Monday, July 27, 2026

बिरादरी के बुज़ुर्ग मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब का इंतिक़ाल — शामली की फ़िज़ा ग़मगीन, अहले बिरादरी में दौड़ गई शोक की लहर

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन 

निहायत ही रंज़-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ यह दुखद इत्तिला दी जाती है कि अहले मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की एक बुज़ुर्ग, नेकदिल, शरीफ़ और सम्मानित शख्सियत जनाब मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब वल्द जनाब मिस्त्री अज़ीमुल्ला साहब (मरहूम) निवासी गढ़ी पुख़्ता, हाल बाशिंदे नज़दीक मक्का मस्जिद, शामली (उत्तर प्रदेश) का आज बरोज़ पीर, 27 जुलाई 2026, शाम लगभग 4:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम काफ़ी लंबे अर्से से गंभीर बीमारी में मुब्तिला थे। तमाम इलाज और दुआओं के बावजूद आखिरकार अल्लाह तआला का हुक्म पूरा हुआ और वह इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कहकर अपने असली मालिक की बारगाह में हाज़िर हो गए।

मरहूम मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब अपनी सादगी, नेक अख़लाक़, ख़ुशमिज़ाजी, मेहनतकशी और बिरादरी के प्रति मोहब्बत के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी इज़्ज़त, ईमानदारी और ख़िदमत के साथ गुज़ारी। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से शामली, गढ़ी पुख़्ता और आसपास के इलाक़ों सहित पूरी मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में गहरे रंज़-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है। जो भी इस दुखद समाचार को सुन रहा है, वह मरहूम के लिए मग़फ़िरत की दुआ और उनके अहल-ए-ख़ाना के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ कर रहा है।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा बाद नमाज़-ए-ईशा अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहले बिरादरी, रिश्तेदारों, दोस्तों और अकीदतमंदों से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए मग़फ़िरत, बुलंदी-ए-दराजात और जन्नतुल फ़िरदौस की दुआ करें। जनाज़े में शिरकत करना मुसलमान का अपने भाई पर हक़ भी है और अज़ीम सवाब का ज़रिया भी।

हम बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर दुआगो हैं:

ऐ अल्लाह! मरहूम मिस्त्री अय्यूब अहमद साहब की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा। उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे। क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमा। उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा। उनके अहल-ओ-अयाल, औलाद, रिश्तेदारों और तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील और हिम्मत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।»

मुल्तानी समाज की ओर से ताज़ियत

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" मरहूम के इंतिक़ाल पर गहरा दुख व्यक्त करता है तथा समूचे शोकाकुल परिवार से दिली ताज़ियत पेश करता है।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को रौशन फ़रमाए और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमाए। आमीन।

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"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

सहारनपुर से शामली तक मोहब्बत, यकजहती और भरोसे का सफ़र — मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय पर हुआ गर्मजोशी से इस्तक़बाल

"जब क़ौम अपने लोगों से मिलने निकलती है, तो सिर्फ़ मुलाक़ातें नहीं होतीं, बल्कि भरोसे, मोहब्बत और इत्तेहाद की नई दास्तानें भी लिखी जाती हैं।"

शामली (उत्तर प्रदेश):
बीते रोज़, इतवार, 26 जुलाई 2026 को सहारनपुर के लिंक रोड निवासी जनाब मोहम्मद नौशाद साहब और जनाब मोहम्मद राशिद साहब अपनी फैमिली के साथ पैदाइशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की देश की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी तंजीम "मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजिस्टर्ड ऑल इंडिया)" एवं "मुल्तानी समाज" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के प्रधान-संपादक ज़मीर आलम मुल्तानी के शामली स्थित कार्यालय पहुँचे।

कार्यालय पहुँचने पर सभी मेहमानों का बेहद गर्मजोशी, अपनत्व और इज़्ज़त के साथ इस्तक़बाल किया गया। इस ख़ुशनुमा मुलाक़ात के दौरान बिरादरी की तरक़्क़ी, तालीम, सामाजिक एकता, नौजवानों के बेहतर मुस्तक़बिल और आने वाले वक़्त में संगठन को और मज़बूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई।

इस अवसर पर मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के कानूनी सलाहकार हाजी शकील अहमद साहब तथा ख़ज़ांची हाजी नूरमोहम्मद साहब भी मौजूद रहे। सभी ने बिरादरी के हित में एकजुट होकर काम करने और समाज को नई बुलंदियों तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।

प्रधान-संपादक ज़मीर आलम मुल्तानी ने कहा कि "मुल्तानी समाज" केवल एक समाचार पत्रिका नहीं, बल्कि बिरादरी की आवाज़, पहचान और हक़ूक़ की बुलंद आवाज़ है। इसका उद्देश्य समाज को जोड़ना, प्रतिभाओं को सामने लाना, शिक्षा को बढ़ावा देना और देशभर में फैले मुल्तानी समाज के लोगों को एक मज़बूत मंच उपलब्ध कराना है।

यह मुलाक़ात इस बात का भी प्रमाण है कि आज देश के विभिन्न राज्यों से बिरादरी के लोग संगठन और समाचार पत्रिका पर लगातार अपना भरोसा जता रहे हैं तथा समाज की बेहतरी के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं।


उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान-संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

