Sunday, February 1, 2026

ख़िदमत-ए-ख़ल्क की मिसाल: खतौली व सरधना में क़ुरआन-ए-मजीद और जानमाज़ तक़सीम का मुबारक प्रोग्राम

खतौली / सरधना (उत्तर प्रदेश)। 
निहायत अदब और एहतराम के साथ अहले-बिरादरान को इत्तिला दी जाती है कि कल बा-तारीख़ 2 फ़रवरी 2026, बरोज़ पीर, को कस्बा खतौली, ज़िला मुज़फ्फरनगर (उ.प्र.) में ख़िदमत-ए-ख़ल्क का एक ख़ैर-ओ-बरकत से भरपूर और नेक नियत पर आधारित प्रोग्राम मुनअक़िद किया जा रहा है।

इस मुबारक मुहिम के तहत, इंशाअल्लाह खतौली एवं सरधना, ज़िला मेरठ (उ.प्र.) में ज़रूरतमंद और मुस्तहिक़ अफ़राद के दरमियान क़ुरआन-ए-मजीद और जानमाज़ की तक़सीम अमल में लाई जाएगी। यह नेक क़दम समाज में दीनी बेदारी, आपसी मोहब्बत और इंसानियत की ख़िदमत का एक बेहतरीन नमूना है।

इस पाक और ख़ैराती काम में बिरादरी के कई जज़्बाती, हमदर्द और ख़ैर-ख़्वाह अफ़राद बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इनमें
दिल्ली से हाजी सगीर साहब,
खतौली से हाजी नसीम साहब, मिर्ज़ा नौशाद साहब, जमीरउद्दीन साहब,
बुढ़ाना से यासमीन बाजी,
कुशवली से भाई मूसा अफ़ज़ल मिर्ज़ा व कामिल साहब,
सरधना से
शाहनवाज़ मिर्ज़ा,
और शामली से रेशमा ज़मीर (अहलिया ज़मीर आलम) — मुल्तानी घराना डॉट कॉम के फ़ाउंडर — अपनी क़ीमती ख़िदमात पेश कर रहे हैं।

कार्यक्रम के आयोजकों ने तमाम अहले-ख़ैर हज़रात से अपील की है कि जो भी इस नेक मुहिम में शरीक होकर सवाब-ए-दारेन हासिल करना चाहते हों, वे मिर्ज़ा नौशाद साहब (फलावदा वाले) या अफ़ज़ल मिर्ज़ा (कुशवली वाले), हाल बाशिंदे खतौली से राब्ता क़ायम फ़रमाएँ।

दुआ है कि अल्लाह तआला इस ख़िदमत-ए-ख़ल्क को अपने बारगाह में क़ुबूल फ़रमाए, इस नेक कोशिश को जारी रखने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए और इसे समाज के लिए रहनुमाई का ज़रिया बनाए—आमीन।


✍️ खास रिपोर्ट:
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत,
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित,
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार–बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका के लिए
खतौली / सरधना से:
शाहनवाज़ मिर्ज़ा एवं अफ़ज़ल मिर्ज़ा

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