सरधना (जिला मेरठ), 17 सितंबर 2026।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और बेइंतहा अफ़सोस के साथ तमाम अहले-मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि क़स्बा सरधना, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश में जनाब नसीमुद्दीन साहब, मरहूम गाँव भमौरी वालों की अहलिया बानो बी का कल दिन बुध, 16 सितंबर 2026 को क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल फ़रमा जाना बिरादरी के लिए बेहद दुख और सदमे का सबब है।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूमा के इंतिक़ाल की ख़बर से अहले-ख़ानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़ों और बिरादराना हज़रात में ग़म की फ़िज़ा है। एक इंसान का इस फ़ानी दुनिया से रुख़्सत हो जाना यक़ीनन बेहद दर्दनाक लम्हा होता है। मगर मोमिन का यक़ीन है कि हर जान को मौत का मज़ा चखना है और असल ज़िंदगी आख़िरत की ज़िंदगी है।
नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन
मरहूमा बानो बी की नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन आज दिन जुमेरात, 17 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे क़स्बा सरधना, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश में होगी।
तमाम अहले-बिरादरी और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाकर मरहूमा के लिए मग़फ़िरत की दुआ करें और ग़मज़दा ख़ानदान के साथ इस मुश्किल वक़्त में शरीक-ए-ग़म हों।
मग़फ़िरत और तदफ़ीन के वक़्त की दुआ
अल्लाह तआला मरहूमा की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे, क़ब्र की तंगी और अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमाए और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमाए।
या अल्लाह! जब मरहूमा को मिट्टी के सुपुर्द किया जाए तो अपनी ख़ास रहमत नाज़िल फ़रमा। उनकी क़ब्र को कुशादा, रोशन और पुर-सुकून फ़रमा। उन्हें सवालात-ए-क़ब्र में कामयाबी अता फ़रमा और उन्हें जन्नतुल-फ़िरदौस में आला मक़ाम नसीब फ़रमा।
या रब्बुल आलमीन! मरहूमा की कब्र पर अपनी रहमतों की बारिश फ़रमा, उनके दर्जात बुलंद फ़रमा और उन्हें हज़रत मुहम्मद ﷺ की शफ़ाअत नसीब फ़रमा।
अल्लाह तआला तमाम पसमांदगान, अहले-ख़ाना और रिश्तेदारों को इस सदमे पर सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए, दिलों को सब्र और सुकून दे तथा मरहूमा के लिए सदक़ा-ए-जारीया और नेकियों का ज़रिया बनने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
तमाम अहले-बिरादरी से ख़ास गुज़ारिश
तमाम बिरादराना हज़रात से दरख़्वास्त है कि मरहूमा के लिए ख़ुलूस-ए-दिल से दुआ-ए-मग़फ़िरत करें। अगर मुमकिन हो तो उनके ईसाल-ए-सवाब के लिए सूरह-ए-फ़ातिहा, सूरह-ए-इख़लास और क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत करके उसका सवाब मरहूमा को पहुँचाएँ।
अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल-फ़िरदौस में आला से आला मक़ाम अता फ़रमाए।
आमीन सुम्मा आमीन।
ख़ास रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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