इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन, खतौली के जनाब खलील अहमद साहब का इंतकाल, इलाके में गम की लहर
खतौली/मुजफ्फरनगर। जिंदगी और मौत का मालिक केवल अल्लाह तआला है। जब उसका हुक्म आता है तो हर जान को अपने रब की तरफ लौटना होता है। इसी हकीकत के साथ आज क्षेत्र के लोगों को एक दुखद समाचार प्राप्त हुआ, जिसने परिवार, रिश्तेदारों और जानने वालों को गमगीन कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव कल्याणपुर वाले, हाल निवासी आलू मिल के पास, बुढ़ाना रोड, क़स्बा खतौली निवासी जनाब खलील अहमद साहब का बुधवार 10 जून 2026 को सुबह लगभग 10 से 11 बजे के बीच इंतकाल हो गया। उनकी उम्र लगभग 65 वर्ष बताई गई है।
मरहूम के इंतकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और बिरादरी के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। घर पर ताजियत पेश करने वालों का सिलसिला जारी है। हर आंख नम है और हर जुबान पर उनके लिए दुआएं हैं।
जनाब खलील अहमद साहब अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार के लिए जाने जाते थे। उनके इंतकाल से परिवार ही नहीं बल्कि उन्हें जानने वाले अनेक लोग भी गहरे सदमे में हैं।
परिजनों के अनुसार मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़ असर अदा की जाएगी, जिसके बाद क़स्बा खतौली, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। बिरादरी और क्षेत्र के लोगों से अपील की गई है कि जनाज़े में शिरकत कर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और उनके परिजनों को सब्र दिलाने की दुआ करें।
इस मौके पर हम सभी पाठकों से भी गुजारिश करते हैं कि मरहूम जनाब खलील अहमद साहब के लिए दुआ करें कि अल्लाह तआला उनकी तमाम खताओं को माफ फरमाए, उनकी मग़फिरत फरमाए, उनकी क़ब्र को जन्नत के बागों में से एक बाग बनाए और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए।
अल्लाह तआला मरहूम के तमाम अहल-ए-खाना, अज़ीज़-ओ-अकारिब और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफीक प्रदान करे।
दुआ:
"ऐ अल्लाह! मरहूम की मग़फिरत फरमा, उनकी क़ब्र को रौशन फरमा, उनके दर्जात बुलंद फरमा, उनकी तमाम खताओं को माफ फरमा और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में जगह अता फरमा। आमीन।"
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
— ज़मीर आलम
प्रधान संपादक
मुल्तानी समाज राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल
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