Monday, May 25, 2026

तीस साल की उम्र में वसीम अहमद का इंतकाल, इलाके में दौड़ी ग़म की लहर

सरवट कब्रिस्तान मुज़फ्फरनगर में बाद नमाज़-ए-ईशा होगी तदफ़ीन, मरहूम की मग़फिरत के लिए उठे हजारों हाथ

निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ यह दर्दनाक इत्तिला सामने आई है कि गांव छोए, जिला शामली, उत्तर प्रदेश निवासी वसीम अहमद वल्द इकबाल अहमद मरहूम का आज दिन पीर, बा-तारीख़ 25 मई 2026 को तक़रीबन तीन बजे कज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया। मरहूम की अचानक वफ़ात की खबर से पूरे इलाके, रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी में ग़म की लहर दौड़ गई।

मरहूम वसीम अहमद तीन भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। उनकी उम्र तक़रीबन तीस साल बताई जा रही है। सादगी, खुशअख़लाक़ी और मिलनसार तबीयत की वजह से वह अपने जानने वालों में बेहद मक़बूल थे। उनके इंतकाल की खबर सुनते ही घर पर ताज़ियत करने वालों का सिलसिला लगातार जारी है।

मरहूम की हाल रिहाइश मोहल्ला सरवट, महमूद नगर, मुज़फ्फरनगर उत्तर प्रदेश में बताई गई है। परिवार की जानिब से मिली जानकारी के मुताबिक़ मैय्यत को बाद नमाज़-ए-ईशा सरवट कब्रिस्तान, मुज़फ्फरनगर में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। अहले ख़ानदान ने तमाम बिरादराना हज़रात, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्तों से जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करने की दरख्वास्त की है।

ऐसे दुखद मौक़ों पर इंसानी ज़िंदगी की नापायदारी का एहसास और भी गहरा हो जाता है। अल्लाह तआला मरहूम वसीम अहमद की मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, जन्नतुल फिरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता करे। आमीन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका / न्यूज़ पोर्टल / यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए सोशल मीडिया पर वायरल संदेश के आधार पर प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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