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बावली बिरादरी पर ग़म का पहाड़ टूटा — जनाब वहीदू साहब (बावली वाले) की अहलिया का इंतेक़ाल, आज मगरिब के बाद बावली कब्रिस्तान में होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी और अहले-ईमान को यह ग़मगीन इत्तिला दी जाती है कि आज बरोज़ पीर, बा-तारीख़ 27 जुलाई 2026 को जनाब वहीदू साहब (बावली वाले), हाल मुक़ाम दिल्ली की मोहतरमा अहलिया इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कहकर अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं।

إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

मरहूमा, हाजी खालिद अहमद (बावली वाले) की चाची थीं। उनके इंतेक़ाल की खबर सुनते ही पूरे ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, अहबाब और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूमा अपने पीछे रोने वाले अज़ीज़, रिश्तेदार, चाहने वाले और दुआ करने वालों की एक बड़ी तादाद छोड़ गई हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मय्यत को दिल्ली से उनके पैतृक गांव बावली लाया जा रहा है। मरहूमा की तदफ़ीन का वक़्त मगरिब की नमाज़ के बाद तय किया गया है।
नमाज़-ए-जनाज़ा इंशाअल्लाह बावली कब्रिस्तान में अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

ज़िंदगी और मौत का मालिक सिर्फ़ अल्लाह तआला है। हर जान को एक न एक दिन मौत का मज़ा चखना है। आज मरहूमा अपने तमाम दुनियावी रिश्तों को पीछे छोड़कर उस सफ़र पर रवाना हो चुकी हैं, जहाँ से कोई वापस नहीं आता। अब उनके लिए सबसे क़ीमती तोहफ़ा सिर्फ़ दुआ-ए-मग़फ़िरत, ईसाल-ए-सवाब और नेक अमल हैं।

👉 तमाम अहले-ईमान से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ।

ऐ अल्लाह!
मरहूमा की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा।
उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
क़ब्र की तंगी और अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा।
उनकी मंज़िल आसान फ़रमा, हश्र के दिन उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम नसीब फ़रमा।
उनके तमाम अहले-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन, सुम्मा आमीन।


📰 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

📌 नोट:
अधिक जानकारी के लिए हाजी खालिद अहमद (बावली वाले) से मोबाइल नंबर 79848 44198 पर राब्ता क़ायम करें।


अपनी ख़बर हम तक पहुँचाइए

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Sunday, July 26, 2026

ग्राम ढिकाना के जनाब शरीफ़ अहमद का इंतेकाल, आज होगी सुपुर्द-ए-ख़ाक की रस्म

बागपत (उत्तर प्रदेश): निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ आप सभी बिरादराना हज़रात को इत्तिला दी जाती है कि ग्राम ढिकाना, तहसील बड़ौत, ज़िला बागपत (उत्तर प्रदेश) निवासी जनाब शरीफ़ अहमद वल्द जनाब निज़ामू साहब (मरहूम) का आज, दिन इतवार, 26 जुलाई 2026 को शाम तक़रीबन 5:30 बजे कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया। मरहूम की उम्र तक़रीबन 72 वर्ष थी।

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं सुपुर्द-ए-ख़ाक की रस्म कल, दिन पीर, 27 जुलाई 2026 को सुबह 9:00 बजे अदा की जाएगी। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के हक़ में दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।

नोट: मरहूम के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए मोहम्मद युनुस अहमद से मोबाइल नंबर 9368574237 पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है।


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Saturday, July 25, 2026

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन लंबी बीमारी के चलते जाफराबाद (दिल्ली) निवासी रईस अहमद का इंतेकाल, नम आंखों से किया गया सुपुर्द-ए-ख़ाक

दिल्ली। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम, ख़ुसूसन मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि जाफराबाद, दिल्ली निवासी जनाब रईस अहमद वल्द मरहूम नज़ीर अहमद का शनिवार, 25 जुलाई 2026 को तक़रीबन 65 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूम को रविवार, 26 जुलाई 2026 को दोपहर साढ़े 12 बजे नम आंखों और ग़मगीन माहौल में सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। उनके इंतेकाल से पूरे कुनबे, खानदान और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई।

मरहूम अपने पीछे अहलिया (पत्नी), एक बेटा, दो बेटियां, समूचे खानदान, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मज़दा छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।


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ग़म में डूबी मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी — जनाब इक़बाल साहब का दर्दनाक हादसे में इंतेकाल, कल लिबासपुर कब्रिस्तान में होंगे सुपुर्द-ए-ख़ाक

कैराना/शामली/नई दिल्ली।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि गाँव इस्सोपुर, तहसील कैराना, जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले एवं हाल निवासी स्वरूप नगर, दिल्ली जनाब इक़बाल साहब वल्द जनाब शमशुद्दीन साहब (उम्र तकरीबन 60 वर्ष) का आज शनिवार, 25 जुलाई 2026 को साइट पर काम करने के दौरान अचानक हुए एक दर्दनाक हादसे में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूम के अचानक इंतेकाल की खबर से उनके खानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और पूरी मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में गहरे रंज-ओ-मलाल की लहर दौड़ गई है। हर आँख अश्कबार है और हर ज़ुबान से मरहूम की मग़फ़िरत एवं बुलंद-ए-दराज़ात के लिए दुआएँ निकल रही हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम जनाब इक़बाल साहब की नमाज़-ए-जनाज़ा अदा किए जाने के बाद, रविवार 26 जुलाई 2026 को लिबासपुर कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएँ और उनके एहले-ख़ाना के ग़म में शरीक होकर सब्र-ओ-हौसले का पैग़ाम दें।

अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए और तमाम लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

