Wednesday, January 14, 2026

निहायत ही अफ़सोसनाक खबर: मुल्तानी बिरादरी से तीन इंतेकाल, क़स्बा ऊन में कनीज़ा बी का इंतकाल


इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन निहायत ही अफ़सोस और रंज के साथ तमाम अहले-बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि बीते कल, बरोज़ बुधवार, 14 जनवरी 2025, मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी से ताल्लुक़ रखने वाले तीन अफ़राद के इंतेकाल की दुखद खबरें हमें हासिल हुईं। इनमें से दो इंतेकाल की सूचनाएं हम अपने न्यूज़ पोर्टल के ज़रिए पहले ही आप हज़रात तक पहुंचा चुके हैं।

इसी कड़ी में तीसरी अफ़सोसनाक खबर उत्तर प्रदेश के जिला शामली के क़स्बा ऊन से प्राप्त हुई, जहां कनीज़ा बी का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। मरहूमा की मय्यत को बीते कल ही बाद नमाज़-ए-असर, क़स्बा ऊन के क़ब्रिस्तान में पूरे एहतराम और सुन्नत के मुताबिक सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ीचों में से एक बाग़ बनाए और तमाम अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

इस इंतेकाल की सूचना हमें सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसे बिरादरी की जानकारी और दुआओं की नियत से हमारे द्वारा खबर के रूप में पेश किया जा रहा है।


ज़रूरी ऐलान

इंतेकाल की खबर भेजने से पहले इन अहम हिदायतों पर ज़रूर अमल करें

अक्सर देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेकाल की खबर बिरादरी तक या तो देर से पहुंचती है या फिर अधूरी जानकारी की वजह से लोग जनाज़े या तदफ़ीन में शरीक नहीं हो पाते। इस कमी को दूर करने के लिए राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से अदब के साथ गुज़ारिश करती है कि इंतेकाल की खबर भेजते वक़्त नीचे दी गई जानकारियां ज़रूर शामिल करें:

1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम, वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (स्थायी व वर्तमान निवास)।
3️⃣ तदफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के ज़िम्मेदार शख़्स (एक-दो) के संपर्क नंबर।
5️⃣ अगर मर्द का इंतेकाल हो तो मरहूम की फोटो।
6️⃣ इंतेकाल की वजह (अगर बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहले-ख़ाना के नाम – जैसे वालिदैन, भाई-बहन, औलाद वग़ैरह।

👉 इन तमाम जानकारियों से खबर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों को सही व वक़्त पर जानकारी मिल पाती है।


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पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी को समर्पित
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✍️ ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

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