Saturday, August 29, 2026

शाहपुर बिडौली के शहीदुद्दीन साहब का इंतिक़ाल — बिरादरी में पसरा मातम, मगरिब बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बागपत/बड़ौत, 29 अगस्त 2026।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि गांव शाहपुर बिडौली, तहसील बड़ौत, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश निवासी शहीदुद्दीन वल्द जनाब मोहम्मद कालू साहब (मरहूम) का आज शनिवार, 29 अगस्त 2026 को दिन में तक़रीबन डेढ़ बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम की उम्र तक़रीबन 65 साल थी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से घर-ख़ानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़-ओ-कारिब और मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूम अपने पीछे 3 साहबज़ादे और 1 साहबज़ादी समेत अपने पूरे कुनबे और परिवार को रोता-बिलखता छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

मरहूम के इंतिक़ाल से परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है। इस दुख की घड़ी में बिरादरी और तमाम अज़ीज़-ओ-कारिब उनके परिवार के साथ खड़े हैं और मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत कर रहे हैं।

नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक

मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम की मैय्यत को बाद नमाज़-ए-मग़रिब सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात और अज़ीज़-ओ-कारिब से गुज़ारिश है कि नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और अहले-ख़ाना के ग़म में शरीक हों।

मैय्यत के सिलसिले में मज़ीद मालूमात के लिए:
📞 शाहनूद्दीन साहब — 9997155176
📞 9917027390

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम शहीदुद्दीन कालू साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह रब्बुल आलमीन उनके तमाम घरवालों, साहबज़ादों, साहबज़ादी, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-कारिब को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस ग़म के बदले बेहतर अज्र अता फ़रमाए।

या अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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“मुल्तानी समाज”

अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान

Wednesday, August 26, 2026

सरधना की बदलती तस्वीर के पीछे जुनैद हयात की खामोश मगर असरदार खिदमात

जमीनी काम से बिरादरी की खिदमत तक—मिर्जा मुल्तानी लोहार समाज के उभरते सितारे के रूप में बना रहे हैं अपनी अलग पहचान

सरधना, मेरठ।
मिर्जा मुल्तानी लोहार बिरादरी की नई पीढ़ी में कुछ ऐसे नौजवान भी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ़ बातों तक सीमित रहने के बजाय अपने अमली कामों से समाज में अपनी पहचान बनाने का रास्ता चुना है। सरधना की सरज़मीन पर ऐसा ही एक नाम आज जुनैद हयात का भी उभरकर सामने आ रहा है।

जफर हयात के साहिबज़ादे जुनैद हयात ने अपने सामाजिक और बिरादरी से जुड़े कामों के ज़रिए यह साबित करने की कोशिश की है कि अगर नियत नेक हो और मकसद समाज की बेहतरी हो, तो छोटे-छोटे कदम भी आने वाले कल की बड़ी तब्दीली की बुनियाद बन सकते हैं।

जुनैद हयात की पहचान महज़ किसी बड़े नाम या खानदानी पहचान तक सीमित नहीं दिखाई देती, बल्कि वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़कर काम करने और बिरादरी के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करते नज़र आते हैं। सरधना में उनके सामाजिक कामों ने लोगों के बीच उन्हें एक ऐसे नौजवान के तौर पर पहचान दिलाई है, जो अपनी बिरादरी के बेहतर मुस्तकबिल के लिए कुछ करने का जज़्बा रखता है।

06 सितंबर का साइकिल वितरण कार्यक्रम बना मिसाल

जुनैद हयात की सामाजिक सोच की एक अहम मिसाल आगामी 06 सितंबर को आयोजित होने वाले साइकिल वितरण कार्यक्रम में भी देखने को मिलेगी। इस कार्यक्रम के तहत मिर्जा मुल्तानी बिरादरी की ज़रूरतमंद और होनहार बच्चियों तक साइकिल पहुँचाने की पहल की जा रही है।

बच्चियों को साइकिल उपलब्ध कराने का यह कदम सिर्फ़ एक सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनकी तालीम, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के हौसले को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा सकता है। कई बार आवागमन की छोटी-सी परेशानी भी बच्चियों की पढ़ाई के रास्ते में बड़ी रुकावट बन जाती है। ऐसे में साइकिल वितरण जैसी पहल उनके लिए सहूलियत का ज़रिया बनने के साथ-साथ परिवारों में बेटियों की शिक्षा के प्रति भरोसा भी बढ़ा सकती है।

बिरादरी की मजबूती के लिए नई सोच

जुनैद हयात का कहना है कि आने वाले वक्त में मिर्जा मुल्तानी बिरादरी की भलाई और तरक़्क़ी के लिए बनाई गई योजनाओं पर और तेज़ी से काम किया जाएगा। उनका मकसद ऐसी सामाजिक पहल को आगे बढ़ाना है, जिससे बिरादरी के ज़रूरतमंद परिवारों, बच्चों, नौजवानों और खास तौर पर तालीम हासिल करने वाली बेटियों को बेहतर अवसर मिल सकें।

आज के दौर में किसी भी समाज की असल ताक़त सिर्फ़ उसकी तादाद नहीं, बल्कि उसकी तालीम, इत्तेहाद, आपसी सहयोग और नई पीढ़ी के लिए बनाए गए बेहतर अवसर होते हैं। अगर बिरादरी के नौजवान इसी तरह आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारियां संभालें और सकारात्मक कामों को तहरीक की शक्ल दें, तो निश्चित तौर पर समाज को मजबूत बुनियाद मिल सकती है।

नई नस्ल को जोड़ने की कोशिश

मिर्जा मुल्तानी लोहार बिरादरी की नई नस्ल में सामाजिक जागरूकता पैदा करना आज के दौर की अहम ज़रूरत है। जुनैद हयात जैसे नौजवानों की कोशिशें तभी और ज्यादा असरदार बन सकती हैं, जब बिरादरी के बुज़ुर्ग अपनी रहनुमाई, नौजवान अपना वक्त और कारोबारी व सामर्थ्य रखने वाले लोग अपने संसाधन समाज की बेहतरी के लिए पेश करें।

सरधना में जुनैद हयात की सक्रियता इसी सिलसिले की एक कड़ी के तौर पर देखी जा रही है। उनके कामों को देखकर उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में वह बिरादरी की तालीमी, सामाजिक और कल्याणकारी योजनाओं को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

मकसद साफ़ हो, नियत नेक हो और कदम समाज की भलाई के लिए उठें, तो एक शख्स की कोशिश भी पूरी बिरादरी के लिए मिसाल बन सकती है। सरधना से उभरता जुनैद हयात का सफर इसी उम्मीद और जज़्बे की एक तस्वीर पेश करता है।

