Monday, June 29, 2026

बागपत की नामवर शख्सियत मरहूम हाजी इकरामुल्ला साहब की अहलिया कनीज बी का इंतिक़ाल, बिरादरी में दौड़ गई ग़म की लहर, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बागपत (उत्तर प्रदेश) | उत्तर प्रदेश डेस्क

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज, दिन पीर, 29 जून 2026 को उत्तर प्रदेश के जनपद बागपत की हमारी बिरादरी की नामचीन, खिदमतगार और मशहूर उद्योगपति रहे मरहूम जनाब हाजी इकरामुल्ला साहब की अहलिया कनीज बी उम्र तकरीबन 85 साल का लंबी बीमारी के बाद कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया। मरहूमा अपने पीछे चार साहेबजादे जनाब अनीस- उर - रहमान, नफीस - उर - रहमान, शफ़ीक़ - उर - रहमान और खलील - उर - रहमान और समेत पौते, पोतियां और नाते नातिन समेत कुनबा, खानदान, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मज़दा छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए पर्दा फरमा गईं। उनके इंतिक़ाल की खबर सुनते ही बिरादरी और जानने वालों में गहरे दुख और अफ़सोस की लहर दौड़ गई। लोग मरहूमा की मग़फ़िरत और उनके घरवालों के लिए सब्र-ओ-हिम्मत की दुआएँ कर रहे हैं।

इस मौके पर "मुल्तानी समाज" परिवार मरहूमा के तमाम अहल-ए-ख़ाना के ग़म में बराबर का शरीक है और अल्लाह तआला की बारगाह में दुआगो है कि वह मरहूमा की तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और तमाम लवाहिकीन को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

दुआ:

اللهم اغفر لها وارحمها وعافها واعف عنها، وأكرم نزلها ووسع مدخلها، واجعل قبرها روضة من رياض الجنة. آمين يا رب العالمين۔

नोट : नमाज़ मैय्यत को आज रात 11 बजे किया जाएगा सपुर्द - ए - ख़ाक, लिहाज़ा आप हज़रात भी जनाज़े में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, लेख, संदेश, किस्सा, कहानी अथवा विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें—

📞 9410652990
📞 8010884848

Sunday, June 28, 2026

शामली की मरहूमा रूकसाना बी का इंतिक़ाल, आज बाद नमाज़-ए-जौहर सुपुर्द-ए-ख़ाक की जाएँगी, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

शामली (उत्तर प्रदेश) | मुल्तानी समाज न्यूज़ डेस्क

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम को इत्तिला दी जाती है कि मोहल्ला नानूपुरा, नज़दीक राम रहीम बारात घर, क़स्बा शामली की साकिना मरहूमा रूकसाना बी, अहलिया मरहूम जनाब मोहम्मद यासीन साहब (असल साकिन गाँव भैसानी, थाना भवन, ज़िला शामली) का आज दिन पीर, 29 जून 2026 को लगभग 65 वर्ष की उम्र में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूमा का मायका क़स्बा चरथावल, ज़िला मुज़फ्फरनगर में था। उन्होंने अपने पीछे दो बेटे, दो बेटियाँ, अहल-ओ-अयाल, रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब का भरा-पूरा ख़ानदान ग़मज़दा छोड़ दिया है। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से पूरे परिवार और जानने वालों में गहरा रंज-ओ-मलाल पाया जा रहा है।

मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़-ए-जौहर, दोपहर 1:30 बजे अदा की जाएगी। इसके बाद मोहल्ला गुलशन नगर, टायर मार्किट स्थित क़ब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके लवाहिक़ीन के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ करें।

दुआ

ऐ अल्लाह! मरहूमा रूकसाना बी की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमा, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा और तमाम लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।

मज़ीद मालूमात के लिए:
मिस्त्री अख़्तर अली साहब
📞 9756274223


प्रेस लाइन

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी ख़बर, आर्टिकल, संदेश, ताज़ियती इत्तिला, सामाजिक गतिविधि अथवा विज्ञापन प्रकाशित/प्रसारित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें:
📞 9410652990
📞 8010884848

हज की सआदत से वापसी पर जनाब हाजी इक़बाल साहब का इस्तक़बाल, छह बच्चों व पोता-पोती के अकीके की दावत में बिरादरी ने दी मुबारकबाद

अलीगढ़, संवाददाता (मुल्तानी समाज):
हज-ए-बैतुल्लाह की मुक़द्दस सआदत हासिल कर 13 जून को हरमैन शरीफ़ैन से वतन वापस लौटने वाले जनाब हाजी इक़बाल साहब एवं उनकी अहलिया के इस्तक़बाल और हज की ख़ुशी के मौके पर अलीगढ़ में एक शानदार और पुरवक़ार तक़रीब का आयोजन किया गया। यह खुशनुमा कार्यक्रम धर्मपुर कोर्टयार्ड, मैरिस रोड, अलीगढ़ में बड़े ही अदब, एहतराम और पुरजोश माहौल में संपन्न हुआ।

इस मौके पर हाजी इक़बाल साहब ने अपनी हज की सआदत की ख़ुशी को अपने परिवार की खुशियों के साथ जोड़ते हुए अपने छह बच्चों तथा पोता-पोती के अकीके की दावत का भी स्पेशल प्रोग्राम रखा। प्रोग्राम में मुल्तानी बिरादरी के रसूखदार लोग, रिश्तेदार, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, समाजसेवी एवं अलग अलग क्षेत्रों की मशहूर हस्तियों ने बड़ी तादाद में शिरकत की।

महफ़िल का माहौल मोहब्बत, भाईचारे और मुसर्रत से सराबोर रहा। मेहमानों ने हाजी इक़बाल साहब और उनकी अहलिया को हज की मुकम्मल अदायगी पर दिली मुबारकबाद पेश की और उनकी इबादतों की क़ुबूलियत, सेहत, सलामती तथा पूरे ख़ानदान की खुशहाली के लिए दुआएँ कीं।

प्रोग्राम के दौरान मेहमानों की शानदार मेहमाननवाज़ी की गई और आपसी मेल-मिलाप तथा बिरादराना यकजहती का ख़ूबसूरत मंज़र देखने को मिला। प्रोग्राम में मौजूद लोगों ने इस आयोजन को सामाजिक एकता, पारिवारिक मोहब्बत और दीनी रिवायतों का बेहतरीन संगम बताते हुए मेज़बान परिवार की भरपूर सराहना की।