मालूमात के लिए संपर्क

  • जनाब नसीम साहब (छोटे भाई): 8273273227
  • जनाब मुस्तकीम साहब (भतीजे): 9012101507

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🕋 अज़ीम अफ़सोसनाक ख़बर | मिस्त्री दिलशाद साहब के इंतेकाल से मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी में मातम की लहर, आज मग़रिब के बाद होंगे सुपुर्द-ए-ख़ाक

बड़ौली (तहसील बड़ौत, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश):
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और दिली अफ़सोस के साथ मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी के तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम की ख़िदमत में यह ग़मगीन इत्तिला पेश की जाती है कि जनाब हाजी अब्दुल गफूर साहब के फ़र्ज़ंद मिस्त्री दिलशाद साहब (उम्र तक़रीबन 48 वर्ष) का शनिवार, 25 जुलाई 2026 को दोपहर लगभग 1:00 बजे लंबी बीमारी के बाद इंतिक़ाल हो गया।

إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

हर जान को मौत का मज़ा चखना है और आख़िरकार अपने रब की बारगाह में लौटकर जाना है। अल्लाह तआला की यही मर्ज़ी थी।

मरहूम के इंतेकाल की ख़बर फैलते ही गांव बड़ौली सहित पूरे क्षेत्र और मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। बड़ी तादाद में अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्त-अहबाब और बिरादरी के लोग मरहूम के घर पहुँचे और ग़मज़दा परिवार से ताज़ियत का इज़हार करते हुए सब्र-ए-जमील की दुआ की।

मरहूम अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके वालिद हाजी अब्दुल गफूर साहब के आठ बेटे और तीन बेटियाँ हैं। मरहूम दिलशाद साहब अपने पीछे अपने तीन बेटों—

  • मुहम्मद वसीम
  • मुहम्मद नसीम
  • मुहम्मद इरफ़ान

—सहित तमाम अहल-ए-ख़ाना, रिश्तेदारों और चाहने वालों को ग़मज़दा छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज शनिवार, 25 जुलाई 2026 को मग़रिब की नमाज़ के बाद गांव बड़ौली के कब्रिस्तान में नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की जाएगी, जिसके बाद मरहूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। बिरादरी के तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के हक़ में दुआ-ए-मग़फिरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

"मुल्तानी समाज" न्यूज़ परिवार अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की बारगाह में दुआगो है कि अल्लाह तआला मरहूम मिस्त्री दिलशाद साहब की मग़फिरत फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं को अपनी रहमत से माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बल आलमीन। सुम्मा आमीन।

📿 अहल-ए-ईमान के लिए अहम हिदायतें

  • मय्यत वालों के घर जाकर हँसी-मज़ाक और गैर-ज़रूरी बातों से परहेज़ करें।
  • ग़मज़दा परिवार पर खाने-पीने या मेहमाननवाज़ी का बोझ न बनें।
  • जनाज़े के पीछे चलते समय मोबाइल फ़ोन पर बातचीत और दुनियावी मशग़ूलियत से बचें।
  • जनाज़े के साथ अदब व एहतराम के साथ कलिमा-ए-तय्यिब "ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह" और ज़िक्र-ए-इलाही में मशग़ूल रहें।

नोट:
अधिक जानकारी के लिए पप्पू चौधरी, बड़ौली से मोबाइल नंबर 8126853165 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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🕋 अश्कबार ख़बर | बिरादरी की बुज़ुर्ग ख़ातून हज्जन सफीदन बी सुपुर्द-ए-ख़ाक, अहल-ए-ख़ाना व तमाम बिरादरी ग़म में डूबी

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

बड़ौत (जिला बागपत, उत्तर प्रदेश):
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी के तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम की ख़िदमत में इत्तिला दी जाती है कि अंजुमन मुल्तानी मुग़ल आह्नग्रान, बड़ौत के पूर्व सदर हाजी इदरीश साहब की अहेलिया मरहूमा हज्जन सफीदन बी का शनिवार, 25 जुलाई 2026 की रात लंबी बीमारी के बाद अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं।

إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

मरहूमा ने अपने निवास मुहल्ला पुरियांव वाली गली, फूंस वाली मस्जिद के पीछे, कस्बा बड़ौत, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) में आख़िरी साँस ली। उनके इंतेकाल की ख़बर फैलते ही पूरे कस्बे और मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। बड़ी तादाद में अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्त-अहबाब और बिरादरी के लोगों ने पहुँचकर अहल-ए-ख़ाना से ताज़ियत की और मरहूमा के लिए मग़फिरत की दुआ की।

मरहूमा अपने पीछे एक भरा-पूरा और ख़ुशहाल परिवार छोड़ गई हैं। उनके सुपुत्र हैं—

  • हाजी इलाहुद्दीन
  • मुहम्मद इलियास
  • मुहम्मद फय्याज़
  • मुहम्मद इरशाद

जबकि उनके एक बेटे मरहूम महमूद अली का कुछ ही समय पूर्व इंतेकाल हो चुका था। एक ही परिवार पर लगातार आए इन सदमों ने हर दिल को अश्कबार कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिचर, 25 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे बड़का रोड, बड़ौत स्थित गौर-ए-गरीबां कब्रिस्तान में नमाज़-ए-जनाज़ा अदा की गई, जिसके बाद मरहूमा को नम आँखों और दुआओं के साथ सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। जनाज़े में बिरादरी के गणमान्य लोग, रिश्तेदार, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने शिरकत कर मरहूमा को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया।

