Tuesday, December 31, 2024

शामली में रालोद विधायक अशरफ अली खान के किले पर भी अब लगी नज़र, हिन्दू किला बताकर ठोका दावा

शामली। संभल के बाद अब उत्तर प्रदेश के शामली में भी जलालाबाद कस्बे के मनहार खेड़ा किले को लेकर राजपूत समाज के लोगों ने दावा किया है। राष्ट्रीय लोकदल से थानाभवन विधायक अशरफ अली के पैतृक आवास को राजपूत समाज के लोगों ने मनहार खेड़ा किला बता मुख्यमंत्री व पुरातत्व विभाग को एक लेटर भेजा था, जिसके आधार पर पुरातत्व विभाग को जनपद के प्रशासन ने रिपोर्ट भेज दी है।

मामला जनपद शामली के कस्बा जलालाबाद का है। यहां पर राष्ट्रीय लोकदल के थानाभवन से विधायक अशरफ अली का आवास है, जो कि पूरा आवास एक किले के अंदर बना हुआ है। इस किले को लेकर अब विवाद हो गया है, राजपूत समाज के लोगों ने इस किले को मनहार खेड़ा किला नाम देकर दो कुछ माह पूर्व पुरातत्व विभाग व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत की थी, जिस शिकायत पर शामली प्रशासन ने रिपोर्ट लगाकर सरकार व पुरातत्व विभाग को भेज दी है।

शिकायतकर्ता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जलालाबाद पहले मनहर खेड़ा था, यहां मेरे पूर्वजों का शासन रहा है, 1690 में जलाल खान ने इस पर कब्जा करके मेरे पूर्वजों को दावत में जहर दे दिया था यहां पर रानियां व छोटी-छोटी बच्चियों ने जल-जौहर किया था। बूढ़े व बच्चे सब मार दिए गए थे, यह नगर महाभारत कालीन नगर है।

यहां पांडवों ने अज्ञातवास में समय काटा है। यहां आचार्य धुमय का आश्रम भी रहा है। यह किला अति प्राचीन किला है। यहां पर सन 1350 में राजा धारु रहे, उसके बाद करमचंद राजा रहे, करमचंद के 7 बेटे हुए। जिन्होंने यहां आसपास 12 गांव बसाए, जो आज भी मौजूद है। उनके बाद उदयभान सिंह इनकी गद्दी पर बैठे।

इसके बाद उनके बेटे बिहारी सिंह, चंद्रभान सिंह, सरदार सिंह, भिक्क्न सिंह और गोपाल सिंह हुए। गोपाल सिंह के शासनकाल में ही जलालाबाद के उनके किले पर जलाल खान ने कब्जा कर लिया। मैं राजा गोपाल सिंह की 16वीं पीढ़ी का वंशज हूं, हमने प्रमाण लगाकर माननीय मुख्यमंत्री व पुरातत्व विभाग को प्रमाण सहित शिकायत की थी। इसी प्रमाण के आधार पर विभाग ने सर्वे किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सर्वे रिपोर्ट ने इसका दर्ज किया है, इसके सभी कागजात एसडीएम व डीएम साहब को दे दिए गए हैं। हम प्रतीक्षा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री व पुरातत्व विभाग इस किले का संरक्षण करें। 1868 में अशरफ अली खान के पूर्वजों ने सहारनपुर की कोर्ट में दावा किया था, जो खारिज हो गया था।

जिसमें उन्होंने दुकानों, मकान, मंदिरों, सरोवरों व अन्य स्थानों पर जो भी कार्य करेगा उसकी एवज में टैक्स दिलाए जाने की मांग की थी। जजो ने इसको खारिज कर दिया था और कहा था कि हिंदुओं के किसी भी धार्मिक स्थल पर आपका कोई अधिकार नहीं है।  आपके यहां बसने से पूर्व यहां पर हिंदू आबादी निवास करती थी। भानु प्रताप सिंह ने कहा कि हमारी मांग यदि पूरी नहीं होती है तो, हम योजना बनाकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

इस मामले में एसडीएम सदर हामिद हुसैन ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग से एक रिपोर्ट मंगाई गई थी, नक्शा व रेवेन्यू रिकॉर्ड भेजा गया है। आगे की कार्रवाई जो होगी वह देखेंगे। अभी कोई लेटर नहीं आया है, वह जमीन आबादी का नंबर है, उसमें किसी की पैतृक संपत्ति या किसी अन्य किले का इंद्राज नहीं है, अब जब कोई मामला आएगा तो फिर सभी पक्ष देखे जाएंगे। अभी केवल रिकॉर्ड मंगाया गया है, कागज की कोई बात नही हुई।
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Monday, December 30, 2024