यह तक़रीब न सिर्फ़ हज की सआदत की ख़ुशी का इज़हार थी, बल्कि मुल्तानी बिरादरी के आपसी इत्तेहाद, मोहब्बत और भाईचारे की भी एक शानदार मिसाल बनकर सामने आई।

,

✍️ ख़ास पेशकश | मुल्तानी समाज

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार–बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की यह ख़ास रिपोर्ट।

अगर आप भी अपनी बिरादरी से मुतअल्लिक़ किसी ख़ुशनुमा तक़रीब, दीनी, समाजी या तालीमी प्रोग्राम, ख़बर, मक़ाला (आर्टिकल), पैग़ाम, ताज़ियती इत्तिला, मुबारकबाद, किस्से, कहानियाँ या तिजारती इश्तिहार को मुल्क भर में प्रकाशित व प्रसारित कराना चाहते हैं, तो बेझिझक हमसे राब्ता फ़रमाएँ।

🌐 www.multanisamaj.com

🌐 www.multanigharana.com

📞 9410652990


📞 8010884848


जयपुर में अब्दुल समद साहब (नेता जी) का इंतेकाल, मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी में ग़म की लहर, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

जयपुर (राजस्थान)।

निहायत ही रंजो-ग़म के साथ यह इत्तेला दी जाती है कि आज दिन इतवार, 28 जून 2026 को बट्टा बस्ती, गुजराती पार्क, जयपुर (राजस्थान) के रहने वाले, मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की एक सम्मानित शख्सियत जनाब अब्दुल समद साहब (नेता जी) का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।

"इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन"
(बेशक हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ़ लौटकर जाने वाले हैं।)

मरहूम के इंतेकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों में गहरा दुख और अफ़सोस व्याप्त हो गया। हर शख्स अल्लाह तआला से उनकी मग़फिरत, बुलंदी-ए-दरजात और जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुकाम की दुआ कर रहा है।

अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, मुनकर-नकीर के सवालात आसान फरमाए, क़ब्र की तमाम मंज़िलें आसान करे और उन्हें अपनी रहमत के साए में जगह अता फरमाए। आमीन।

साथ ही अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम के तमाम अहलेख़ाना, रिश्तेदारों और चाहने वालों को इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ दे तथा सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं तदफ़ीन आज रात 10:00 बजे नारी का नाका कब्रिस्तान, जयपुर (राजस्थान) में अदा की जाएगी। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए मग़फिरत की दुआ करें और इस दुख की घड़ी में परिवार का हौसला बढ़ाएँ।

मरहूम के संबंध में अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है—

अब्दुल सलाम: 9352667963
बिलाल अहमद: 9166339486
अब्दुल वहिद: 8005850484


राजस्थान डेस्क से विशेष रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत तथा देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए यह विशेष रिपोर्ट प्रधान संपादक ज़मीर आलम के निर्देशन में राजस्थान डेस्क से प्रस्तुत की गई है।

यदि आप भी अपनी कोई सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक अथवा सामुदायिक खबर, लेख, संदेश, संस्मरण, कहानी या विज्ञापन प्रकाशित एवं प्रसारित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें—

9410652990
8010884848

दुआ:
ऐ अल्लाह! मरहूम जनाब अब्दुल समद साहब (नेता जी) की मग़फिरत फरमा, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुकाम अता फरमा, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे और उनके तमाम अहलेख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।


मुस्लिम मुल्तानी लोहार बिरादरी के बुज़ुर्ग जनाब बशीर अहमद साहब का इंतिकाल, पूरे इलाके में ग़म की लहर

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

खतौली (मुजफ्फरनगर), 28 जून 2026।
निहायत ही अफ़सोस और रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि आलू गोदाम के पास, बुढ़ाना रोड, क़स्बा खतौली निवासी जनाब बशीर अहमद साहब वल्द मरहूम जनाब इस्माईल साहब (गाँव सिकन्दरपुर वाले) का आज इतवार, 28 जून 2026 को सुबह तकरीबन 10 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया। मरहूम की उम्र तकरीबन 94 वर्ष थी।

मरहूम अपनी नेक सीरत, सादा मिज़ाजी, खुशअख़लाक़ी और बिरादरी में इज़्ज़त व एहतराम के लिए जाने जाते थे। उनके इंतिकाल की खबर मिलते ही रिश्तेदारों, दोस्तों, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी के लोगों में गहरे दुख की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर ताज़ियत पेश करने वालों का सिलसिला जारी है।

मरहूम अपने पीछे पाँच बेटे, पाँच बेटियाँ, पोते-पोतियाँ, नाती-नातिन, रिश्तेदारों तथा एक बड़ा कुनबा छोड़ गए हैं। परिवार इस समय गहरे सदमे में है और हर आंख नम है।

मिली जानकारी के मुताबिक, मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़-ए-ईशा अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी के लोगों से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत फरमाएँ और उनके हक़ में ईसाल-ए-सवाब करें।

मरहूम के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उनके साहबज़ादे सिकंदर सलीम उर्फ़ पप्पू से मोबाइल नंबर 7895192977 पर संपर्क किया जा सकता है।

🤲 दुआ-ए-मग़फिरत

अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए और उनके अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

"इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन"
"बेशक हम अल्लाह ही के हैं और उसी की ओर लौटकर जाने वाले हैं।"

Thursday, June 25, 2026

मुल्तानी समाजसेवी संगठन की खतौली बैठक में लिया गया अहम फैसला

मेरठ मेडिकल में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर इलाज व दवाइयों में हरसंभव सहायता दिलाने की पहल

मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) | मुल्तानी समाज विशेष रिपोर्ट

कस्बा खतौली, जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में समाज सेवा और इंसानी खिदमत के जज़्बे को मज़बूत करने के उद्देश्य से मुल्तानी समाजसेवी संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता जनाब हाजी इक़बाल साहब के आवास पर किया गया।

बैठक का माहौल आपसी भाईचारे, मशवरे और समाज के ज़रूरतमंद तबकों की बेहतरी के जज़्बे से सराबोर रहा। इस अवसर पर अलग-अलग शहरों से आए समाज के गणमान्य लोगों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और समाज हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

