Wednesday, January 7, 2026

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम🕊️ हाजी खुरशेद साहब के बड़े साहबज़ादे मुहम्मद नौशाद का इंतेकाल — बिरादरी में ग़म की लहर

निहायत ही अफ़सोस और रंजो-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज 8 जनवरी 2026, दिन जुमेरात, सुबह सवेरे क़स्बा बड़ौत, ज़िला बाग़पत (उत्तर प्रदेश) में मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी के जाने-माने शख़्स हाजी खुरशेद साहब (किशनपुर बिराल वाले) के बड़े बेटे मुहम्मद नौशाद का इंतेकाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
अल्लाह तआला की यही मर्ज़ी थी।

मरहूम मुहम्मद नौशाद अपने पीछे दो बेटों, बुज़ुर्ग वालिदैन और भरे-पूरे परिवार को सदमे और ग़म की हालत में छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गए। मरहूम एक मेहनती, शरीफ़ और ख़ुश-अख़लाक़ इंसान थे। बड़ौत में दिल्ली–सहारनपुर
मार्ग
पर उनका लघु उद्योग (बैरिंग की कोण बनाने का कारख़ाना) था, जिसके ज़रिये उन्होंने न सिर्फ़ अपने परिवार बल्कि समाज में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए।
आमीन सुम्मा आमीन।

🕌 जनाज़े व तदफ़ीन की सूचना

मालूम हुआ है कि आज ही ज़ुहर की नमाज़ के बाद, बड़ौत में छपरौली चुंगी चौराहे के पास स्थित क़ब्रिस्तान में मरहूम की मय्यत को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

📞 अधिक जानकारी के लिए संपर्क

  • हाजी इलियास (मलकपुर वाले / कारख़ाने वाले) – 9411904310
  • मुहम्मद फ़रीद इलियास – 9634335217
  • मुहम्मद फिरोज़ इलियास – 9045380036

📢 एक ज़रूरी ऐलान

इंतेकाल की ख़बर भेजने के लिए अहम हिदायतें

अक्सर देखा गया है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की ख़बर देर से या अधूरी पहुँचने के कारण बिरादरी के लोग जनाज़े में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि इंतेकाल की ख़बर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास ख़याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता — पैदाइशी और मौजूदा रिहाइश।
3️⃣ तदफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के फ़ोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेकाल हुआ हो तो मरहूम की फ़ोटो।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — वालिदैन, भाई-बहन, औलाद वग़ैरह।

👉 इन तमाम मालूमात से ख़बर मुकम्मल होती है और बिरादरी तक सही व वक़्त पर जानकारी पहुँचती है।


📰 डिस्क्लेमर

पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति या विज्ञापन लेखक/संवाददाता/विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं। इनसे पत्रिका के संपादक, प्रकाशक या प्रबंधन की सहमति आवश्यक रूप से अभिप्रेत नहीं होती।
प्रकाशित सामग्री की सत्यता के लिए लेखक या विज्ञापनदाता स्वयं ज़िम्मेदार होंगे। किसी भी विवाद या न्यायिक कार्यवाही की स्थिति में न्याय क्षेत्र (Jurisdiction) केवल दिल्ली रहेगा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी को समर्पित देश की एकमात्र पत्रिका

“मुल्तानी समाज”

बड़ौत, ज़िला बाग़पत (उत्तर प्रदेश) से
अलीहसन मुल्तानी की ख़ास रिपोर्ट

#multanisamaj
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
✉️ multanisamaj@gmail.com

अल्लाह तआला मरहूम को जन्नत में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।

No comments:

Post a Comment