बड़ौत से बिरादरी के लिए बेहद गमगीन खबर

खबर इंतेकाल - मुस्लिम मुल्तानी लोहार बढ़ई बिरादरी के अलीहसन साहब वल्द जनाब मौजूद्दीन साहब माजरे वाले हाल बाशिंदा 20 फुटा रोड पठान कोट बड़ौत , जिला बागपत, उत्तर प्रदेश का आज तारीख 31 दिसंबर 2024 दिन मंगल को लंबी बिमारी के चलते  सुबह 9 बजे दिल्ली के अस्पताल में इंतेकाल होने की खबर मिली है । अल्लाह की ऐसी ही मर्ज़ी थी  इन्नालिल्लाहि व इन्नाइलैइहि राजिऊन । बड़ौत में मय्यत आने का अभी तक सही पता नहीं चला है । मय्यत आने पर बड़का रोड बड़ौत के कब्रिस्तान में जनाजे को दफ़नाया जायेगा । हमारी दुआ हे कि अल्लाह मरहूम को जन्नतुल फ़िरदौस में आला जगह अता फरमाएं । आमीन ।
नोट 🚫 जनाजे की नमाज़ बाद असर फूंस वाली मस्जिद में होगी इंशा अल्लाह और सुपुर्दे खाक गोरे गरीबा क़ब्रिस्तान हीरोज स्कूल के सामने होगी
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सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करना समय की जरूरत मुल्तानी लोहार मिर्जा यूनिट गंगोह

महताब आलम गंगोह सहारनपुर लियाकत पहलवान दूध वाले के यहां कोटला में मुल्तानी लुहार मिर्जा की एक मीटिंग हुई जिसमें बिरादरी के जिम्मेदार लोगों ने एक आवाज में कहा आने वाला साल 2025 बुराई पर अच्छाई का प्रतीक* *होना चाहिए जाता हुआ साल पर्व जो देश के कोने कोने में धूमधाम से मनाया जाता है और इस आने वाले नाए साल से हमें अल्लाह के बताए हुए रास्ते पर चलने और मोहम्मद साहब  के आदर्श पर चलने की प्रेरणा मिलती है हम सभी को अच्छाई के मार्ग पर चलते हुए हर बुराई को खत्म* *करने के लिए मोहम्मद साहब के आदर्शो का पालन करना होगा यह  बात उपनगर अध्यक्ष* *सदाकत मुल्तानी मिर्जा ने कही*
*उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अनेक सामाजिक बुराइयां समाज को अंदर ही अंदरखोखला कर रही हैं मौजूदा समय में दहेज फाजुल खर्ची सटटा अशिक्षा रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार नशा आदि के अलावा अनेक सामाजिक बुराइयां* *समाज पर हावी हो रही हैं  इन बुराइयों का जड़ से खात्मा करना समय की जरूरत है हमारी बिरादरी आने वाले नए साल पर  इन सभी *सामाजिक बुराइयों को खत्म* *करने का संकल्प लें क्योंकि वर्तमान समय में ऐसी सामाजिक बुराइयां बिरादरी की की उन्नति और खुशहाली में बहुत बड़ी बाधा के रूप में साबित हो रही हैं वही मोहम्मद शाहिद मुल्तानी सचिव  ने कहा कि आज बिरादरी के हर आदमी  को इन बुराइयों के खात्मे के प्रति खुद भी आगे आना होगा* *और दूसरों को भी इसके प्रति जागृत करना होगा बिरादरी के लोगों ने अपनी जिम्मेदारों की बातों को गौर से सुन उन पर चलने का यकीन दिलाया उसके बाद खजांची अकरम मुल्तानी लियाकत मुल्तानी सर परस्त मोहम्मद शमीम मुल्तानी सर परस्त ने बिरादरी के पद अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए जो पदाधिकारी नियुक्त किए गए वो इस प्रकार हैं मोहम्मद नसीम मुल्तानी मेंबर ताहिर मुल्तानी मेंबर शकील अहमद मुल्तानी मेंबर मोहम्मद इकबाल मुल्तानी मेंबर ये आरिफ अहमद मुल्तानी मेंबर मोहम्मद सलीम मुल्तानी मेंबर मोहम्मद दिलशाद मुल्तानी मेंबर मोहम्मद अजीम मुल्तानी मेंबर मोहम्मद शाहिद मुल्तानी सचिव मोहम्मद इरफान शरीफ मुल्तानी सचिव मोहम्मद मुंनसाद मुल्तानी महासचिव मोहम्मद लियाकत पहलवान मुल्तानी सर परस्त मोहम्मद शमीम मुल्तानी सर परस्त मोहम्मद सदाकत मुल्तानी उप नगर अध्यक्ष मोहम्मद अकरम सद्दिक मुल्तानी खजांची मोहम्मद शराफत मुल्तानी खजांची मोहम्मद शाहिद मुल्तानी कानूनी सलाहकार मोहम्मद शहजाद मुल्तानी संगठन सचिव नगर अध्यक्ष के अलावा मीटिंग में  बिरादरी के अच्छी तादाद में लोग मौजूद रहे! मुल्तानी समाज न्यूज गंगोह, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से पत्रकार महताब आलम मुल्तानी की रिपोर्ट 
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Thursday, December 26, 2024