बैठक में रामपुर मनिहारान से जनाब इरशाद साहब, उस्मान साहब एवं मिर्ज़ा नसीम साहब, दिल्ली (बवाना) से जनाब कय्यूम साहब, अशद मिर्ज़ा साहब, तीतरो से वसीम साहब तथा मेरठ सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजसेवी शामिल हुए।

बैठक का सबसे अहम निर्णय यह रहा कि समाज के ऐसे गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जो गंभीर बीमारियों के कारण बेहतर इलाज कराने में असमर्थ हैं, उन्हें मेरठ मेडिकल में उपचार एवं दवाइयों की व्यवस्था में हरसंभव सहयोग दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए संगठन की एक प्रतिनिधि टीम शीघ्र ही मेरठ जाकर डॉ. चौधरी वकार साहब से मुलाकात करेगी, ताकि जरूरतमंद मरीजों को इलाज, चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयों में अधिक से अधिक राहत दिलाने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की जा सके।

बैठक में संगठन के राष्ट्रीय सदर जनाब हाजी नसीम साहब, नायब सदर जनाब जमीरउद्दीन साहब, संगठन सचिव जनाब मिर्ज़ा नौशाद साहब, कोषाध्यक्ष जनाब अफज़ाल मिर्ज़ा (कुशवली) तथा प्रभारी जनाब शाहनवाज़ मिर्ज़ा (सरधना) सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि समाज की वास्तविक सेवा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ज़रूरतमंद लोगों के जीवन में राहत पहुँचाने वाले ठोस प्रयासों से होती है। इसी भावना के साथ संगठन ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यह पहल शुरू करने का संकल्प लिया।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, लेख, संदेश, सामाजिक गतिविधि, किस्सा, कहानी या विज्ञापन प्रकाशित/प्रसारित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें:

📞 9410652990
📞 8010884848

एक ही रात बिरादरी पर टूटा ग़म का पहाड़, शामली और बागपत ने अपने दो बुज़ुर्ग सायों को खो दिया, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

उत्तर प्रदेश | मुल्तानी समाज विशेष रिपोर्ट

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह दुखद ख़बर हासिल हुई कि 25 जून 2026, जुमेरात की रात मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी ने अपने दो बुज़ुर्ग और सम्मानित हस्तियों को खो दिया। एक ही रात में उत्तर प्रदेश के दो अलग-अलग जनपदों से लगातार आई इन दुखद खबरों ने पूरी मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को गहरे सदमे में डाल दिया।

शामली जनपद से दुखद ख़बर 

गाँव पिंडारो, ब्लॉक एवं तहसील ऊन, जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) के मूल बाशिंदे और हाल मुकामी गाँव जुड़ला, जिला करनाल (हरियाणा) में रह रहे जनाब हाजी उमरदीन साहब, वल्द मरहूम हाजी करीमुद्दीन साहब, उम्र तकरीबन 85 साल ने बीती रात बा तारीख़ 25 जून 2026 की रात तकरीबन 9:00 बजे अपने रब के हुक्म से इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कह गए।

मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया, तीन बेटों, चार बेटियों समेत भरा-पूरा परिवार, रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मज़दा छोड़ गए हैं।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं सुपुर्द-ए-ख़ाक 26 जून 2026 (जुमे) की सुबह 9:00 बजे गाँव पिंडारो, जनपद शामली में अदा की जाएगी।

बड़ौत (बागपत) से भी पहुँची ग़मगीन खबर

इसी रात जनपद बागपत के कस्बा बड़ौत से भी एक दुखद ख़बर "मुल्तानी समाज" न्यूज़ को मिली है। गाँव नसौली के मूल निवासी तथा फिलवक़्त में इदारे के सामने, मोहल्ला पठानकोट, बड़ौत में रहने वाले जनाब हाजी यामीन साहब, वल्द जनाब शफीतुल्ला साहब, तकरीबन **85 साल की उम्र में 25 जून 2026 की बीती रात तकरीबन **10:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल कर गए।

मरहूम अपने पीछे पाँच बेटों, दो बेटियों तथा पूरे परिवार और रिश्तेदारों को ग़म में छोड़ गए हैं। उनका सुपुर्द-ए-ख़ाक 26 जून 2026 (जुमे) को सुबह किया जाएगा।

दुआ-ए-मग़फिरत

हम अल्लाह तआला से दिल की गहराइयों से दुआ करते हैं कि वह दोनों मरहूमीन की मग़फिरत फ़रमाए, उनकी कब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, कब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमाए, हश्र के दिन अपनी रहमत के साए में जगह अता करे और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम नसीब फ़रमाए।

अल्लाह तआला दोनों परिवारों, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और तमाम बिरादरी को यह सदमा बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ दे तथा सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी बिरादरी से जुड़ी कोई खबर, लेख, संदेश, संस्मरण या विज्ञापन प्रकाशित/प्रसारित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें:

📞 9410652990
📞 8010884848

Monday, June 22, 2026

सौ बरस की रौशन ज़िंदगी का चराग़ बुझ गया — जनाब हमीद साहब के इंतेक़ाल से मुल्तानी बिरादरी ग़मगीन

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

निहायत ही अफ़सोस, रंज और गहरे ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की एक बुज़ुर्ग, सम्मानित और नेक हस्ती जनाब हमीद साहब वल्द जनाब हबीब साहब निवासी गांव पाड़ली, ब्लॉक चड़ोली, तहसील बेहट, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का आज बरोज़ पीर, 22 जून 2026 को तक़रीबन 100 वर्ष से अधिक आयु में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेक़ाल हो गया।

मरहूम अपनी सादगी, ख़ुशअख़लाक़ी, बुज़ुर्गाना शख़्सियत और बिरादरी में सम्मानित मुक़ाम के लिए जाने जाते थे। उनकी पूरी ज़िंदगी मेहनत, ईमानदारी, ख़िदमत और इंसानी हमदर्दी का खूबसूरत नमूना रही। उनके इंतेक़ाल की ख़बर से पूरे इलाक़े और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है।

मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया, दो साहबज़ादे, पांच साहबज़ादियां, पौते-पोतियां, नाते-नातिन, रिश्तेदारों, अज़ीज़ों और चाहने वालों का एक बड़ा कुनबा छोड़ गए हैं, जो आज इस सदमे से ग़मज़दा है।

ख़ानदानी सिलसिले में मरहूम कुल पांच भाइयों और दो बहनों में शामिल थे। उनके भाइयों में मरहूम रसीद साहब, मरहूम मजीद साहब, मरहूम हमीद साहब, मरहूम खलील साहब तथा एक भाई जनाब मोहम्मद यामीन साहब हयात हैं। बहनों में मरहूमा भूरी बी तथा जनाबा जहूरन बी शामिल हैं।

दफ़्न की जानकारी

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज बाद नमाज़-ए-ईशा तक़रीबन रात 9:00 से 9:30 बजे के बीच उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

दुआ-ए-मग़फ़िरत

अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

ऐ अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी मंज़िल आसान फ़रमा, क़ब्र को नूर से भर दे और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा। आमीन या रब्बल आलमीन।

संपर्क

मरहूम के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु उनके भतीजे जनाब शहज़ाद मिर्ज़ा से मोबाइल नंबर 9456482230 पर संपर्क किया जा सकता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई ख़बर, लेख, संदेश, सामाजिक सूचना, संस्मरण, कहानी अथवा विज्ञापन प्रकाशित एवं प्रसारित कराना चाहते हैं तो संपर्क करें:

📞 9410652990
📞 8010884848

Sunday, June 21, 2026

खतौली में इंसानियत और खिदमत का खूबसूरत संगम: मुल्तानी समाजसेवी संगठन के मेडिकल कैंप में सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ

खतौली (मुज़फ्फरनगर)। 21 जून, रविवार का दिन खतौली क्षेत्र के लिए इंसानियत, सेवा और सामाजिक एकता का यादगार दिन साबित हुआ। मुल्तानी समाजसेवी संगठन की जानिब से आयोजित विशाल रक्तदान शिविर एवं निःशुल्क मेडिकल कैंप में दूर-दराज़ से आए बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद मरीजों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

इस विशेष मेडिकल कैंप में नाक, कान, गला एवं आंखों से संबंधित बीमारियों की जांच और परामर्श के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मौजूद रही। मरीजों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई बल्कि आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की कामयाबी में बाहर से तशरीफ़ लाई डॉक्टरों की टीम और मुल्तानी समाजसेवी संगठन के कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा। पूरे दिन सेवा का सिलसिला जारी रहा और आने वाले मरीजों को पूरी तवज्जो के साथ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

कैंप में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं देने वाले वरिष्ठ चिकित्सकों में डॉ. आस मोहम्मद साहब, डॉ. वकार चौधरी साहब (मेरठ), नेत्र विशेषज्ञ डॉ. आरिफ साहब, डॉ. खालिद साहब, डॉ. शाइस्ता परवीन तथा पैथोलॉजी विशेषज्ञों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा वरिष्ठ पत्रकार अनिल साहब, नाजिम साहब, वसीम साहब समेत अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत कर आयोजन की सराहना की।

मुल्तानी समाजसेवी संगठन की ओर से सभी चिकित्सकों, पत्रकारों और समाजसेवियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह का उद्देश्य समाज की बेहतरी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोगों का हौसला बढ़ाना था।

इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम साहब, सरपरस्त मूसा जी, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सचिव मिर्ज़ा नौशाद साहब, कोषाध्यक्ष अफजाल मिर्जा, प्रभारी शाहनवाज मिर्जा, अरशान मिर्जा, कयूम मिर्जा, इकराम साहब, गुड्डू मिर्जा, असद मिर्जा सहित अनेक गणमान्य सदस्य एवं समाजसेवी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में संगठन पदाधिकारियों ने सभी डॉक्टरों, पत्रकारों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि समाज की तरक्की और खुशहाली के लिए ऐसे सेवा कार्य भविष्य में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में संगठन लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाता रहेगा।

यह मेडिकल कैंप केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और इंसानियत की मिसाल भी पेश कर गया।


ज़मीर आलम, प्रधान संपादक"मुल्तानी समाज"

देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल
(पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की आवाज़)

मोबाइल: 9410652990, 8010884848

Saturday, June 20, 2026

मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी के बुजुर्ग जनाब मिर्जा सलीमुद्दीन साहब का इंतिकाल, क्षेत्र में शोक की लहर, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

खतौली/मुजफ्फरनगर। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी के तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि गांव मंडावली, जिला मुजफ्फरनगर के मूल निवासी एवं मोहल्ला मंसूर खां, क़स्बा खतौली निवासी बुजुर्ग शख्सियत जनाब मिर्जा सलीमुद्दीन साहब वल्द जनाब सुबराती साहब का आज दिन शनिवार, 20 जून 2026 को शाम लगभग 6 बजे कज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया।

मरहूम की उम्र तकरीबन 80 वर्ष बताई जा रही है। उनके इंतिकाल की खबर सुनते ही परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी में गहरे दुःख और शोक का माहौल व्याप्त हो गया। मरहूम अपने अच्छे अख़लाक, मिलनसार मिज़ाज और सामाजिक संबंधों के लिए जाने जाते थे। उनका जीवन सादगी, मेहनत और इंसानी रिश्तों की कद्र करने की मिसाल रहा।

मिली जानकारी के अनुसार मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया, दो साहबज़ादों, चार साहबज़ादियों सहित पूरा कुनबा, खानदान, रिश्तेदार और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब छोड़ गए हैं, जो उनके इंतिकाल से सदमे में हैं। उनके जाने से परिवार पर जो दुख का पहाड़ टूटा है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।

परिवार के सूत्रों के अनुसार मैय्यत को कल दिन इतवार, 21 जून 2026 को सुबह लगभग 9 बजे सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत फरमाएं और सवाबे दारेन हासिल करें।

दुआ-ए-मग़फिरत

अल्लाह तआला मरहूम जनाब मिर्जा सलीमुद्दीन साहब की मग़फिरत फरमाए, उनकी तमाम खताओं को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

जानकारी हेतु संपर्क

मरहूम के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उनके भतीजे जनाब अमीर आज़म साहब से संपर्क किया जा सकता है।

