Saturday, May 23, 2026

कांधला में शोक की लहर — मिस्त्री सद्दीक साहब का इंतेकाल, आज सुबह सुपुर्द-ए-ख़ाक किए जाएंगे


निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ बिरादरी और क्षेत्रवासियों को यह दुखद सूचना दी जाती है कि मिस्त्री सद्दीक साहब वल्द जनाब रफ़ीक साहब निवासी ग्राम इस्सोपुर, हाल मुकाम छोटी नहर बाईपास, क़स्बा कांधला, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) का आज शनिवार, 24 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। मरहूम की उम्र लगभग 75 वर्ष बताई गई है।

मरहूम मिस्त्री सद्दीक साहब अपने अच्छे अखलाक, मिलनसार स्वभाव और मेहनतकश जिंदगी के लिए इलाके में खास पहचान रखते थे। उनके इंतेकाल की खबर मिलते ही कांधला और आसपास के क्षेत्रों में गम का माहौल फैल गया। रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की।

परिवार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मय्यत को क़स्बा कांधला स्थित कब्रिस्तान में कल दिन इतवार, 24 मई 2026 को सुबह 9 बजे सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात से गुजारिश की गई है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला मरहूम मिस्त्री सद्दीक साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी तमाम खतााओं को माफ फरमाकर उन्हें जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुकाम अता करे। अल्लाह उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उसे जन्नत के बागों में से एक बाग बना दे और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन सुम्मा आमीन।

यह दुनिया फानी है और हर जान को एक दिन मौत का स्वाद चखना है। ऐसे मौके इंसान को जिंदगी की हकीकत और आखिरत की तैयारी की याद दिलाते हैं। बिरादरी और समाज के लोगों ने मरहूम के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए कांधला, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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पुराना मुस्तफाबाद, दिल्ली में शोक की लहर — पप्पू और शान मोहम्मद साहब की वालिदा मीला बी का इंतेकाल

निहायत ही रंजो-ग़म के साथ बिरादरी और क्षेत्रवासियों को यह दुखद सूचना दी जाती है कि जनाब मोहम्मद अय्यूब उर्फ पप्पू और शान मोहम्मद साहब की वालिदा, मरहूमा मीला बी अहलिया जनाब अलाउद्दीन साहब (मरहूम) का आज दिन शनिवार, 23 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। मरहूमा की उम्र तकरीबन 90 वर्ष बताई गई है।

मरहूमा मूल रूप से ग्राम बिराल, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) की निवासी थीं तथा वर्तमान में गली नंबर-18, पुराना मुस्तफाबाद, दिल्ली में रह रही थीं। उनके इंतेकाल की खबर मिलते ही इलाके और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार, रिश्तेदारों और जानने वालों में गहरा दुख व्याप्त है।

जनाब मोहम्मद अय्यूब उर्फ पप्पू और शान मोहम्मद साहब को क्षेत्र में लोग प्यार और सम्मान के साथ “पप्पू” और “शान” के नाम से जानते हैं। उनकी वालिदा के इंतेकाल पर लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मरहूमा के लिए मगफिरत की दुआ की।

परिवार की ओर से बताया गया है कि मय्यत को बाद नमाज़-ए-ईशा मुस्तफाबाद, दिल्ली स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। बिरादरी और तमाम अहबाब से गुजारिश की गई है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला मरहूमा मीला बी की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

मय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जनाब मोहम्मद इरशाद साहब से मोबाइल नंबर 8188767976 पर संपर्क किया जा सकता है।

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ईद-उल-अज़हा पर मुल्तानी समाजसेवी संगठन का बड़ा फैसला, कुर्बानी के गोश्त के साथ तेल और बेसन भी होंगे तक्सीम

मुज़फ्फरनगर जनपद के खतौली क्षेत्र में मुल्तानी समाजसेवी संगठन की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें ईद-उल-अज़हा के मौके पर ज़रूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। संगठन की ओर से पहले ही कुर्बानी के गोश्त की तक्सीम का कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन अब कमेटी ने इसमें और विस्तार करते हुए तेल रिफाइंड तथा बेसन भी शामिल करने का फैसला लिया है।

बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल रस्मी कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि समाज के गरीब, मजबूर और जरूरतमंद लोगों तक वास्तविक मदद पहुंचाना है। कमेटी के सदस्यों का मानना है कि ईद की खुशियां तभी मुकम्मल होती हैं जब समाज के हर तबके तक राहत और सहयोग पहुंचे। इसी सोच के साथ इस बार कुर्बानी के गोश्त के अलावा जरूरी खाद्य सामग्री भी वितरित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को राहत मिल सके।

संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रुप और बिरादरी के तमाम लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस नेक मिशन की कामयाबी के लिए अल्लाह से दुआ करें। उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला सभी लोगों की मदद और सहयोग को अपनी बारगाह में कबूल फरमाए।

कमेटी की ओर से यह भी कहा गया कि मुल्तानी समाजसेवी संगठन लगातार बिरादरी और समाज की खिदमत करता आया है और आगे भी इसी जज़्बे के साथ सेवा कार्य जारी रखेगा। संगठन का उद्देश्य समाज में भाईचारा, सहयोग और इंसानियत के संदेश को मजबूत करना है।

आज आयोजित बैठक में राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम साहब, राष्ट्रीय अध्यक्षा यास्मीन मिर्जा साहिबा, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सेक्रेटरी मिर्जा नौशाद साहब, कोषाध्यक्ष अफजाल मिर्जा कुशवली वाले, संचालक प्रभारी शाहनवाज मिर्जा सरधने वाले, मिर्जा बाबा मास्टर जाहिद साहब, जीशान मिर्जा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। बैठक में आगामी कार्यक्रमों और समाजहित से जुड़े कई विषयों पर भी चर्चा की गई।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए खतौली, जिला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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“100 जुमों की मोहब्बत, खिदमत और लंगर की रौनक — सरहिंद शरीफ़ में इंसानियत का खूबसूरत पैग़ाम”