यह दुनिया फ़ानी है और हर जान को एक न एक दिन मौत का मज़ा चखना है। मरहूमा ने अपनी ज़िंदगी का सफ़र पूरा किया और अपने पीछे ऐसी यादें छोड़ गईं जिन्हें उनके चाहने वाले हमेशा याद रखेंगे।

हम बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर दुआ करते हैं कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा हज्जन सफीदन बी की तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाए, उनकी मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बल आलमीन। सुम्मा आमीन।

📿 अहल-ए-ईमान के लिए चंद गुज़ारिशात

  • मय्यत वालों के घर जाकर हँसी-मज़ाक और गैर-ज़रूरी बातों से परहेज़ करें।
  • ग़मज़दा परिवार पर खाने-पीने या मेहमाननवाज़ी का बोझ न डालें।
  • जनाज़े और क़ब्रिस्तान में मोबाइल फ़ोन पर बातचीत और दुनियावी मशग़ूलियत से बचें।
  • जनाज़े के साथ अदब, ख़ामोशी और ज़िक्र-ए-इलाही में मशग़ूल रहते हुए चलें तथा मरहूम/मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करते रहें।

नोट:
अधिक जानकारी के लिए मुहम्मद हासिम साहब से मोबाइल नंबर 9917275762 पर राब्ता कायम किया जा सकता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लौहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं तो बराए मेहरबानी निम्न नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ—

📞 9410652990
📞 8010884848

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Tuesday, July 21, 2026

भूड मिल, खतौली से उठी ग़म की लहर — जनाब सलीम साहब (गाँव बलवा वाले) का इंतिक़ाल, आज बाद नमाज़-ए-असर होगी तद्फ़ीन,इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

खतौली (मुज़फ्फरनगर), उत्तर प्रदेश।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ आप तमाम बिरादरान-ए-मुल्तानी लोहार को यह दर्दनाक इत्तिला दी जाती है कि भूड मिल के पास, क़स्बा खतौली, जिला मुज़फ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले जनाब सलीम साहब वल्द जनाब निज़ामुद्दीन साहब (गाँव बलवा वाले) का आज बुध, 22 जुलाई 2026 की रात तक़रीबन 3:00 बजे कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

यह ख़बर सुनते ही पूरे इलाक़े और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूम अपने नेक अख़्लाक़, खुश-मिज़ाजी और मिलनसार तबीयत की वजह से लोगों के दिलों में ख़ास मुक़ाम रखते थे। उनके इंतिक़ाल से अहल-ए-ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और तमाम जानने वालों को गहरा सदमा पहुँचा है।

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़-ए-असर अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, रिश्तेदारों और बिरादरान-ए-वतन से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

हम बारगाह-ए-इलाही में दिल की गहराइयों से दुआगो हैं कि अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमाए, उनकी मग़फ़िरत फ़रमाए, क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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बाद-ए-दफ़्न मरहूम जनाब यूनुस साहब की मग़फ़िरत के लिए ख़ुसूसी ताज़ियती इत्तिला

एक नेकदिल इंसान अपने रब से जा मिला, दुआ है अल्लाह तआला उनकी मग़फ़िरत फ़रमाए और जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम बिरादरान-ए-मुल्तानी लोहार (बढ़ई) को इत्तिला दी जाती है कि मरहूम जनाब यूनुस साहब निवासी गाँव फतेहपुर, छुटमलपुर, ज़िला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को सेलाकुई, ज़िला देहरादून (उत्तराखंड) में लंबी बीमारी के बाद कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम अपनी ख़ुशअख़्लाक़ी, नेक सीरत और मिलनसार मिज़ाज की वजह से बिरादरी में एक अच्छी पहचान रखते थे। सर्विस के दौरान उनकी रहाइश मसूरी (देहरादून) में भी रही। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से पूरे इलाक़े और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। इस मौक़े पर बड़ी तादाद में अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी के लोगों ने नम आँखों से उन्हें आख़िरी विदाई दी और उनकी मग़फ़िरत के लिए ख़ुसूसी दुआएँ कीं।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तमाम मंज़िलें आसान फ़रमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और अहल-ए-ख़ाना व तमाम पसमान्दगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

नोट:
मरहूम के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए जनाब मोहम्मद हनीफ़ साहब (भगवानपुर, ज़िला हरिद्वार, उत्तराखंड) से मोबाइल नंबर 9897563371 पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है।


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साइट पर काम के दौरान दर्दनाक हादिसा, नौजवान की वफ़ात से मुल्तानी बिरादरी में ग़म की लहर, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

लोनी (ज़िला गाज़ियाबाद), उत्तर प्रदेश | उत्तर प्रदेश डेस्क

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ इत्तिला दी जाती है कि आज मंगल, 21 जुलाई 2026 को लोनी (ज़िला गाज़ियाबाद) में एक बेहद दर्दनाक हादिसा पेश आया, जिसमें जनाब फ़रियाद मुग़ल (GM) और जनाब आरिफ़ ख़ान गोरिपुर वाले के भांजे साइट पर काम करने के दौरान एक हादिसे का शिकार हो गए। तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया न जा सका और उनका इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम की इस नाक़ाबिले-तलाफ़ी जुदाई से अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और पूरी मुल्तानी बिरादरी गहरे सदमे और ग़म में डूबी हुई है। यह दर्दनाक ख़बर सुनकर हर आँख अश्कबार है और हर ज़ुबान पर मरहूम के लिए दुआएँ हैं।