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ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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अब्दुल गफ्फार के बड़े बेटे अख्तर का इंतकाल, आज ईशा के बाद अदा होगी नमाज-ए-जनाजा, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन — बड़ौत में गम की लहर

बड़ौत/बागपत, उत्तर प्रदेश।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन। बड़ौत से एक बेहद गमगीन और अफसोसनाक खबर सामने आई है। मरहूम अब्दुल गफ्फार (बिजरोल वाले) के बड़े बेटे अख्तर साहब, उम्र तकरीबन 55 साल, का हार्ट अटैक के चलते कजा - ए - ईलाही से इंतकाल हो गया। उनके अचानक इंतकाल की खबर से परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी में गम की लहर दौड़ गई।

अख्तर साहब का हाल मुकाम सुनेहरी मस्जिद के पास, बड़ौत, जिला बागपत था। वह अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। उनके इंतकाल से परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है।

आज ईशा के बाद होगी नमाज-ए-जनाजा

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मरहूम अख्तर साहब की नमाज-ए-जनाजा आज ईशा की नमाज के बाद रात 10:30 बजे सुनेहरी मस्जिद, बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश में अदा की जाएगी।

तमाम रिश्तेदारों, दोस्तों, अहबाब और बिरादरी के लोगों से पुरखुलूस गुजारिश है कि वक्त का खास ख्याल रखते हुए जनाजे में जरूर शिरकत फरमाएं और मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करें। जनाजे में शामिल होना और अपने मरहूम भाई के हक में दुआ करना उनके लिए भी सवाब का जरिया बनेगा।

दफ्न के बाद मरहूम के लिए दुआ

नमाज-ए-जनाजा के बाद दफ्न के मौके पर और दफ्न के बाद तमाम अहबाब से गुजारिश है कि मरहूम अख्तर साहब के लिए दिल से दुआ-ए-मगफिरत फरमाएं।

«ऐ अल्लाह! मरहूम अख्तर साहब की मगफिरत फरमा, उनकी तमाम खताओं को माफ फरमा। उनकी कब्र को नूर से मुनव्वर फरमा, उसे जन्नत के बागों में से एक बाग बना दे और उनकी कब्र को कुशादा फरमा। उन्हें सवाल-ए-कब्र में आसानी अता फरमा और उनके दर्जात बुलंद फरमा।»

«ऐ रब्बुल आलमीन! मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला से आला मुकाम अता फरमा। उनके पीछे रह गए दो बेटों, दो बेटियों और तमाम अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। इस सदमे को उनके लिए आसान फरमा और उन्हें अपने खास करम से नवाज।»

अल्लाह तआला मरहूम की मगफिरत फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

परिजनों से ताज़ियत और दुआ की अपील

मरहूम के छोटे भाई आरिफ अहमद, बड़ौत जिला बागपत ने तमाम रिश्तेदारों, दोस्तों, अहबाब और बिरादरी के लोगों से नमाज-ए-जनाजा में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मगफिरत करने की गुजारिश की है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क:
📞 8439515115
आरिफ अहमद
छोटे भाई, बड़ौत, बागपत

📰 मुल्तानी समाज — उत्तर प्रदेश डेस्क

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Sunday, August 23, 2026

इन्तक़ाल-ए-पुरमलाल: हाजी हाफिज़ अब्दुल जब्बार काज़ी मुल्तानी का इंतक़ाल

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला तमाम अहले-बिरादरी और अहले-मोहब्बत तक पहुँचाई जाती है कि हाजी हाफिज़ अब्दुल जब्बार साहब काज़ी मुल्तानी का दिनांक 22 अगस्त 2026, शनिवार, ईशा बाद इंतक़ाल हो गया।

मरहूम, हाफिज़ मुश्ताक काज़ी मुल्तानी और हाफिज़ मुख्तार काज़ी मुल्तानी के वालिद-ए-मोहतरम तथा मरहूम हाजी मोहम्मद इस्माइल साहब काज़ी के फ़रज़ंद थे।

मरहूम की तदफ़ीन 23 अगस्त 2026, रविवार को सुबह 10 बजे की गई।

क़ुरआनख़्वानी व फ़ातेहा-ए-सोयम

मरहूम के ईसाल-ए-सवाब के लिए क़ुरआनख़्वानी व सोयम की फ़ातेहा दिनांक 24 अगस्त 2026, सोमवार, ज़ोहर के बाद, मस्जिद उमर, ग्रीन पार्क कॉलोनी, इंदौर (मध्य प्रदेश) में रखी गई है।

तमाम अहले-बिरादरी से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएँ और ईसाल-ए-सवाब के लिए फ़ातेहा व क़ुरआनख़्वानी में शिरकत करें।

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताएँ माफ़ फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम अहले-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

रब्बना इग़फ़िर लहू वरहम्हु, व आफिहि व'अफ़ु अन्हु।

📞 9827740769
📞 9893434905


मुल्तानी समाज — ख़ास रिपोर्ट

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“मुल्तानी समाज” — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

इंतकाल की दो गमगीन खबरें, बिरादरी के दो खानदानों में पसरा मातम, अहलेखाना से इज़हार-ए-ताज़ियत और मरहूमीन के लिए दुआ-ए-मगफिरत की अपील

पहली खबर — गांव मोहाना, जिला सोनीपत

तमाम अहले बिरादरी को निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि रईस अहमद वल्द मरहूम याकूब अली, बावली, जिला बागपत वाले, उम्र तकरीबन 65 साल, हाल मुकाम गांव मोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा का आज रविवार, 23 अगस्त 2026 को सुबह करीब 6 बजे इस फानी दुनिया से इंतकाल हो गया।

मरहूम के इंतकाल की खबर से अहलेखाना, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। मरहूम अपने पीछे 4 लड़के और 3 लड़कियां छोड़ गए हैं।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-असर, गांव मोहाना, जिला सोनीपत, हरियाणा में अदा की जाएगी, इंशाअल्लाह। इसके बाद मरहूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

मैय्यत के सिलसिले में अधिक मालूमात के लिए मोहम्मद राहिल — 9416487304 पर राब्ता किया जा सकता है।

हम दुआगो हैं कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मुकम्मल मगफिरत फरमाए, उनकी तमाम खताओं और लग्ज़िशों को माफ फरमाए, कब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए, कब्र की मंजिल आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए।

अल्लाह तआला तमाम अहलेखाना को यह सदमा बर्दाश्त करने की तौफीक और सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।