📞 मोबाइल: 9927510461


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए भीलवाड़ा (राजस्थान) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, आर्टिकल, संदेश, संस्मरण, किस्से, कहानियां अथवा विज्ञापन प्रसारित/प्रकाशित कराना चाहते हैं तो संपर्क करें—

📞 9410652990
📞 8010884848

खतौली में कल लगेगा विशाल निःशुल्क मेडिकल कैंप, मोतियाबिंद ऑपरेशन सहित गंभीर बीमारियों के उपचार की रहेगी विशेष व्यवस्था

डॉक्टरों की टीम देगी सेवाएं, घर-घर प्रचार कर अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाने की तैयारी पूरी

खतौली (मुजफ्फरनगर)। इंसानियत की खिदमत और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के मकसद से क़स्बा खतौली स्थित काज़ी गार्डन के निकट रविवार, 21 जून 2026 को एक विशाल निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस कैंप में मोतियाबिंद (आंखों के ऑपरेशन) के अलावा शुगर, हृदय रोग तथा अन्य गंभीर बीमारियों की जांच एवं उपचार की विशेष सुविधा उपलब्ध रहेगी।

इसी सिलसिले में आज प्रसिद्ध समाजसेवी अफजाल मिर्जा कुशवली वाले के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कैंप की रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं जनसंपर्क अभियान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मौजूद चिकित्सकों एवं आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि कैंप का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचे।

आयोजकों ने बताया कि मेडिकल कैंप का समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। कैंप के सफल संचालन के लिए नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में घर-घर, गली-मोहल्लों तथा सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रह जाए।

बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज की बेहतरी और मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम स्वास्थ्य सेवा है। ऐसे आयोजन न केवल मरीजों को राहत प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर हाजी नसीम साहब, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सचिव मिर्ज़ा नौशाद साहब, कोषाध्यक्ष अफजाल मिर्जा कुशवली वाले तथा संचालक प्रभारी शाहनवाज़ मिर्जा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कैंप की तैयारियों का जायजा लिया तथा सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आयोजकों ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी इस निःशुल्क मेडिकल कैंप का लाभ उठाएं और अपने आसपास के जरूरतमंद मरीजों को भी इसकी जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों तक इस नेक पहल को पहुंचाएं।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, लेख, संदेश, संस्मरण, कहानी अथवा विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित कराना चाहते हैं तो संपर्क करें :
📞 9410652990
📞 8010884848

Friday, June 19, 2026

कांधला के मरहूम जनाब इकबाल साहब का इंतिकाल, बिरादरी में शोक की लहर, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

दिल्ली/शामली। निहायत ही अफ़सोस और गहरे रंज-ओ-ग़म के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि जनाब इकबाल साहब (असल निवासी कांधला, जिला शामली, उत्तर प्रदेश), जो इन दिनों कर्दमपुरी, दिल्ली में मुकीम थे, का आज ब-तारीख़ 20 जून 2026, रोज़ शनिचर सुबह क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया।

मरहूम का इस दुनिया-ए-फ़ानी से रुख़्सत हो जाना न सिर्फ़ उनके अहल-ए-ख़ाना बल्कि तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों, रिश्तेदारों और बिरादरी के लिए एक बड़ा सदमा है। मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया, चार बेटियां, तीन बेटे शहज़ाद, सलीम और शादाब, बहुएं, पोते-पोतियां, नवासे-नवासियां तथा एक बड़ा खानदानी कुनबा छोड़ गए हैं, जो आज उनके बिछड़ जाने के ग़म में अश्कबार हैं।

मौत एक ऐसी हक़ीक़त है जिससे किसी को भी फरार नहीं। इंसान इस दुनिया में अल्लाह तआला की अमानत होता है और एक दिन उसी की बारगाह में लौट जाना होता है। जनाब इकबाल साहब का इंतिकाल भी इसी हक़ीक़त की याद दिलाता है कि दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ा है और आखिरत की ज़िंदगी ही हमेशा रहने वाली है।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम जनाब इकबाल साहब की मग़फिरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाकर जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए।
या अल्लाह! मरहूम की क़ब्र को अपनी रहमतों का गुलशन बना दे, उसे नूर से भर दे और हश्र के दिन अपने नेक बंदों के साथ उठाए।

साथ ही अल्लाह पाक मरहूम के तमाम अहल-ए-ख़ाना, बेटों, बेटियों, रिश्तेदारों और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ नसीब फरमाए। आमीन या रब्बल आलमीन।

दफ़्न का समय

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा और तद्फ़ीन बाद नमाज़ असर कर्दमपुरी , दिल्ली में ही किए जायेंगे सपुर्दे ख़ाक, लिहाजा आप हज़रात भी जनाज़े में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।

अधिक जानकारी के लिए 

मरहूम के संबंध में और ज्यादा मालूमात हासिल करने के लिए हाजी अनीस साहब ( बवाना वाले) से संपर्क किया जा सकता है।

मोबाइल: 9311534571


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए दिल्ली डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी कोई खबर, लेख, संदेश, संस्मरण, कहानी अथवा विज्ञापन "मुल्तानी समाज" के माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित कराना चाहते हैं तो संपर्क करें:

📞 9410652990
📞 8010884848

मुल्तानी समाज — बिरादरी की आवाज़, बिरादरी के साथ।

Thursday, June 18, 2026

15वाँ जश्न-ए-मुल्तानी स्थापना दिवस: मुल्तानी बिरादरी ने मुल्क ही नहीं विदेशों में भी पेश की एकता, खिदमत और हरियाली की मिसाल

मोहम्मद आलम की सरपरस्ती में देश-विदेश में धूमधाम से मनाया गया स्थापना दिवस, आने वाली नस्लों के नाम किया गया वृक्षारोपण

नई दिल्ली। 
किसी भी कौम और बिरादरी की असली ताकत उसके महलों, दावतों और दिखावों में नहीं, बल्कि उसके उन नेक इरादों में छिपी होती है जो आने वाली नस्लों के लिए राहें आसान बनाते हैं। यही पैग़ाम इस वर्ष 17 जून को मनाए गए 15वें "जश्न-ए-मुल्तानी स्थापना दिवस" के अवसर पर दुनिया भर में बसे मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी के लोगों ने दिया।