"मुल्तानी समाज" क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल की पूरी टीम मरहूम के इंतिक़ाल पर गहरा दुख और अफ़सोस ज़ाहिर करती है। हम अल्लाह तआला की बारगाह में दुआगो हैं कि वह मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए और अहल-ए-ख़ाना को इस अज़ीम सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।

दुआ:

اللّٰهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ، وَأَسْكِنْهُ فَسِيحَ جَنَّاتِكَ.
ऐ अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उन पर अपनी रहमत नाज़िल फ़रमा, उन्हें अफ़्व-ओ-आफ़ियत अता फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम नसीब फ़रमा। आमीन।

दफ़्न और तफ़्सीलात से मुताल्लिक़ ज़्यादा मालूमात के लिए राब्ता करें:
जनाब फ़रियाद मुग़ल (GM): 98187 08536
जनाब आरिफ़ ख़ान: 9412104980


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Monday, July 20, 2026

बिरादरी पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा — जनाब मुस्तकीम साहब (इस्सोपुर वाले) का इंतिक़ाल, आज रात 10 बजे होगी तद्फ़ीन

मुज़फ़्फरनगर, 20 जुलाई 2026 (उत्तर प्रदेश डेस्क)।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम बिरादरान-ए-मुल्क को यह इत्तिला दी जाती है कि जनाब मुस्तकीम साहब वल्द जनाब मिस्त्री लतीफ़ साहब (इस्सोपुर वाले), हाल बाशिंदा नज़दीक सरवट मदरसा, मोहल्ला सरवट, मुज़फ़्फरनगर (उत्तर प्रदेश) का आज बरोज़ पीर, 20 जुलाई 2026 को शाम के वक़्त कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।

मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर से अहल-ए-ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों और पूरी बिरादरी में गहरे रंज-ओ-मलाल की लहर दौड़ गई है। यह एक ऐसा सदमा है जिसकी भरपाई आसान नहीं। अल्लाह तआला मरहूम की तमाम ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाए, उनकी मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए।

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज रात 10:00 बजे उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के लिए मग़फ़िरत की दुआ करें और इस सवाब-ए-दारेन में शरीक हों।

दुआ है:

अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू, वरहम्हू, वा आफिही, वा'फ़ु अन्हू।
ऐ अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उन पर अपनी रहमत नाज़िल फ़रमा, उनकी क़ब्र को रौशन और वसीअ फ़रमा, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उनके तमाम गुनाहों को माफ़ फ़रमा।
या रब्बुल आलमीन! पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ नसीब फ़रमा। आमीन या रब्बल आलमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।

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Thursday, July 16, 2026

दिलों को जोड़ने वाली मिसाल: मुल्तानी समाजसेवी संगठन ने गरीब बेटी की शादी के लिए बढ़ाया मदद का हाथ

खतौली (उत्तर प्रदेश): इंसानियत, हमदर्दी और सामाजिक जिम्मेदारी का खूबसूरत पैगाम पेश करते हुए मुल्तानी समाजसेवी संगठन ने एक बेहद गरीब और बेसहारा परिवार की बेटी की शादी में सहयोग का सराहनीय फैसला किया है। संगठन की इस पहल की समाज के विभिन्न वर्गों में प्रशंसा की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार जिस बेटी की शादी में सहयोग किया जा रहा है, वह एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती है जिसके सिर से बचपन में ही पिता का साया उठ चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। घर में दो छोटे भाई हैं और उनकी मां लंबे समय से अस्वस्थ रहती हैं। ऐसे हालात में बेटी की शादी परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

जब यह मामला मुल्तानी समाजसेवी संगठन के संज्ञान में आया तो संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने आपसी मशवरे के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि बेटी की शादी में यथासंभव सहयोग किया जाएगा। इसी क्रम में लगभग ₹40,000 मूल्य का घरेलू सामान दहेज़ के रूप में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

संगठन की ओर से बेटी को डबल बेड, वाशिंग मशीन, फ्रिज, सिलाई मशीन और छत का पंखा भेंट किए जाने का फैसला किया गया है, ताकि वह अपने नए जीवन की शुरुआत सम्मान और आत्मविश्वास के साथ कर सके। संगठन का कहना है कि इस सहयोग का उद्देश्य किसी प्रकार का प्रदर्शन नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवार के दुख-दर्द में शरीक होकर इंसानियत का फर्ज निभाना है।

इस नेक पहल के दौरान संगठन के संरक्षक जनाब मूसा जी (खतौली) की सरपरस्ती में राष्ट्रीय सदर हाजी नसीम साहब, नायब सदर जमीरउद्दीन साहब, संगठन सेक्रेटरी मिर्जा नौशाद साहब, खजांची जनाब अफजाल मिर्जा (कुशावली), संचालक प्रभारी शाहनवाज मिर्जा (सरधना), शाहिद साहब, वसीम मिर्जा, रईस मिर्जा, बाबा अलीमुद्दीन सहित संगठन के अनेक जिम्मेदार सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने इस सामाजिक कार्य को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि समाज के सक्षम लोग इसी तरह जरूरतमंद बेटियों के हाथ थामते रहें तो आर्थिक तंगी किसी बेटी के सपनों की राह में रुकावट नहीं बन सकेगी। ऐसी पहलें न केवल इंसानियत का संदेश देती हैं बल्कि समाज में आपसी भाईचारे, सहयोग और एकता की भावना को भी मजबूत करती हैं।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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Saturday, July 11, 2026

