Saturday, June 13, 2026

कच्ची गढ़ी निवासी तौकीर अहमद का इंतिकाल, परिवार और बिरादरी में शोक की लहर, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

ज़िंदगी और मौत अल्लाह तआला के हाथ में है। हर इंसान को एक दिन अपने रब की बारगाह में हाज़िर होना है। इसी हकीकत की याद दिलाते हुए मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को एक और गमगीन खबर मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव कच्ची गढ़ी, तहसील ऊन, जिला शामली निवासी जनाब तौकीर अहमद वल्द मरहूम जनाब अब्दुल हकीम साहब का बीती रात चंडीगढ़ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान इंतिकाल हो गया। मरहूम की उम्र लगभग 45 वर्ष बताई गई है।

मरहूम तौकीर अहमद अपने परिवार में चार भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटे थे। उनके दो भाई चंडीगढ़ में तथा दो भाई उत्तर प्रदेश के जनपद शामली स्थित कस्बा थानाभवन में निवास करते हैं। मरहूम स्वयं भी चंडीगढ़ में रहकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।

उनके इंतिकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और बिरादरी में गहरा दुख और शोक व्याप्त हो गया। मरहूम अपने पीछे अपनी वालिदा, अहलिया, चार भाइयों, दो बहनों, दो बेटों, एक बेटी तथा तमाम रिश्तेदारों और चाहने वालों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मरहूम का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से कस्बा थानाभवन लाया जाएगा। इसके बाद नई बस्ती, विजय वाटिका के पीछे स्थित जनाब तौसीफ साहब के निवास पर अंतिम दीदार के लिए रखा जाएगा। तत्पश्चात कस्बा थानाभवन के गौरे गरीबा कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

इस दुखद अवसर पर हम सभी अल्लाह तआला की बारगाह में दुआ करते हैं कि वह मरहूम तौकीर अहमद की तमाम खतााओं को माफ फरमाए, उनकी मगफिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, उसे जन्नत के बागों में से एक बाग बना दे और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए। आमीन।

अल्लाह तआला मरहूम की कब्र को वसीअ फरमाए, हश्र के दिन उन्हें नेक बंदों के साथ उठाए और उनकी तमाम नेकियों को उनके लिए सदका-ए-जारीया बनाए। आमीन।

साथ ही हम दुआगो हैं कि अल्लाह तआला उनकी वालिदा, पत्नी, बच्चों, भाइयों, बहनों तथा समस्त अहल-ए-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए और इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की ताकत प्रदान करे।

मरहूम के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उनके बड़े भाई जनाब मुस्तकीम साहब से मोबाइल नंबर 7520140083 पर संपर्क किया जा सकता है।

निस्संदेह हर जान को मौत का स्वाद चखना है और अंततः अपने रब की ओर लौटना है। अल्लाह मरहूम पर अपनी रहमतों की बारिश फरमाए और उन्हें अपनी जन्नत में बेहतर ठिकाना अता करे।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रसारित मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए भीलवाड़ा (राजस्थान) से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।
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