Wednesday, June 3, 2026

दिल्ली में शोक की लहर: हाजी सगीर अहमद साहब का इंतिकाल, नम आंखों के साथ किया गया सुपुर्द-ए-ख़ाक

नई दिल्ली, 04 जून 2026 | ख़ास रिपोर्ट

निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफसोस के साथ यह खबर प्राप्त हुई कि दिल्ली के गोयला डेरी द्वारका क्षेत्र के सम्मानित बुज़ुर्ग, जनाब हाजी सगीर अहमद साहब वल्द मरहूम जनाब यासीन साहब ( शहदूड़ी वाले ) का आज तड़के दिन जुमेरात, 04 जून 2026 को लगभग 1:30 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिकाल हो गया। इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि राजिऊन।

मरहूम की उम्र तकरीबन 71 वर्ष बताई गई है। उनके इंतिकाल की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, दोस्तों और जानने वालों में गहरे दुख और शोक की लहर दौड़ गई। हर आंख अश्कबार दिखाई दी और हर ज़ुबान से मरहूम की मग़फ़िरत के लिए दुआएं निकलती रहीं।

मिली जानकारी के अनुसार मरहूम का जनाज़ा आज सुबह 10:30 बजे अदा किया गया, जिसके बाद उन्हें नम आंखों और दुआओं के साथ सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंदों, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों ने जनाज़े में शिरकत कर मरहूम को अपनी अंतिम श्रद्धांजलि पेश की।

हाजी सगीर अहमद साहब अपने अच्छे अख़लाक़, मिलनसार स्वभाव और सामाजिक रिश्तों की मजबूती के लिए जाने जाते थे। उनका इंतिकाल न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे इलाके और जानने वालों के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

मरहूम अपने पीछे तीन बेटों, चार बेटियों समेत भरा-पूरा कुनबा, रिश्तेदार और चाहने वालों को ग़मज़दा छोड़ गए हैं। उनके बिछड़ जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर का माहौल ग़मगीन है और हर शख़्स उनकी यादों में डूबा हुआ है।

अल्लाह तआला मरहूम की तमाम खताओं को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमाए और तमाम अहले-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाए। आमीन।

मैय्यत के संबंध में अधिक जानकारी के लिए:
मोहम्मद इमरान (न्याजपुरा, मुज़फ्फरनगर)
मोबाइल: 8273692121

ख़ास रिपोर्ट: ज़मीर आलम, प्रधान संपादक
"मुल्तानी समाज" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका/न्यूज़ पोर्टल/यूट्यूब चैनल

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