सरहिंद शरीफ़, पंजाब की पाक सरज़मीं पर इंसानियत, मोहब्बत और मेहमाननवाज़ी की एक ऐसी मिसाल कायम हुई जिसने हर दिल को छू लिया। बाबा फरीद सर्व धर्म सेवा समिति की जानिब से लगातार 100 हफ़्तों तक हर जुमे के दिन लगने वाले लंगर ने आज अपने 100 हफ़्ते मुकम्मल कर लिए। यह सिर्फ़ एक लंगर नहीं बल्कि इंसानियत की खिदमत, भाईचारे और मोहब्बत का वह सिलसिला है जिसने अनगिनत दिलों को जोड़ने का काम किया।

इस नेक काम में मिर्जा मुल्तानी लोहार बिरादरी के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, वहीं दुबई से आए गुरजीत सिंह का सहयोग भी बेहद क़ाबिल-ए-तारीफ़ रहा। उनकी मोहब्बत और दिलदारी ने इस खिदमत को और भी खूबसूरत बना दिया।

हाजी बाबा ने इस मौके पर तफसील से बताया कि पिछले 100 हफ़्तों में हर जुमे को अलग-अलग तरह के लंगर का एहतिमाम किया गया। कभी खुशबूदार चिकन बिरयानी तैयार की गई, तो कभी स्वादिष्ट मटर पुलाव और कई मौकों पर पनीर बिरयानी से मेहमानों की ख़ातिरदारी की गई। यूँ ही देखते-देखते मोहब्बत और खिदमत का यह कारवां 100 हफ़्तों तक पहुंच गया।

आज के इस खास मौके पर शहर की एक फैक्ट्री के मैनेजर साहब, कॉलेज के प्रिंसिपल साहब, इमाम वासिल सहित बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की और इस नेक पहल की दिल खोलकर सराहना की। माहौल में अपनापन, अदब और इंसानियत की खुशबू साफ महसूस की जा रही थी।

इस मौके पर हाजी बाबा ने बेहद असरदार अल्फाज़ में कहा कि

"खिदमत-ए-ख़ल्क से ही अल्लाह मिलता है। इंसान अगर इंसान के काम आए, भूखे को खाना खिलाए और मोहब्बत बांटे तो यही सबसे बड़ी इबादत है।"

वहीं प्रिंसिपल साहब और मैनेजर साहब ने अपने ख्यालात का इज़हार करते हुए कहा कि मेहमाननवाज़ी और इंसानियत की सेवा बेहद अज़ीम काम है। अल्लाह और उसके रसूल को ऐसे लोग बेहद पसंद हैं जो दूसरों की भलाई के लिए आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को मिलजुल कर ऐसे नेक कामों में हिस्सा लेना चाहिए ताकि मोहब्बत और भाईचारे का माहौल कायम रहे।

दुआओं और मोहब्बतों के इस खूबसूरत माहौल में सभी लोगों ने अल्लाह तआला से हाजी बाबा की लंबी उम्र, सेहत और कामयाबी के लिए दुआ की और कहा —
"अल्लाह तआला हाजी बाबा को सलामत रखे और उन्हें यूँ ही इंसानियत की खिदमत करने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।"


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए सरहिंद शरीफ़, पंजाब से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Friday, May 22, 2026

बिरादरी की भलाई के लिए मुल्तानी समाजसेवी संगठन का अहम फैसला, ईद-उल-अज़हा पर ( कुर्बानी ) के साथ आर्थिक मदद का भी होगा इंतज़ाम

“खिदमत-ए-खल्क़ ही असली इबादत — मुल्तानी समाजसेवी संगठन ने जरूरतमंदों के सहारे का लिया अहम फैसला”

“( कुर्बानी ) की खुशियों में गरीब और मिस्कीन परिवारों को भी किया जाएगा शामिल — संगठन की बैठक में बनी रणनीति”

खतौली, मुजफ्फरनगर।
बिरादरी की मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और जरूरतमंद परिवारों की परेशानियों को मद्देनज़र रखते हुए मुल्तानी समाजसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक जमीरउद्दीन साहब के आवास पर आयोजित की गई। बैठक का माहौल बेहद संजीदा, भाईचारे और इंसानियत की भावना से सराबोर रहा, जिसमें समाज की भलाई और गरीब तबके की मदद को लेकर कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि आने वाली ईद-उल-अज़हा के मौके पर जहां ( कुर्बानी ) के गोश्त की तक्सीम जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाएगी, वहीं बिरादरी के गरीब, बेसहारा और मिस्कीन लोगों की आर्थिक मदद का भी विशेष इंतज़ाम किया जाएगा, ताकि कोई भी परिवार खुशियों से महरूम न रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने इस नेक पहल को इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बताते हुए इसे लगातार जारी रखने का संकल्प लिया।

बैठक में मुल्तानी समाजसेवी संगठन के राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम साहब ने कहा कि समाज की तरक्की केवल बातों से नहीं बल्कि आपसी सहयोग और जरूरतमंदों के सहारे से संभव होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह आगे बढ़कर गरीब परिवारों की मदद करें और समाज में भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम आम करें।

इस मौके पर संगठन के नायब सदर जमीरउद्दीन साहब ने मेहमानों का इस्तकबाल करते हुए कहा कि मौजूदा दौर में जरूरतमंद लोगों की मदद करना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। संगठन सेक्रेटरी मिर्ज़ा नौशाद साहब ने संगठन की आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की, जबकि कोषाध्यक्ष अफजाल मिर्जा (कुसावली) ने आर्थिक सहयोग और सहायता व्यवस्था को मजबूत करने पर अपने विचार रखे।

बैठक का संचालन प्रभारी शाहनवाज मिर्जा (सरधने वालों) ने बेहद सलीके और खूबसूरत अंदाज में किया। उन्होंने संगठन की एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

बैठक के आखिर में सभी मौजूद लोगों ने यह संकल्प लिया कि बिरादरी के गरीब और जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद की जाएगी तथा समाज में शिक्षा, आपसी सहयोग और इंसानियत के जज़्बे को मजबूत किया जाएगा।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए खतौली जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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10 साल पुराने पांच मुकदमों का हुआ आपसी समझौता, तंजीम की कोशिशों से बसा टूटा रिश्ता

हाजी नज़ीर अहमद की पहल से दोनों परिवारों में बनी रज़ामंदी, दहेज का सामान भी कराया वापस

