Friday, May 15, 2026

💔 “एक और साया उठ गया… ”सोनीपत की सरज़मीं ने खो दिया बिरादरी का एक नेक, असरदार और मिलनसार बुज़ुर्ग


निहायत ही रंजो-ग़म के साथ आप सभी बिरादराना हजरात को यह इत्तिला दी जाती है कि गांव हुल्लाहेरी, जिला सोनीपत हरियाणा के मूल निवासी एवं हाल बाशिंदा ईदगाह कॉलोनी, सोनीपत हरियाणा जनाब हाजी अब्दुल लतीफ़ साहब का आज दिन शनिचर, 16 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। मरहूम की उम्र तकरीबन 95 साल बताई जा रही है।

मरहूम हाजी अब्दुल लतीफ़ साहब अपनी नेकदिली, मिलनसारी, शानदार अख़लाक़ और बिरादरी में मजबूत पकड़ रखने वाले बुज़ुर्गों में शुमार किए जाते थे। वह ऐसे इंसान थे जिनकी बात को लोग एहतराम से सुनते और मानते थे। उनके इंतेकाल की खबर से पूरे इलाके और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई है।

बताया गया है कि मय्यत को आज बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब और बिरादराना हजरात से गुजारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें और सवाबे दारेन हासिल करें।

🤲 कब्र पर मिट्टी डालते वक्त पढ़ी जाने वाली दुआ

"मिन्हा खलक्नाकुम व फीहा नुईदुकुम व मिन्हा नुख्रिजुकुम तारतन उख़रा"

तर्जुमा:
“हमने तुम्हें इसी मिट्टी से पैदा किया, और इसी में तुम्हें लौटाएंगे, और इसी से दोबारा निकालेंगे।”

इसके बाद यह दुआ भी पढ़ी जाती है:

"अल्लाहुम्मग़फिर लहु वरहम्हु व आफिहि वाफु अन्हु"

तर्जुमा:
“ऐ अल्लाह! मरहूम की मगफिरत फरमा, उन पर रहम फरमा, उन्हें आफियत अता फरमा और उनकी खतााओं को माफ फरमा।”

अल्लाह तआला मरहूम हाजी अब्दुल लतीफ़ साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

📞 ज्यादा जानकारी के लिए राब्ता करें:

- मोहम्मद इरफ़ान साहब (गौरीपुर वाले) — 9896263240
- मोहम्मद साजिद साहब (सोनीपत वाले) — 9896564786

🔹 पारिवारिक जानकारी 🔹

मरहूम हाजी लतीफ़ साहब के वालिद मोहतरम जनाब सिराजुद्दीन साहब थे। वह कुल 9 भाइयों में शामिल थे, जिनमें से इस वक्त दो भाई हयात हैं जबकि बाकी सभी भाई पहले ही इंतेकाल फरमा चुके हैं।

मरहूम अपने पीछे 4 लड़के, 3 लड़कियां, पौते-पोतियां, नाते-नातिन समेत बड़ा कुनबा और भरा-पूरा खानदान छोड़ गए हैं। उनके इंतेकाल से पूरे परिवार और बिरादरी में गहरा ग़म पाया जा रहा है।

✍️ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज पोर्टल/यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए सोनीपत, हरियाणा से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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Thursday, May 14, 2026

🕯️ मोमबत्ती की रोशनी में लिखी गई कामयाबी की कहानी — अरमिश मिर्ज़ा ने साबित कर दिया कि हालात नहीं, हौसले जीतते हैं

जहां आज के दौर में बच्चे छोटी-छोटी सुविधाओं के बिना पढ़ाई की कल्पना भी नहीं कर पाते, वहीं उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत की होनहार बेटी अरमिश मिर्ज़ा ने संघर्ष, सब्र और मेहनत की ऐसी मिसाल पेश की है जिसने हर आंख को नम और हर दिल को गर्व से भर दिया है।

