बिड़ौली/झिंझाना (शामली): क्षेत्र के बिड़ौली सादात गांव स्थित इमामबाड़ा में मंगलवार देर रात एक धार्मिक मजलिस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंजुमन-ए-सज्जादिया के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन पाक की तिलावत से हुई, जिसे सैय्यद वसी हैदर, हसन अली, मिन्हाल मेहदी, नोहेखान हाशिम शाह और शौकीन हुसैन ने पेश किया। इसके बाद मजलिस में मौजूद उलेमा और धर्मगुरुओं ने अपने विचार साझा किए और धार्मिक मूल्यों, सब्र और सामाजिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद मंजर सादिक ने एक प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्व के जीवन से जुड़े पहलुओं का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी समाज के लिए उसूलों पर कायम रहना और मुश्किल हालात में भी सब्र से काम लेना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इंसान को अपने सिद्धांतों पर मजबूती से खड़ा रहना चाहिए और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता फजल अली उर्फ अच्छू मियां ने की। इस मौके पर सैय्यद मेहताब मेहदी, अली जौन, सैय्यद नियाज हैदर, गुड्डू गाजीपुर, मन्नन मियां, साबिर शाह, आबिद हुसैन, अखलाक शाह, सैय्यद कमर अब्बास, लियाकत शाह, मोहम्मद अली, सलीम शाह, जिंदा शाह, गुड्डू मियां सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
मजलिस का समापन दुआ के साथ हुआ, जिसमें समाज में अमन, भाईचारे और तरक्की की कामना की गई।
📌 रिपोर्टर
“समझो भारत” (राष्ट्रीय समाचार पत्र/न्यूज़ पोर्टल)
📍 झिंझाना, शामली (उत्तर प्रदेश)
✍️ रिपोर्ट: शाकिर अली
📞 संपर्क: 8010884848, 9528680561
🌐 वेबसाइट: www.samjhobharat.com
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