समाज में बढ़ते घरेलू विवादों और पारिवारिक मामलों के बीच जहां रिश्ते अदालतों की चौखट तक पहुंचकर टूट जाते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो समाज को जोड़ने और रिश्तों को बचाने का काम करते हैं। पैदाइशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी में ऐसा ही एक सराहनीय मामला सामने आया है, जिसने समाज में आपसी भाईचारे और तंजीमी एकता की मिसाल पेश की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते लगभग 10 वर्षों से एक लड़का और लड़की पक्ष के बीच पांच मुकदमे अलग-अलग मामलों को लेकर चल रहे थे। इन मामलों ने दोनों परिवारों के बीच दूरियां पैदा कर दी थीं और कई पंचायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा था।

बताया जाता है कि बिरादरी की तंजीम से जुड़े वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रसिद्ध बिजनेसमैन जनाब हाजी नज़ीर अहमद साहब निवासी जलालाबाद, जिला शामली ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को समझाने और रिश्ते को बचाने की लगातार कोशिश की। उन्होंने पहले पति-पत्नी को दोबारा घर बसाने और साथ रहने के लिए राज़ी करने का प्रयास किया, लेकिन जब दोनों पक्ष इसके लिए तैयार नहीं हुए तो आपसी रज़ामंदी के साथ शांतिपूर्ण समझौते का रास्ता निकाला गया।

इस समझौते में बिरादरी के विभिन्न शहरों जैसे खतौली, मुजफ्फरनगर, रामपुर, जलालाबाद, शामली, चौसाना आदि से जुड़े जिम्मेदार और सम्मानित लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तंजीम के बुजुर्गों और जिम्मेदार सदस्यों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवादों को समाप्त कराया गया और अदालतों में चल रहे मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई।

इतना ही नहीं, लड़की पक्ष का दहेज का सामान भी सम्मानपूर्वक वापस कराया गया। जानकारी के अनुसार, हाजी नज़ीर साहब स्वयं मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने दोनों परिवारों को एक-दूसरे से हाथ मिलवाकर पुराने गिले-शिकवे खत्म कराए।

इस मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि समाज में ऐसे फैसले अदालतों से ज्यादा रिश्तों को बचाने वाले साबित होते हैं। लोगों ने हाजी नज़ीर अहमद और तंजीम से जुड़े जिम्मेदारों की इस कोशिश की सराहना करते हुए इसे बिरादरी की एक बड़ी कामयाबी बताया।

अल्लाह पाक से दुआ की गई कि दोनों पक्षों को आगे चलकर बेहतर जीवनसाथी नसीब हों और उनकी जिंदगी खुशहाल बने। साथ ही तंजीम के सभी ओहदेदारों और समाजसेवियों को इस नेक कार्य का बेहतर अज्र अता फरमाए।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर हाजी नज़ीर अहमद साहब द्वारा साझा की गई वायरल सूचना के आधार पर तैयार की गई है।


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Thursday, May 21, 2026

मुल्तानी समाज का भविष्य: पढ़ाई से तरक्की, फिजूल खर्च से बर्बादी

जिस समाज ने इल्म को अपनाया, उसी ने तरक्की पाई “उस समाज के हालात कभी नहीं बदलते जो समाज अपने हालात बदलना नहीं चाहता।”

यह सिर्फ एक जुमला नहीं, बल्कि आज के दौर की सबसे बड़ी सच्चाई है। वक्त तेजी से बदल रहा है। दुनिया टेक्नोलॉजी, पढ़ाई और हुनर के दम पर आगे बढ़ रही है, लेकिन अगर कोई समाज अब भी पुरानी सोच, दिखावे और फिजूल रस्मों में उलझा रहे तो उसका पीछे रह जाना तय है।

पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी के बीच आज सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की है कि हम अपनी नई नस्ल को तालीम और हुनर की तरफ लेकर जाएं। क्योंकि अब सिर्फ मेहनत काफी नहीं, मेहनत के साथ इल्म भी जरूरी है।

पढ़ाई ही असली दौलत है

एक वक्त था जब लोग जमीन, दुकान और कारोबार को ही सबसे बड़ी पूंजी समझते थे। लेकिन आज का दौर अलग है। अब वही इंसान आगे बढ़ रहा है जिसके पास तालीम, हुनर और नई सोच है। पढ़ा-लिखा नौजवान नौकरी भी हासिल कर सकता है, कारोबार भी खड़ा कर सकता है और डिजिटल दुनिया में भी अपनी पहचान बना सकता है।

आज कंप्यूटर, अकाउंटिंग, मेडिकल, डिजाइनिंग, मोबाइल टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन बिजनेस और सरकारी नौकरियों में हर तरफ मौके मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ सही दिशा और मेहनत की है।

सबसे अहम बात यह है कि बेटियों की तालीम को भी उतनी ही अहमियत दी जाए जितनी बेटों की। क्योंकि एक पढ़ी-लिखी बेटी सिर्फ खुद नहीं बदलती, बल्कि पूरे घर और आने वाली नस्लों की सोच बदल देती है। जिस घर की मां तालीमयाफ्ता होती है, वहां बच्चों की परवरिश, तहज़ीब और तरक्की खुद-ब-खुद बेहतर हो जाती है।

हर घर को कोशिश करनी चाहिए कि कम से कम एक बच्चा कॉलेज तक जरूर पढ़े। अगर आर्थिक परेशानी हो तो स्कॉलरशिप, सरकारी योजनाओं और समाजी मदद का सहारा लिया जाए। तालीम पर खर्च कभी बर्बाद नहीं जाता।

शादी में दिखावा समाज को कमजोर कर रहा है

आज समाज के कई घर सिर्फ इसलिए परेशान हैं क्योंकि शादी को जरूरत से ज्यादा मुश्किल और महंगा बना दिया गया है। दो दिन की रस्मों के लिए लोग कई-कई साल तक कर्ज चुकाते रहते हैं।

महंगे बैंक्वेट हॉल, लंबी बारात, जरूरत से ज्यादा खाना, दिखावटी डेकोरेशन, दहेज और “लोग क्या कहेंगे” जैसी सोच ने समाज को आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया है। कई गरीब परिवार सिर्फ इन बेकार रस्मों की वजह से बेटियों की शादी तक टाल देते हैं।

