ख़बर-ए-इंतिक़ाल — जामा मस्जिद, दिल्ली
17 सितंबर 2026
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और बेइंतिहा अफ़सोस के साथ तमाम अहले-इस्लाम, मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादराना हज़रात तक यह दिलगुदाज़ ख़बर पहुँचाई जाती है कि आज दिन जुमेरात, बा-तारीख़ 17 सितंबर 2026, दोपहर तक़रीबन 2 बजे, जामा मस्जिद, दिल्ली-110006 के रहने वाले जनाब रशीद अहमद साहब वल्द नामा'लूम, मूल रूप से जलालाबाद, ज़िला शामली, उत्तर प्रदेश का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर से उनके अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-मिल्लत में गहरे रंज-ओ-ग़म की फ़िज़ा है। मौत एक ऐसी हक़ीक़त है जिससे किसी इंसान को फ़रार नहीं, और हर जान को एक न एक दिन अपने रब की तरफ़ लौटकर जाना है।
इस दुख की घड़ी में "मुल्तानी समाज" अपने तमाम बिरादराना हज़रात से पुरख़ुलूस गुज़ारिश करता है कि मरहूम को अपनी ख़ास दुआओं में याद रखें और उनके लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें।
दुआ-ए-मग़फ़िरत
ऐ अल्लाह! जनाब रशीद अहमद साहब की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमा, उनकी तमाम नेकियों को अपनी बारगाह में क़ुबूल फ़रमा।
या अल्लाह! उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, उसे कुशादा और आराम की जगह बना, क़ब्र की तन्हाई में उनका मददगार और हाफ़िज़ बन।
ऐ रब-ए-करीम! मरहूम को जन्नतुल-फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा और उन्हें अपने ख़ास रहमत व करम के साये में जगह अता फ़रमा।
मय्यत को बाद नमाज़ ईशा साढ़े 8 बजे दिल्ली गेट स्थित कब्रिस्तान में किया जायगा सपूर्दे ख़ाक, लिहाज़ा आप हज़रात भी जनाज़े में शरीक होकर सवाबे दारेन हासिल करें।।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
दफ़्न और सुपुर्द-ए-ख़ाक के मौक़े पर दुआ
जब मरहूम को क़ब्र में उतारा जाए तो तमाम अहले-ख़ाना और मौजूद हज़रात दिल से उनके लिए दुआ करें:
"ऐ अल्लाह! इन्हें अपनी रहमत में जगह अता फ़रमा, इनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, इन्हें क़ब्र के अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा और इनके लिए आख़िरत के सफ़र को आसान फ़रमा।"
मिट्टी देते वक़्त दिल में यह एहसास रहे कि आज हम एक अपने भाई को मिट्टी के सुपुर्द कर रहे हैं और कल हमें भी इसी सफ़र पर रवाना होना है। मरहूम के लिए सूरह-ए-फ़ातिहा, सूरह-ए-इख़लास और दुआ-ए-मग़फ़िरत का एहतिमाम किया जाए।
अल्लाह तआला तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्तों को इस सदमे को बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और उन्हें इस मुश्किल घड़ी में अपनी रहमत व मदद से नवाज़े।
आमीन सुम्मा आमीन।
मज़ीद मालूमात के लिए
मरहूम के बेटे जनाब नशीर अहमद साहब से इस मोबाइल नंबर पर राब्ता कायम किया जा सकता है:
📞 9810693637
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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