Saturday, October 31, 2026

रशीदा बी के इंतिक़ाल से मुल्तानी बिरादरी में ग़म की लहर, आज बाद नमाज़े असर गौरीपुर के कब्रिस्तान में होंगी सुपुर्द-ए-ख़ाक

शरीफ़ अहमद नांगल वाले (मरहूम) की अहलिया रशीदा बी ने बीमारी के चलते दुनिया-ए-फ़ानी को कहा अलविदा, अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए और तमाम घर वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।

उत्तर प्रदेश। निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन इतवार, बा-तारीख़ 01 नवंबर 2026 को जनाब शरीफ़ अहमद नांगल वाले (मरहूम), हाल मुक़ाम गौरीपुर, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश की अहलिया मोहतरमा रशीदा बी का बीमारी के चलते क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया है।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूमा के इंतिक़ाल की ख़बर से उनके अहल-ए-ख़ाना, रिश्तेदारों, अज़ीज़ों और बिरादरी के लोगों में गहरा रंज-ओ-ग़म पाया जा रहा है। यह दुनिया फ़ानी है और हर जान को एक दिन अपने रब की बारगाह में लौटकर जाना है। बेशक अल्लाह की मर्ज़ी के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता।

आज बाद नमाज़े असर अदा होगी नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक

मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूमा रशीदा बी की मय्यत को आज दिन इतवार, बाद नमाज़े असर, गांव गौरीपुर, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश स्थित क़ब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

लिहाज़ा तमाम बिरादराना हज़रात, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और अहल-ए-ईमान से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और ग़मज़दा अहल-ए-ख़ाना के साथ ताज़ियत और दिलजोई का इज़हार फ़रमाएं।

दफ़न के वक़्त पढ़ी जाने वाली दुआ

जब मरहूमा को क़ब्र में उतारा जाए तो यह दुआ पढ़ना मस्नून है:

بِسْمِ اللّٰهِ وَعَلٰى مِلَّةِ رَسُوْلِ اللّٰهِ

बिस्मिल्लाहि व अला मिल्लति रसूलिल्लाह।

तर्जुमा: अल्लाह के नाम के साथ और रसूलुल्लाह ﷺ के दीन व तरीक़े पर।

मिट्टी देते वक़्त की दुआ

क़ब्र पर मिट्टी डालते वक़्त यह क़ुरआनी आयत पढ़ी जाती है:

مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَىٰ

मिन्हा ख़लक़नाकुम व फ़ीहा नुईदुकुम व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा।

तर्जुमा: इसी मिट्टी से हमने तुम्हें पैदा किया, इसी में तुम्हें लौटाएंगे और इसी से तुम्हें दोबारा निकालेंगे।

मरहूमा की मग़फ़िरत के लिए ख़ास दुआ

اللّٰهُمَّ اغْفِرْ لَهَا وَارْحَمْهَا وَعَافِهَا وَاعْفُ عَنْهَا

अल्लाहुम्मग़फ़िर लहा वरहमहा व आफ़िहा व अफ़ु अन्हा।

ऐ अल्लाह! मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमा, उन पर रहम फ़रमा, उन्हें आफ़ियत अता फ़रमा और उनकी ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमा।

मुल्तानी समाज की तरफ़ से पुरदर्द ताज़ियत

राष्ट्रीय समाचार पत्रिका 'मुल्तानी समाज' के प्रधान संपादक ज़मीर आलम एवं समस्त टीम की जानिब से मरहूमा रशीदा बी के इंतिक़ाल पर उनके तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और मुतअल्लिक़ीन की ख़िदमत में दिली ताज़ियत पेश की जाती है।

हमारी बारगाह-ए-इलाही में दुआ है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा रशीदा बी की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र की तन्हाई को अपनी रहमत से दूर फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

अल्लाह तआला मरहूमा की तमाम छोटी-बड़ी ख़ताओं को माफ़ फ़रमाए, उनकी नेकियों को क़ुबूल फ़रमाए और उन्हें अपने प्यारे महबूब हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शफ़ाअत नसीब फ़रमाए।

अल्लाह उनके अहल-ए-ख़ाना को इस मुश्किल घड़ी में सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। तमाम घर वालों को हिम्मत और हौसला दे और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

इंतिक़ाल और जनाज़े के सिलसिले में मालूमात

मरहूमा के इंतिक़ाल, जनाज़े और दफ़न के सिलसिले में मज़ीद जानकारी हासिल करने के लिए जनाब ख़ालिद साहब से नीचे दिए गए मोबाइल नंबर पर राब्ता क़ायम कर सकते हैं।

📞 9410682228

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विशेष रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश डेस्क

ज़मीर आलम
प्रधान संपादक
'मुल्तानी समाज'

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित एवं प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल।

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