हकीकत यह है कि शादी की असली खूबसूरती सादगी, मोहब्बत और आसानी में है, ना कि फिजूल खर्च और दिखावे में।

बदलाव की शुरुआत अपने घर से करें

अगर समाज को बदलना है तो शुरुआत हर इंसान को अपने घर से करनी होगी। शादी को आसान बनाइए। मस्जिद में सादा निकाह और घर या छोटे हॉल में सादा वलीमा भी एक बेहतर और शरीफाना तरीका है। 100 से 150 मेहमान काफी होते हैं, बाकी पैसा बच्चों की पढ़ाई, कारोबार या भविष्य की जरूरतों के लिए बचाया जा सकता है।

सामूहिक निकाह जैसी मुहिम भी समाज के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। एक ही जगह कई जोड़ों की शादी होने से खर्च कम होता है और गरीब परिवारों पर बोझ भी नहीं पड़ता।

सबसे जरूरी बात यह है कि बेटी को बोझ समझने की सोच खत्म की जाए। बेटियों को इतना काबिल बनाया जाए कि वे जरूरत पड़ने पर खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और अपने परिवार का सहारा बन सकें।

इल्म हमेशा साथ रहता है

पैसा कभी कम तो कभी ज्यादा होता रहता है। रस्में और रिवाज भी वक्त के साथ बदल जाते हैं। लेकिन इल्म एक ऐसी दौलत है जो इंसान से कभी जुदा नहीं होती।

आज जरूरत इस बात की है कि अगली शादी में दिखावे के बजाय सादगी को अपनाया जाए, फिजूल खर्ची के बजाय बचत की जाए और उस बचत को बच्चों की तालीम और बेहतर भविष्य पर लगाया जाए। यही सोच मुल्तानी समाज को मजबूती देगी और आने वाली नस्लों को कामयाबी की नई राह दिखाएगी।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए राजस्थान से अब्दुल हकीम इमलीवाला की ख़ास रिपोर्ट।

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🤲 दुआओं की दरख्वास्त : बिरादरी के बुज़ुर्ग मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब की हालत नाज़ुक, आईसीयू में भर्ती


अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी के लिए यह खबर बेहद अफसोसनाक और फिक्र करने वाली है कि बिरादरी के बुज़ुर्ग एवं सम्मानित शख्सियत जनाब मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब वल्द जनाब मिस्त्री अज़ीमुल्ला साहब (मरहूम) निवासी गढ़ी पुख़्ता, हाल बाशिंदे नज़दीक मक्का मस्जिद, शामली (उत्तर प्रदेश) इन दिनों गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है और उन्हें शामली स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल “गंगा अमृत” के आईसीयू विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

बताया जाता है कि तकरीबन 85 वर्षीय मिस्त्री अय्यूब साहब को लगभग तीन वर्ष पूर्व ब्रेन स्ट्रोक आने की वजह से पैरालाइसिस (लकवा) हो गया था। इसके बाद से वह लगातार शारीरिक परेशानियों से जूझते रहे, लेकिन उम्र और बीमारी के बावजूद उन्होंने हमेशा सब्र, हिम्मत और अल्लाह की रज़ा पर भरोसा कायम रखा। आज उनकी बिगड़ती तबीयत ने पूरे बिरादरी समाज को गमगीन और फिक्रमंद कर दिया है।

मिस्त्री अय्यूब साहब अपनी सादगी, मेहनतकशी और नेक अखलाक की वजह से बिरादरी में खास पहचान रखते हैं। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत, ईमानदारी और रिश्तों की मोहब्बत के साथ गुज़ारी। उनके चाहने वाले और जानने वाले लोग लगातार उनकी सेहतयाबी के लिए दुआएं कर रहे हैं।

आप तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि अल्लाह तआला के हुज़ूर खास दुआ फरमाएं कि अल्लाह मिस्त्री अय्यूब साहब को जल्द से जल्द मुकम्मल शिफ़ा-ए-कामिला अता फरमाए, उन्हें सेहत और तंदुरुस्ती के साथ दोबारा अपने घर और अपनों के बीच लौटाए तथा उनका साया हमेशा उनके परिवार पर कायम रखे।

🤲 अल्लाह तआला अपने हबीब ﷺ के सदके मिस्त्री अय्यूब साहब को जल्द शिफ़ा अता फरमाए।
आमीन सुम्मा आमीन।

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Wednesday, May 20, 2026

वाजिदपुर की अज़ीम शख्सियत हाजी महमूद हसन का इंतेकाल, मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी में शोक की लहर

बागपत जनपद की तहसील बड़ौत के गांव वाजिदपुर से मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी के लिए एक बेहद दुखद और गमगीन खबर सामने आई है। बिरादरी के सम्मानित एवं नेकदिल शख्सियत हाजी महमूद हसन साहब का बुधवार 20 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। उनके इंतेकाल की खबर मिलते ही गांव समेत आसपास के इलाकों और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख नम दिखाई दी और लोगों ने गहरे दुख के साथ मरहूम को याद किया।

"इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन"

बताया गया कि हाजी महमूद हसन साहब बेहद मिलनसार, दीनदार और समाज से जुड़े हुए इंसान थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों के बीच मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम देने में गुजारी। उनके अच्छे अखलाक और सादगी की वजह से गांव और बिरादरी में उन्हें खास इज्जत की निगाह से देखा जाता था।

मरहूम अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनमें उनके चार बेटे मुश्ताक अहमद, अब्बास अहमद, आरिफ हसन और मुहम्मद नदीम शामिल हैं। इसके अलावा तीन बेटियां, नाती-पोते, रिश्तेदार और चाहने वालों की बड़ी तादाद आज गम में डूबी हुई है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में मातमी माहौल बना हुआ है।

हाजी महमूद हसन साहब की मय्यत को बुधवार शाम मगरिब की नमाज के बाद गांव वाजिदपुर के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर मरहूम को नम आंखों से आखिरी विदाई दी। लोगों ने उनकी मगफिरत और जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम के लिए दुआएं कीं।