Gateway The No.1 School की छात्रा अरमिश मिर्ज़ा ने CBSE बोर्ड परीक्षा 2025-26 में शानदार 90% अंक प्राप्त कर न केवल अपनी क्लास में पहला मुकाम हासिल किया बल्कि पूरे कॉलेज में 14वां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, खानदान, बिरादरी और समाज का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया।

आपको बताते चलें कि नगर पालिका के सामने एवं कोतवाली सदर बागपत, उत्तर प्रदेश निवासी जनाब मोहम्मद शमी साहब की साहिबजादी अरमिश मिर्ज़ा का परिवार लंबे समय से आपसी रंजिश और घरेलू तनाव से गुजर रहा है। हालात इतने कठिन हो गए कि घर पर लगा सोलर सिस्टम तक हटा दिया गया और घर की बिजली भी काट दी गई

लेकिन कहते हैं ना कि जिनके इरादे बुलंद हों, उनके रास्ते हालात नहीं रोक सकते।
अरमिश मिर्ज़ा ने कभी अपने वालिद मोहम्मद शमी साहब और वालिदा कौशर जहां से किसी सुख-सुविधा की मांग नहीं की। बिजली के अभाव में इस बेटी ने मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई कर वह मुकाम हासिल किया, जिसे पाने का सपना हजारों विद्यार्थी देखते हैं।

यह केवल एक छात्रा की सफलता नहीं, बल्कि संघर्षों पर जीत, हालातों को चुनौती और समाज को आईना दिखाने वाली एक प्रेरणादायक दास्तान है। अरमिश मिर्ज़ा ने साबित कर दिया कि अगर इंसान के अंदर मेहनत, लगन और आत्मविश्वास हो तो अंधेरे घरों से भी रोशनी की नई मिसालें जन्म लेती हैं।

आज पूरी बिरादरी को इस बेटी पर फख्र है।
"मुल्तानी समाज" न्यूज़ परिवार इस होनहार बच्ची को दिल से सैल्यूट करता है और देश की सबसे बड़ी एवं क्रांतिकारी तंजीम "मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट" रजिस्टर्ड ऑल इंडिया से मांग करता है कि अरमिश मिर्ज़ा को बिरादरी के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान "मुल्तानी गौरव अवॉर्ड" से नवाज़ा जाए, ताकि आने वाली नस्लों को भी संघर्ष से लड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सके।

यह कहानी उन लोगों के लिए भी एक जवाब है जो यह समझते हैं कि कामयाबी केवल सुविधाओं से मिलती है।
असलियत यह है कि इतिहास हमेशा उन्हीं लोगों ने लिखा है जिन्होंने अंधेरों में भी अपने सपनों का दिया बुझने नहीं दिया।


📌 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए बागपत, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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दिल्ली अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए रुड़की के समी-उर-रहमान उर्फ पप्पू, पूरे इलाके में गम का माहौल

“अल्लाह मरहूम की मगफिरत फरमाए और तमाम अहल-ए-खाना को सब्र-ए-जमील अता करे... आमीन”

निहायत ही रंज-ओ-गम के साथ आप सभी बिरादराना हजरात को यह दर्दनाक इत्तिला दी जाती है कि उत्तराखंड के जिला हरिद्वार स्थित रुड़की शहर के मोहल्ला सत्ती, निकट लोहारान मस्जिद निवासी जनाब समी-उर-रहमान उर्फ पप्पू वल्द जनाब मामून साहब ( जिनकी उम्र तकरीबन 65 साल ) का आज बरोज जुमेरात, बा-तारीख़ 14 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया।

मरहूम काफी दिनों से दिल्ली के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे, जहां इलाज के दौरान उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके इंतिकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और पूरे इलाके में गम की लहर दौड़ गई। हर आंख नम दिखाई दी और लोग मरहूम की नेकियों और अच्छे अखलाक को याद करते नजर आए।

बताया जा रहा है कि मरहूम समी-उर-रहमान उर्फ पप्पू, कमर मामून के बड़े भाई थे और अपने मिलनसार स्वभाव एवं अच्छे व्यवहार की वजह से इलाके में खास पहचान रखते थे। उनके इंतिकाल से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है।

