हाजी सलीम साहब के फरज़ंद जावेद मिर्ज़ा का दर्दनाक हादसे में मौक़े पर ही इंतिक़ाल, बिरादरान-ए-मुल्तानी ने किया गहरे रंज-ओ-ग़म का इज़हार
छपरौली/बड़ौत (बागपत), 19 सितंबर 2026।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और दिल-फ़िगार करने वाली इत्तिला के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार, बढ़ई बिरादराना हज़रात को सूचित किया जाता है कि जनाब हाजी सलीम साहब वल्द हाजी वली हसन साहब (मरहूम), निवासी क़स्बा छपरौली, तहसील बड़ौत, ज़िला बागपत, उत्तर प्रदेश तथा हाल निवासी स्वरूप नगर, दिल्ली के फरज़ंद-ए-अज़ीज़ जनाब जावेद मिर्ज़ा, उम्र तक़रीबन 42 साल, आज दिन शनिवार, 19 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार होकर इस दार-ए-फ़ानी से कूच कर गए।
मिली जानकारी के मुताबिक़ जावेद मिर्ज़ा अपने वालिद-ए-मुहतरम हाजी सलीम साहब के साथ मोटरसाइकिल पर किसी ज़रूरी काम के सिलसिले में जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक हुए सड़क हादसे में जावेद मिर्ज़ा को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौक़ा-ए-वारदात पर ही क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल फ़रमा लिया।इस दर्दनाक हादसे की ख़बर जैसे ही उनके अज़ीज़ो-अक़ारिब, दोस्तों और बिरादराना हज़रात तक पहुँची, हर तरफ़ ग़म और अफ़सोस की लहर दौड़ गई। एक जवान और परिवार के अज़ीज़ फ़र्द का इस तरह अचानक दुनिया से रुख़्सत हो जाना निश्चित रूप से उनके अहल-ए-ख़ाना के लिए बेहद तकलीफ़देह और सदमा-ए-अज़ीम है।
अल्लाह पाक मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए
हम तमाम अहल-ए-बिरादरी की जानिब से जनाब हाजी सलीम साहब और तमाम पसमान्दगान-ए-मरहूम की ख़िदमत में दिल की गहराइयों से ताज़ियत और पुरसा पेश करते हैं।अल्लाह रब्बुल-आलमीन मरहूम जावेद मिर्ज़ा की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों से दरगुज़र फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के सफ़र को आसान फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए।
या अल्लाह! जब मरहूम को कब्र में उतारा जाए और मिट्टी दी जाए तो अपनी रहमत के साये में उन्हें जगह अता फ़रमा। उनकी तन्हाई को अपनी रहमत से दूर फ़रमा, उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे और सवाल-ए-क़ब्र में आसानी अता फ़रमा।
अल्लाह तआला उनके वालिद-ए-मुहतरम हाजी सलीम साहब, तमाम घरवालों, अज़ीज़ो-अक़ारिब और पसमान्दगान को यह सदमा बर्दाश्त करने की हिम्मत और सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए तथा मरहूम के लिए सदक़ा-ए-जारीया बनने वाले नेक अमल की तौफ़ीक़ दे।
आमीन या रब्बुल-आलमीन।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
हर जान को मौत का मज़ा चखना है।
दफ़्न का वक़्त बाद में बताया जाएगा
तमाम अहल-ए-बिरादरी से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और पसमान्दगान के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ करें।
अपनी ख़बर हम तक पहुँचाएँ
अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया (प्रकाशित) या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।📞 9410652990
📞 8010884848
आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।
"मुल्तानी समाज"
अपनी बिरादरी की आवाज़ — अपनी पहचान
_*ख़बर अपडेट*_
हादसे में मुहम्मद जावेद का दर्दनाक इंतकाल, मुल्तानी बिरादरी में पसरा ग़म
गौरीपुर निवासी हाजी सहीनू उर्फ मुहम्मद सलीम के 42 वर्षीय बेटे का हादसे में इंतकाल
बागपत। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि मुस्लिम मुल्तानी लौहार बढ़ई बिरादरी, गौरीपुर, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) निवासी हाजी सहीनू उर्फ मुहम्मद सलीम (छपरौली वाले) के बड़े बेटे मुहम्मद जावेद, उम्र लगभग 42 वर्ष, का आज 19 सितंबर 2026, शनिवार को एक दर्दनाक हादसे के कारण इंतकाल हो गया।
तीन भाइयों में से एक के बिछड़ने से परिवार सदमे में
गौरतलब है कि हाजी मुहम्मद सलीम के तीन बेटे मुहम्मद सुहेल, मुहम्मद शुएब और मुहम्मद जावेद थे। मुहम्मद जावेद के अचानक इंतकाल से उनके दोनों भाइयों सहित पूरा परिवार गहरे सदमे और ग़म में है।
परिवार के लिए यह सदमा और भी बेहद दर्दनाक है कि हाजी मुहम्मद सलीम पहले से ही पैर से माज़ूर हैं, और अब जवान बेटे के इंतकाल का पहाड़ जैसा ग़म उनके सामने है। इस कठिन घड़ी में अल्लाह तआला ही परिवार को सब्र और इस सदमे को बर्दाश्त करने की ताकत अता फरमा सकता है।
पहले बेटी का भी हो चुका है इंतकाल
बताया गया है कि मरहूम मुहम्मद जावेद की एक बेटी का भी लगभग 5-6 वर्ष पूर्व इंतकाल हो चुका है। मरहूम अपने पीछे दो बेटे मुहम्मद तकी और मुहम्मद ज़ैद छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।रिश्तेदारी के लिहाज़ से भी अहम संबंध
मरहूम मुहम्मद जावेद, मुहम्मद आरिफ ढिकाना वाले के सगे बहनोई थे। वहीं वे अंजुमन के पूर्व सदर हाजी अय्यूब नंगला वाले के सगे भांजे भी बताए गए हैं।
20 सितंबर को होगा सुपुर्द-ए-ख़ाक
मिली जानकारी के मुताबिक मरहूम मुहम्मद जावेद की नमाज़-ए-जनाज़ा एवं सुपुर्द-ए-ख़ाक की कार्रवाई रविवार, 20 सितंबर 2026 को दोपहर 02 बजे गौरीपुर निवाड़ा, जिला बागपत स्थित कलेक्ट्रेट के पास वाले कब्रिस्तान में की जाएगी।
तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाकर मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत करें और ग़मज़दा परिवार से ताज़ियत करें।
मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फिरत
हम अल्लाह रब्बुल आलमीन की बारगाह में दुआ करते हैं कि अल्लाह तआला मरहूम मुहम्मद जावेद की मग़फिरत फरमाए, उनकी कब्र को नूर से भर दे, उन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता फरमाए और उनके तमाम ग़मज़दा परिजनों को सब्र-ए-जमील अता फरमाए।आमीन सुम्मा आमीन।
राब्ते के लिए
हाजी अय्यूब नंगला वाले: 8923993396
सुहेल, पुत्र हाजी अय्यूब: 8077319070
मुहम्मद आरिफ ढिकाना: 8923247848
No comments:
Post a Comment