12 नवंबर को पूरे मुल्क में मनाया जाएगा जश्ने “मुल्तानी-डे” — हर ज़िले में 12 ग़रीब और शादी के लायक़ बेटियों की शादी का तंजीमी प्रस्ताव
नई दिल्ली/उत्तर प्रदेश डेस्क।
पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की सामाजिक एकता, तंजीमी बेदारी, आपसी भाईचारे और बिरादरी की ख़िदमत के हवाले से 12 नवंबर का दिन अब एक ख़ास और यादगार तारीख़ की हैसियत हासिल कर चुका है। बिरादरी के लोग इस दिन को सालों से पूरे जोशो-ख़रोश और ख़ुशी के साथ जश्ने “मुल्तानी-डे” के तौर पर मनाते आ रहे हैं।
इस ख़ास दिन की बुनियाद उस ऐतिहासिक क़दम से जुड़ी हुई है, जब “मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट (रजि.) ऑल इंडिया” की ख़ज़ांची रेशमा ज़मीर ने ट्रस्ट के नाम से मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से राष्ट्रीय स्तर की पत्रिका “मुल्तानी समाज” का पंजीकरण कराया। इस राष्ट्रीय पत्रिका का पंजीकरण 12 नवंबर 2013 को हुआ था। उसी ऐतिहासिक दिन की याद को ताज़ा रखने और बिरादरी के लोगों में इत्तिहाद, भाईचारे और तंजीमी शऊर को मज़बूत करने के मक़सद से हर साल 12 नवंबर को जश्ने “मुल्तानी-डे” मनाने की रवायत क़ायम की गई।
12 नवंबर बना बिरादरी की तारीख़ का अहम दिन
12 नवंबर महज़ एक तारीख़ नहीं, बल्कि पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी के लिए इत्तिहाद, तंजीम, पहचान और ख़िदमत का एक अहम पैग़ाम लेकर आता है। यह दिन बिरादरी के उन तमाम अफ़राद को एक मंच पर आने का मौक़ा देता है, जो अपनी बिरादरी की तरक़्क़ी, बच्चों की तालीम, नौजवानों के बेहतर मुस्तक़बिल, ग़रीब और ज़रूरतमंद परिवारों की मदद तथा सामाजिक सुधार के लिए अपना किरदार अदा करना चाहते हैं।
“मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका इसी तंजीमी और समाजी मक़सद को आम करने में अपनी अहम भूमिका निभा रही है और बिरादरी की आवाज़ को राष्ट्रीय सतह तक पहुंचाने का सिलसिला जारी रखे हुए है।
हर ज़िले में 12 ग़रीब बेटियों की शादी का प्रस्ताव
जश्ने “मुल्तानी-डे” के मुबारक मौक़े पर बिरादरी की ख़िदमत के लिए एक बेहद अहम और क़ाबिले-तारीफ़ तंजीमी पहल का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत हर ज़िले में 12 ग़रीब और शादी के लायक़ बेटियों की शादी करवाने का प्रोग्राम तंजीम के प्रस्ताव में शामिल है, जिसे जल्द ही शुरू किए जाने की तैयारी है।
अगर यह ख़िदमत का सिलसिला मुकम्मल तौर पर शुरू होता है तो यह न सिर्फ़ ज़रूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, बल्कि बिरादरी के अंदर आपसी मदद, भाईचारे और इंसानी हमदर्दी की एक मज़बूत मिसाल भी क़ायम करेगा।
बिरादरी के साहिब-ए-हैसियत अफ़राद, कारोबारी हज़रात, नौजवान, समाजी कारकुन और तंजीमी ज़िम्मेदारान अगर इस नेक मक़सद में आगे बढ़कर हिस्सा लें तो इस ख़िदमती मुहिम को और ज़्यादा कामयाब बनाया जा सकता है।
हर घर तक पहुंचे “मुल्तानी-डे” का पैग़ाम
तंजीम की जानिब से तमाम बिरादराने-मिल्लत और बिरादरी के अफ़राद से अपील की गई है कि जश्ने “मुल्तानी-डे” की इस ख़बर और पैग़ाम को ज़्यादा से ज़्यादा व्हाट्सऐप ग्रुप्स, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और दीगर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर शेयर करें, ताकि मुल्क के हर कोने में रहने वाले मुल्तानी बिरादरी के अफ़राद तक इस दिन की अहमियत और इसके मक़सद का पैग़ाम पहुंच सके।
यह दिन सिर्फ़ जश्न मनाने का नहीं, बल्कि अपनी बिरादरी से जुड़ने, उसे समझने, उसकी बेहतरी के लिए सोचने और अपनी आने वाली नस्लों के मुस्तक़बिल को बेहतर बनाने का दिन भी बनाया जा सकता है।
अपने नाम से हासिल करें मुफ़्त “मुल्तानी-डे” पोस्टर
जश्ने “मुल्तानी-डे” को सोशल मीडिया पर और ज़्यादा पुरअसर बनाने के लिए बिरादरी के अफ़राद को अपने नाम का मुफ़्त “मुल्तानी-डे” पोस्टर हासिल करने का मौक़ा भी दिया जा रहा है।
जो हज़रात अपने नाम से पोस्टर बनवाना चाहते हैं, वह अपना पासपोर्ट साइज फ़ोटो, पूरा नाम और पता भेज सकते हैं। उनके नाम से तैयार किया गया पोस्टर “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर प्रकाशित करके उन्हें भेजा जाएगा।
इस पहल का मक़सद यही है कि जश्ने “मुल्तानी-डे” का पैग़ाम हर घर, हर परिवार और हर बिरादरी के फ़र्द तक पहुंचे और हर शख़्स इस मुबारक दिन से अपनी वाबस्तगी महसूस करे।
बिरादरी की राय — हमारी अगली मंज़िल
“मुल्तानी समाज” की जानिब से तमाम बिरादरी के अफ़राद से यह भी दरख़्वास्त की गई है कि जश्ने “मुल्तानी-डे” को और बेहतर, बा-मक़सद और यादगार बनाने के लिए अपनी राय, मशवरा और तजावीज़ ज़रूर पेश करें।
आख़िर कोई भी तहरीक सिर्फ़ चंद लोगों की कोशिश से कामयाब नहीं होती; जब पूरी बिरादरी मिलकर अपनी ज़िम्मेदारी महसूस करती है तो वही कोशिश एक मज़बूत तहरीक की शक्ल इख़्तियार कर लेती है।
आइए, 12 नवंबर को सिर्फ़ जश्न न मनाएं—बल्कि इत्तिहाद, तालीम, ख़िदमत, भाईचारे और बिरादरी की तरक़्क़ी का नया अहद करें।
“मुल्तानी-डे” — हमारी तारीख़, हमारी पहचान और हमारी बिरादरी के बेहतर मुस्तक़बिल का पैग़ाम।
ख़ास रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से
ज़मीर आलम
प्रधान संपादक — “मुल्तानी समाज” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका
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