Saturday, July 25, 2026

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊनलंबी बीमारी के चलते जाफराबाद (दिल्ली) निवासी रईस अहमद का इंतेकाल, नम आंखों से किया गया सुपुर्द-ए-ख़ाक

दिल्ली। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादरान-ए-इस्लाम, ख़ुसूसन मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि जाफराबाद, दिल्ली निवासी जनाब रईस अहमद वल्द मरहूम नज़ीर अहमद का शनिवार, 25 जुलाई 2026 को तक़रीबन 65 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद कज़ा-ए-इलाही से इंतेकाल हो गया।

मरहूम को रविवार, 26 जुलाई 2026 को दोपहर साढ़े 12 बजे नम आंखों और ग़मगीन माहौल में सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। उनके इंतेकाल से पूरे कुनबे, खानदान और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई।

मरहूम अपने पीछे अहलिया (पत्नी), एक बेटा, दो बेटियां, समूचे खानदान, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को ग़मज़दा छोड़कर इस फ़ानी दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए रुख़्सत हो गए।

दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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