दूसरी खबर — लुहारी सराय, नगीना, जिला बिजनौर

मरहूमा जनाब नज़ीर अहमद मुल्तानी साहब मेडिकल वाले की अहलिया का इंतकाल

इसी तरह लुहारी सराय, नगीना, जिला बिजनौर से भी एक बेहद अफसोसनाक खबर सामने आई है। तमाम अहले बिरादरी को निहायत ही रंज-ओ-मलाल के साथ इत्तिला दी जाती है कि मरहूम जनाब नज़ीर अहमद मुल्तानी साहब मेडिकल वाले की अहलिया का इंतकाल हो गया है।

मरहूमा, जनाब निसार एडवोकेट साहब, नजीबाबाद की समधन और जनाब शाहिद मुल्तानी साहब, पूर्व बैंक मैनेजर, नजीबाबाद की सास थीं।

मरहूमा के इंतकाल की खबर से अहलेखाना, रिश्तेदारों और उनसे जुड़े तमाम लोगों में गहरे ग़म और सदमे की लहर है। इस दुख की घड़ी में "मुल्तानी समाज" परिवार तमाम अहलेखाना और परिजनों के साथ दिली हमदर्दी और इज़हार-ए-ताज़ियत पेश करता है।

नमाज़-ए-जनाज़ा और तद्फीन के बारे में जानकारी उपलब्ध होने पर अहले बिरादरी को उससे अवगत कराया जाएगा।

अल्लाह तआला मरहूमा की मगफिरत-ए-कामिला फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, कब्र की तमाम मंजिलें आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए।

परवरदिगार-ए-आलम तमाम अहलेखाना को इस सदमे पर सब्र-ए-जमील, हौसला और बर्दाश्त अता फरमाए तथा मरहूमा की नेकियों को उनके लिए सदका-ए-जारीया बनाए।

आमीन सुम्मा आमीन।


दुआ-ए-मगफिरत

ऐ अल्लाह! हमारे इन मरहूमीन पर अपनी खास रहमत नाज़िल फरमा, उनकी मगफिरत फरमा, उनकी कब्रों को रोशन और कुशादा फरमा, उन्हें कब्र के अज़ाब से महफूज़ फरमा और जन्नतुल फिरदौस में अपने नेक बंदों के साथ जगह अता फरमा। उनके अहलेखाना को सब्र और सुकून अता फरमा।

या अल्लाह! उनकी तमाम खामियों को दरगुज़र फरमा और उनकी नेकियों को अपनी बारगाह में कुबूल फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।


मुल्तानी समाज — प्रधान संपादक की खास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Friday, August 21, 2026

इन्तक़ाल पुर-मलाल — मोहम्मद रफ़ीक़ के इंतक़ाल पर बिरादराने-मुल्तानी में ग़म की लहर

भीलवाड़ा। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह इत्तिला बिरादराने-मुल्तानी हज़रात तक पहुँचाई जाती है कि अब्दुल अज़ीज़ ठेकेदार कोटरी वाले के फ़र्ज़न्द मोहम्मद रफ़ीक़, निवासी गुलज़ार नगर, गली नंबर-1, भीलवाड़ा, का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया है।

मरहूम के इंतक़ाल की ख़बर से उनके अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों, अहबाब और बिरादराने-मुल्तानी में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। मरहूम के इंतक़ाल से परिवार ने अपना एक अज़ीज़ फ़र्द खो दिया है, जिसकी कमी हमेशा महसूस की जाती रहेगी।

إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعونَ
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

तमाम बिरादराने-मुल्तानी और अहबाब से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके अहल-ए-ख़ाना को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता होने की दुआ करें।

🤲 दुआ-ए-मग़फ़िरत

ऐ अल्लाह! मरहूम मोहम्मद रफ़ीक़ की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी ख़ताओं और गुनाहों को माफ़ फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, क़ब्र की तमाम मुश्किलात आसान फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।

या रब्बुल आलमीन! मरहूम के तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्तों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा तथा इस सदमे को उनके लिए आसान फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन। 🤲

क़ब्र में मिट्टी देने की दुआ

पहली मर्तबा:
मिन्हा ख़लक़नाकुम।

दूसरी मर्तबा:
व फ़ीहा नुईदुकुम।

तीसरी मर्तबा:
व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

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पठानकोट, बड़ौत में दिलशाद की अहलिया के इंतकाल की पुरदर्द इत्तिला, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बड़ौत | 21 अगस्त 2026

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला बिरादरान-ए-मिल्लत और तमाम अहबाब तक पहुंचाई जाती है कि दिलशाद साहब, वल्द मकसूद साहब, (गाँव पेलखा जिला शामली, उत्तर प्रदेश वाले ) की अहलिया इशरत जहां हाल मुकाम मोहल्ला पठानकोट, क़स्बा बड़ौत जिला बागपत, उत्तर प्रदेश,  उम्र तकरीबन 45 साल, कल दिन जुमा बा - तारीख़ 21 अगस्त 2026 को असर की नमाज़ के बाद इस दार-ए-फ़ानी से रुख़्सत फ़रमा हो गई।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूमा इशरत जहां के इंतकाल की खबर से अहल-ए-ख़ाना, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है। मरहूमा के चले जाने से उनके अहल-ए-ख़ाना और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को जो सदमा पहुंचा है, उसे अल्फ़ाज़ में बयान करना मुश्किल है।

नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन

मिली हुई इत्तिला के मुताबिक मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं तदफ़ीन कल  ( आज ) दिन शनिचर बा - तारीख  22 अगस्त 2026 को सुबह 8:00 बजे
गोरे गरीबां कब्रिस्तान, हीरोज़ कॉलेज के सामने, बड़ौत में की जाएगी।

तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और अहल-ए-ख़ाना के ग़म में शरीक हों।

दुआ-ए-मग़फिरत

या अल्लाह! मरहूमा इशरत जहां की मुकम्मल मग़फिरत फ़रमा।
उनकी तमाम ख़ताओं और गुनाहों को माफ़ फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, क़ब्र को कुशादा और आरामगाह बना। उन्हें सवाल-ए-क़ब्र में आसानी अता फ़रमा और जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा।

या रब्बुल आलमीन! मरहूमा को अपने ख़ास फ़ज़्ल-ओ-करम के साये में जगह अता फ़रमा और उनके नेक आमाल को उनके लिए सदक़ा-ए-जारीया बना।

अल्लाह तआला तमाम अहल-ए-ख़ाना को इस सख़्त सदमे पर सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस मुसीबत का अजर-ए-अज़ीम नसीब फ़रमाए। मरहूमा का मायका रुड़की जिला हरिद्वार, उत्तराखंड का बताया जाता है।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

