Tuesday, August 11, 2026

एक माह बाद घर लौटा अंसार अहमद, परिवार में लौटी रौनक — बड़े भाई की सूझबूझ से दूर हुई नाराज़गी, फिर एक साथ रहने पर राज़ी हुए दोनों पक्ष

कैराना में खुशी की लहर: घर से नाराज़ होकर लापता हुआ नौजवान जमात में चला गया था, आज बड़े भाई हाजी इसरार साहब उसे वापस लेकर घर पहुंचे

कैराना/शामली, 11 अगस्त 2026।
तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी के लोगों के लिए यह इत्तिला यक़ीनन खुशी और इत्मीनान का सबब है कि अंसार अहमद वल्द हाजी इश्तियाक साहब (मरहूम), मूल निवासी झिंझाना एवं हाल बाशिंदे कस्बा कैराना, जिला शामली, उत्तर प्रदेश, जो पिछले करीब एक माह से घर से लापता थे, आखिरकार आज खैरियत के साथ अपने घर वापस लौट आए हैं।

अंसार अहमद के लापता होने की खबर “मुल्तानी समाज” न्यूज़ पोर्टल पर भी प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद बिरादरी के लोगों में उनके सकुशल घर लौटने को लेकर दुआ और फिक्र का माहौल बना हुआ था।

एक कॉल ने खत्म किया एक महीने का इंतज़ार

मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को उस समय परिवार की बेचैनी खुशी में बदल गई, जब लापता अंसार अहमद ने अपने बड़े भाई जनाब हाजी इसरार साहब, गुरुग्राम वालों को फोन करके अपनी लोकेशन के बारे में जानकारी दी।

भाई की लोकेशन मिलते ही हाजी इसरार साहब ने देर किए बगैर बताई गई जगह का रुख किया और वहां पहुंचकर अपने भाई अंसार अहमद को साथ लेकर कैराना स्थित उनके घर वापस पहुंचे।

एक माह से जिस घर में अंसार की वापसी का इंतज़ार हो रहा था, वहां उनके पहुंचते ही परिवार और कुनबे में खुशी की लहर दौड़ गई। अपनों को अपने सामने देखकर परिजनों की आंखों में खुशी और इत्मीनान साफ़ दिखाई दिया।

घर से नाराज़ होकर जमात में चले गए थे अंसार

घर वापस लौटने के बाद अंसार अहमद ने अपने परिजनों को बताया कि वह अपनी घर वालों से नाराज़ होकर जमात में चले गए थे। इसी नाराज़गी के चलते वह करीब एक महीने तक घर से दूर रहे।

इस दौरान परिवार के लोग उनकी सलामती और वापसी को लेकर लगातार परेशान रहे और उनके सकुशल घर लौटने की दुआ करते रहे।

बड़े भाई ने निभाया फर्ज़-ए-भाईचारा, टूटता परिवार फिर जुड़ा

इस पूरे मामले में अंसार अहमद के बड़े भाई जनाब हाजी इसरार साहब ने जिस सूझबूझ, सब्र और भाईचारे का मुज़ाहिरा किया, वह काबिल-ए-तारीफ़ है।

घर वापसी के बाद हाजी इसरार साहब ने परिवार के तमाम अफ़राद को एक जगह बैठाया और दोनों पक्षों के बीच पैदा हुई नाराज़गी को दूर करने की कोशिश की। हालात यहां तक पहुंच चुके थे कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं कर रहे थे और परिवार के बीच दूरी पैदा हो गई थी।

लेकिन बड़े भाई ने समझदारी और मोहब्बत के साथ दोनों पक्षों की बात सुनी और उन्हें रिश्तों की अहमियत समझाते हुए आपसी गिले-शिकवे और नाराज़गी भुलाकर दोबारा मिल-जुलकर रहने के लिए राज़ी कर लिया।

इस तरह एक ऐसा परिवार, जो नाराज़गी और दूरी की वजह से बिखरने की कगार पर पहुंच गया था, आज फिर से आपसी मोहब्बत, भाईचारे और रिश्तों की गर्मजोशी की तरफ लौट आया।

बिरादरी के लिए भी खुशी की खबर

अंसार अहमद की सकुशल वापसी न सिर्फ उनके परिवार बल्कि तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी के लिए भी खुशी और इत्मीनान की बात है। उम्मीद की जानी चाहिए कि अंसार अहमद और उनके परिवार के बीच अब सभी गिले-शिकवे दूर होकर जिंदगी दोबारा सुकून और मोहब्बत के साथ आगे बढ़ेगी।

“मुल्तानी समाज” परिवार की ओर से भी दुआ है कि अल्लाह तआला अंसार अहमद और उनके पूरे खानदान के बीच हमेशा मोहब्बत, इत्तेहाद और खुशहाली कायम रखे, तमाम गलतफहमियां दूर फरमाए और इस परिवार को हमेशा आबाद व खुशहाल रखे। आमीन।


“मुल्तानी समाज” की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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