इस मौके पर बिरादराना हजरात से अपील की गई कि मय्यत वालों के घर जाकर उन पर खाने-पीने का अतिरिक्त बोझ न बनें और गम के माहौल में हंसी-मजाक या गैर जरूरी बातों से परहेज करें। साथ ही जनाजे के दौरान मोबाइल फोन पर बातचीत या दुनियावी चर्चाओं से बचते हुए कलिमा तय्यबा “ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर्र रसूल अल्लाह” का विर्द करते रहने की भी नसीहत की गई।

अल्लाह तआला मरहूम हाजी महमूद हसन साहब की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन सुम्मा आमीन।

ज्यादा जानकारी के लिए मुहम्मद इरशाद (पावी) लोनी गाजियाबाद के मोबाइल नंबर 8882118573 पर संपर्क किया जा सकता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए बागपत, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

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Tuesday, May 19, 2026

😭 बिरादरी पर टूटा ग़म का पहाड़ — दो घरों से उठीं मातम की सदाएं, नम आंखों के साथ कीजिए मगफिरत की दुआ 😭

पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी से आज दो बेहद अफ़सोसनाक और दिल को ग़मगीन कर देने वाली खबरें हासिल हुई हैं, जिनसे पूरे इलाके में रंजो-ग़म की लहर दौड़ गई। दोनों मरहूमीन अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसारी और नेक सीरत की वजह से बिरादरी में खास पहचान रखते थे। उनके इंतेकाल की खबर सुनकर हर आंख अश्कबार है और लोग उनके लिए दुआ-ए-मगफिरत कर रहे हैं।

🕯️ जनाब कालू मिस्त्री साहब की अहलिया का इंतकाल

आप सभी बिरादराना हजरात को यह इत्तला दी जाती है कि आज दिन बुध बा-तारीख़ 20 मई 2026 को गांव पुसार जिला बागपत, उत्तर प्रदेश हाल बाशिंदे लोनी जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में जनाब कालू मिस्त्री साहब की अहलिया का कज़ा-ए-ईलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूमा के इंतकाल की खबर सुनते ही रिश्तेदारों, अजीज़ों और इलाके के लोगों में गहरा दुख फैल गया। बाद नमाज़ जौहर मैय्यत को किया जाएगा सपुर्द खाक, लिहाज़ा आप सभी हजरात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें 

अल्लाह तआला मरहूमा की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, कब्र की तमाम मंजिलों को आसान फरमाए और जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए।
अल्लाह पाक तमाम अहलेखाना को यह सदमा बर्दाश्त करने का हौसला दे और सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

दफ़्न की दुआ:
“अल्लाहुम्मग़फिर लहा वरहम्हा व आफिहा वाफु अन्हा।”
ऐ अल्लाह! मरहूमा की मगफिरत फरमा, उन पर रहम फरमा, उन्हें आफियत अता फरमा और उनकी खताओं से दरगुज़र फरमा।


🕯️ सामाजिक कार्यकर्ता जनाब महमूद हसन साहब का इंतकाल

दूसरी ग़मगीन खबर कस्बा छपरोली जिला बागपत, उत्तर प्रदेश से हासिल हुई है, जहां बेहद मिलनसार, नेकदिल और सामाजिक कार्यकर्ता जनाब महमूद हसन साहब वल्द जनाब हाजी हकीमू साहब का कल दिन पीर बा-तारीख 18 मई 2026 को कज़ा-ए-ईलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूम अपने खुशमिजाज मिज़ाज, अच्छे अख़लाक और समाजी खिदमात की वजह से इलाके में खास मुकाम रखते थे। उनके इंतकाल से बिरादरी ने एक नेक इंसान और समाज ने एक हमदर्द शख्सियत को खो दिया है। जो भी उनसे मिला, उनके अख़लाक और मोहब्बत को कभी भूल नहीं पाएगा।

मैय्यत को आज दिन मंगल बा-तारीख 19 मई 2026 को सुबह कस्बा छपरोली के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। लिहाज़ा तमाम हजरात से गुजारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

जनाज़े और दफ़्न की दुआ:
“अल्लाहुम्मा इन्ना फलाना फी जिम्मतिका व हब्लि जिवारिका फक़िहि मिन फित्नतिल क़ब्रि व अज़ाबिन्नार।”
ऐ अल्लाह! मरहूम को अपनी हिफाज़त और रहमत में जगह अता फरमा तथा कब्र और जहन्नम के अज़ाब से महफूज़ फरमा।


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Friday, May 15, 2026

💔 “एक और साया उठ गया… ”सोनीपत की सरज़मीं ने खो दिया बिरादरी का एक नेक, असरदार और मिलनसार बुज़ुर्ग


निहायत ही रंजो-ग़म के साथ आप सभी बिरादराना हजरात को यह इत्तिला दी जाती है कि गांव हुल्लाहेरी, जिला सोनीपत हरियाणा के मूल निवासी एवं हाल बाशिंदा ईदगाह कॉलोनी, सोनीपत हरियाणा जनाब हाजी अब्दुल लतीफ़ साहब का आज दिन शनिचर, 16 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। मरहूम की उम्र तकरीबन 95 साल बताई जा रही है।

मरहूम हाजी अब्दुल लतीफ़ साहब अपनी नेकदिली, मिलनसारी, शानदार अख़लाक़ और बिरादरी में मजबूत पकड़ रखने वाले बुज़ुर्गों में शुमार किए जाते थे। वह ऐसे इंसान थे जिनकी बात को लोग एहतराम से सुनते और मानते थे। उनके इंतेकाल की खबर से पूरे इलाके और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई है।

बताया गया है कि मय्यत को आज बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब और बिरादराना हजरात से गुजारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाबे दारेन हासिल करें।

🤲 कब्र पर मिट्टी डालते वक्त पढ़ी जाने वाली दुआ

"मिन्हा खलक्नाकुम व फीहा नुईदुकुम व मिन्हा नुख्रिजुकुम तारतन उख़रा"

तर्जुमा:
“हमने तुम्हें इसी मिट्टी से पैदा किया, और इसी में तुम्हें लौटाएंगे, और इसी से दोबारा निकालेंगे।”

इसके बाद यह दुआ भी पढ़ी जाती है:

"अल्लाहुम्मग़फिर लहु वरहम्हु व आफिहि वाफु अन्हु"

तर्जुमा:
“ऐ अल्लाह! मरहूम की मगफिरत फरमा, उन पर रहम फरमा, उन्हें आफियत अता फरमा और उनकी खतााओं को माफ फरमा।”

अल्लाह तआला मरहूम हाजी अब्दुल लतीफ़ साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

📞 ज्यादा जानकारी के लिए राब्ता करें:

- मोहम्मद इरफ़ान साहब (गौरीपुर वाले) — 9896263240
- मोहम्मद साजिद साहब (सोनीपत वाले) — 9896564786

🔹 पारिवारिक जानकारी 🔹

मरहूम हाजी लतीफ़ साहब के वालिद मोहतरम जनाब सिराजुद्दीन साहब थे। वह कुल 9 भाइयों में शामिल थे, जिनमें से इस वक्त दो भाई हयात हैं जबकि बाकी सभी भाई पहले ही इंतेकाल फरमा चुके हैं।

मरहूम अपने पीछे 4 लड़के, 3 लड़कियां, पौते-पोतियां, नाते-नातिन समेत बड़ा कुनबा और भरा-पूरा खानदान छोड़ गए हैं। उनके इंतेकाल से पूरे परिवार और बिरादरी में गहरा ग़म पाया जा रहा है।

✍️ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए सोनीपत, हरियाणा से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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Thursday, May 14, 2026

🕯️ मोमबत्ती की रोशनी में लिखी गई कामयाबी की कहानी — अरमिश मिर्ज़ा ने साबित कर दिया कि हालात नहीं, हौसले जीतते हैं

जहां आज के दौर में बच्चे छोटी-छोटी सुविधाओं के बिना पढ़ाई की कल्पना भी नहीं कर पाते, वहीं उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत की होनहार बेटी अरमिश मिर्ज़ा ने संघर्ष, सब्र और मेहनत की ऐसी मिसाल पेश की है जिसने हर आंख को नम और हर दिल को गर्व से भर दिया है।

Gateway The No.1 School की छात्रा अरमिश मिर्ज़ा ने CBSE बोर्ड परीक्षा 2025-26 में शानदार 90% अंक प्राप्त कर न केवल अपनी क्लास में पहला मुकाम हासिल किया बल्कि पूरे कॉलेज में 14वां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, खानदान, बिरादरी और समाज का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया।

आपको बताते चलें कि नगर पालिका के सामने एवं कोतवाली सदर बागपत, उत्तर प्रदेश निवासी जनाब मोहम्मद शमी साहब की साहिबजादी अरमिश मिर्ज़ा का परिवार लंबे समय से आपसी रंजिश और घरेलू तनाव से गुजर रहा है। हालात इतने कठिन हो गए कि घर पर लगा सोलर सिस्टम तक हटा दिया गया और घर की बिजली भी काट दी गई

लेकिन कहते हैं ना कि जिनके इरादे बुलंद हों, उनके रास्ते हालात नहीं रोक सकते।
अरमिश मिर्ज़ा ने कभी अपने वालिद मोहम्मद शमी साहब और वालिदा कौशर जहां से किसी सुख-सुविधा की मांग नहीं की। बिजली के अभाव में इस बेटी ने मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई कर वह मुकाम हासिल किया, जिसे पाने का सपना हजारों विद्यार्थी देखते हैं।

यह केवल एक छात्रा की सफलता नहीं, बल्कि संघर्षों पर जीत, हालातों को चुनौती और समाज को आईना दिखाने वाली एक प्रेरणादायक दास्तान है। अरमिश मिर्ज़ा ने साबित कर दिया कि अगर इंसान के अंदर मेहनत, लगन और आत्मविश्वास हो तो अंधेरे घरों से भी रोशनी की नई मिसालें जन्म लेती हैं।

आज पूरी बिरादरी को इस बेटी पर फख्र है।
"मुल्तानी समाज" न्यूज़ परिवार इस होनहार बच्ची को दिल से सैल्यूट करता है और देश की सबसे बड़ी एवं क्रांतिकारी तंजीम "मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट" रजिस्टर्ड ऑल इंडिया से मांग करता है कि अरमिश मिर्ज़ा को बिरादरी के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान "मुल्तानी गौरव अवॉर्ड" से नवाज़ा जाए, ताकि आने वाली नस्लों को भी संघर्ष से लड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

यह कहानी उन लोगों के लिए भी एक जवाब है जो यह समझते हैं कि कामयाबी केवल सुविधाओं से मिलती है।
असलियत यह है कि इतिहास हमेशा उन्हीं लोगों ने लिखा है जिन्होंने अंधेरों में भी अपने सपनों का दिया बुझने नहीं दिया।


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दिल्ली अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए रुड़की के समी-उर-रहमान उर्फ पप्पू, पूरे इलाके में गम का माहौल

“अल्लाह मरहूम की मगफिरत फरमाए और तमाम अहल-ए-खाना को सब्र-ए-जमील अता करे... आमीन”

निहायत ही रंज-ओ-गम के साथ आप सभी बिरादराना हजरात को यह दर्दनाक इत्तिला दी जाती है कि उत्तराखंड के जिला हरिद्वार स्थित रुड़की शहर के मोहल्ला सत्ती, निकट लोहारान मस्जिद निवासी जनाब समी-उर-रहमान उर्फ पप्पू वल्द जनाब मामून साहब ( जिनकी उम्र तकरीबन 65 साल ) का आज बरोज जुमेरात, बा-तारीख़ 14 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया।

मरहूम काफी दिनों से दिल्ली के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे, जहां इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके इंतिकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और पूरे इलाके में गम की लहर दौड़ गई। हर आंख नम दिखाई दी और लोग मरहूम की नेकियों और अच्छे अखलाक को याद करते नजर आए।

बताया जा रहा है कि मरहूम समी-उर-रहमान उर्फ पप्पू, कमर मामून के बड़े भाई थे और अपने मिलनसार स्वभाव एवं अच्छे व्यवहार की वजह से इलाके में खास पहचान रखते थे। उनके इंतिकाल से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है।