राब्ता:
भाई यूनुस बड़ौत
📞 +91 9389673274


"मुल्तानी समाज" की ख़ास रिपोर्ट

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Wednesday, August 19, 2026

इंतकाल की पुरदर्द इत्तिला — आलिया का इंतकाल



निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला तमाम बिरादराना हज़रात तक पहुंचाई जाती है कि सफीक अहमद कालिंदी वाले की अहलिया का कल दिन बुध, बा-तारीख़ 19 अगस्त 2026, मगरिब की नमाज़ के बाद तक़रीबन रात 8 बजे इंतकाल फ़रमा जाना बिरादरी के लिए बेहद अफ़सोसनाक और दर्दनाक ख़बर है।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूमा के इंतकाल की ख़बर से अज़ीज़ो-अक़ारिब, रिश्तेदारों, दोस्तों और पूरी बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। इस मुश्किल और सदमे की घड़ी में हम तमाम अहले-ख़ाना से दिली ताज़ियत का इज़हार करते हैं और बारगाह-ए-इलाही में दुआगो हैं कि अल्लाह तआला मरहूमा की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनके दरजात बुलंद फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह रब्बुल-इज़्ज़त मरहूमा की क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमाए और उन्हें अपनी ख़ास रहमत के साये में जगह अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

📍 रिहाइश

संगम विहार, बतरा हॉस्पिटल के पास, नई दिल्ली — 110080

🕌 नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक

मरहूमा को आज दिन जुमेरात, बा-तारीख़ 20 अगस्त 2026 को सुबह 9:30 बजे संगम विहार कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

तमाम बिरादराना हज़रात से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और अहले-ख़ाना के ग़म में शरीक होकर उन्हें सब्र-ए-जमील की ताक़त दें।

ऐ अल्लाह! मरहूमा को अपनी रहमत में जगह अता फ़रमा, उनकी मग़फ़िरत फ़रमा, उनके दरजात बुलंद फ़रमा, उनकी क़ब्र को रोशन और कुशादा फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा। अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील और इस सदमे को बर्दाश्त करने की हिम्मत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।

📞 मज़ीद मालूमात के लिए

8595701564

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📰 "मुल्तानी समाज" की ख़ास रिपोर्ट

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"मुल्तानी समाज" मरहूमा के इंतकाल पर अहले-ख़ाना के साथ इस ग़म की घड़ी में बराबर का शरीक है और बारगाह-ए-अल्लाह में दुआ करता है कि अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फरमाए और तमाम पसमान्दगान को सब्र अता फरमाए।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
अल्लाहुम्मग़फ़िर लहा वरहमहा।
आमीन।

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अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

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Monday, August 17, 2026

बेइंतहा अफ़सोस! सहारनपुर की मारूफ़ शख्सियत हाजी फ़ज़लुर रहमान साहब के बेटे सलीम साहब का इंतकाल

सहारनपुर, 17 अगस्त 2026 बरोज पीर
बेइंतहा अफ़सोस और सद-अफ़सोस के साथ अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादराना हजरात को यह इत्तिला दी जाती है कि सहारनपुर की मारूफ़ शख्सियत हाजी फ़ज़लुर रहमान साहब के साहबज़ादे सलीम साहब का दौराने-इलाज कजा - ए - ईलाही से इंतकाल हो गया। उनके इंतकाल की ख़बर से खानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़ो-अक़ारिब और जानने वालों में ग़म की लहर दौड़ गई।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम सलीम साहब की शादी क़स्बा देवबंद में हुई थी। वह पिछले कुछ समय से इलाज के दौर से गुज़र रहे थे और इसी दौरान उनकी रूह परवाज़ कर गई। उनके इंतकाल की ख़बर ने परिवार और उनसे वाबस्ता लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मरहूम का खानदानी तार्रुफ़

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम सलीम साहब पाँच भाइयों में से एक थे। उनके भाइयों की शादियाँ अलग-अलग मुक़ामात पर हुई हैं। दो भाइयों की शादी देवबंद, एक भाई की शादी छुटमलपुर, एक भाई की शादी शाहमदार, सहारनपुर और एक भाई की शादी खतौली में हुई है।

परिवार की तरफ़ से दी गई जानकारी के मुताबिक मैय्यत को कल दिन मंगल बा - तारीख़ 18 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे इस्लामिया डिग्री कॉलेज वाली मस्जिद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में ( आज ) किया जाएगा सपुर्दे ए - ख़ाक, लिहाज़ा आप हज़रात भी जनाजे में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें  

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम सलीम साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनके दरजात बुलंद फ़रमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह रब्बुल आलमीन तमाम अहले-ख़ाना, रिश्तेदारों और अज़ीज़ो-अक़ारिब को इस सदमे को सब्र व हौसले के साथ बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

राब्ता:
नौशाद साहब, लिंक रोड
📞 80772-49223


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Sunday, August 16, 2026

निम्बरी की बुज़ुर्ग शख्सियत मरियम बी का इंतिक़ाल — बिरादरी में ग़म की लहर, नमाज़-ए-असर के बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक

निम्बरी/पानीपत (हरियाणा)।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

निहायत रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम बिरादराने हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि मरहूम चौधरी मीर हसन नूरवालिया की बेगम मरियम साहिबा, उम्र 92 साल, निवासी गाँव निम्बरी, ज़िला पानीपत, हरियाणा, का इतवार 16 अगस्त 2026 को सुबह तकरीबन 10 बजे इंतिक़ाल हो गया।

मरहूमा मरियम साहिबा गाँव निम्बरी की सबसे बुज़ुर्ग और सम्मानित शख्सियतों में शुमार थीं। उनकी वफ़ात की ख़बर से परिवार, रिश्तेदारों, अज़ीज़ों और मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है।

मरहूमा अब्दुल सत्तार साहब की वालिदा-ए-मुहतरमा थीं। वह अपने पाँच बेटों में दूसरे नंबर के बेटे अब्दुल सत्तार के साथ मनमोहन नगर, बाबैल रोड, मस्जिद अबू बकर के पास रह रही थीं।

नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूमा का जनाज़ा नमाज़-ए-असर से पहले उनके पुश्तैनी मकान, गाँव निम्बरी ले जाया जाएगा। इसके बाद बाद नमाज़-ए-असर गाँव निम्बरी के कब्रिस्तान में नमाज़-ए-जनाज़ा अदा किए जाने के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

मरहूमा अपने पीछे 5 बेटे, 1 बेटी, 6 नवासे तथा लगभग 20–22 पोते-पोतियों समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनकी वफ़ात से परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब तथा रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं।

मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा मरियम साहिबा की कामिल मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फरमाए और उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।

ऐ अल्लाह! मरहूमा को जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मुक़ाम अता फरमा, उन्हें अपने ख़ास रहमत और करम के साये में जगह अता फरमा और उनके नेक आमाल को उनके लिए सदक़ा-ए-जारीया बना दे।

या अल्लाह! मरहूमा के जनाज़े में शरीक होने वाले तमाम हज़रात की हाज़िरी और दुआओं को क़ुबूल फरमा तथा उन्हें आख़िरत के लिए ज़ख़ीरा बना दे।

पसमांदगान के लिए दुआ

अल्लाह तआला मरहूमा के तमाम बेटे-बेटियों, नवासों, पोते-पोतियों, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। इस सदमे को सहने की ताक़त दे और मरहूमा के लिए की जाने वाली तमाम दुआओं को क़ुबूल फरमाए।

बेशक हम सब अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ़ लौटकर जाना है।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

संपर्क:
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📞 9896190786
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Saturday, August 15, 2026

बड़ौत के मोहम्मद अली साहब का इंतिक़ाल — बिरादराने मुल्तानी समाज में ग़म की लहर, आज सुबह 10:30 बजे होगी नमाज़-ए-जनाज़ा

मोहम्मद अली साहब के इंतिक़ाल की ग़मगीन ख़बर

नमाज़-ए-जनाज़ा आज सुबह 10:30 बजे, गोरे ग़रीबा कब्रिस्तान में होगी

बड़ौत/बागपत। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराने हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि मोहम्मद अली वल्द जनाब अब्दुल ग़फ़ूर साहब, उम्र लगभग 55 साल, निवासी गांव शिकोपुर, जिला बागपत, हाल मुकाम बड़ौली रोड, मस्जिद के पास, कस्बा बड़ौत, जिला बागपत, का शनिवार, 15 अगस्त 2026 की बीती रात लगभग 11 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर से परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादराने मुल्तानी समाज में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। एक इंसान का दुनिया-ए-फ़ानी से रुख़्सत होना यक़ीनन अहले-ख़ाना और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब के लिए बेहद तकलीफ़देह लम्हा होता है। ऐसे वक़्त में सब्र, दुआ और मरहूम के लिए मग़फ़िरत की दुआ ही सबसे बड़ी तसल्ली है।

नमाज़-ए-जनाज़ा आज सुबह 10:30 बजे

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम मोहम्मद अली साहब की नमाज़-ए-जनाज़ा रविवार, 16 अगस्त 2026 को सुबह 10:30 बजे अदा की जाएगी।

मुकाम:
गोरे ग़रीबा कब्रिस्तान, हीरोज़ कॉलेज के सामने, बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश।

तमाम बिरादराने हज़रात से गुज़ारिश है कि अपने तमाम मसरूफ़ियात में से वक़्त निकालकर नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फरमाएं और मरहूम की मग़फ़िरत के लिए दुआ-ए-ख़ैर करें।

मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम मोहम्मद अली साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फरमाए, उनके दर्जात बुलंद फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए और उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।

ऐ अल्लाह! मरहूम को अपनी रहमत के साये में जगह अता फरमा, उनके लिए क़ब्र का सफ़र आसान फरमा, सवालात-ए-क़ब्र में कामयाबी अता फरमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम नसीब फरमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

अहले-ख़ाना के लिए दुआ

अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूम के तमाम अहले-ख़ाना, रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को इस सदमे को बर्दाश्त करने का सब्र-ए-जमील अता फरमाए। उनके दिलों को सुकून दे और इस मुश्किल घड़ी में अपनी ख़ास रहमत और मदद अता फरमाए।

या अल्लाह! मरहूम के घरवालों को सब्र अता फरमा, उनके ग़म को अपनी रहमत से आसान फरमा और इस सदमे के बदले उन्हें बेहतर अज्र अता फरमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

दफ़्न के बाद की दुआ

अल्लाह तआला मरहूम को मिट्टी की इस आख़िरी मंज़िल में अपनी रहमत के साथ जगह अता फरमाए। उनकी क़ब्र को वुसअत और रौशनी अता फरमाए, उन्हें हर तरह के अज़ाब से महफ़ूज़ फरमाए और क़यामत के दिन उन्हें अपने नेक बंदों में उठाए।

अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहम्हु, व आफिहि व'अफ़ु अन्हु।

ऐ अल्लाह! उनकी मग़फ़िरत फरमा, उन पर रहम फरमा, उन्हें आफ़ियत अता फरमा और उन्हें माफ़ फरमा।

तमाम अहले-ईमान से गुज़ारिश है कि मरहूम को अपनी ख़ुसूसी दुआओं में याद रखें।

आमीन या रब्बुल आलमीन।


📰 मुल्तानी समाज की ख़ास रिपोर्ट

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Friday, August 14, 2026

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन, धामपुर के शौकत अली मुल्तानी का इंतिक़ाल — अहल-ए-ख़ाना समेत पूरे कुनबे में ग़म की लहर

धामपुर। इंतिहाई रंज-ओ-अफ़सोस के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि शौकत अली मुल्तानी पुत्र मरहूम शफ़ीउद्दीन क़ादर वाले, साकिन मोहल्ला बंदूकचियान, धामपुर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश का आज दिन जुमा, 14 अगस्त 2026 को दोपहर तक़रीबन 2:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम की उम्र तक़रीबन 55 साल थी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर मिलते ही अहल-ए-ख़ाना, रिश्तेदारों, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी के लोगों में गहरा रंज-ओ-ग़म फैल गया। मरहूम अपनी अहलिया, दो बच्चों समेत पूरे कुनबे-ख़ानदान और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मज़दा छोड़कर इस दार-ए-फ़ानी से हमेशा-हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

अहल-ए-ख़ाना और कुनबे में ग़म की लहर

मरहूम शौकत अली मुल्तानी के बड़े भाई मोहम्मद अली हैं, जबकि छोटे भाइयों में काशिफ अली, शाहबाज़ अली, राहत और अब्दुल्ला शामिल हैं। मरहूम की तीन बहनें भी हैं।

मरहूम के इंतिक़ाल से परिवार पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा है। इस सदमे की घड़ी में रिश्तेदारों, बिरादरी के लोगों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब की बड़ी तादाद अहल-ए-ख़ाना से मुलाक़ात कर इज़हार-ए-ताज़ियत कर रही है और उन्हें सब्र-ए-जमील की दुआएँ दे रही है।