मुल्तानी बिरादरी के बुज़ुर्ग हाजी नूर मोहम्मद साहब का इंतिक़ाल, आज नमाज़-ए-मग़रिब के बाद सुपुर्द-ए-ख़ाक किए जाएंगे, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन


बड़ौत (बागपत), 11 जुलाई 2026 | मुल्तानी समाज, उत्तर प्रदेश डेस्क

निहायत ही रंजो-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को इत्तिला दी जाती है कि आज बरोज़ शनिवार, बा तारीख़ 11 जुलाई 2026, क़रीब सुबह 11:30 बजे, गांव बिजरोल वालों के मरहूम जनाब हाजी इमामुद्दीन साहब के भतीजे तथा जनाब हकीमुद्दीन साहब के साहबज़ादे हाजी नूर मोहम्मद साहब का क़ज़ा-ए-इलाही इंतिक़ाल हो गया। इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम की उम्र तक़रीबन 72 वर्ष थी। उनका निवास बड़का रोड, ट्यूबवेल के पास, बड़ौत, जनपद बागपत (उत्तर प्रदेश) था। अपने हुस्न-ए-अख़लाक़, नेक किरदार और बिरादरी से मोहब्बत की वजह से मरहूम समाज में एक सम्मानित शख़्सियत के तौर पर जाने जाते थे। उनके इंतिक़ाल की ख़बर से पूरे इलाके और मुल्तानी बिरादरी में गहरा दुख और अफ़सोस की लहर दौड़ गई है।

दफ़्न की तफ़सील:
मरहूम को आज नमाज़-ए-मग़रिब के बाद हिरोज़ स्कूल के सामने, गोरे ग़रीबा कब्रिस्तान, बड़का रोड, बड़ौत में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

अहम इत्तिला:
जनाज़े की नमाज़ कब्रिस्तान में ही अदा की जाएगी।

तमाम अहले-ईमान और बिरादराने इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएँ और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

दुआ:
अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूम हाजी नूर मोहम्मद साहब की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं को माफ़ फरमाए और उनके अहले-ख़ाना, अज़ीज़ो-अक़ारिब तथा तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

यदि आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी राब्ता फ़रमाएँ।

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"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

सहारनपुर में हाजियों के एजाज़ में शानदार इस्तेक़बाली तक़रीब, मुल्तानी बिरादरी की बड़ी शख्सियात की गरिमामयी शिरकत

सहारनपुर | उत्तर प्रदेश डेस्क

बा-तारीख़ 10 जुलाई 2026, रोज़-ए-जुमुआ, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) स्थित दून बारातघर में जनाब अब्दुल खालिक साहब की जानिब से हज्ज-ए-बैतुल्लाह की सआदत हासिल करके लौटने वाले हाजी हज़रात के एजाज़ व इस्तेक़बाल में एक शानदार और पुरवक़ार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

तक़रीब का माहौल बेहद रूहानी, मोहब्बत-आमेज़ और बिरादराना यकजहती का आईना पेश कर रहा था। इस मौक़े पर हाजी हज़रात की दस्तारबंदी, इस्तेक़बाल और दुआओं के साथ उनका ख़ैरमक़दम किया गया। तक़रीब में रात के खाने का भी बेहतरीन इंतज़ाम किया गया, जिसमें तमाम मेहमानों ने शिरकत कर मेज़बानों का शुक्रिया अदा किया।

इस गरिमामयी प्रोग्राम में सिर्फ़ हाजी हज़रात ही नहीं, बल्कि मिर्ज़ा मुल्तानी बिरादरी के जिम्मेदारान, बुज़ुर्गान, समाजी रहनुमा और कई मुअज़्ज़िज़ शख्सियात ने भी बड़ी तादाद में शिरकत की।

तक़रीब में दिल्ली, रुड़की, भगवानपुर, ट्रोनिका सिटी, बड़ौत, रामपुर मनिहारान, जलालाबाद, मुज़फ्फरनगर, खतौली, बेहट, चिलकाना, सरसावा, बुढ़ाना, बागपत, शामली, बनत, गढ़ी पुख़्ता, तीतरो, हरियाणा समेत विभिन्न शहरों और क़स्बों से आए बिरादरी के जिम्मेदारान और मेहमानों की मौजूदगी ने इस आयोजन की शान को और बढ़ा दिया।

इस मौक़े पर मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बिरादरी में आपसी मोहब्बत, इत्तेहाद, भाईचारा और सामाजिक रिश्ते मज़बूत होते हैं तथा नई नस्ल को अपनी तहज़ीब और रिवायतों से जोड़ने का बेहतरीन मौक़ा मिलता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।


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Friday, July 10, 2026

शामली की एक और अज़ीज़ शख़्सियत हमसे जुदा… जनाब अमीर अहमद उर्फ़ मीर साहब के इंतिकाल से मुल्तानी बिरादरी अश्कबार

शामली (उत्तर प्रदेश) | मुल्तानी समाज | उत्तर प्रदेश डेस्क

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात की ख़िदमत में यह दर्दनाक इत्तिला पेश की जाती है कि (गांव भैंसवाल वाले) हाल निवासी माजरा रोड, शामली (उत्तर प्रदेश) के जनाब अमीर अहमद उर्फ़ मीर साहब वल्द जनाब नसीबी साहब (मरहूम) का आज पीजीआई हॉस्पिटल, चंडीगढ़ में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया। मरहूम की उम्र तक़रीबन 50 वर्ष थी।

