मरहूम मूल रूप से खेड़ा हटाने वाले परिवार से संबंध रखते थे तथा वर्तमान में गौरीपुर, जनपद बागपत , उत्तर प्रदेश में निवास कर रहे थे। अपने लंबे जीवनकाल में उन्होंने समाज और परिवार के बीच सम्मान, मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल कायम की। उनके इंतिकाल की खबर सुनते ही रिश्तेदारों, मित्रों और बिरादरी के लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।
हाजी मुहम्मद चमन साहब अपने पीछे अज़ीज़ो-अक़ारिब, चाहने वालों और एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं, जो उनकी कमी को हमेशा महसूस करेगा। उनकी सादगी, नेकनीयती और मिलनसार स्वभाव की यादें हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहेंगी।
ख़बर लिखे जाने तक मरहूम की मय्यत के दफ़नाने का समय तय नहीं हो पाया था। जैसे ही दफ़न से संबंधित जानकारी हासिल होगी, उसे बिरादरी और आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
मुस्लिम मुल्तानी लोहार बिरादरी तथा समस्त अहले-ईमान से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और अल्लाह तआला से उनकी बख्शिश की दुआ मांगें।
दुआ:
"ऐ अल्लाह! मरहूम हाजी मुहम्मद चमन साहब की मग़फिरत फरमा, उनकी कब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, उनकी तमाम खताओं को माफ़ फरमा और उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमा। उनके अहले-ख़ाना, रिश्तेदारों और तमाम चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फरमा। आमीन सुम्मा आमीन। मैय्यत को बाद नमाज़ असर की नमाज़ 5:30 बजे गौरीपुर में ही गौरीपुर के कब्रस्तान में किए जाएगा सपुर्द - ए - ख़ाक, लिहाजा आप हजरात भी जनाजे में शरीक हॉकर सवाबे दारेन हासिल करें।
मरहूम के बारे में संबंधित जानकारी के लिए संपर्क करें:
📞 8630433158
📞 9457567860 (मुहम्मद रिज़वान, सुभान मेडिकल स्टोर)
— ज़मीर आलम
प्रधान संपादक, मुल्तानी समाज
बागपत, उत्तर प्रदेश
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