शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

रुड़की में 14 नवंबर को सजेगी अदब और शायरी की महफ़िल, मरहूम अब्दुल हकीम मिर्ज़ा की याद में होगा ऑल इंडिया मुशायरा

देशभर के नामचीन शायर करेंगे अपने कलाम से महफ़िल को रौशन, अंजुमन इरतिका-ए-अदब रुड़की के ज़ेरे-ए-एहतिमाम होगा शानदार अदबी आयोजन

रुड़की, उत्तराखंड।

उर्दू अदब, शायरी और तहज़ीब की ख़ूबसूरत रवायत को बरक़रार रखने तथा मरहूम जनाब अब्दुल हकीम मिर्ज़ा साहब की यादों को ताज़ा करने के मक़सद से उत्तराखंड के रुड़की शहर में एक शानदार ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया जा रहा है।

अंजुमन इरतिका-ए-अदब रुड़की के बैनर तले आगामी 14 नवंबर 2026, शनिवार को रात 8 बजे नगर निगम प्रांगण, सिविल लाइंस, रुड़की (उत्तराखंड) में याद-ए-अब्दुल हकीम मिर्ज़ा के नाम से इस अदबी महफ़िल का आयोजन होगा।

इस मुशायरे में देश के मुख़्तलिफ़ शहरों से तशरीफ़ लाने वाले नामचीन शायर और शायरा अपने ख़ूबसूरत कलाम, ग़ज़लों और अशआर के ज़रिये महफ़िल को रौनक़ बख़्शेंगे।

अंजुमन के ज़िम्मेदारान और पदाधिकारी

आमंत्रण पत्र के मुताबिक़ इस अदबी अंजुमन की सरपरस्ती की ज़िम्मेदारी डॉ. चौधरी बाबा अब्दुल रज़्ज़ाक साहब संभाल रहे हैं। अंजुमन के सदर जनाब सैयद सना-उल-हक़ साहब हैं, जबकि जनरल सेक्रेटरी की ज़िम्मेदारी जनाब सिकंदर हयात ग़दबड़ साहब के पास है।

अंजुमन के तमाम ज़िम्मेदारान और मेंबरान इस अदबी आयोजन को कामयाब बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

देशभर के मशहूर शायर और शायरात होंगे शामिल

आमंत्रण पत्र में जिन नामचीन शायरों और शायरात के नाम प्रकाशित किए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से:

  • इक़बाल अशहर
  • रियाज़ सागर
  • अज़्म शाकिरी
  • अल्ताफ़ ज़िया
  • खुर्शीद हैदर
  • सिकंदर एच. ग़दबड़
  • मोहन मुन्तज़िर
  • राधिका मित्तल
  • इस्माइल नज़र
  • वसीम राजापुरी
  • इमरान फ़ैज़
  • मोनिका मंतशा
  • महमूद असर
  • मनोज शाश्वत
  • साहिल माधोपुरी

आदि शायर और शायरात के नाम शामिल हैं।

इन तमाम अहल-ए-अदब की मौजूदगी से मुशायरे में उर्दू शायरी के रंग, ज़बान की मिठास और अदबी तहज़ीब की ख़ास झलक देखने को मिलेगी।

वरिष्ठ समाजसेवी अब्दुल खालिक से की मुलाक़ात, पेश किया दावत-नामा

मुशायरे के सिलसिले में जनाब अब्दुल अज़ीज़ मिर्ज़ा साहब ने सहारनपुर पहुंचकर वरिष्ठ समाजसेवी जनाब अब्दुल खालिक साहब के आवास पर उनसे मुलाक़ात की। इस मौक़े पर उन्होंने मुशायरे का आमंत्रण पत्र पेश किया और कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की।

इस मुलाक़ात के दौरान बिरादरी के लोगों, अहल-ए-अदब और शायरी के शौक़ीनों से इस मुशायरे में बढ़-चढ़कर शिरकत करने की पुरख़ुलूस गुज़ारिश की गई।

जनाब अब्दुल खालिक साहब ने इस अदबी पहल का इस्तक़बाल करते हुए आयोजन की कामयाबी के लिए अपनी नेक ख़्वाहिशात पेश कीं।

मरहूम अब्दुल हकीम मिर्ज़ा साहब का पारिवारिक परिचय

मरहूम जनाब अब्दुल हकीम मिर्ज़ा साहब का पारिवारिक रिश्ता उत्तर प्रदेश के कई अहम इलाक़ों से जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक़, उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं।

उनकी शादी जिला शामली के लिलौन गांव में हुई थी। उनकी दोनों बेटियों की शादी सहारनपुर में हुई है। वहीं, उनके बड़े बेटे की शादी थानाभवन और छोटे बेटे की शादी जिला मुज़फ़्फ़रनगर के खतौली में हुई है।

मरहूम अब्दुल हकीम मिर्ज़ा साहब की याद में आयोजित यह मुशायरा उनके प्रति मोहब्बत, एहतराम और ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करने का एक अदबी ज़रिया है।

आमंत्रण पत्र और प्रवेश संबंधी ख़ास हिदायतें

आयोजक अंजुमन की ओर से आमंत्रण पत्र में कुछ ज़रूरी हिदायतें भी जारी की गई हैं।

  1. परिवारों के लिए बैठने की ख़ास व्यवस्था की गई है।
  2. कार्यक्रम रात 8 बजे बिल्कुल समय पर शुरू होगा।
  3. आमंत्रण पत्र को ही प्रवेश पास माना जाएगा। इसलिए आने वाले अहबाब अपने साथ आमंत्रण पत्र ज़रूर लेकर आएं।

तमाम बिरादरान और अहल-ए-अदब से पुरख़ुलूस अपील

मुशायरा हमारी अदबी और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है। यह वह मंच है जहां अल्फ़ाज़ के ज़रिये दिलों को जोड़ा जाता है, मोहब्बत का पैग़ाम दिया जाता है और हमारी उर्दू ज़बान की ख़ूबसूरती को नई नस्ल तक पहुंचाया जाता है।

इसी जज़्बे के साथ तमाम बिरादरान-ए-मिल्लत, अहल-ए-अदब, शायरी के शौक़ीनों, समाजसेवियों और रुड़की सहित आसपास के तमाम शहरों के अहबाब से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि इस अदबी महफ़िल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर आयोजन की रौनक़ बढ़ाएं।

कार्यक्रम का पूरा विवरण:

  • कार्यक्रम: याद-ए-अब्दुल हकीम मिर्ज़ा ऑल इंडिया मुशायरा
  • आयोजक: अंजुमन इरतिका-ए-अदब रुड़की
  • सरपरस्त: डॉ. चौधरी बाबा अब्दुल रज़्ज़ाक
  • सदर: सैयद सना-उल-हक़
  • जनरल सेक्रेटरी: सिकंदर हयात ग़दबड़
  • दिनांक: 14 नवंबर 2026, शनिवार
  • समय: रात 8 बजे (कार्यक्रम समय पर शुरू होगा)
  • स्थान: नगर निगम प्रांगण, सिविल लाइंस, रुड़की, उत्तराखंड

आइए, अदब की इस ख़ूबसूरत महफ़िल का हिस्सा बनें और मरहूम अब्दुल हकीम मिर्ज़ा साहब की यादों को ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश करें।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल 'मुल्तानी समाज' के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से जनाब अब्दुल खालिक साहब की प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

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