गंगोह, ज़िला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में आज बुधवार, तारीख़ 14 जनवरी 2026 को अभी कुछ ही देर पहले
मिस्त्री अकरम साहब का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतेक़ाल हो गया है।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
अल्लाह तआला मरहूम की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ीचों में से एक बाग़ीचा बनाए और अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।
मरहूम की तदफ़ीन कल
बरोज़ जुमेरात, तारीख़ 15 जनवरी 2026
बाद नमाज़-ए-जौहर, दोपहर 1 बजे
इंशा अल्लाह अदा की जाएगी।
लिहाज़ा तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि जहाँ तक मुमकिन हो, दोनों जनाज़ों में शिरकत फरमाकर सवाबे-दारेन हासिल करें।
⚠️ नोट (महत्वपूर्ण सूचना)
यह ख़बर सोशल मीडिया पर प्राप्त/वायरल सूचना के आधार पर साझा की जा रही है।
इनके बारे में जो हज़रात मुकम्मल व सही मालूमात रखते हों, वह नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करके बिरादरी तक सही जानकारी पहुँचाने में हमारी मदद फरमाएँ।
📢 एक ज़रूरी ऐलान
इंतेक़ाल की ख़बर भेजने से संबंधित अहम हिदायतें
अक्सर यह देखने में आता है कि किसी अज़ीज़ के इंतेक़ाल की सूचना बिरादरी तक देर से पहुँचती है या अधूरी जानकारी होने की वजह से लोग जनाज़े में शिरकत नहीं कर पाते।
इस कमी को दूर करने के लिए “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका तमाम बिरादराने इस्लाम से पुरज़ोर गुज़ारिश करती है कि जब भी किसी के इंतेक़ाल की ख़बर भेजें, तो निम्नलिखित बातों का विशेष ध्यान रखें:
1️⃣ मरहूम/मरहूमा का पूरा नाम तथा वल्दियत या शौहर का नाम।
2️⃣ पूरा पता (मूल निवास और वर्तमान निवास)।
3️⃣ तदफ़ीन का सही वक़्त और क़ब्रिस्तान का नाम।
4️⃣ घर के जिम्मेदार शख़्स (एक-दो) के संपर्क नंबर।
5️⃣ यदि मर्द का इंतेक़ाल हुआ हो तो मरहूम की तस्वीर।
6️⃣ इंतेक़ाल की वजह (यदि बताना मुनासिब हो)।
7️⃣ अहल-ए-ख़ाना के नाम – जैसे भाई, बहन, माँ-बाप, औलाद आदि।
👉 इन तमाम जानकारियों से ख़बर मुकम्मल होती है और बिरादरी के लोगों को सही वक़्त पर सही जानकारी मिल पाती है।
📰 डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)
पत्रिका में प्रकाशित किसी भी प्रकार के लेख, समाचार, संपादकीय, विचार, टिप्पणी, प्रेस विज्ञप्ति, विज्ञापन अथवा अन्य सामग्री संबंधित लेखक, संवाददाता या विज्ञापनदाता के निजी विचार हैं।
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ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट
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