बिरादरी के लिए खतौली से ग़मगीन ख़बर

खाइखेड़ी वाले मोबीन साहब हाल निवासी सरधना वालो 
के पौते और जावेद के बड़े बेटे जोकि ( खतौली जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, काजी गार्डन के बराबर में रहते हैं ) के लड़के मोनिस उम्र करीब 22 साल का आज बा तारीख 26 दिसंबर 2024 दिन जुमेरात को खतौली मे इन्तेकाल हो गया है। यह बच्चा कई साल से बड़ी बीमारी ( कैंसर) से जूझ रहा थादुआ फरमाए अल्लाह उनकी मगफिरत फरमाए घरवालों को सब्र अता फरमाए आमीन,ज़नाज़े की नमाज़ असर मे मस्जिद एक मिनारा बुढ़ाना रोड खतौली मे होगी इंशाअल्लाह, नमाज़ का वक्त 4:15 बजे

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Wednesday, December 25, 2024

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से बिरादरी के लिए दुःख भरी ख़बर

 सभी हज़रत को ये इत्तला दी जाती है कि हाजी सलीम (इन्टो वाले) खाता खेड़ी सहारनपुर, की वालिदा का आज बा तारीख़ 25 दिसंबर 2024 बरोज बुध को इंतेक़ाल हो गया है 
     इन्ना लिल्लाहि वा इन्ना इलैहि रजियुन
अल्लाह ताला उनको जन्नतुल फिरदौस में आला मकाम अता फरमायें और उनके परिवार वालो को सब्र ए जमील से नवाजे।
   इनकी नमाज ए जनाज़ा बाद नमाज़ ए असर फैसल मस्जिद में होगी इंशाअल्लाह 
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Tuesday, December 24, 2024

संगठन में शक्ति

एक बार हाथ की पाँचों उंगलियों में आपस में झगड़ा हो गया। वे पाँचों खुद को एक दूसरे से बड़ा सिद्ध करने की कोशिश में लगे थे। अंगूठा बोला कि मैं सबसे बड़ा हूँ, उसके पास वाली उंगली बोली मैं सबसे बड़ी हूँ। इसी तरह सारे खुद को बड़ा सिद्ध करने में लगे थे, जब निर्णय नहीं हो पाया तो वे सब अदालत में गये।

न्यायाधीश ने सारा माजरा सुना और उन पाँचों से बोला कि आप लोग सिद्ध करो की कैसे तुम सबसे बड़े हो? अंगूठा बोला मैं सबसे ज़्यादा पढ़ा लिखा हूँ क्योंकि लोग मुझे हस्ताक्षर के स्थान पर प्रयोग करते हैं।

पास वाली उंगली बोली कि लोग मुझे किसी इंसान की पहचान के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। उसके पास वाली उंगली ने कहा कि आप लोगों ने मुझे नापा नहीं अन्यथा मैं ही सबसे बड़ी हूँ। उसके पास वाली उंगली बोली मैं सबसे ज़्यादा अमीर हूँ क्योंकि लोग हीरे और जवाहरात और अंगूठी मुझी में पहनते हैं। इसी तरह सभी ने अपनी अलग अलग प्रशंशा की।

न्यायाधीश ने अब एक रसगुल्ला मँगाया और अंगूठे से कहा कि इसे उठाओ, अंगूठे ने भरपूर ज़ोर लगाया लेकिन रसगुल्ले को नहीं उठा सका।  इसके बाद सारी उंगलियों ने एक-एक करके कोशिश की लेकिन सभी विफल रहे।

अंत में न्यायाधीश ने सबको मिलकर रसगुल्ला उठाने का आदेश दिया तो झट से सबने मिलकर रसगुल्ला उठा दिया - फ़ैसला हो चुका था, न्यायाधीश ने फ़ैसला सुनाया कि तुम सभी एक दूसरे के बिना अधूरे हो और अकेले रहकर तुम्हारी शक्ति का कोई अस्तित्व नहीं है, जबकि संगठित रहकर तुम कठिन से कठिन काम आसानी से कर सकते हो।

*शिक्षा:-*
तो मित्रों, संगठन में बहुत शक्ति होती है। यही इस कहानी की शिक्षा है। एक अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता।

*सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।*
*जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।*
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बच्चों के लिए सच्ची विरासत

