अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर करे और जन्नतुल फिरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म तथा दिली अफ़सोस के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन इतवार, बा-तारीख़ 01 नवंबर 2026 को मोहल्ला नौ कुआँ, शामली (उत्तर प्रदेश) में जनाब अय्यूब मिर्ज़ा साहब (कोठड़ी वाले), वल्द जनाब ग़ुलाम हुसैन साहब, उम्र तक़रीबन 58 साल, का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया है।
मरहूम के इंतकाल की ख़बर से ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, अहबाब और मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में ग़म और अफ़सोस की लहर दौड़ गई है। यह दुनिया फ़ानी है और हर ज़ी-रूह को एक दिन अपने रब की बारगाह में लौटकर जाना है। अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं और लग़ज़िशों को माफ़ फरमाकर उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फरमाए।
जनाज़े और तदफ़ीन की इत्तिला
मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम की मय्यत को आज रात 10 बजे सपूर्दे ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और अहबाब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाकर मरहूम के हक़ में दुआ-ए-मग़फिरत करें और सवाबे दारेन हासिल करें।क़ब्र में उतारते वक़्त की दुआ
मय्यत को क़ब्र में उतारते वक़्त यह दुआ पढ़ी जाती है:
بِسْمِ اللّٰهِ وَعَلٰى مِلَّةِ رَسُوْلِ اللّٰهِ ﷺ
बिस्मिल्लाहि व अला मिल्लति रसूलिल्लाह ﷺ
अर्थ: अल्लाह के नाम के साथ और रसूलुल्लाह ﷺ के दीन व तरीक़े पर।
मिट्टी देते वक़्त की दुआ
क़ब्र पर मिट्टी डालते वक़्त क़ुरआन-ए-पाक की यह आयत पढ़ी जाती है:
مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَىٰ
मिन्हा ख़लक़नाकुम व फ़ीहा नुईदुकुम व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा।
अर्थ: इसी मिट्टी से हमने तुम्हें पैदा किया, इसी में तुम्हें वापस लौटाएँगे और इसी से दोबारा तुम्हें निकालेंगे।
दफ़न के बाद मग़फिरत और साबितक़दमी की दुआ
اللّٰهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَثَبِّتْهُ عِنْدَ السُّؤَالِ
अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहम्हू व सब्बित्हू इंदस्सुआल।
अर्थ: ऐ अल्लाह! मरहूम की मग़फिरत फरमा, उन पर रहम फरमा और सवाल के वक़्त उन्हें साबितक़दम रखना।
तमाम अहबाब से ख़ुसूसी गुज़ारिश है कि दफ़न के बाद भी मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत फरमाएँ। अल्लाह तआला उनके मदफ़न को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, क़ब्र की तन्हाई को अपनी रहमत से दूर फरमाए और क़ब्र को जन्नत की ख़ुशबू और नूर से भर दे।
नोट: मय्यत के सिलसिले में मज़ीद मालूमात के लिए एडवोकेट रिज़वान आलम साहब के मोबाइल नंबर 8864880718 पर राब्ता क़ायम फरमाएँ।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल 'मुल्तानी समाज' के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला से आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम पसमान्दगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन सुम्मा आमीन।
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