शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन इंतिक़ाल की बेहद अफ़सोसनाक ख़बर — खुर्शीदा बी के इंतिक़ाल से बिरादरी में ग़म की लहर

अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, क़ब्र को नूर से मुनव्वर करे और तमाम अहले ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

निहायत ही रंजो-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन जुमा, बा-तारीख़ 06 नवंबर 2026 को नियर मदीना प्रेस मोहल्ला मिर्दग्रान बिजनौर, उत्तर प्रदेश में (खेड़ा वाले, मुजफ्फरनगर वाले) जनाब मुश्ताक़ साहब (मूनसन) वाले की अहलिया मोहतरमा खुर्शीदा बी (उम्र तक़रीबन 70 वर्ष) का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया है।

मालूमात के मुताबिक़ मरहूमा पिछले तक़रीबन 15 दिनों से मेरठ, उत्तर प्रदेश के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ज़ेरे इलाज थीं। घरवालों और अज़ीज़ो-अक़ारिब को उनके सेहतयाब होने की उम्मीद थी, मगर मशीयत-ए-इलाही के आगे किसी का ज़ोर नहीं चलता। आख़िरकार आज उन्होंने इस दार-ए-फ़ानी से रुख़्सत होकर अपने मालिक-ए-हक़ीक़ी से जा मिलने का सफ़र इख़्तियार कर लिया।

मरहूमा के इंतिक़ाल की ख़बर से उनके ख़ानदान, अज़ीज़ो-अक़ारिब, रिश्तेदारों और बिरादरी के लोगों में गहरे रंजो-ग़म की लहर दौड़ गई है। इस दुख की घड़ी में तमाम बिरादराना हज़रात की हमदर्दियां और दुआएं मरहूमा के अहले ख़ाना के साथ हैं।

दफ़ीने और नमाज़-ए-जनाज़ा की इत्तिला

मय्यत को कल दिन शनिचर बा - तारीख़ 07 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजे किया जाएगा सपूर्दे - ख़ाक, लिहाज़ा आप हज़रात भी जनाज़े में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें 

तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएं और उनके अहले ख़ाना को इस मुश्किल वक़्त में सब्र व हौसला अता होने की दुआ करें।

मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत

या अल्लाह! मरहूमा खुर्शीदा बी की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमा। उनकी तमाम ख़ताओं, लग़ज़िशों और कोताहियों को अपने फ़ज़्लो-करम से माफ़ फ़रमा। उनकी नेकियों को क़ुबूल फ़रमा और उनके दरजात बुलंद अता फ़रमा।

या रब्बुल आलमीन! उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे। क़ब्र की तंगी और तारीकी को दूर फ़रमा। क़ब्र में नूर ही नूर अता फ़रमा। सवालात-ए-क़ब्र के वक़्त आसानी अता फ़रमा और अपनी रहमत के साये में उन्हें जगह नसीब फ़रमा।

दफ़न के वक़्त की दुआ:

या अल्लाह! जब मरहूमा को क़ब्र में उतारा जाए तो उनके लिए इस आख़िरी मंज़िल को आसान फ़रमा। क़ब्र को उनके लिए वुसअत वाली, रोशन और सुकून की जगह बना दे। मिट्टी की हर परत को उनके लिए रहमत और नूर का ज़रिया बना दे। उन्हें अज़ाब-ए-क़ब्र से महफ़ूज़ फ़रमा और जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।

मिट्टी देते वक़्त तमाम हाज़िरीन के लिए दुआ:

या अल्लाह! हम सबको मौत की हक़ीक़त समझने, नेक आमाल करने और ईमान पर ख़ातिमा नसीब फ़रमा। मरहूमा को अपनी बेपनाह रहमत में जगह अता फ़रमा और उनके तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा।

आमीन सुम्मा आमीन या रब्बुल आलमीन।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।


ख़बरनवीस एवं इदारा

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल — "मुल्तानी समाज"

उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।

अपनी बिरादरी की ख़बरों को क़ौमी सतह तक पहुंचाएं

अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएं।

📞 9410652990
📞 8010884848

आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

"मुल्तानी समाज" — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया समाचार से संबंधित अपनी प्रतिक्रिया शालीन एवं सभ्य भाषा में दें। किसी भी व्यक्ति, समुदाय या संस्था के विरुद्ध अपमानजनक, भ्रामक, धार्मिक विद्वेष फैलाने वाली अथवा आपत्तिजनक टिप्पणी न करें। सभी टिप्पणियां संपादकीय नियमों के अनुसार जांच के बाद प्रकाशित की जाएंगी।