इंसान की जिंदगी एक अमानत है, और यह अमानत न केवल उसके जीवन तक सीमित है, बल्कि उसकी औलाद के जरिए भी आगे बढ़ती है। यह एक कड़वी सच्चाई है कि हम अक्सर अपनी औलाद के लिए बड़ी संपत्ति, आलीशान घर, और दुनियावी आराम की चीजें छोड़ने की कोशिश करते हैं। 
     लेकिन असल सवाल यह है कि क्या यह सब उनकी सच्ची भलाई के लिए काफी है?
इस्लाम हमें यह सिखाता है कि बच्चों के लिए सबसे बड़ी विरासत उनकी सही तर्बियत और अच्छे संस्कार हैं।*
 *नबी मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया:*
"इंसान की मौत के बाद उसके अमल का सिलसिला खत्म हो जाता है, सिवाय तीन चीजों के: सदक़ा-ए-जारीया, ऐसा इल्म जिससे लोग फायदा उठाएं, और नेक औलाद जो उसके लिए दुआ करे।"*
(सहीह मुस्लिम, हदीस: 1631)

यह हदीस इस बात पर जोर देती है कि इंसान की असल पूंजी उसकी औलाद है, लेकिन वह औलाद जो नेक, इंसानियत से भरपूर और दूसरों की भलाई के लिए जीने वाली हो।

अगर हम अपने बच्चों को सिर्फ दुनियावी माल और दौलत देकर जाएं, लेकिन उन्हें अच्छे और बुरे का फर्क सिखाने में नाकाम रहें, तो यह दौलत उनके लिए नुकसानदेह हो सकती है। 
      दौलत अगर गलत हाथों में चली जाए, तो वह समाज में फसाद और भ्रष्टाचार का कारण बनती है। लेकिन अगर एक बच्चा तालीम, अदब और इंसानियत से लैस हो, तो वह न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए रहमत बन सकता है।

पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया:
"हर एक तुम में एक चरवाहा है, और हर एक से उसकी जिम्मेदारी के बारे में पूछा जाएगा।"
(सहीह बुखारी, हदीस: 893)

यह हदीस माता-पिता पर यह जिम्मेदारी डालती है कि वे अपने बच्चों की न केवल शारीरिक और आर्थिक जरूरतों का ख्याल रखें, बल्कि उनकी नैतिक और आध्यात्मिक परवरिश का भी ध्यान रखें।

एक बेहतर औलाद वही है जो समाज में भेदभाव, नफरत, और साम्प्रदायिकता से दूर रहे। उनकी सोच इंसानियत के दर्द से भरी हो और उनका मकसद हर हालत में दूसरों की भलाई करना हो।* हमें अपने बच्चों को यह सिखाना चाहिए कि धर्म या जाति के आधार पर लोगों को बांटना इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है।

*आज सोसल मीडिया के दौर में छोटे छोटे बच्चों के दिमाग में साम्प्रदायिकता का जहर भर रहा है, जो उनके भविष्य और देश के भविष्य दोनों के लिए घातक है, हमें हर रोज अपने बच्चों को बिठाकर उनसे नसीहत पूर्ण बात करनी चाहिए, उनका उठना बैठना और दोस्ती किन लोगों के साथ मालुम करना चाहिए, और उनका दिन कैसा गुजरा दिन में कौन सा काम इंसानियत की भलाई के लिए किया मालुम करना चाहिए।*

हम सबका पालनहार कुरान में फरमाता हैं...
"निस्संदेह, सबसे सम्मानित तुम में से वह है जो सबसे ज्यादा मुत्तकी (परहेज़गार) है।"
(सूरह अल-हुजुरात: 13)

यह आयत बताती है कि इंसान की पहचान उसकी तक़वा सदाचार और उसके अच्छे कर्मों से है, न कि उसकी जाति, रंग या धर्म से।

अगर हम अपने बच्चों को सही तालीम दें, उन्हें इंसानियत, न्याय और नैतिकता का पैरोकार बनाएं, तो यह हमारे लिए सच्ची विरासत होगी। ऐसा बच्चा दुनिया में जहां भी जाएगा, वह अच्छाई और भलाई का स्रोत बनेगा।

"बच्चों को माल-असबाब से बढ़कर नेक सोच दें। क्योंकि सही सोच के साथ वह हर परिस्थिति में खुद को संभाल सकते हैं, लेकिन गलत सोच के साथ सारी संपत्ति भी उनके काम नहीं आएगी।

तो आइए, हम यह इरादा करें कि अपनी औलाद को बेहतर दुनिया छोड़ने के बजाय, दुनिया के लिए बेहतर इंसान बनाकर छोड़ें। ऐसे इंसान जो समाज के दर्द को समझें, जो अमन और भलाई के रास्ते पर चलें, और जो दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने में अपना योगदान दें। यही वह सच्ची विरासत है जो न केवल हमारे बच्चों बल्कि पूरी मानवता के लिए एक रहमत बन सकती है।
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