ख़बर-ए-इंतक़ाल | बूढेडा, थाना बिनौली, जिला बागपत” | 17 सितंबर 2026
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म, दिली अफ़सोस और बेहद क़ल्बी सदमे के साथ आप तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि जनाब हाजी अब्दुल गफ़ूर साहब वल्द जनाब मोहम्मद कमरुद्दीन साहब, उम्र तक़रीबन 77 साल, निवासी गाँव बूढेडा, थाना बिनौली, जिला बागपत”, उत्तर प्रदेश, का आज दिन जुमेरात, बा-तारीख़ 17 सितंबर 2026 को तवील बीमारी के चलते बड़ौत, जिला बागपत के एक प्राइवेट अस्पताल में क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल फ़रमा गए।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूम के इंतक़ाल की ख़बर सुनते ही अहले-ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्त-अहबाब और मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादरी में ग़म और सदमे की फ़िज़ा पैदा हो गई। एक बुज़ुर्ग और मोहतरम शख़्सियत का इस दुनिया-ए-फ़ानी से रुख़्सत हो जाना यक़ीनन परिवार और बिरादरी के लिए एक बड़ा सदमा है।
दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है और हर जान को एक दिन अपने रब की तरफ़ लौटना है। अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूम की तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फ़रमाए और उन्हें अपनी रहमत के साये में जगह अता फ़रमाए।
नमाज़-ए-जनाज़ा व दफ़्न
मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम हाजी अब्दुल गफ़ूर साहब की नमाज़-ए-जनाज़ा व तदफ़ीन शुक्रवार, बा-तारीख़ 18 सितंबर 2026 को सुबह 9:00 बजे,
बूढेडा, थाना बिनौली, जिला बागपत, उत्तर प्रदेश के कब्रिस्तान में की जाएगी।
तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि अगर मुमकिन हो तो जनाज़े में शरीक होकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और सोगवार ख़ानदान के ग़म में शरीक हों।
दफ़्न और क़ब्र में उतारते वक़्त दुआ
जब मरहूम को क़ब्र में उतारा जाए तो दुआ की जाए:
«بِسْمِ اللّٰهِ وَعَلَىٰ مِلَّةِ رَسُولِ اللّٰهِ ﷺ»
तर्जुमा: “अल्लाह के नाम से और अल्लाह के रसूल ﷺ की मिल्लत पर।”
क़ब्र में रखने के बाद मरहूम के लिए मग़फ़िरत, साबित-क़दमी और रहमत की दुआ की जाए:
ऐ अल्लाह! हमारे इस मरहूम बंदे को माफ़ फ़रमा, उस पर रहम फ़रमा, उसकी क़ब्र को रोशन और कुशादा फ़रमा, उसे सवालात-ए-क़ब्र में साबित-क़दम रख और उसकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
मिट्टी देते वक़्त
क़ब्र पर मिट्टी डालते हुए यह आयत पढ़ी जाती है:
«مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَىٰ»
तर्जुमा: “हमने तुम्हें इसी मिट्टी से पैदा किया, इसी में तुम्हें वापस लौटाएँगे और इसी से दोबारा तुम्हें निकालेंगे।”
मिट्टी देने के बाद तमाम हज़रात मरहूम के लिए दिल से दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और उनके दर्जात की बुलंदी की दुआ करें।
मरहूम के लिए ख़ास दुआ
या अल्लाह! हाजी अब्दुल गफ़ूर साहब की मग़फ़िरत फ़रमा। उनकी तमाम ख़ताओं, गुनाहों और कोताहियों को अपने फ़ज़्ल-ओ-करम से माफ़ फ़रमा। उनके दरजात बुलंद फ़रमा। उनकी क़ब्र को नूर से भर दे, उसे वसीअ और रौशन फ़रमा। क़ब्र की तन्हाई को अपनी रहमत से दूर फ़रमा। उन्हें सवालात-ए-क़ब्र में कामयाबी अता फ़रमा। उनके लिए जन्नत के दरवाज़े खोल दे और उन्हें जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।
या रब्बुल आलमीन! उनके नेक आमाल को क़ुबूल फ़रमा, उनकी लग़ज़िशों से दरगुज़र फ़रमा और उन्हें अपने महबूब हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शफ़ाअत नसीब फ़रमा।
ऐ अल्लाह! मरहूम के तमाम सोगवारों, अहले-ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और दोस्त-अहबाब को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा। इस सदमे को उनके लिए सब्र और अज्र का ज़रिया बना।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
राब्ता बराए मज़ीद मालूमात
मैय्यत के सिलसिले में और अधिक जानकारी के लिए मरहूम के रिश्तेदारों से इन नंबरों पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है:
📞 9988178695
📞 9411907263
📞 9356520013
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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