नमाज़-ए-जनाज़ा

मरहूम शौकत अली मुल्तानी की नमाज़-ए-जनाज़ा कल दिन शनिचर बा - तारीख़ 15 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे धामपुर के मोहल्ला बंदूकचियांन में अदा की जाएगी।

तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी के हज़रात से गुज़ारिश है कि नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें।

अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह तआला तमाम पसमान्दगान, अहल-ए-ख़ाना और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को इस सदमे पर सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

नोट

मैय्यत के सिलसिले में मज़ीद मालूमात के लिए शाहबुद्दीन मुल्तानी साहब के मोबाइल नंबर 8595295648 पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है।


ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से शाया होने वाली, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Tuesday, August 11, 2026

एक माह बाद घर लौटा अंसार अहमद, परिवार में लौटी रौनक — बड़े भाई की सूझबूझ से दूर हुई नाराज़गी, फिर एक साथ रहने पर राज़ी हुए दोनों पक्ष

कैराना में खुशी की लहर: घर से नाराज़ होकर लापता हुआ नौजवान जमात में चला गया था, आज बड़े भाई हाजी इसरार साहब उसे वापस लेकर घर पहुंचे

कैराना/शामली, 11 अगस्त 2026।
तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी के लोगों के लिए यह इत्तिला यक़ीनन खुशी और इत्मीनान का सबब है कि अंसार अहमद वल्द हाजी इश्तियाक साहब (मरहूम), मूल निवासी झिंझाना एवं हाल बाशिंदे कस्बा कैराना, जिला शामली, उत्तर प्रदेश, जो पिछले करीब एक माह से घर से लापता थे, आखिरकार आज खैरियत के साथ अपने घर वापस लौट आए हैं।

अंसार अहमद के लापता होने की खबर “मुल्तानी समाज” न्यूज़ पोर्टल पर भी प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद बिरादरी के लोगों में उनके सकुशल घर लौटने को लेकर दुआ और फिक्र का माहौल बना हुआ था।

एक कॉल ने खत्म किया एक महीने का इंतज़ार

मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को उस समय परिवार की बेचैनी खुशी में बदल गई, जब लापता अंसार अहमद ने अपने बड़े भाई जनाब हाजी इसरार साहब, गुरुग्राम वालों को फोन करके अपनी लोकेशन के बारे में जानकारी दी।

भाई की लोकेशन मिलते ही हाजी इसरार साहब ने देर किए बगैर बताई गई जगह का रुख किया और वहां पहुंचकर अपने भाई अंसार अहमद को साथ लेकर कैराना स्थित उनके घर वापस पहुंचे।

एक माह से जिस घर में अंसार की वापसी का इंतज़ार हो रहा था, वहां उनके पहुंचते ही परिवार और कुनबे में खुशी की लहर दौड़ गई। अपनों को अपने सामने देखकर परिजनों की आंखों में खुशी और इत्मीनान साफ़ दिखाई दिया।

घर से नाराज़ होकर जमात में चले गए थे अंसार

घर वापस लौटने के बाद अंसार अहमद ने अपने परिजनों को बताया कि वह अपनी घर वालों से नाराज़ होकर जमात में चले गए थे। इसी नाराज़गी के चलते वह करीब एक महीने तक घर से दूर रहे।

इस दौरान परिवार के लोग उनकी सलामती और वापसी को लेकर लगातार परेशान रहे और उनके सकुशल घर लौटने की दुआ करते रहे।

बड़े भाई ने निभाया फर्ज़-ए-भाईचारा, टूटता परिवार फिर जुड़ा

इस पूरे मामले में अंसार अहमद के बड़े भाई जनाब हाजी इसरार साहब ने जिस सूझबूझ, सब्र और भाईचारे का मुज़ाहिरा किया, वह काबिल-ए-तारीफ़ है।

घर वापसी के बाद हाजी इसरार साहब ने परिवार के तमाम अफ़राद को एक जगह बैठाया और दोनों पक्षों के बीच पैदा हुई नाराज़गी को दूर करने की कोशिश की। हालात यहां तक पहुंच चुके थे कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की शक्ल तक देखना पसंद नहीं कर रहे थे और परिवार के बीच दूरी पैदा हो गई थी।

लेकिन बड़े भाई ने समझदारी और मोहब्बत के साथ दोनों पक्षों की बात सुनी और उन्हें रिश्तों की अहमियत समझाते हुए आपसी गिले-शिकवे और नाराज़गी भुलाकर दोबारा मिल-जुलकर रहने के लिए राज़ी कर लिया।

इस तरह एक ऐसा परिवार, जो नाराज़गी और दूरी की वजह से बिखरने की कगार पर पहुंच गया था, आज फिर से आपसी मोहब्बत, भाईचारे और रिश्तों की गर्मजोशी की तरफ लौट आया।

बिरादरी के लिए भी खुशी की खबर

अंसार अहमद की सकुशल वापसी न सिर्फ उनके परिवार बल्कि तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी के लिए भी खुशी और इत्मीनान की बात है। उम्मीद की जानी चाहिए कि अंसार अहमद और उनके परिवार के बीच अब सभी गिले-शिकवे दूर होकर जिंदगी दोबारा सुकून और मोहब्बत के साथ आगे बढ़ेगी।

“मुल्तानी समाज” परिवार की ओर से भी दुआ है कि अल्लाह तआला अंसार अहमद और उनके पूरे खानदान के बीच हमेशा मोहब्बत, इत्तेहाद और खुशहाली कायम रखे, तमाम गलतफहमियां दूर फरमाए और इस परिवार को हमेशा आबाद व खुशहाल रखे। आमीन।


“मुल्तानी समाज” की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Monday, August 10, 2026

मुल्तानी बिरादरी की बुज़ुर्ग ख़ातून बिलकिस बी का इंतिक़ाल, ग़म में डूबा खानदान

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

लंबी बीमारी के बाद 75 साल की उम्र में हुईं क़ज़ा-ए-इलाही से रूख़्सत — दिन मंगल को खुरेजी, दिल्ली में अदा होगी नमाज़-ए-जनाज़ा

नई दिल्ली। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और दिली अफ़सोस के साथ मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी के तमाम हज़रात को इत्तिला दी जाती है कि बिलकिस बी, उम्र तक़रीबन 75 साल, अहलिया-ए-मरहूम जनाब इदरीश साहब, मूल निवासी जमना नगर, जगाधरी, हरियाणा तथा हाल बाशिंदा पुरानी गोविंदपुरी, खुरेजी, दिल्ली का लंबी बीमारी के बाद आज बरोज पीर, बा - तारीख़ 10 अगस्त 2026 की रात तकरीबन 10 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूमा मोहम्मद शाहिद साहब और मोहम्मद राशिद साहब की वालिदा मोहतरमा थीं। मरहूमा का मायका कस्बा जलालाबाद, ज़िला शामली, उत्तर प्रदेश का था। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से अहले-ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और मुस्लिम मुल्तानी बिरादरी में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है।

