Wednesday, January 14, 2026

ग़मगीन ख़बर-ए-इंतेक़ाल इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बड़े ही रंजो-ग़म के साथ यह दुखद ख़बर दी जाती है कि

हाजी अब्दुल सत्तार साहब
वल्द: मिस्त्री कालू साहब
उम्र: लगभग 70 वर्ष

का आज दिन बुध बा- तारीख़ 14 जनवरी 2026, को अभी शाम सवा पाँच बजे तकरीबन,
ग्राम बावली, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) में कजा- ए - ईलाही से इंतक़ाल हो गया।

अल्लाह तआला की यही मर्ज़ी थी।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक रखते थे। हाजी अब्दुल सत्तार साहब बड़ौत में दिल्ली–सहारनपुर हाईवे पर, एल.आई.सी. ऑफिस के ठीक सामने अपने अहल-ए-ख़ाना के साथ सुकूनत फरमा रहे थे। ख़बर मिली है कि मरहूम का जनाज़ा बड़ौत से गांव बावली ले जाया जाएगा, इंशाअल्लाह।

हाजी अब्दुल सत्तार साहब तीन भाइयों में से एक थे। मरहूम अपने पीछे
पाँच बेटे
अब्दुल वाजिद,
अब्दुल साजिद,
राशिद अली,
मुहम्मद आरिफ,
मुहम्मद सुहेल,

दो बेटियाँ, और भरा-पूरा अहल-ए-ख़ाना छोड़ गए हैं।
आज 14 जनवरी 2026 को मरहूम अपने तमाम अज़ीज़ों को रोता-बिलखता छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो गए।

हम तमाम अहल-ए-ईमान, अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की बारगाह में दुआगो हैं कि
अल्लाह तआला मरहूम हाजी अब्दुल सत्तार साहब की मग़फिरत फरमाए,
उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए,
और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए।

आमीन। सुम्मा आमीन।

दफ़ीन की जानकारी

ख़बर के मुताबिक मरहूम की मय्यत को ग्राम बावली के बड़े क़ब्रिस्तान,
बिजली घर के सामने दफ़न किया जाएगा।
चूँकि मरहूम के दो बेटे महाराष्ट्र में रोज़गार के सिलसिले में रहते हैं,
इस कारण दफ़ीना कल बा - तारीख़ 15 जनवरी 2026 दिन जुमेरात को जुहर की नमाज़ के बाद मय्यत को बिजली घर के सामने वाले बावली गांव के बड़े कब्रिस्तान में दफनाया जायेगा अल्लाह मरहूम  की मग़फिरत फरमाएं ।

ज़्यादा मालूमात के लिए

  • नौशाद अली — 7906409518
  • मिस्त्री पप्पू चौधरी (बावली) — 9756277494
  • नदीम ठेकेदार (बावली) — 9997411304

अहम् हिदायत

  • किसी की मय्यत पर जाकर खाना खाने का बोझ न बनें
  • किसी के साथ हंसी-मज़ाक से परहेज़ करें।
  • अव्वल कलमा पढ़ते रहें।
  • कारोबार या रिश्ते-नातों की बातें फोन पर भी न करें

एक ज़रूरी ऐलान

इंतेक़ाल की ख़बर भेजते वक़्त अहम् हिदायतें

अक्सर अधूरी जानकारी की वजह से बिरादरी के लोग जनाज़े तक नहीं पहुँच पाते। इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश करती है कि इंतेक़ाल की ख़बर भेजते वक़्त इन बातों का ख़ास ख़याल रखें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम और वल्दियत/शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (स्थायी व वर्तमान निवास)।
3️⃣ दफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स के 1–2 फोन नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेक़ाल हो तो मरहूम की फोटो (मुनासिब हो तो)।
6️⃣ इंतेक़ाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम — भाई, बहन, वालिदैन, औलाद वगैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से ख़बर मुकम्मल होगी और बिरादरी तक सही वक़्त पर सही सूचना पहुँच सकेगी।


📰 डिस्क्लेमर (Disclaimer)

पत्रिका में प्रकाशित लेख, समाचार, विचार, टिप्पणियाँ, विज्ञापन आदि लेखक/संवाददाता/विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
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अलीहसन मुल्तानी की ख़ास रिपोर्ट

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अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।

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