Friday, August 21, 2026

इन्तक़ाल पुर-मलाल — मोहम्मद रफ़ीक़ के इंतक़ाल पर बिरादराने-मुल्तानी में ग़म की लहर

भीलवाड़ा। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह इत्तिला बिरादराने-मुल्तानी हज़रात तक पहुँचाई जाती है कि अब्दुल अज़ीज़ ठेकेदार कोटरी वाले के फ़र्ज़न्द मोहम्मद रफ़ीक़, निवासी गुलज़ार नगर, गली नंबर-1, भीलवाड़ा, का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया है।

मरहूम के इंतक़ाल की ख़बर से उनके अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों, अहबाब और बिरादराने-मुल्तानी में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। मरहूम के इंतक़ाल से परिवार ने अपना एक अज़ीज़ फ़र्द खो दिया है, जिसकी कमी हमेशा महसूस की जाती रहेगी।

إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعونَ
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

तमाम बिरादराने-मुल्तानी और अहबाब से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके अहल-ए-ख़ाना को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता होने की दुआ करें।

🤲 दुआ-ए-मग़फ़िरत

ऐ अल्लाह! मरहूम मोहम्मद रफ़ीक़ की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी ख़ताओं और गुनाहों को माफ़ फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, क़ब्र की तमाम मुश्किलात आसान फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।

या रब्बुल आलमीन! मरहूम के तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्तों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा तथा इस सदमे को उनके लिए आसान फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन। 🤲

क़ब्र में मिट्टी देने की दुआ

पहली मर्तबा:
मिन्हा ख़लक़नाकुम।

दूसरी मर्तबा:
व फ़ीहा नुईदुकुम।

तीसरी मर्तबा:
व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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