Friday, October 2, 2026

2 अक्टूबर: गांधी जयंती, शास्त्री जयंती और 1187 में बैतुल मुक़द्दस की फ़तह—एक तारीख़, इतिहास के कई अहम पड़ाव

2 अक्टूबर भारतीय इतिहास और मुस्लिम इतिहास—दोनों के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण तारीख़ है। सोशल मीडिया पर प्रसारित दो पोस्टरों में इस दिन से जुड़े अलग-अलग ऐतिहासिक प्रसंगों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।

पहले पोस्टर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। गांधी हेरिटेज पोर्टल में भी पोरबंदर स्थित उनके जन्मस्थान को 2 अक्टूबर 1869 से जोड़ा गया है। 

इसी दिन लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में हुआ था। भारत सरकार के प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक अभिलेख में उनके जन्म की यही तारीख दर्ज है। 

आज के दिन देशभर में गांधी जयंती मनाई जाती है, जबकि शास्त्री जयंती के अवसर पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। 2 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी दोनों महान व्यक्तित्वों को श्रद्धांजलि दिए जाने की जानकारी प्रकाशित की गई है। 

2 अक्टूबर 1187 और बैतुल मुक़द्दस

दूसरे पोस्टर में 2 अक्टूबर 1187 को सुल्तान सलाहुद्दीन अय्यूबी द्वारा बैतुल मुक़द्दस (यरूशलम) पर विजय का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, 1187 में हत्तीन की लड़ाई में क्रूसेडर सेना की पराजय के बाद सलाहुद्दीन अय्यूबी की सेनाओं ने यरूशलम की ओर बढ़त बनाई और 2 अक्टूबर 1187 को यरूशलम ने आत्मसमर्पण किया। 

यह घटना लगभग 88 वर्षों तक क्रूसेडर नियंत्रण में रहने के बाद यरूशलम के दोबारा मुस्लिम शासन में आने का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पड़ाव थी। 

एक तारीख़, अलग-अलग ऐतिहासिक स्मृतियाँ

इस प्रकार 2 अक्टूबर एक ओर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन, सत्य, अहिंसा और राष्ट्रीय जीवन से जुड़े महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री की जयंती का दिन है, तो दूसरी ओर मुस्लिम इतिहास में सलाहुद्दीन अय्यूबी और यरूशलम की 1187 की घटना से भी जुड़ी हुई तारीख़ है।

मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के पूर्व राष्ट्रीय सदर जनाब मोहम्मद आलम साहब बिरादरी से अपील करते है कि ऐतिहासिक घटनाओं को भावनाओं के साथ-साथ प्रमाणित स्रोतों और सही संदर्भ के साथ समझना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।

— मुल्तानी समाज राष्ट्रीय समाचार पत्रिका

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