Saturday, January 31, 2026

मुल्तानी घराना: डिजिटल क्रांति के ज़रिये नस्ल, पहचान और विरासत को सहेजने की ऐतिहासिक पहल

आज के इस तेज़ रफ्तार डिजिटल दौर में, जहाँ हमारी नई पीढ़ी मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया तक सिमटती जा रही है, वहीं दूसरी ओर हमारे खानदान, नस्ल और रिश्तों की असली पहचान धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है।

ऐसे समय में पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम
“मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजिस्टर्ड ऑल इंडिया)” — जिसे शॉर्ट में MSCT भी कहा जाता है —
ने बिरादरी के लिए एक ऐतिहासिक डिजिटल क्रांति की शुरुआत की है।

इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है —

“मुल्तानी घराना” फैमिली ट्री वेबसाइट

जो नस्ल, पहचान और विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने की एक मजबूत और अनोखी पहल है।


फैमिली ट्री आखिर है क्या?

फैमिली ट्री महज़ नामों की एक सूची नहीं, बल्कि
👉 हमारे बुज़ुर्गों की पहचान,
👉 रिश्तों की सही और प्रामाणिक कड़ियाँ,
👉 और आने वाली नस्लों के लिए नसब का अमिट रिकॉर्ड होता है।

जिस तरह किसी पेड़ की जड़ मज़बूत हो तो उसकी डालियाँ और पत्तियाँ हरी-भरी रहती हैं,
उसी तरह जब हमें अपनी जड़ों की सही जानकारी होती है,
तो हमारी सामाजिक और पारिवारिक पहचान भी मज़बूत बनती है।


🏠 मुल्तानी घराना क्यों ज़रूरी है?

जब आप मुल्तानी घराना डॉट कॉम पर अपनी फैमिली की जानकारी दर्ज करते हैं, तो आप:

  • अपनी नसब और खानदान को हमेशा के लिए सुरक्षित करते हैं
  • बिछड़े और दूर के रिश्तेदारों को फिर से जोड़ने में मदद करते हैं
  • नई पीढ़ी को यह एहसास दिलाते हैं कि हम कौन हैं और कहाँ से आए हैं
  • पूरी मुल्तानी बिरादरी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकजुट करते हैं

यह वेबसाइट सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि
👉 आने वाली नस्लों के लिए एक अमानत है।


📲 क्या-क्या जानकारी देनी होती है?

इस प्रक्रिया को बेहद आसान और सरल रखा गया है।
घबराने की कोई ज़रूरत नहीं।

आपको केवल यह जानकारी देनी होती है:

  • परिवार के बुज़ुर्गों का नाम
  • उनके बेटे-बेटियाँ
  • शादियाँ और आगे की पीढ़ियाँ
  • मौजूदा शहर या गांव (यदि चाहें तो)

इतनी-सी जानकारी से आपका पूरा खानदानी पेड़ तैयार हो जाता है।


🤝 आपकी एक एंट्री, पूरी बिरादरी की ताक़त

सोचिए, अगर बिरादरी के हर घर से सिर्फ एक व्यक्ति भी
अपनी फैमिली डिटेल दर्ज कर दे,
तो मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी का
कितना विशाल, मजबूत और ऐतिहासिक रिकॉर्ड तैयार हो सकता है।

यह काम किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं,
👉 पूरी बिरादरी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है।


🕌 दीन और तहज़ीब से जुड़ी सोच

इस्लाम में नसब को जानना, रिश्तों को जोड़ना और
सिलह-ए-रहमी को कायम रखना बेहद अहम माना गया है।
मुल्तानी घराना उसी पाक सोच को
डिजिटल दौर में आगे बढ़ाने की एक ईमानदार कोशिश है—

रिश्तों को जोड़ना, विरासत को बचाना।


✍️ आज ही जुड़िए, कल की नस्लों के लिए

अगर आप चाहते हैं कि:

  • आपकी पहचान वक्त के साथ खो न जाए
  • आपकी आने वाली नस्ल अपने बुज़ुर्गों और खानदान को जाने
  • और मुल्तानी बिरादरी एक मजबूत डिजिटल ताक़त बनकर उभरे

तो आज ही अपनी फैमिली की जानकारी
👉 मुल्तानी घराना डॉट कॉम पर दर्ज कराइए।

आज की गई छोटी-सी कोशिश,
कल की पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा तोहफ़ा बन सकती है।


✍️ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित,
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित
देश की एकमात्र पत्रिका “मुल्तानी समाज” के लिए
ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट


📌 संपर्क विवरण
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com
🌐 www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com

#multanisamaj



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