मरहूम के इंतिकाल की ख़बर सुनते ही अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्तों और पूरी मुल्तानी बिरादरी में गहरे रंज-ओ-मलाल की लहर दौड़ गई। हर आंख नम है और हर ज़ुबान से मरहूम की मग़फ़िरत और बुलंदी-ए-दराजात की दुआएँ निकल रही हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम सात भाइयों और दो बहनों के बड़े परिवार से ताल्लुक़ रखते थे। उनकी खुशमिज़ाजी, मिलनसार मिज़ाज और बिरादरी से मोहब्बत को हमेशा याद रखा जाएगा।

ख़बर लिखे जाने तक मरहूम की मैय्यत को पीजीआई हॉस्पिटल, चंडीगढ़ से शामली लाने की तैयारियाँ जारी थीं। जानकारी के अनुसार मैय्यत को मोहल्ला गुलशन नगर, शामली में उनके बड़े भाई जनाब मिस्त्री सगीर अहमद साहब के मकान पर लाया जाएगा।

इसके बाद नमाज़-ए-ईशा के बाद मरहूम को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूम के हक़ में दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सवाब-ए-दारेन हासिल करें।

🤲 दुआ-ए-मग़फ़िरत

ऐ अल्लाह! मरहूम जनाब अमीर अहमद उर्फ़ मीर साहब की तमाम ख़ताओं को अपनी रहमत से माफ़ फ़रमा। उनकी मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, हश्र के दिन उन्हें अपने नेक बंदों के साथ उठाना और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा। उनके तमाम लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील, हिम्मत और इस्तिक़ामत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।

"إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ"
"बेशक हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ़ लौटकर जाने वाले हैं।"


"मुल्तानी समाज" की जानिब से ताज़ियत

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अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन।

रिपोर्ट:
प्रधान संपादक – ज़मीर आलम
उत्तर प्रदेश डेस्क | "मुल्तानी समाज"


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إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ खतौली की एक और अज़ीज़ शख्सियत हमसे जुदा… जनाब सलीम अहमद साहब का इंतिकाल, बिरादरी में ग़म की लहर

खतौली (मुज़फ्फरनगर), उत्तर प्रदेश | मुल्तानी समाज | उत्तर प्रदेश डेस्क

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात की ख़िदमत में यह इत्तिला पेश की जाती है कि आज दिन जुमा, बा-तारीख़ 10 जुलाई 2026 को पक्का बाग, क़स्बा खतौली, ज़िला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले जनाब सलीम अहमद साहब वल्द जनाब मोहम्मद लतीफ़ साहब (मरहूम) गांव सलावे वाले तक़रीबन 60 साल की उम्र में मुज़फ्फरनगर के एक अस्पताल में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया।

मरहूम के इंतिकाल की ख़बर सुनते ही परिवार, रिश्तेदारों, अहबाब और पूरी मुल्तानी बिरादरी में गहरा रंज-ओ-ग़म छा गया। हर आंख नम है और हर ज़ुबान से मरहूम के लिए मग़फ़िरत और बुलंदी-ए-दराजात की दुआएँ निकल रही हैं।

 मय्यत को आज रात 10 बजे किया जाएगा सपुर्द-ए-खाक, लिहाज़ा आप हज़रात भी जनाज़े में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें। 

🤲 दुआ-ए-मग़फ़िरत

हम अल्लाह तआला की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ करते हैं कि:

"ऐ अल्लाह! मरहूम जनाब सलीम अहमद साहब की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा, उनकी मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तमाम मंज़िलों को आसान फ़रमा, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा और तमाम लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील और हिम्मत अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।"

"इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।"
"अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू, वरहम्हू, वा आफिही, वा'फु अन्हू।"


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रिपोर्ट:
प्रधान संपादक – ज़मीर आलम
उत्तर प्रदेश डेस्क | "मुल्तानी समाज"


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Thursday, July 9, 2026

बारिश ने उजाड़ दिया एक घर: थानाभवन में टिन शेड और दीवार गिरने से पिता की दर्दनाक मौत, दो मासूम बेटे ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं

ज़मीर आलम, प्रधान संपादक | मुल्तानी समाज | थानाभवन (जनपद शामली), उत्तर प्रदेश

थानाभवन कस्बे से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने हर संवेदनशील दिल को ग़मगीन कर दिया। लगातार हो रही बारिश ने एक खुशहाल परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। एक आरा मशीन पर बना टिन शेड और उससे लगी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में एक पिता अपने दो बेटों के साथ दब गया। इस हादसे में पिता की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका उपचार जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान शाहिद पुत्र यूनुस (49 वर्ष) निवासी थानाभवन के रूप में हुई है। हादसे के वक्त शाहिद अपने दो बेटों अरमान (17 वर्ष) और नोमान उर्फ लुलु (15 वर्ष) के साथ मौजूद थे। अचानक टिन शेड और दीवार गिरने से तीनों मलबे में दब गए। हादसे की आवाज़ सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों की कोशिशों से तीनों को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में चिकित्सकों ने शाहिद को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों बेटों का इलाज जारी है। परिवार पर टूटा यह दुखों का पहाड़ पूरे इलाके में शोक का विषय बना हुआ है। हर आंख नम है और हर जुबान से मरहूम की मग़फ़िरत तथा घायल बेटों की जल्द से जल्द शिफ़ा के लिए दुआएं निकल रही हैं।

थाना भवन पुलिस निरीक्षक बिजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में लगातार बारिश के कारण टिन शेड और दीवार के कमजोर होकर गिरने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

