Sunday, August 24, 2025

इकबाल साहब के इंतिक़ाल पर ग़मगीन ख़िराजे अकीदत

शामली। ज़िंदगी और मौत अल्लाह तआला का तयशुदा निज़ाम है। हर ज़िंदा को एक दिन अपने रब के पास लौट कर जाना है। मगर जब कोई अपना हमें छोड़कर चला जाता है तो दिल का ग़म और आंखों का नम होना लाज़िमी है। इसी दर्दनाक हादिसे की ख़बर बीती रात इतवार 24 अगस्त 2025 को क़रीब 10 बजे हमें मिली, जब यह मालूम हुआ कि मोहल्ला नौ कुआं, शामली के रहने वाले इकबाल साहब, जो कि मास्टर रिज़वान (HSS Public School, मोहल्ला नौ कुआं, शामली) के वालिद और मरहूम अब्दुल ग़फ़ूर साहब के साहबज़ादे थे, अचानक तबियत बिगड़ने की वजह से इंतिक़ाल कर गए।

इकबाल साहब के इंतिक़ाल की ख़बर ने पूरे मोहल्ले और बिरादरी को ग़मगीन कर दिया। अल्लाह तआला से दुआ है कि वह मरहूम को अपने हज़ूर में बेहतरीन मक़ाम अता फरमाए, उनकी मग़फ़िरत फरमाए और उनके अहलेख़ाना को सब्रे जमी़ल अता करे। आमीन।

मरहूम का जनाज़ा आज दिन पीर 25 अगस्त 2025 को सुबह 10:30 बजे मोहल्ला गुलशन नगर, टायर मार्केट, शामली स्थित कब्रिस्तान में अदा किया गया और उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया। जनाज़े में बड़ी तादाद में रिश्तेदार, अहबाब, बिरादरी के लोग और शहर के लोग शामिल हुए।

देरी से इत्तला देने के लिए हम माज़रतख़्वाह हैं, क्योंकि शहर से बाहर होने की वजह से यह दर्दनाक ख़बर देर से मिली। मगर जैसे ही मालूम हुआ, मुल्तानी बिरादरी को आगाह करना अपना फ़र्ज़ समझा।


मुल्तानी समाज की ओर से ख़िराज-ए-अकीदत

"मुल्तानी समाज" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका और इसका पूरा ख़ानदान मरहूम इकबाल साहब के इंतिक़ाल पर गहरा रंजो-ग़म का इज़हार करता है। बिरादरी के बुज़ुर्ग और अज़ीज़ शख़्सियत का जाना एक बड़ा नुक़सान है। मगर यह अल्लाह की रज़ा है और हमें सब्र व तस्लीम का दामन थामना होगा।

मरहूम के लिए यही दुआ है कि:

"अल्लाह तआला उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए, उनके क़ब्र को रौशन करे और उनके वालिदैन के साथ हश्र में उन्हें अपने हज़ूर मक़बूल फरमाए।"


✒️ ज़मीर आलम
प्रधान संपादक – मुल्तानी समाज राष्ट्रीय समाचार पत्रिका
📍 शामली, उत्तर प्रदेश
📞 8010884848
🌐 www.multanisamaj.com | www.msctindia.com
📧 multanisamaj@gmail.com


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