बावली, बागपत (उत्तर प्रदेश)।पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी के लिए आज का दिन गहरे रंज और ग़म का दिन साबित हुआ। गांव बावली, तहसील बड़ौत, जिला बागपत निवासी मरहूम मिस्त्री यूसुफ साहब के सुपुत्र जनाब अब्दुल सत्तार साहब का आज दिनांक 17 जून 2026 को सुबह लगभग 5 बजे लंबी बीमारी के बाद इंतिकाल हो गया। उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष बताई गई है।
अल्लाह तआला की यही मर्ज़ी थी और हर जान को एक दिन मौत का स्वाद चखना है।
"इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैहि राजिऊन"
(बेशक हम अल्लाह ही के हैं और उसी की तरफ लौटकर जाने वाले हैं।)
पारिवारिक परिचय
मरहूम अब्दुल सत्तार साहब, मिस्त्री यूसुफ साहब के सुपुत्र थे। मरहूम यूसुफ साहब के चार बेटे थे—
- जनाब इरशाद साहब
- जनाब मईनू राशन वाले
- मरहूम शमशाद साहब
- मरहूम अब्दुल सत्तार साहब
गौरतलब है कि अब्दुल सत्तार साहब के भाई शमशाद साहब का इंतिकाल पहले ही हो चुका था।
भरा-पूरा परिवार छोड़ गए
मरहूम अब्दुल सत्तार साहब अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके परिवार में—
- मुहम्मद फारूख
- मुहम्मद इरफान
- मुहम्मद इदरीश
के अलावा दो बेटियां भी हैं।
अपने अजीजों, रिश्तेदारों और चाहने वालों को गमगीन छोड़कर मरहूम इस फानी दुनिया से रुख्सत हो गए। उनके इंतिकाल की खबर से पूरे क्षेत्र और बिरादरी में शोक की लहर दौड़ गई है।
आज असर की नमाज़ के बाद होगी तदफीन
प्राप्त जानकारी के अनुसार मरहूम अब्दुल सत्तार साहब की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज 17 जून 2026 को असर की नमाज़ के बाद बिजलीघर के सामने स्थित कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
जनाज़े के अदब और इस्लामी तालीमात
इस मौके पर तमाम अहबाब, रिश्तेदारों और बिरादराना हजरात से गुजारिश की जाती है कि जनाज़े और ताज़ियत के दौरान इस्लामी आदाब का पूरा ख्याल रखें।
- मय्यत वालों के घर जाकर हंसी-मजाक और गैर जरूरी बातों से परहेज़ करें।
- गमजदा परिवार पर खाने-पीने का अतिरिक्त बोझ न बनें।
- जनाज़े के साथ अदब और खामोशी के साथ चलें।
- रास्ते में दुनियावी बातचीत और मोबाइल फोन पर मशगूल रहने से बचें।
- मरहूम के लिए मगफिरत और बुलंदी-ए-दराजात की दुआ करते रहें।
- "ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह" का विर्द करते हुए जनाज़े में शरीक हों।
बिरादरी का फर्ज़
किसी भी बिरादरी की ताकत उसके आपसी रिश्तों, हमदर्दी और दुख-सुख में शरीक होने से बढ़ती है। इसलिए बिरादरी के हर जिम्मेदार फर्द का फर्ज़ है कि वह ऐसी खबरों को एक-दूसरे तक पहुंचाए और गम की इस घड़ी में मरहूम के परिवार का हौसला बढ़ाए।
दुआ-ए-मगफिरत
हम सभी अल्लाह तआला की बारगाह में हाथ उठाकर दुआ करते हैं कि—
"ऐ अल्लाह! मरहूम अब्दुल सत्तार साहब की मगफिरत फरमा, उनकी तमाम खताओं को माफ फरमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बना दे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमा और तमाम अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।"
संपर्क सूत्र
अधिक जानकारी के लिए निम्न व्यक्तियों से संपर्क किया जा सकता है—
- फरदीन : 9045326620
- डा. शमशाद साहब, बावली : 9058647438
- हाजी गफूर साहब (नेता जी ट्रैक्टर वाले), बावली : 9412061270
- मुहम्मद हसन (मुहम्मद) : 9548844201
- चौधरी इरशाद (पप्पू हाडी फैब्रिकेटर्स) : 9756277494
प्रेस लाइन
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार एवं बढ़ई बिरादरी की देश की इकलौती राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।
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