भीलवाड़ा (राजस्थान), 04 अक्टूबर 2026।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और दिली सदमे के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि जनाब सुलेमान भुट्टो साहब की अहलिया मोहतरमा सुगरा बानो का आज दिन इतवार, बा-तारीख़ 04 अक्टूबर 2026 को बिगोद, ज़िला भीलवाड़ा, राजस्थान में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।
इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूमा के इंतिक़ाल की ख़बर से खानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-मुल्तानी में गहरे रंज और सदमे की लहर दौड़ गई है। हर आँख अश्कबार और हर दिल ग़मगीन है। इस मुश्किल और ग़म के मौक़े पर हम तमाम अहल-ए-ख़ानदान के साथ दिली हमदर्दी और ताज़ियत का इज़हार करते हैं।
मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत
बारगाह-ए-इलाही में दस्त-ब-दुआ हैं कि अल्लाह तआला मरहूमा सुगरा बानो की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनके दर्जात बुलंद फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।
ऐ अल्लाह! मरहूमा की क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, उसे कुशादा फ़रमा, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमा।
ऐ परवरदिगार! मरहूमा से क़ब्र के सवालात आसान फ़रमा, उनकी क़ब्र को अमन और सुकून की जगह बना और क़यामत के दिन उन्हें अपनी ख़ास रहमत और मग़फ़िरत नसीब फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।
तदफ़ीन की इत्तिला का इंतज़ार
ख़बर लिखे जाने तक मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन का वक़्त तय होने की इत्तिला हासिल नहीं हो सकी थी। जैसे ही खानदान की तरफ़ से नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन के सिलसिले में मुकम्मल जानकारी हासिल होगी, उसे ख़बर में अपडेट कर दिया जाएगा।
जब मरहूमा को क़ब्र में उतारा जाए और मिट्टी दी जाए, तो तमाम अहल-ए-बिरादरी से गुज़ारिश है कि इस मौक़े पर दिल से उनके लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें।
ऐ अल्लाह! जिस वक़्त मरहूमा को क़ब्र में उतारा जाए, उस वक़्त अपनी रहमत उनके शामिल-ए-हाल फ़रमा। क़ब्र को उनके लिए तन्हाई और तारीकी की जगह न बना, बल्कि नूर, सुकून और रहमत से भर दे।
ऐ अल्लाह! मिट्टी की हर परत को उनके लिए राहत और रहमत का ज़रिया बना। उनकी क़ब्र पर अपनी रहमतों की बारिश फ़रमा और उन्हें जन्नत की ख़ुशबू और ठंडक नसीब फ़रमा। आमीन।
मिट्टी देने की दुआ
मिट्टी देते वक़्त दिल में यह दुआ की जाए:
“ऐ अल्लाह! हम इस अमानत को तेरे सुपुर्द करते हैं। तू ही इस अमानत का मालिक है। मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उनकी मंज़िल आसान फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में जगह अता फ़रमा।”
इसके बाद तमाम हाज़िरीन से मरहूमा के लिए सूरह-ए-फ़ातिहा, सूरह-ए-इख़लास और दुआ-ए-मग़फ़िरत करने की गुज़ारिश है।
सब्र-ए-जमील की दुआ
अल्लाह तआला मरहूमा के तमाम अहल-ए-ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्तों को इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए और सभी को सब्र-ए-जमील नसीब फ़रमाए।
ऐ अल्लाह! ग़मज़दा खानदान के दिलों को सुकून अता फ़रमा, उनके आँसुओं को अपनी रहमत का ज़रिया बना और उन्हें इस सदमे पर सब्र करने का अज्र-ए-अज़ीम अता फ़रमा।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
मय्यत के सिलसिले में राब्ता
मय्यत की नमाज़-ए-जनाज़ा, तदफ़ीन और दूसरे मामलों के बारे में ज़्यादा मालूमात के लिए:
जनाब मोइनुद्दीन मुल्तानी
📞 9529395915
से राब्ता करके मुकम्मल जानकारी हासिल की जा सकती है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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