देश की राजधानी दिल्ली से पंजीकृत पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की अग्रणी एवं क्रांतिकारी तंजीम के आह्वान पर आयोजित इस विशेष दिवस को भारत के विभिन्न राज्यों, जनपदों, कस्बों और गांवों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले बिरादरी के लोगों ने भी पूरे उत्साह, सादगी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाया।

इस अवसर पर बिरादरी के लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्थापना दिवस मनाना नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ वातावरण और सामाजिक जागरूकता की ऐसी विरासत छोड़ना था जो आने वाले वर्षों तक समाज को प्रेरित करती रहे।

खिदमत का जज़्बा बना कार्यक्रम की पहचान

स्थापना दिवस के अवसर पर बिरादरी की अनेक नामचीन हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, व्यवसायियों और ख्वातीन ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न स्थानों से वृक्षारोपण की तस्वीरें और संदेश साझा करते हुए सभी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि समाज की तरक्की केवल बड़े-बड़े आयोजनों और खर्चीले कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे नेक कामों से भी संभव है।

कार्यक्रम में शामिल लोगों का मानना था कि यदि नीयत साफ हो और मकसद समाज की भलाई हो, तो बिना किसी बड़े आर्थिक बोझ के भी पूरी बिरादरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सकारात्मक पहचान कायम कर सकती है।

नई नस्लों को दिया गया जिम्मेदारी और पर्यावरण का पैग़ाम

वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से नौजवानों और बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से भी अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में न केवल छाया देगा बल्कि समाज की दूरअंदेशी सोच का प्रतीक भी बनेगा।

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सकता है।

सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश

स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों से प्राप्त संदेशों में सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे, शिक्षा, जागरूकता और समाज सुधार पर विशेष बल दिया गया। बिरादरी के वरिष्ठजनों ने कहा कि संगठन की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज को जोड़ना, नई पीढ़ी को सही दिशा देना और सामाजिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास करना रहा है।

आज जब दुनिया विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में सामाजिक संगठनों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे लोगों को सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करें और समाज में भाईचारे तथा इंसानियत की भावना को मजबूत करें।

देश-विदेश से मिला भरपूर समर्थन

स्थापना दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों में रहने वाले बिरादरी के लोगों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम को सफल बनाया। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की गई तस्वीरों और संदेशों ने यह साबित कर दिया कि मुल्तानी बिरादरी आज वैश्विक स्तर पर भी अपनी एक अलग पहचान रखती है और समाजहित के कार्यों में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती है।

आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल सभी गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, महिलाओं और बच्चों का आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।


इन महान हस्तियों ने कार्यक्रम को बनाया यादगार

इस अवसर पर देश एवं विदेश से बिरादरी की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, ख्वातीन प्रतिनिधियों तथा युवाओं ने सहभागिता कर वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में विशेष रूप से

देश-विदेश की नामचीन हस्तियों ने निभाई पर्यावरण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी

15वें जश्न-ए-मुल्तानी स्थापना दिवस एवं वृक्षारोपण अभियान में देश और विदेश से बिरादरी की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, व्यवसायियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, ख्वातीन प्रतिनिधियों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर जनाब इनाम साहब (खतौली, मुजफ्फरनगर), तंजीम के सरपरस्त मोहम्मद आलम साहब, जनाब महबूब खान साहब (करनाल, हरियाणा), मोहतरमा इकरा सुल्ताना (जम्मू-कश्मीर), मोहतरमा रेशमा जमाल (बिजनौर), मोहतरमा शाजदा सबा (देवबंद), जनाब अब्दुल सलाम साहब (देवबंद)
, जनाब हासिमुद्दीन साहब एवं जनाब मिर्ज़ा मिन्हाजुद्दीन साहब (फलावदा, मेरठ), जनाब सिकंदर साहब (भगवानपुर, उत्तराखंड), एडवोकेट इरशाद मुल्तानी साहब (नगीना, बिजनौर), धामपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. कमाल साहब, वरिष्ठ समाजसेवी एवं योग प्रशिक्षक जनाब नूरमोहम्मद साहब "स्टीयरिंग वाले" (शामली), जनाब फैसल साहब (रुड़की), जनाब
सलीम साहब उर्फ़ पप्पू (देवबंद)
, जनाब नाज़िम साहब (शामली), जनाब मोहम्मद दानिश साहब (दुबई, यूएई), जनाब फैसल इस्माईल साहब (सरधना, मेरठ), जनाब इरशाद साहब (बिजनौर)
, जनाब आशिफ अली (रुड़की, उत्तराखंड), मोहतरमा
नाहिदा खान (मुजफ्फरनगर)
, हाजी इरफान साहब (चंडीगढ़), जनाब अब्दुल हफ़ीज़ साहब (गुरुग्राम, हरियाणा), हाजी दिलशाद साहब (निजामुद्दीन मरकज़, नई दिल्ली), हाजी इक़बाल साहब (अलीगढ़) राफ़िया  फ़ारूक़, कबीर नगर दिल्ली, उसामा साजिद , देहरादून,
हाजी साज़िद मिर्ज़ा साहब (वज़ीराबाद, दिल्ली), वसीम सलीम (मुजफ्फरनगर), इरफान साहब (चमोली, उत्तराखंड), फैज़ मोहम्मद साहब (वल्लभगढ़, हरियाणा) तथा हाजी लियाकत अली साहब (सोनीपत, हरियाणा) सहित देश-विदेश की अनेक सम्मानित हस्तियों ने वृक्षारोपण कर स्थापना दिवस को यादगार बनाया।

इन सभी हस्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पौधे लगाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि मुल्तानी बिरादरी सामाजिक एकता,
शिक्षा, जागरूकता और इंसानियत की खिदमत के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाती रही है। कार्यक्रम में शामिल अन्य गणमान्य व्यक्तियों, ख्वातीन और युवाओं सहित दर्जनों गणमान्य लोगों ने सहभागिता कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।


प्रेस लाइन

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए नई दिल्ली डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी खबर, लेख, सामाजिक संदेश, संस्मरण, धार्मिक लेख, विज्ञापन अथवा बिरादरी से संबंधित जानकारी प्रकाशित कराना चाहते हैं, तो संपर्क करें:

📞 9410652990
📞 8010884848

Tuesday, June 16, 2026

बावली (बागपत) के मरहूम अब्दुल सत्तार साहब का इंतिकाल, बिरादरी में शोक की लहर ,इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन

बावली, बागपत (उत्तर प्रदेश)।पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी के लिए आज का दिन गहरे रंज और ग़म का दिन साबित हुआ। गांव बावली, तहसील बड़ौत, जिला बागपत निवासी मरहूम मिस्त्री यूसुफ साहब के सुपुत्र जनाब अब्दुल सत्तार साहब का आज दिनांक 17 जून 2026 को सुबह लगभग 5 बजे लंबी बीमारी के बाद इंतिकाल हो गया। उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष बताई गई है।

अल्लाह तआला की यही मर्ज़ी थी और हर जान को एक दिन मौत का स्वाद चखना है।

"इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन"
(बेशक हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ लौटकर जाने वाले हैं।)

पारिवारिक परिचय

मरहूम अब्दुल सत्तार साहब, मिस्त्री यूसुफ साहब के सुपुत्र थे। मरहूम यूसुफ साहब के चार बेटे थे—

  • जनाब इरशाद साहब
  • जनाब मईनू राशन वाले
  • मरहूम शमशाद साहब
  • मरहूम अब्दुल सत्तार साहब

गौरतलब है कि अब्दुल सत्तार साहब के भाई शमशाद साहब का इंतिकाल पहले ही हो चुका था।

भरा-पूरा परिवार छोड़ गए

मरहूम अब्दुल सत्तार साहब अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में—

  • मुहम्मद फारूख
  • मुहम्मद इरफान
  • मुहम्मद इदरीश

के अलावा दो बेटियां भी हैं।

अपने अजीजों, रिश्तेदारों और चाहने वालों को गमगीन छोड़कर मरहूम इस फानी दुनिया से रुख्सत हो गए। उनके इंतिकाल की खबर से पूरे क्षेत्र और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है।

आज असर की नमाज़ के बाद होगी तदफीन

प्राप्त जानकारी के अनुसार मरहूम अब्दुल सत्तार साहब की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज 17 जून 2026 को असर की नमाज़ के बाद बिजलीघर के सामने स्थित कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

जनाज़े के अदब और इस्लामी तालीमात

इस मौके पर तमाम अहबाब, रिश्तेदारों और बिरादराना हजरात से गुजारिश की जाती है कि जनाज़े और ताज़ियत के दौरान इस्लामी आदाब का पूरा ख्याल रखें।

  • मय्यत वालों के घर जाकर हंसी-मजाक और गैर जरूरी बातों से परहेज़ करें।
  • गमजदा परिवार पर खाने-पीने का अतिरिक्त बोझ न बनें।
  • जनाज़े के साथ अदब और खामोशी के साथ चलें।
  • रास्ते में दुनियावी बातचीत और मोबाइल फोन पर मशगूल रहने से बचें।
  • मरहूम के लिए मगफिरत और बुलंदी-ए-दराजात की दुआ करते रहें।
  • "ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह" का विर्द करते हुए जनाज़े में शरीक हों।

बिरादरी का फर्ज़

किसी भी बिरादरी की ताकत उसके आपसी रिश्तों, हमदर्दी और दुख-सुख में शरीक होने से बढ़ती है। इसलिए बिरादरी के हर जिम्मेदार फर्द का फर्ज़ है कि वह ऐसी खबरों को एक-दूसरे तक पहुंचाए और गम की इस घड़ी में मरहूम के परिवार का हौसला बढ़ाए।

दुआ-ए-मगफिरत

हम सभी अल्लाह तआला की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ करते हैं कि—

"ऐ अल्लाह! मरहूम अब्दुल सत्तार साहब की मगफिरत फरमा, उनकी तमाम खताओं को माफ फरमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बना दे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमा और तमाम अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।"


संपर्क सूत्र

अधिक जानकारी के लिए निम्न व्यक्तियों से संपर्क किया जा सकता है—

  • फरदीन : 9045326620
  • डा. शमशाद साहब, बावली : 9058647438
  • हाजी गफूर साहब (नेता जी ट्रैक्टर वाले), बावली : 9412061270
  • मुहम्मद हसन (मुहम्मद) : 9548844201
  • चौधरी इरशाद (पप्पू हाडी फैब्रिकेटर्स) : 9756277494

 नोट:- ख़बर में लगाए गए सभी फ़ोटो काल्पनिक है। इन फ़ोटो से ख़बर का कोई वास्ता मतलब नहीं है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

समाचार, लेख, संदेश, सामाजिक गतिविधियों एवं विज्ञापन के प्रकाशन हेतु संपर्क करें :
📞 9410652990
📞 8010884848

इस्लामिक नए साल और मुल्तानी समाज स्थापना दिवस का मुबारक संगम: आइए एक पेड़ लगाकर आने वाली नस्लों को तोहफा दें

इस्लामिक नए साल और मुल्तानी समाज स्थापना दिवस की तमाम बिरादराना हजरात को दिली मुबारकबाद

एक पेड़ देश के नाम, एक पेड़ आने वाली नस्लों के नाम

लेखक: ज़मीर आलम, प्रधान संपादक, मुल्तानी समाज

आज का दिन पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी के लिए दोहरी खुशियों का पैगाम लेकर आया है। एक तरफ इस्लामी कैलेंडर का नया साल शुरू हुआ है, वहीं दूसरी तरफ देश की सबसे बड़ी सामाजिक एवं क्रांतिकारी तंजीम "मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट" का स्थापना दिवस भी पूरे भारत में बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है।

17 जून का दिन हमारी बिरादरी के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज है। इसी दिन देश की राजधानी नई दिल्ली में समाज की बेहतरी, शिक्षा, एकता, भाईचारे और सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट का पंजीकरण हुआ था। तब से लेकर आज तक यह तंजीम पूरे भारत में समाज सेवा, जागरूकता और कौमी एकता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस वर्ष बिरादरी अपना

15वां "मुल्तानी समाज स्थापना दिवस" मना रही है। हर वर्ष की तरह इस बार भी स्थापना दिवस को वृक्षारोपण अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों, शहरों, कस्बों और गांवों में बिरादरी के लोग पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं।