मरहूमा एक बुज़ुर्ग और खानदान की सम्मानित ख़ातून थीं। उनके इंतिक़ाल से परिवार ने अपनी एक अज़ीज़ और मोहतरम बुज़ुर्ग हस्ती को खो दिया है। इस ग़म की घड़ी में अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी के लोग ग़मज़दा खानदान के साथ खड़े हैं।

नमाज़-ए-जनाज़ा

मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा कल ( आज) बरोज मंगल, 11 अगस्त 2026 को बाद नमाज़-ए-ज़ोहर, खुरेजी, दिल्ली में अदा की जाएगी, इंशाअल्लाह।

तमाम अहले-बिरादरी, रिश्तेदारों और अहबाब से गुज़ारिश है कि नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फरमाकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और ग़मज़दा खानदान के साथ ताज़ियत व हमदर्दी का इज़हार फरमाएँ।

मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूमा बिलकिस बी की मग़फ़िरत-ए-कामिला फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और लग़ज़िशों को माफ़ फरमाए, उनके नेक आमाल को अपनी बारगाह में क़ुबूल फरमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मक़ाम अता फरमाए।

ऐ अल्लाह! मरहूमा की क़ब्र को नूर से मुनव्वर फरमा, उसे कुशादा और रोशन फरमा, क़ब्र की तमाम मुश्किलात को आसान फरमा और उन्हें अपनी ख़ास रहमत व रज़ा में जगह अता फरमा।

दफ़्न के लिए दुआ

अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूमा के लिए दफ़्न की मंज़िल आसान फरमाए, उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह दे, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, मुनकिर-नकीर के सवालात में साबित-क़दम रखे और रोज़-ए-क़यामत उन्हें अपने नेक और महबूब बंदों में शामिल फरमाए।

अल्लाह पाक उनके तमाम पसमान्दगान, बेटों, रिश्तेदारों और अहले-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए और इस सदमे को बर्दाश्त करने की हिम्मत व तौफ़ीक़ दे।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

मैय्यत के सिलसिले में राब्ता

मैय्यत के सिलसिले में मज़ीद मालूमात के लिए जनाब मोहम्मद राशिद साहब से नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है:

📞 93108---23138
📞 98101--64671


“मुल्तानी समाज” की ओर से पुरसा

“मुल्तानी समाज” न्यूज़ फैमिली मरहूमा बिलकिस बी के इंतिक़ाल पर गहरे रंज-ओ-ग़म का इज़हार करता है और दुआगो है कि अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फरमाकर उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए तथा तमाम लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Sunday, August 9, 2026

हज्जन रफ़ीक़न बी का इंतिक़ाल, 10 अगस्त को होगी नमाज़-ए-जनाज़ा

मेरठ उत्तर प्रदेश।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला मिली है कि मरहूम जनाब हबीब अहमद पेशकार साहब, मेरठ (ज़ैदी फ़ार्म) की अहलिया हज्जन रफ़ीक़न बी का आज दिन इतवार बा - तारीख़ 09 अगस्त 2026 को शाम लगभग 7 बजे, 90 साल की उम्र में बीमारी के चलते कजा - ए - ईलाही से इंतिक़ाल हो गया। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से उनके कुनबा, खानदान, रिश्तेदारों और मायके समेत जानने वालों में गहरा सदमा और ग़म की लहर दौड़ गई।

मरहूमा अपनी ज़िंदगी के आख़िरी दौर में अपने साहबज़ादों इक़बाल अहमद, अक़ील अहमद और शकील अहमद के साथ रह रही थीं। उनके इंतिक़ाल की ख़बर सुनकर अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और अहबाब ने परिवार से ताज़ियत का इज़हार करते हुए मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत की।

नमाज़-ए-जनाज़ा 10 अगस्त को

परिवार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मरहूमा हज्जन रफ़ीक़न बी की नमाज़-ए-जनाज़ा बरोज पीर, बा - तारीख़ 10 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे बाल-ए-मियां क़ब्रिस्तान, नौचंदी ग्राउंड, मेरठ में अदा की जाएगी। नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद मरहूमा को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

मरहूमा के परिजनों ने तमाम अज़ीज़ों, रिश्तेदारों और अहबाब से नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत कर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत की दरख़्वास्त की है।

मरहूमा मिन्हाज मिर्ज़ा, फलावदा की रिश्ते में बहन की सास थीं। उनके इंतिक़ाल पर मिन्हाज मिर्ज़ा समेत तमाम रिश्तेदारों और परिचितों ने गहरे रंज और अफ़सोस का इज़हार किया।

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूमा हज्जन रफ़ीक़न बेगम की तमाम ख़ताओं और लग़ज़िशों को माफ़ फरमाए, उनकी मग़फ़िरत फरमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए, क़ब्र के हर मरहले को आसान फरमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मक़ाम अता फरमाए।

अल्लाह पाक तमाम पसमान्दगान को यह सदमा सब्र-ओ-तहम्मुल के साथ बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।


मुल्तानी समाज की ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित/प्रसारित मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Saturday, August 8, 2026

— मोहम्मद अशरफ़ के इंतिक़ाल से इकरामपुरा में पसरा मातम, कल सुपुर्द-ए-ख़ाक

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन 

कैराना/शामली। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि मोहल्ला इकरामपुरा, क़स्बा कैराना, जनपद शामली निवासी जनाब मोहम्मद अशरफ़ साहब वल्द जनाब अब्दुल सत्तार साहब, उम्र तक़रीबन 40 साल, का लंबी बीमारी के बाद आज दिन शनिचर, बा - तारीख़ 08 अगस्त 2026 की शाम लगभग 5 से 6 बजे के दरमियान क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर सुनते ही अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, रिश्तेदारों और अहबाब में ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूम अपने पीछे अहलिया, एक बेटे, वालिदैन, चार भाइयों और दो बहनों समेत तमाम कुनबे और खानदान को गहरे सदमे और रंज में छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गए।

मरहूम के इंतिक़ाल पर “मुल्तानी समाज” परिवार भी गहरे रंज-ओ-ग़म का इज़हार करता है और दुआगो है कि अल्लाह तआला मरहूम मोहम्मद अशरफ़ साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और लग़ज़िशों को माफ़ फरमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर और कुशादा फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और उनके तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