हालांकि, एक प्रत्यक्षदर्शी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर दावा किया कि हादसा उस समय हुआ जब टिन शेड की मरम्मत का कार्य चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि लगातार बारिश के दौरान जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों और पुराने टिन शेडों के नीचे कार्य करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मौसम में सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक सावधानियां अपनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
अल्लाह तआला मरहूम शाहिद की मग़फ़िरत फरमाए, उनकी क़ब्र को रौशन करे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए और उनके अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। साथ ही घायल दोनों बेटों को जल्द मुकम्मल शिफ़ा-ए-कामिला अता फरमाए। आमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए थानाभवन, जनपद शामली (उत्तर प्रदेश) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन — थानाभवन के जनाब शाहिद मिर्ज़ा का दर्दनाक हादसे में इंतिकाल, पूरी मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी ग़मज़दा

थानाभवन (शामली), 09 जुलाई 2026।

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को यह दुखद इत्तिला दी जाती है कि उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के कस्बा थानाभवन जिला शामली, उत्तर प्रदेश स्थित मोहल्ला रेती सराय निवासी जनाब शाहिद मिर्ज़ा वल्द जनाब यूनुस साहब (मरहूम) का आज दिन जुमेरात, 09 जुलाई 2026 को तकरीबन शाम 4 बजे एक दर्दनाक हादसे में कज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया। उनकी उम्र लगभग 50 साल थी।

बताया जाता है कि बरसात के दौरान अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। जैसे ही इस दर्दनाक हादसे की खबर फैली, मरहूम के घर पर मातम का माहौल छा गया। रिश्तेदार, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्त और बिरादरी के लोग बारिश की परवाह किए बिना मरहूम के घर पहुंचने लगे। हर शख्स की आंखें अश्कबार थीं और हर ज़ुबान पर यही दुआ थी कि अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए।

शाहिद मिर्ज़ा अपने पीछे अपनी अहलिया, दो बेटों, तीन बेटियों सहित पूरे खानदान, रिश्तेदारों और चाहने वालों को गहरे ग़म में छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए। उनका इस तरह अचानक बिछड़ जाना न सिर्फ़ उनके परिवार बल्कि पूरी बिरादरी के लिए भरपाई करना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है।

मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक आज रात 10:00 बजे सिटी गार्डन के पास स्थित कब्रिस्तान में अदा की जाएगी। तमाम अहबाब, बिरादरान और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और उनके लवाहिकीन को सब्र-ए-जमील अता होने की दुआ करें।

दुआ:
अल्लाह तआला मरहूम शाहिद मिर्ज़ा की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए और तमाम लवाहिकीन को इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ के साथ सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

नोट:
मैय्यत के सिलसिले में अधिक जानकारी के लिए जनाब अज़ीज़ साहब (बशीर मार्किट वाले) से मोबाइल नंबर 6398598981 पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है।

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Tuesday, July 7, 2026

खतौली की नजमा बी का इंतिक़ाल, नमाज़-ए-जनाज़ा आज दोपहर 2 बजे मस्जिद फतेहपुरी में अदा की जाएगी

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

मुज़फ्फरनगर/खतौली, उत्तर प्रदेश | मुल्तानी समाज | ख़ास रिपोर्ट

निहायत अफ़सोस और गहरे रंज-ओ-ग़म के साथ बिरादरी और तमाम अहबाब को इत्तिला दी जाती है कि नाहरीया धर्म कांटे के सामने मोहल्ला शाहबान, बुढ़ाना रोड, कस्बा खतौली, ज़िला मुज़फ्फरनगर की रहने वाली नजमा बी, अहलिया जनाब मिर्ज़ा अफ़ज़ाल साहब (कुशावली वाले) खजांची "मुल्तानी समाजसेवी संगठन का बीती रात तकरीबन 2:00 बजे मेरठ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान कज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया। मरहूमा की उम्र लगभग 35 साल थी।

मरहूमा नजमा बी अपने पीछे अपने शौहर, चार बेटों और एक बेटी सहित पूरा खानदान, रिश्तेदार, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और चाहने वालों को ग़मज़दा छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा के लिए रुख़्सत हो गईं।

बताया जाता है कि मरहूमा, जनाब सईद अहमद साहब (गाँव दभेड़ी), हाल निवासी खतौली की साहबज़ादी थीं। उनके परिवार में तीन भाई और तीन बहनें हैं। इस सदमे से पूरे परिवार और बिरादरी में गहरा दुःख और मातम का माहौल है।

मिली जानकारी के मुताबिक मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा आज, बुधवार 08 जुलाई 2026 को दोपहर 2:00 बजे मस्जिद फतेहपुरी, खतौली में अदा की जाएगी। इसके बाद गोर-ए-ग़रीबा कब्रिस्तान में तदफ़ीन अमल में लाई जाएगी। तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के हक़ में दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और उनके लवाहिक़ीन को सब्र-ए-जमील की दुआ दें।

अल्लाह तआला मरहूमा नजमा बी की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उसे जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम अहल-ए-ख़ाना को यह सदमा बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ के साथ सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

नोट: मरहूमा के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उनके शौहर एवं बिरादरी की ख़िदमत में हमेशा पेश-पेश रहने वाले वरिष्ठ समाजसेवी जनाब मिर्ज़ा अफ़ज़ाल साहब (कुशावली वाले) खजांची मुल्तानी समाजसेवी संगठन से मोबाइल नंबर 8077790947 पर संपर्क किया जा सकता है।


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