Monday, October 26, 2026

रुड़की में मोहम्मद रिहान और ज़ैनब रज़ा की दावत-ए-वलीमा की पुरवक़ार तक़रीब, बिरादरी की मुमताज़ शख़्सियात ने की शिरकत

हाजी नूर मोहम्मद साहब स्टेयरिंग वाले, जफ़र मिर्ज़ा, हाजी नसीम अहमद, वसीम अहमद, इनाम अहमद और इक़बाल डीलर समेत बिरादरी की जानी-मानी हस्तियों ने दूल्हा-दुल्हन को दी मुबारकबाद, ख़ुशहाल ज़िंदगी के लिए कीं नेक दुआएँ

रुड़की, उत्तराखंड | मुल्तानी समाज | उत्तराखंड डेस्क

अली हसन मुल्तानी की ख़ास रिपोर्ट

रुड़की। मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी में शादी-ब्याह की तक़रीबात आपसी मोहब्बत, भाईचारे, ख़ुलूस और बिरादराना इत्तेहाद की ख़ूबसूरत मिसाल पेश करती हैं। इसी सिलसिले में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के रुड़की में मोहम्मद रिहान और ज़ैनब रज़ा की दावत-ए-वलीमा की पुरमसर्रत तक़रीब का एहतिमाम किया गया। इस मुबारक मौक़े पर बिरादरी की जानी-मानी शख़्सियात, बुज़ुर्गों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब ने शिरकत करके दोनों ख़ानदानों को दिली मुबारकबाद पेश की और नवदंपति की ख़ुशहाल ज़िंदगी के लिए नेक दुआएँ कीं।

शशी गार्डन (राज़ महल होटल) में सजी वलीमे की महफ़िल

शादी के दावतनामे के मुताबिक, दावत-ए-वलीमा की तक़रीब शशी गार्डन (राज़ महल होटल), देहरादून रोड, रुड़की, उत्तराखंड में आयोजित की गई। दावतनामे में खाने का वक़्त शाम 7 बजे दर्ज था।

इस ख़ुशनुमा मौक़े पर रिश्तेदारों, दोस्तों और बिरादरी के लोगों ने शिरकत करके दूल्हा-दुल्हन और उनके अहल-ए-ख़ाना की ख़ुशियों में हिस्सा लिया। तक़रीब के दौरान आपसी मोहब्बत, अपनाइयत और भाईचारे का माहौल रहा। हाज़िरीन ने नवदंपति को मुबारकबाद पेश करते हुए उनके मुस्तक़बिल के लिए नेक ख़्वाहिशात का इज़हार किया।

ज़मीर आलम समेत बिरादरी की अज़ीम शख़्सियात की शिरकत

इस पुरवक़ार तक़रीब में मुल्तानी समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के फ़ाउंडर ज़मीर आलम, खजांची हाजी नूर मोहम्मद साहब स्टेयरिंग वाले, जफ़र मिर्ज़ा, हाजी नसीम अहमद, वसीम अहमद, इनाम अहमद और इक़बाल डीलर समेत बिरादरी की जानी-मानी हस्तियाँ मौजूद रहीं।

तमाम हज़रात ने दूल्हा-दुल्हन को शादी की दिली मुबारकबाद पेश की और उनके लिए ख़ैर-ओ-बरकत की दुआएँ कीं। बिरादरी की इन मुमताज़ शख़्सियात की मौजूदगी ने तक़रीब को और भी ख़ुशनुमा बनाया।

ऐसी सामाजिक तक़रीबात बिरादरी के लोगों को एक-दूसरे के क़रीब लाने, आपसी ताल्लुक़ात को मज़बूत करने और ख़ुशी व ग़म के मौक़ों पर एक-दूसरे का साथ निभाने का पैग़ाम देती हैं। बुज़ुर्गों की दुआएँ और अज़ीज़ों की मोहब्बत किसी भी ख़ानदानी ख़ुशी को यादगार बना देती हैं।

मोहम्मद रिहान और ज़ैनब रज़ा के निकाह की ख़ुशियाँ

शादी के दावतनामे में दर्ज तफ़सील के मुताबिक, दूल्हे मोहम्मद रिहान, मोहम्मद शकील अहमद के बेटे और मरहूम अब्दुल लतीफ़ के पोते हैं, जबकि दुल्हन ज़ैनब रज़ा, मरहूम मोहम्मद यूसुफ़ की बेटी हैं और मेरठ, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक़ रखती हैं।

दोनों ख़ानदानों के लिए यह मौक़ा ख़ुशी, नई उम्मीदों और ज़िंदगी के एक नए सफ़र का आग़ाज़ है। दावत-ए-वलीमा की इस तक़रीब में बिरादरी की शख़्सियात ने नवदंपति के लिए नेक ख़्वाहिशात पेश करते हुए दुआ की कि अल्लाह तआला उनके रिश्ते को मोहब्बत, भरोसे, इज़्ज़त और सुकून से भर दे।

इस्लामी तालीमात में निकाह को एक पाकीज़ा रिश्ता और ज़िम्मेदारी भरा अहद माना गया है। मियाँ-बीवी के दरमियान मोहब्बत, रहमत, एक-दूसरे के हुक़ूक़ की अदायगी और मुश्किल व आसान वक़्त में साथ निभाना ख़ुशहाल ज़िंदगी की बुनियाद है।

नवदंपति के लिए ख़ुसूसी दुआ

रसूलुल्लाह ﷺ से निकाह के मौक़े पर सिखाई गई मुबारक दुआ है:

بَارَكَ اللَّهُ لَكَ، وَبَارَكَ عَلَيْكَ، وَجَمَعَ بَيْنَكُمَا فِي خَيْرٍ

तर्जुमा: अल्लाह तआला तुम्हारे लिए बरकत अता फ़रमाए, तुम पर अपनी बरकतें नाज़िल करे और तुम दोनों को भलाई के साथ एक-दूसरे के साथ रखे।

दुआ है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त वलीद रिहान और ज़ैनब रज़ा की ज़िंदगी को रहमतों, बरकतों और ख़ुशियों से भर दे। दोनों के दरमियान हमेशा मोहब्बत, वफ़ादारी, एहतराम और हमदर्दी क़ायम रखे। उन्हें एक-दूसरे के लिए सुकून और राहत का ज़रिया बनाए, उनके घर को ख़ुशहाल रखे और दोनों ख़ानदानों के दरमियान हमेशा प्यार व इत्तेफ़ाक़ बाक़ी रखे।

आमीन या रब्बुल आलमीन।

मुल्तानी समाज की जानिब से वलीद रिहान और ज़ैनब रज़ा तथा दोनों ख़ानदानों को शादी की पुरख़ुलूस मुबारकबाद पेश की जाती है।


मुल्तानी समाज — अपनी बिरादरी की आवाज़, अपनी पहचान

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल।

उत्तराखंड डेस्क से अली हसन मुल्तानी की ख़ास रिपोर्ट।

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