मिली जानकारी के मुताबिक मय्यत को कल दिन जुमा बा - तारीख़ 14 मई 2026 को बाद नमाज़ जुमा ( सवा बजे ) किया जाएगा सपुर्द - ए - खाक, लिहाजा आप हजरात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और तमाम घरवालों को इस सदमे को बर्दाश्त करने की ताकत अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

नोट:
मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात हासिल करने के लिए मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के जिला चेयरमैन जनाब मोहम्मद मुद्दसिर जी से मोबाइल नंबर 9917117593 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।


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🌹 मेहनत, दुआ और कामयाबी की खूबसूरत मिसाल बनीं थानाभवन की होनहार बेटी अनम मिर्ज़ा 🌹

उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के क़स्बा थानाभवन की होनहार और प्रतिभाशाली बेटी
अनम मिर्ज़ा साहिबजादी जनाब मोहम्मद अज़ीज साहब
(मरहूम हाजी बशीर अहमद साहब की पौती) ने CBSE बोर्ड 12वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार, खानदान और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इस शानदार कामयाबी पर "मुल्तानी समाज" न्यूज परिवार की जानिब से बेटी अनम मिर्ज़ा को दिली मुबारकबाद पेश की जाती है। साथ ही उनके वालिदैन, दादा-दादी, पूरे कुनबे, खानदान और चाहने वालों को भी ढेरों शुभकामनाएँ।

आज के दौर में बेटियों की तालीम सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की तरक्की की पहचान बन चुकी है। अनम मिर्ज़ा की यह सफलता मेहनत, लगन, अनुशासन और बुजुर्गों की दुआओं का खूबसूरत नतीजा है। यकीनन उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अल्लाह तआला से दुआ है कि बेटी अनम मिर्ज़ा इसी तरह इल्म की रोशनी से अपने भविष्य को चमकाती रहें, कामयाबी की नई बुलंदियों को छूती रहें और अपने कुनबे, खानदान, बिरादरी व मुल्क का नाम रोशन करती रहें। आमीन। 🌹

साथ ही CBSE बोर्ड के सभी 10वीं और 12वीं के सफल छात्र-छात्राओं को भी उज्ज्वल भविष्य के लिए दिली मुबारकबाद और ढेरों शुभकामनाएँ।

📌 विशेष रिपोर्ट
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✨ "मुल्तानी समाज" ✨

थानाभवन, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) से
प्रधान संपादक : ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Wednesday, May 13, 2026

CBSE बोर्ड परीक्षा में चमकी झिंझाना की बेटी इंशा मिर्ज़ा, शानदार सफलता पर क्षेत्र में खुशी की लहर

झिंझाना, शामली। कड़ी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर झिंझाना की होनहार बेटी इंशा मिर्ज़ा पुत्री इरशाद मिर्ज़ा (अली मेडिकल स्टोर) ने CBSE बोर्ड की 12वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बना हुआ है।

इंशा मिर्ज़ा की इस कामयाबी को लेकर लोगों ने उन्हें दिली मुबारकबाद पेश करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। वहीं उनके माता-पिता और पूरे परिवार को भी इस सफलता पर बधाई दी जा रही है। समाज के लोगों का कहना है कि बेटियों की शिक्षा और मेहनत आज समाज के लिए प्रेरणा बन रही है तथा इंशा मिर्ज़ा की यह उपलब्धि अन्य छात्राओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

CBSE बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। ऐसे में इंशा मिर्ज़ा ने जिस मेहनत और समर्पण के साथ यह मुकाम हासिल किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं की ऐसी उपलब्धियाँ समाज में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा करती हैं।

इसी अवसर पर CBSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में सफल होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को भी हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। उनके बेहतर भविष्य और निरंतर तरक्की के लिए दुआ की गई कि अल्लाह तआला सभी विद्यार्थियों को जिंदगी के हर मैदान में कामयाबी अता फरमाए और उनके सपनों को पूरा करे।

आज के दौर में शिक्षा ही वह ताकत है जो युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य प्रदान करती है। इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने माता-पिता तथा क्षेत्र का नाम रोशन करें।

प्रधान संपादक : ज़मीर आलम
झिंझाना, जिला शामली, उत्तर प्रदेश

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Monday, May 11, 2026

मंगलौर रुड़की निवासी इदरीस साहब का इंतकाल, इलाके में शोक की लहर — नम आंखों से की जाएगी सुपुर्द-ए-ख़ाक

मुजफ्फरनगर/रुड़की। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह दुखद सूचना प्राप्त हुई कि मंगलौर, रुड़की निवासी इदरीस साहब वल्द हमीद साहब, जो वर्तमान में सहारनपुर प्राइवेट बस स्टैंड के निकट माया पैलेस, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में रह रहे थे, का आज दिन मंगलवार, 12 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और बिरादरी में गम का माहौल फैल गया।

मरहूम अपने अच्छे अखलाक, मिलनसार स्वभाव और सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे। मोहल्ले और बिरादरी के लोगों के बीच उनकी पहचान एक नेकदिल और शरीफ इंसान के रूप में थी। उनके इंतकाल से परिवार ही नहीं बल्कि जानने वालों के दिलों में भी गहरा दुख पहुंचा है।

परिजनों के अनुसार मरहूम की मय्यत को आज बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। बिरादराना हजरात और तमाम अहबाब से गुजारिश की गई है कि जनाजे में शरीक होकर मरहूम के लिए मगफिरत की दुआ करें और सवाबे दारेन हासिल करें।

मय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए हाजी जाहिद साहब (मल्हूपुरा वाले) से मोबाइल नंबर 9258491478 पर संपर्क किया जा सकता है।

अल्लाह तआला मरहूम इदरीस साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और तमाम अहलेखाना को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन। 🤲

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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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📞 9410652990
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रुड़की से आई इंतकाल की दर्दनाक खबर, मुल्तानी बिरादरी में शोक की लहर