मिली जानकारी के मुताबिक मय्यत को कल दिन जुमा बा - तारीख़ 14 मई 2026 को बाद नमाज़ जुमा ( सवा बजे ) किया जाएगा सपुर्द - ए - खाक, लिहाजा आप हजरात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और तमाम घरवालों को इस सदमे को बर्दाश्त करने की ताकत अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

नोट:
मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात हासिल करने के लिए मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के जिला चेयरमैन जनाब मोहम्मद मुद्दसिर जी से मोबाइल नंबर 9917117593 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए रुड़की जिला हरिद्वार, उत्तराखंड से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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🌹 मेहनत, दुआ और कामयाबी की खूबसूरत मिसाल बनीं थानाभवन की होनहार बेटी अनम मिर्ज़ा 🌹

उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के क़स्बा थानाभवन की होनहार और प्रतिभाशाली बेटी
अनम मिर्ज़ा साहिबजादी जनाब मोहम्मद अज़ीज साहब
(मरहूम हाजी बशीर अहमद साहब की पौती) ने CBSE बोर्ड 12वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार, खानदान और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

इस शानदार कामयाबी पर "मुल्तानी समाज" न्यूज परिवार की जानिब से बेटी अनम मिर्ज़ा को दिली मुबारकबाद पेश की जाती है। साथ ही उनके वालिदैन, दादा-दादी, पूरे कुनबे, खानदान और चाहने वालों को भी ढेरों शुभकामनाएँ।

आज के दौर में बेटियों की तालीम सिर्फ एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की तरक्की की पहचान बन चुकी है। अनम मिर्ज़ा की यह सफलता मेहनत, लगन, अनुशासन और बुजुर्गों की दुआओं का खूबसूरत नतीजा है। यकीनन उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अल्लाह तआला से दुआ है कि बेटी अनम मिर्ज़ा इसी तरह इल्म की रोशनी से अपने भविष्य को चमकाती रहें, कामयाबी की नई बुलंदियों को छूती रहें और अपने कुनबे, खानदान, बिरादरी व मुल्क का नाम रोशन करती रहें। आमीन। 🌹

साथ ही CBSE बोर्ड के सभी 10वीं और 12वीं के सफल छात्र-छात्राओं को भी उज्ज्वल भविष्य के लिए दिली मुबारकबाद और ढेरों शुभकामनाएँ।

📌 विशेष रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज पोर्टल / यूट्यूब चैनल
✨ "मुल्तानी समाज" ✨

थानाभवन, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) से
प्रधान संपादक : ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Wednesday, May 13, 2026

CBSE बोर्ड परीक्षा में चमकी झिंझाना की बेटी इंशा मिर्ज़ा, शानदार सफलता पर क्षेत्र में खुशी की लहर

झिंझाना, शामली। कड़ी मेहनत, लगन और हौसले के दम पर झिंझाना की होनहार बेटी इंशा मिर्ज़ा पुत्री इरशाद मिर्ज़ा (अली मेडिकल स्टोर) ने CBSE बोर्ड की 12वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बना हुआ है।

इंशा मिर्ज़ा की इस कामयाबी को लेकर लोगों ने उन्हें दिली मुबारकबाद पेश करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। वहीं उनके माता-पिता और पूरे परिवार को भी इस सफलता पर बधाई दी जा रही है। समाज के लोगों का कहना है कि बेटियों की शिक्षा और मेहनत आज समाज के लिए प्रेरणा बन रही है तथा इंशा मिर्ज़ा की यह उपलब्धि अन्य छात्राओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

CBSE बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त करना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। ऐसे में इंशा मिर्ज़ा ने जिस मेहनत और समर्पण के साथ यह मुकाम हासिल किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है। शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं की ऐसी उपलब्धियाँ समाज में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा करती हैं।

