इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
कैराना/शामली। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह इत्तिला दी जाती है कि मोहल्ला इकरामपुरा, क़स्बा कैराना, जनपद शामली निवासी जनाब मोहम्मद अशरफ़ साहब वल्द जनाब अब्दुल सत्तार साहब, उम्र तक़रीबन 40 साल, का लंबी बीमारी के बाद आज दिन शनिचर, बा - तारीख़ 08 अगस्त 2026 की शाम लगभग 5 से 6 बजे के दरमियान क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।
मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर सुनते ही अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, रिश्तेदारों और अहबाब में ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूम अपने पीछे अहलिया, एक बेटे, वालिदैन, चार भाइयों और दो बहनों समेत तमाम कुनबे और खानदान को गहरे सदमे और रंज में छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गए।
मरहूम के इंतिक़ाल पर “मुल्तानी समाज” परिवार भी गहरे रंज-ओ-ग़म का इज़हार करता है और दुआगो है कि अल्लाह तआला मरहूम मोहम्मद अशरफ़ साहब की मुकम्मल मग़फ़िरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और लग़ज़िशों को माफ़ फरमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर और कुशादा फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और उनके तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।
कल होगा सुपुर्द-ए-ख़ाक
मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन कल इतवार, 09 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 9 बजे की जाएगी। तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।
अल्लाह तआला तमाम मुसलमानों को मौत की इस हक़ीक़त से इबरत हासिल करने और अपने आख़िरत के सफ़र की तैयारी करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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