कल होगा सुपुर्द-ए-ख़ाक

मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन कल इतवार, 09 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 9 बजे की जाएगी। तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला तमाम मुसलमानों को मौत की इस हक़ीक़त से इबरत हासिल करने और अपने आख़िरत के सफ़र की तैयारी करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन।

मैय्यत से मुताल्लिक़ मज़ीद मालूमात के लिए:
📞 अदनान साहब: 8923222201
📞 आसिफ़ साहब: 9971070796


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Wednesday, August 5, 2026

बिरादरी पर ग़म का पहाड़: रूबी बी का इंतिक़ाल, सात माह की बीमारी के बाद अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बागपत/शामली/नई दिल्ली।

अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी को बड़े ही रंज व ग़म के साथ इत्तिला दी जाती है कि आज बरोज बुध, बा - तारीख़ 05 अगस्त 2026 को जनपद बागपत के गाँव बिराल की रहने वाली तथा हाल मुक़ीम अलीपुर, दिल्ली की रूबी बी, अहलिया जनाब अब्दुल वाजिद (फरजंद जनाब शौकत अली) का आज सुबह लगभग 11:00 बजे लंबी बीमारी के बाद क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूमा पिछले लगभग सात माह से बीमार थीं और उनका इलाज पीजीआई अस्पताल, चंडीगढ़ में चल रहा था। तमाम इलाज और दुआओं के बावजूद अल्लाह तआला को कुछ और ही मंज़ूर था। आखिरकार मरहूमा अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं।

मरहूमा, जनाब हाजी लियाक़त साहब के छोटे भाई जनाब शौकत अली के फ़र्ज़ंद जनाब अब्दुल वाजिद की अहलिया थीं। अपने पीछे वह अपने शौहर, लगभग 5 वर्ष के एक मासूम बेटे, तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, रिश्तेदारों और पूरी बिरादरी को ग़मज़दा छोड़ गई हैं। मरहूमा का मायका जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) में था, जहाँ भी इस दुखद समाचार से ग़म की लहर दौड़ गई।

ख़बर लिखे जाने तक ज़िम्मेदारान की जानिब से नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन के वक़्त का एलान नहीं किया गया था। जैसे ही इसकी मुकम्मल मालूमात हासिल होगी, इसी ख़बर में तदफ़ीन का वक़्त और अन्य आवश्यक जानकारी अपडेट कर दी जाएगी।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूमा रूबी बी की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

मैय्यत के सिलसिले में मालूमात

मैय्यत एवं तदफ़ीन के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जनाब उम्मेद ख़ान साहब (गौरीपुर वाले) से मोबाइल नंबर 9528000342 पर राब्ता किया जा सकता है।


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Monday, August 3, 2026

🕊️ ग़मगीन ख़बर | एक और घर का चराग़ बुझ गया, बिरादरी ग़म में डूब गई


"إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ"
अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील नसीब फ़रमाए। आमीन।

नई दिल्ली / मुज़फ्फरनगर।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ बिरादरान-ए-मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) को यह दर्दनाक इत्तिला दी जाती है कि उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर के गाँव महाददौ की मूल निवासी तथा हाल मुक़ीम मकान संख्या M-295, सुंदर नगरी, दिल्ली-110094 की रहने वाली अनीसा बी (उम्र तक़रीबन 50 वर्ष), अहलिया मरहूम जनाब अनवर साहब, का आज मंगल, 04 अगस्त 2026 की सुबह तकरीबन 6:00 बजे सुंदर नगरी, दिल्ली में कजा - ए - ईलाही से इंतिक़ाल हो गया।

यह ख़बर इसलिए भी दिलों को और ज़्यादा अश्कबार कर देने वाली है कि मरहूमा के शौहर जनाब अनवर साहब का भी महज़ 11 माह पहले इंतिक़ाल हुआ था। अभी वह सदमा पूरी तरह कम भी न हुआ था कि आज यह दूसरा बड़ा सदमा पूरे ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी पर टूट पड़ा।

मरहूमा अपने पीछे दो साहबज़ादे, छह साहबज़ादियाँ तथा पूरा ख़ानदान, रिश्तेदार, अहबाब और चाहने वालों को ग़मज़दा छोड़कर अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं। मरहूमा का मायका शाहपुर, ज़िला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में था और अपने नेक अख़लाक़, सादगी तथा ख़ुशनुमां मिज़ाज की वजह से बिरादरी में अच्छी पहचान रखती थी मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज नमाज़-ए-जोहर सुंदर नगरी, दिल्ली में ही सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके लिए ईसाल-ए-सवाब का एहतेमाम करें।

दुआ है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा की तमाम ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाए, क़ब्र की तंगी और वहशत को आसान फ़रमाए, मुनकर-नकीर के सवालात में कामयाबी अता फ़रमाए, हश्र के दिन अपने ख़ास करम से साया-ए-रहमत नसीब फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में अपने नेक बंदों के साथ आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

📌 नोट :
मय्यत के सिलसिले में किसी भी तरह की तफ़सील मालूम करने के लिए जनाब मोहम्मद नौशाद साहब (छुर वालों) से मोबाइल नंबर 9971840143 पर राब्ता किया जा सकता है।

— उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट
"मुल्तानी समाज"
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल।

Sunday, August 2, 2026

📢 सार्वजनिक सूचना / अहम इत्तिला

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू

तमाम अहबाब, अज़ीज़ों और बिरादराने इस्लाम को इत्तिला दी जाती है कि क़स्बा थानाभवन, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) निवासी जनाब अकरम साहब वल्द जनाब अब्दुल अज़ीज़ साहब (मरहूम), क़ुतुबगढ़ वाले का व्हाट्सएप नंबर 7017481648 किसी खुराफाती शख्स द्वारा हैक कर लिया गया है।

हैकर इस नंबर के ज़रिए लोगों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग कर रहा है। आप सभी से गुज़ारिश है कि इस नंबर से आने वाले किसी भी मैसेज, कॉल या पैसों की मांग पर हरगिज़ भरोसा न करें और कोई भी रकम ट्रांसफर न करें।

अगर इस नंबर से आपके पास कोई संदिग्ध मैसेज या कॉल आए, तो कृपया उसे नज़रअंदाज़ करें और इसकी जानकारी तुरंत नीचे दिए गए नंबर पर दें।

संपर्क (अकरम साहब):
📞 9719999101

आप सभी हज़रात से दरख़्वास्त है कि इस सार्वजनिक सूचना को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें, ताकि कोई भी धोखाधड़ी का शिकार न हो।

भवदीय
अकरम
थानाभवन, जिला शामली (उ.प्र.)