इसी अवसर पर CBSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में सफल होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को भी हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। उनके बेहतर भविष्य और निरंतर तरक्की के लिए दुआ की गई कि अल्लाह तआला सभी विद्यार्थियों को जिंदगी के हर मैदान में कामयाबी अता फरमाए और उनके सपनों को पूरा करे।

आज के दौर में शिक्षा ही वह ताकत है जो युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य प्रदान करती है। इसलिए विद्यार्थियों को चाहिए कि वे मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने माता-पिता तथा क्षेत्र का नाम रोशन करें।

प्रधान संपादक : ज़मीर आलम
झिंझाना, जिला शामली, उत्तर प्रदेश

"मुल्तानी समाज"
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Monday, May 11, 2026

मंगलौर रुड़की निवासी इदरीस साहब का इंतकाल, इलाके में शोक की लहर — नम आंखों से की जाएगी सुपुर्द-ए-ख़ाक

मुजफ्फरनगर/रुड़की। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह दुखद सूचना प्राप्त हुई कि मंगलौर, रुड़की निवासी इदरीस साहब वल्द हमीद साहब, जो वर्तमान में सहारनपुर प्राइवेट बस स्टैंड के निकट माया पैलेस, मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में रह रहे थे, का आज दिन मंगलवार, 12 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और बिरादरी में गम का माहौल फैल गया।

मरहूम अपने अच्छे अखलाक, मिलनसार स्वभाव और सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे। मोहल्ले और बिरादरी के लोगों के बीच उनकी पहचान एक नेकदिल और शरीफ इंसान के रूप में थी। उनके इंतकाल से परिवार ही नहीं बल्कि जानने वालों के दिलों में भी गहरा दुख पहुंचा है।

परिजनों के अनुसार मरहूम की मय्यत को आज बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। बिरादराना हजरात और तमाम अहबाब से गुजारिश की गई है कि जनाजे में शरीक होकर मरहूम के लिए मगफिरत की दुआ करें और सवाबे दारेन हासिल करें।

मय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए हाजी जाहिद साहब (मल्हूपुरा वाले) से मोबाइल नंबर 9258491478 पर संपर्क किया जा सकता है।

अल्लाह तआला मरहूम इदरीस साहब की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और तमाम अहलेखाना को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन। 🤲

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रुड़की से आई इंतकाल की दर्दनाक खबर, मुल्तानी बिरादरी में शोक की लहर

मरहूम मोहम्मद साले आबिद के इंतकाल पर मगफिरत की दुआओं का सिलसिला जारी

क़स्बा रुड़की, जिला हरिद्वार उत्तराखंड से आज एक बेहद रंज-ओ-ग़म की खबर सामने आई, जिसने मुस्लिम मुल्तानी लौहार एवं बढ़ई बिरादरी को गहरे सदमे में डाल दिया। निहायत ही अफसोस के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि मोहम्मद साले आबिद साहब (जालीसुर रहमान बड़े कारखाने, एक्सपोर्टर वाले के साले साहब) का आज बरोज़ पीर, तारीख़ 11 मई 2026 को सुबह इंतकाल हो गया।

मरहूम निवासी मोहल्ला सत्ती, निकट मस्जिद लोहारान, रुड़की थे और अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसार तबीयत तथा बिरादरी में इज़्ज़तदार पहचान के लिए जाने जाते थे। उनके इंतकाल की खबर सुनते ही इलाके में ग़म का माहौल छा गया और दूर-दराज़ से लोगों ने पहुंचकर अफसोस जताया।

मय्यत को बाद नमाज़ ज़ोहर सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया, जहां बड़ी तादाद में लोगों ने नम आंखों के साथ आख़िरी दीदार किया और मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की। हर जुबान पर यही दुआ रही कि अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। आमीन।

साथ ही तमाम अहल-ए-ख़ाना और रिश्तेदारों के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ की जा रही है। किसी अपने का बिछड़ जाना जिंदगी का सबसे बड़ा ग़म होता है और इस मुश्किल घड़ी में पूरी बिरादरी ग़मज़दा परिवार के साथ खड़ी है।

मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात हासिल करने के लिए मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के जिला चैयरमैन मोहम्मद मुद्दसिर साहब से मोबाइल नंबर 9917117593 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।

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दुआ:
“ऐ अल्लाह! मरहूम की तमाम खतााओं को माफ फरमा, उनकी मगफिरत अता फरमा, उनकी कब्र को नूर से भर दे और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।”

कैराना से बेहद ग़मगीन खबर : मोहम्मद कमर साहब का इंतेकाल, इलाके में शोक की लहर

कैराना, शामली (उत्तर प्रदेश) से एक निहायत ही रंज-ओ-ग़म भरी खबर सामने आई है। क़स्बा कैराना निवासी जनाब मोहम्मद कमर साहब वल्द जनाब हाफ़िज़ मोहम्मद उमर साहब का आज बरोज पीर, बा-तारीख़ 11 मई 2026 को कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। इस दुखद खबर के बाद परिवार, रिश्तेदारों और बिरादरी में गहरे ग़म का माहौल बना हुआ है।

मरहूम अपने अख़लाक, सादगी और मिलनसार तबीयत की वजह से इलाके में खास पहचान रखते थे। उनके इंतेकाल की खबर सुनते ही लोगों का ताज़ियत के लिए उनके निवास स्थान पर पहुंचना लगातार जारी है। हर आंख नम है और हर ज़ुबान से मरहूम के लिए मग़फिरत की दुआ निकल रही है।

परिजनों के मुताबिक मरहूम की मय्यत को बाद नमाज़ असर सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश की गई है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और ग़मज़दा परिवार को सब्र दें।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। साथ ही घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

नोट :
मय्यत के सिलसिले में ज्यादा मालूमात के लिए मोहम्मद शहज़ाद साहब से मोबाईल नंबर 9639473913 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए कैराना, शामली (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।

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Saturday, May 9, 2026

शामली में गम की लहर: हज्जन शमशीदा बी का इंतकाल, नम आंखों से दी जाएगी आख़िरी विदाई

शामली जनपद के मोहल्ला गुलशन नगर में उस वक्त गम और मायूसी का माहौल छा गया, जब इलाके की सम्मानित और दीनी ख्यालात रखने वाली बुजुर्ग शख्सियत हज्जन शमशीदा बी का इंतकाल हो गया।

इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मिली जानकारी के अनुसार गली नंबर-2, मोहल्ला गुलशन नगर, शामली निवासी हाजी इलियास साहब (नए गांव वाले) की अहलिया हज्जन शमशीदा बी, जिनका मायका बंतीखेड़ा बताया जाता है, का आज सुबह मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। उनकी उम्र तकरीबन 65 वर्ष थी।

बीमारी के बावजूद पूरा किया था हज का सफर

परिवार और करीबी लोगों के मुताबिक हज्जन शमशीदा बी काफी समय से अस्वस्थ चल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पिछले वर्ष हज का मुकद्दस सफर भी पूरा किया था।
इलाके की महिलाओं में उन्हें एक बेहद नेक, मिलनसार और दीनी ख्यालात रखने वाली शख्सियत के तौर पर जाना जाता था।

बताया जाता है कि वह नमाज़ और रोज़े की पाबंद थीं तथा हमेशा लोगों से मोहब्बत और अदब के साथ पेश आती थीं। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, पड़ोसियों और जानने वालों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया।


पीछे छोड़ गई भरा-पूरा कुनबा

मरहूमा अपने पीछे अपने शौहर हाजी इलियास साहब समेत छह बेटे —
मोहम्मद परवेज, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद जुनैद और मोहम्मद अमिल — तथा दो बेटियां शाइस्ता बी (खतौली) और गुलिस्ता (भगवानपुर, रुड़की) को रोता-बिलखता छोड़ गईं।

इसके अलावा पौते-पोतियां, नाते-नातिन, रिश्तेदार और पूरा खानदान इस दुखद घटना से सदमे में है।
घर में मातम का माहौल है और हर आंख नम दिखाई दे रही है।