मरहूम मोहम्मद साले आबिद के इंतकाल पर मगफिरत की दुआओं का सिलसिला जारी

क़स्बा रुड़की, जिला हरिद्वार उत्तराखंड से आज एक बेहद रंज-ओ-ग़म की खबर सामने आई, जिसने मुस्लिम मुल्तानी लौहार एवं बढ़ई बिरादरी को गहरे सदमे में डाल दिया। निहायत ही अफसोस के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि मोहम्मद साले आबिद साहब (जालीसुर रहमान बड़े कारखाने, एक्सपोर्टर वाले के साले साहब) का आज बरोज़ पीर, तारीख़ 11 मई 2026 को सुबह इंतकाल हो गया।

मरहूम निवासी मोहल्ला सत्ती, निकट मस्जिद लोहारान, रुड़की थे और अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसार तबीयत तथा बिरादरी में इज़्ज़तदार पहचान के लिए जाने जाते थे। उनके इंतकाल की खबर सुनते ही इलाके में ग़म का माहौल छा गया और दूर-दराज़ से लोगों ने पहुंचकर अफसोस जताया।

मय्यत को बाद नमाज़ ज़ोहर सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया, जहां बड़ी तादाद में लोगों ने नम आंखों के साथ आख़िरी दीदार किया और मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की। हर जुबान पर यही दुआ रही कि अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। आमीन।

साथ ही तमाम अहल-ए-ख़ाना और रिश्तेदारों के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ की जा रही है। किसी अपने का बिछड़ जाना जिंदगी का सबसे बड़ा ग़म होता है और इस मुश्किल घड़ी में पूरी बिरादरी ग़मज़दा परिवार के साथ खड़ी है।

मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात हासिल करने के लिए मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के जिला चैयरमैन मोहम्मद मुद्दसिर साहब से मोबाइल नंबर 9917117593 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए भीलवाड़ा, राजस्थान से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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दुआ:
“ऐ अल्लाह! मरहूम की तमाम खतााओं को माफ फरमा, उनकी मगफिरत अता फरमा, उनकी कब्र को नूर से भर दे और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।”

कैराना से बेहद ग़मगीन खबर : मोहम्मद कमर साहब का इंतेकाल, इलाके में शोक की लहर

कैराना, शामली (उत्तर प्रदेश) से एक निहायत ही रंज-ओ-ग़म भरी खबर सामने आई है। क़स्बा कैराना निवासी जनाब मोहम्मद कमर साहब वल्द जनाब हाफ़िज़ मोहम्मद उमर साहब का आज बरोज पीर, बा-तारीख़ 11 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। इस दुखद खबर के बाद परिवार, रिश्तेदारों और बिरादरी में गहरे ग़म का माहौल बना हुआ है।

मरहूम अपने अख़लाक, सादगी और मिलनसार तबीयत की वजह से इलाके में खास पहचान रखते थे। उनके इंतेकाल की खबर सुनते ही लोगों का ताज़ियत के लिए उनके निवास स्थान पर पहुंचना लगातार जारी है। हर आंख नम है और हर ज़ुबान से मरहूम के लिए मग़फिरत की दुआ निकल रही है।

परिजनों के मुताबिक मरहूम की मय्यत को बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश की गई है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और ग़मज़दा परिवार को सब्र दें।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। साथ ही घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

नोट :
मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात के लिए मोहम्मद शहज़ाद साहब से मोबाईल नंबर 9639473913 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए कैराना, शामली (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, संदेश, किस्से-कहानियां या विज्ञापन प्रसारित कराना चाहते हैं तो नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं :

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Saturday, May 9, 2026

शामली में गम की लहर: हज्जन शमशीदा बी का इंतकाल, नम आंखों से दी जाएगी आख़िरी विदाई

शामली जनपद के मोहल्ला गुलशन नगर में उस वक्त गम और मायूसी का माहौल छा गया, जब इलाके की सम्मानित और दीनी ख्यालात रखने वाली बुजुर्ग शख्सियत हज्जन शमशीदा बी का इंतकाल हो गया।

इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मिली जानकारी के अनुसार गली नंबर-2, मोहल्ला गुलशन नगर, शामली निवासी हाजी इलियास साहब (नए गांव वाले) की अहलिया हज्जन शमशीदा बी, जिनका मायका बंतीखेड़ा बताया जाता है, का आज सुबह मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। उनकी उम्र तकरीबन 65 वर्ष थी।

बीमारी के बावजूद पूरा किया था हज का सफर

परिवार और करीबी लोगों के मुताबिक हज्जन शमशीदा बी काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पिछले वर्ष हज का मुकद्दस सफर भी पूरा किया था।
इलाके की महिलाओं में उन्हें एक बेहद नेक, मिलनसार और दीनी ख्यालात रखने वाली शख्सियत के तौर पर जाना जाता था।

बताया जाता है कि वह नमाज़ और रोज़े की पाबंद थीं तथा हमेशा लोगों से मोहब्बत और अदब के साथ पेश आती थीं। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जानने वालों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया।


पीछे छोड़ गई भरा-पूरा कुनबा

मरहूमा अपने पीछे अपने शौहर हाजी इलियास साहब समेत छह बेटे —
मोहम्मद परवेज, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद जुनैद और मोहम्मद अमिल — तथा दो बेटियां शाइस्ता बी (खतौली) और गुलिस्ता (भगवानपुर, रुड़की) को रोता-बिलखता छोड़ गईं।

इसके अलावा पौते-पोतियां, नाते-नातिन, रिश्तेदार और पूरा खानदान इस दुखद घटना से सदमे में है।
घर में मातम का माहौल है और हर आंख नम दिखाई दे रही है।


असर की नमाज़ के बाद होगी सुपुर्द-ए-खाक

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार मरहूमा की मय्यत को आज बाद नमाज़ असर मोहल्ला गुलशन नगर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

बिरादरी और इलाके के लोगों से जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मगफिरत करने की अपील की गई है, ताकि सवाब-ए-दारेन हासिल हो सके।


दुआ-ए-मगफिरत की अपील

अल्लाह तआला मरहूमा हज्जन शमशीदा बी की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे और तमाम घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन सुम्मा आमीन।


ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें

मरहूमा के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए जनाब महबूब साहब (गढ़ी पुख्ता वाले) से संपर्क किया जा सकता है:

मोबाइल नंबर: 9719345444


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, संदेश, किस्से, कहानियां या विज्ञापन प्रसारित कराना चाहते हैं तो संपर्क करें:

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