

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फिरत फरमाए, उनकी तमाम खता-ओं को माफ़ करे, और उन्हें जन्नत-उल-फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए।
अल्लाह उनके घरवालों को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।


📰 “मुल्तानी समाज”
(सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत)
देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार/बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल

📍 तीतरो, जिला सहारनपुर (उ.प्र.) से
प्रधान संपादक: ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

📢 यदि आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, संदेश, किस्से-कहानियां या विज्ञापन प्रकाशित/प्रसारित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें:
📞 9410652990
📞 8010884848



Sunday, April 26, 2026

मुल्तानी समाज के एक जांबाज़ सिपाही को ख़िराज-ए-अकीदत

मुल्तानी समाज के लिए आज का दिन बेहद ग़मगीन और दिल को झकझोर देने वाला है। हमारे बीच से एक ऐसा नाम रुख़्सत हो गया, जिसने अपनी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा समाज की एकता, भलाई और बेहतरी के लिए समर्पित किया। गागलहेडी, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी मिस्त्री मोहम्मद इरशाद मुल्तानी (मरहूम) अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें, उनका काम और उनका जज़्बा हमेशा जिंदा रहेगा।

मरहूम इरशाद साहब, मिस्त्री अब्दुल जब्बार नालबंद (मरहूम) के नक़्शे-कदम पर चलते हुए समाज में एक मजबूत और भरोसेमंद साथी के रूप में जाने जाते थे। वह सिर्फ एक नाम नहीं थे, बल्कि मुल्तानी बिरादरी के लिए एक सहारा, एक आवाज़ और एक पहचान थे। ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के युवा नेता के तौर पर भी उन्होंने समाज के मुद्दों को मजबूती से उठाया और लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाई।

उनकी सादगी, मिलनसार स्वभाव और समाज के प्रति समर्पण ने हर किसी को प्रभावित किया। चाहे कोई भी जरूरतमंद हो, इरशाद साहब हमेशा आगे बढ़कर मदद के लिए खड़े रहते थे। यही वजह है कि आज उनके इंतकाल की खबर से हर दिल मायूस है और हर आंख नम है।

हम दुआ करते हैं कि अल्लाह ताला मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके घरवालों, रिश्तेदारों व चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता करे।
आमीन।

उनकी नमाज़-ए-जनाज़ा नमाज़-ए-ज़ोहर के बाद अदा की जाएगी, जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोगों से शामिल होकर उनके लिए दुआ करने की गुज़ारिश है।

आख़िर में यही कहा जा सकता है:
कुछ लोग इस दुनिया से जाते नहीं, बल्कि अपनी अच्छाइयों और कामों के जरिए हमेशा जिंदा रहते हैं…
इरशाद मुल्तानी साहब भी उन्हीं में से एक थे।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए गागलहेडी जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, मैसेज, संदेश, किस्से, कहानियां या विज्ञापन प्रसारित कराना चाहते हैं तो नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें:
📞 9410652990
📞 8010884848