असर की नमाज़ के बाद होगी सुपुर्द-ए-खाक

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार मरहूमा की मय्यत को आज बाद नमाज़ असर मोहल्ला गुलशन नगर स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

बिरादरी और इलाके के लोगों से जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मगफिरत करने की अपील की गई है, ताकि सवाब-ए-दारेन हासिल हो सके।


दुआ-ए-मगफिरत की अपील

अल्लाह तआला मरहूमा हज्जन शमशीदा बी की मगफिरत फरमाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे और तमाम घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन सुम्मा आमीन।


ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें

मरहूमा के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए जनाब महबूब साहब (गढ़ी पुख्ता वाले) से संपर्क किया जा सकता है:

मोबाइल नंबर: 9719345444


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

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शामली से बेहद गमगीन खबर: मोहम्मद इलियास की अहलिया का इंतेकाल, इलाके में शोक की लहर

निहायत ही अफसोस और रंजो-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हजरात को इत्तिला दी जाती है कि मोहम्मद इलियास वल्द हाजी इस्माईल (मरहूम) नए गांव वाले,हाल निवासी गली नंबर-2, मोहल्ला गुलशन, शामली, उत्तर प्रदेश की अहलिया का इंतकाल हो गया है।

इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन।

इस दुखद खबर के बाद परिवार, रिश्तेदारों और इलाके में गम का माहौल है।
पूरी खबर तफसील के साथ कुछ ही देर में…

बड़ौत में शोक की लहर: अंजुमन के पहले सदर हाजी इदरीश साहब के बेटे महमूद का इंतकाल, बिरादरी में गम का माहौल

बागपत जनपद के बड़ौत नगर स्थित मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी में उस समय गम और मायूसी की लहर दौड़ गई, जब बिरादरी के सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखने वाले महमूद पुत्र हाजी जनाब इदरीश साहब का इंतकाल हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार महमूद की उम्र लगभग 45 वर्ष थी और उनका इंतकाल दिनांक 9 मई 2026 की शाम इशा की नमाज़ के वक्त हुआ।

मरहूम महमूद बड़ौत के फूंस वाली मस्जिद के पीछे, मुहल्ला पुरियान वाली गली के निवासी थे। उनके इंतकाल की खबर फैलते ही रिश्तेदारों, अजीजों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया। पूरे इलाके में गमगीन माहौल बना हुआ है।

दो साल पहले जवान बेटे का भी हुआ था इंतकाल

इस दुखद घटना ने लोगों को इसलिए भी ज्यादा भावुक कर दिया क्योंकि लगभग दो वर्ष पूर्व मरहूम महमूद के जवान बेटे मुहम्मद कैश का भी इंतकाल हो गया था।
एक पिता के रूप में उस सदमे को सहने के बाद अब खुद महमूद साहब का इस दुनिया से चले जाना परिवार पर दुखों का पहाड़ बनकर टूटा है।

मरहूम अपने पीछे तीन बेटियां, पत्नी और भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो इस समय गहरे सदमे और गम में डूबा हुआ है।


नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-खाक की तैयारी

परिवार और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार मरहूम महमूद की नमाज़-ए-जनाज़ा कल दिनांक 10 मई 2026 को सुबह लगभग 9 बजे से 10 बजे के बीच फूंस वाली मस्जिद, बड़ौत में अदा किए जाने की उम्मीद है।

इसके बाद मरहूम को गौर-ए-गरीबां कब्रिस्तान, बड़का रोड बड़ौत में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
हालांकि अंतिम समय की आधिकारिक पुष्टि परिवार द्वारा की जाएगी।


बिरादरी और क्षेत्र में शोक

मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी के लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि मरहूम महमूद बेहद मिलनसार और सादगी पसंद इंसान थे। उनके इंतकाल से बिरादरी ने एक नेकदिल शख्सियत को खो दिया है।

लोग लगातार उनके घर पहुंचकर परिवार को तसल्ली दे रहे हैं और मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत की जा रही है।