इस्लाम में पेड़ लगाने की अहमियत

इस्लाम हमें केवल इबादत ही नहीं सिखाता बल्कि इंसानियत और प्रकृति की हिफाजत का भी हुक्म देता है। हज़रत मुहम्मद ﷺ ने फरमाया:

"अगर किसी मुसलमान ने कोई पेड़ लगाया और उससे कोई इंसान, परिंदा या जानवर फायदा उठाए तो वह उसके लिए सदका (दान) माना जाएगा।"

पेड़ लगाना केवल पर्यावरण की सेवा नहीं बल्कि एक ऐसी नेक अमल है जिसका सवाब इंसान को उसके इंतिकाल के बाद भी मिलता रहता है। यही वजह है कि इस्लाम में वृक्षारोपण को सदक़ा-ए-जारिया कहा गया है।

सरकार भी चला रही है हरियाली अभियान

भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें लगातार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण अभियान चला रही हैं। "एक पेड़ मां के नाम" जैसे अभियान लोगों को प्रकृति से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जल संकट के दौर में पेड़ लगाना केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य भी बन गया है। एक पेड़ कई पीढ़ियों को ऑक्सीजन, छाया, फल और स्वच्छ वातावरण प्रदान करता है।

दुनियावी फायदे भी कम नहीं

पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वृक्षारोपण से:

  • वातावरण शुद्ध होता है।
  • ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है।
  • वर्षा संतुलित रहती है।
  • भूजल स्तर सुरक्षित रहता है।
  • गर्मी और प्रदूषण कम होता है।
  • पक्षियों और जीव-जंतुओं को आश्रय मिलता है।
  • आने वाली पीढ़ियों को बेहतर भविष्य मिलता है।

आज जब दुनिया पर्यावरण संकट से जूझ रही है, तब एक पेड़ लगाना मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है।

मोहम्मद आलम ने कायम की प्रेरणादायक परंपरा

हर वर्ष की तरह इस बार भी मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन जनाब मोहम्मद आलम साहब, निवासी मुस्तफाबाद, दिल्ली ने सबसे पहले वृक्षारोपण कर अपनी तस्वीरें साझा कीं और समाज के लोगों को इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संदेश दिया।

उनकी यह पहल पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है। समाज के हजारों लोग हर वर्ष उनकी प्रेरणा से वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लेते हैं।

आइए हम भी हिस्सा बनें

यदि आप पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं तो आज के मुबारक दिन एक पेड़ अवश्य लगाएं। अपने बच्चों को भी इसके महत्व से अवगत कराएं और उनकी जिम्मेदारी बनाएं कि वे अपने लगाए हुए पौधे की देखभाल भी करें।

याद रखिए, पेड़ लगाना आसान है लेकिन उसकी परवरिश करना असली सेवा है।

आइए इस इस्लामिक नए साल पर हम यह संकल्प लें कि अपने देश, समाज और आने वाली नस्लों के लिए कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएंगे।

मुल्तानी समाज स्थापना दिवस एवं इस्लामिक नए साल की तमाम बिरादराना हजरात को दिली मुबारकबाद।

अल्लाह तआला हम सभी को इंसानियत, भाईचारे और प्रकृति की हिफाजत करने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।


प्रेस लाइन

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

समाचार, लेख, संदेश, सामाजिक गतिविधियों, विज्ञापन एवं अन्य जानकारी के प्रकाशन हेतु संपर्क करें: 📞 9410652990
📞 8010884848

Sunday, June 14, 2026

हज 2026 के मुबारक सफ़र से लौटे हाजियों के सम्मान में आयोजित हुई शानदार दावत, फूलों और मोहब्बत से हुआ इस्तकबाल

शामली से ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट

शामली। हज जैसे मुक़द्दस और रूहानी सफ़र से लौटने वाले हाजियों का सम्मान करना इस्लामी परंपराओं और सामाजिक भाईचारे की खूबसूरत मिसाल माना जाता है। इसी सिलसिले में शामली शहर के मोहल्ला सलेक विहार निवासी समाजसेवी हाजी नूरमोहम्मद साहब (स्टेयरिंग वालों की) की ओर से शनिवार, 13 जून 2026 को अपने निजी मुक़ाम पर हज 2026 से लौटे हाजियों के सम्मान में एक मोहब्बत से लबरेज दावत एवं इस्तकबाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जिला मुजफ्फरनगर , उत्तर प्रदेश के कस्बा खतौली समेत विभिन्न इलाकों से हज 2026 का पाक सफ़र पूरा करके लौटे हाजियों ने शिरकत की। इस अवसर पर मेहमानों का फूलों के हार, गुलदस्तों और दुआओं के साथ गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। मौजूद मेहमानों ने हाजियों से मुलाकात कर उन्हें हज की मुबारकबाद पेश की और उनके तजुर्बों और सफ़र के दौरान की वाकयो को भी सुना।

इस मुबारक़ मौके पर हाजी नूरमोहम्मद साहब की अहलिया मुसर्रत बी ने भी ख़ास तौर पर हज से लौटी हज्जनों का बेहद गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने परिवार की मेहमाननवाज़ी और बेहद दीनी माहौल की खुलकर तारीफ की।

शहर के लोगों के मुताबिक हाजी नूरमोहम्मद साहब और उनकी फैमिली लंबे समय से दीनी, सामाजिक एवं जनता की भलाई से जुड़े हर कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। समय-समय पर विभिन्न धार्मिक विद्वानों, हाजियों, उमराह यात्रियों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों के सम्मान में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक और जनहित के कार्यों से जुड़ी संस्थाओं के साथ भी उनका सहयोग बना रहता है।

कार्यक्रम के दौरान आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और इंसानियत की सेवा के महत्व पर भी चर्चा हुई। उपस्थित लोगों ने इस प्रकार के आयोजनों को समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देने वाला बताया।

हज से लौटे मेहमानों ने आयोजकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस तरह का सम्मान और मोहब्बत भरा माहौल उनके लिए यादगार रहेगा। कार्यक्रम का समापन दुआओं और एकसाथ बैठकर खाने के साथ हुआ।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी खबर, लेख, सामाजिक संदेश, संस्मरण, साहित्यिक रचना अथवा विज्ञापन प्रकाशित या प्रसारित कराना चाहते हैं, तो निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

📞 9410652990
📞 8010884848