Monday, July 27, 2026

बावली बिरादरी पर ग़म का पहाड़ टूटा — जनाब वहीदू साहब (बावली वाले) की अहलिया का इंतेक़ाल, आज मगरिब के बाद बावली कब्रिस्तान में होगी नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी और अहले-ईमान को यह ग़मगीन इत्तिला दी जाती है कि आज बरोज़ पीर, बा-तारीख़ 27 जुलाई 2026 को जनाब वहीदू साहब (बावली वाले), हाल मुक़ाम दिल्ली की मोहतरमा अहलिया इस फ़ानी दुनिया को अलविदा कहकर अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं।

إِنَّا لِلَّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ

मरहूमा, हाजी खालिद अहमद (बावली वाले) की चाची थीं। उनके इंतेक़ाल की खबर सुनते ही पूरे ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, अहबाब और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई। मरहूमा अपने पीछे रोने वाले अज़ीज़, रिश्तेदार, चाहने वाले और दुआ करने वालों की एक बड़ी तादाद छोड़ गई हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मय्यत को दिल्ली से उनके पैतृक गांव बावली लाया जा रहा है। मरहूमा की तदफ़ीन का वक़्त मगरिब की नमाज़ के बाद तय किया गया है।
नमाज़-ए-जनाज़ा इंशाअल्लाह बावली कब्रिस्तान में अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

ज़िंदगी और मौत का मालिक सिर्फ़ अल्लाह तआला है। हर जान को एक न एक दिन मौत का मज़ा चखना है। आज मरहूमा अपने तमाम दुनियावी रिश्तों को पीछे छोड़कर उस सफ़र पर रवाना हो चुकी हैं, जहाँ से कोई वापस नहीं आता। अब उनके लिए सबसे क़ीमती तोहफ़ा सिर्फ़ दुआ-ए-मग़फ़िरत, ईसाल-ए-सवाब और नेक अमल हैं।

👉 तमाम अहले-ईमान से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ।

ऐ अल्लाह!
मरहूमा की तमाम ख़ताओं को माफ़ फ़रमा।
उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
क़ब्र की तंगी और अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा।
उनकी मंज़िल आसान फ़रमा, हश्र के दिन उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम नसीब फ़रमा।
उनके तमाम अहले-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा।

आमीन या रब्बुल आलमीन, सुम्मा आमीन।


📰 सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

📌 नोट:
अधिक जानकारी के लिए हाजी खालिद अहमद (बावली वाले) से मोबाइल नंबर 79848 44198 पर राब्ता क़ायम करें।


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