दुआ की अपील

अल्लाह तआला मरहूम महमूद को जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए, उनकी मगफिरत फरमाए और परिवार को सब्र-ए-जमील अता करे।
आमीन सुम्मा आमीन।

ज्यादा जानकारी के लिए दिलशाद वल्द हफीजुद्दीन साहब से संपर्क किया जा सकता है:
मोबाइल: 9897221083

एक-दूसरे तक खबर पहुंचाने की गुजारिश की गई है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए बड़ौत जिला बागपत, उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

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Tuesday, May 5, 2026

🌙 सब्र, हिम्मत और खुशियों का सफर: शीबा–मुस्तफा कमाल का मुकद्दस निकाह सहारनपुर में अदा

देवबंद निवासी जनाब अब्दुल सलाम साहब की बहन, नोशरा साहिबा एक मशहूर-ओ-मारूफ शख्सियत के तौर पर जानी जाती हैं। उनकी ज़िंदगी अपने आप में सब्र, हिम्मत और जिम्मेदारियों को निभाने की एक मिसाल रही है। उनका निकाह थाना भवन के प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखने वाले, मुश्ताक साहब (ट्रैक्टर वालों) के छोटे भाई जनाब हारून अली साहब से हुआ था। निकाह के बाद वह लिलौन में अपने ससुराल में ससुर साहब के साथ बेहद सुकून और इज़्ज़त के साथ रह रही थीं।

🌿 जिंदगी के इम्तिहान और हिम्मत की मिसाल

वक्त ने करवट ली और ससुर साहब के साथ-साथ उनके शौहर हारून अली साहब का इंतकाल हो गया। यह दौर उनके लिए बेहद दर्दनाक रहा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पहले देवबंद और फिर रुड़की मुन्तक़िल होकर उन्होंने अपनी जिंदगी को नए सिरे से संभाला और आगे बढ़ाया।

👩‍👧 बेटी की परवरिश और बेहतर परवरिश का नतीजा

नोशरा साहिबा ने अपनी बेटी शीबा की परवरिश बेहद अच्छे संस्कारों और तालीम के साथ की। उनकी मेहनत और परवरिश का ही नतीजा रहा कि शीबा एक नेक और सलीकेदार शख्सियत के रूप में सामने आईं।

💍 मुबारक निकाह: एक खुशनुमा मौका

आखिरकार वह खुशनुमा घड़ी आई जब शीबा का निकाह सहारनपुर के सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखने वाले जनाब मुस्तफा कमाल साहब के साथ तय हुआ।

यह मुबारक निकाह सहारनपुर के मशहूर न्यू हैदराबाद पैलेस, 62 फुटा रोड पर बड़े ही शानदार और सादगी भरे अंदाज़ में अदा किया गया। नोशरा साहिबा रुड़की से सहारनपुर पहुंचीं और पूरे परिवार के साथ इस खुशी के मौके में शरीक हुईं।

🤝 बिरादरी की खास शिरकत

इस शादी में मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन जनाब मोहम्मद आलम साहब समेत बिरादरी के कई मशहूर और कोहिनूर शख्सियतों ने शिरकत की और दूल्हा-दुल्हन को अपनी दुआओं से नवाज़ा।

🕊️ दुआओं और खुशियों से भरा समां

निकाह की रस्में बेहद खुशनुमा माहौल में अदा की गईं, जहां बारात का स्वागत, निकाह मस्नून, दावत और रुखसती—हर लम्हा यादगार बन गया। यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच मोहब्बत और रिश्तों की एक नई शुरुआत भी थी।

✨ एक प्रेरणादायक कहानी

नोशरा साहिबा की जिंदगी यह साबित करती है कि मुश्किल हालात में भी अगर इंसान सब्र और हिम्मत से काम ले, तो वह अपने बच्चों के लिए बेहतर मुकाम बना सकता है।


📢 ख़ास सूचना:

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए यह ख़ास रिपोर्ट सहारनपुर (उत्तर प्रदेश ) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम द्वारा प्रस्तुत की गई है।

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