सियाना, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म, अफ़सोस और दिली सदमे के साथ तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि क़स्बा सियाना, ज़िला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के साकिन जनाब इशाक़ साहब वल्द जनाब हकीमुद्दीन साहब, उम्र तक़रीबन 70 साल, का आज दिन जुमेरात, बा-तारीख़ 29 अक्टूबर 2026 को क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया है।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूम के इंतिक़ाल की ख़बर से अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और तमाम बिरादराना हज़रात में ग़म और अफ़सोस की लहर दौड़ गई है। दुनिया की ज़िंदगी फ़ानी है और हर जानदार को एक दिन अपने रब की तरफ़ लौटकर जाना है। मगर किसी अपने का बिछड़ जाना दिल को ग़मगीन कर देता है और उसकी कमी हमेशा महसूस होती है।
इस ग़मगीन मौक़े पर मुल्तानी समाज राष्ट्रीय समाचार पत्रिका की पूरी टीम मरहूम के अहल-ए-ख़ाना, फ़र्ज़ंद, रिश्तेदारों और तमाम अज़ीज़-ओ-अक़ारिब के साथ दिली ताज़ियत का इज़हार करती है और बारगाह-ए-इलाही में दस्त-ब-दुआ है कि अल्लाह तआला मरहूम की कामिल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी ख़ताओं और कोताहियों से दरगुज़र फ़रमाए और उन्हें अपनी बेपनाह रहमतों के साये में जगह अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।
🕊️ नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन की इत्तिला
मिली जानकारी के मुताबिक़, मरहूम जनाब इशाक़ साहब की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़-ए-ईशा अदा की जाएगी और इसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
तमाम मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादराना हज़रात से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि इस ग़म की घड़ी में मरहूम के जनाज़े में शरीक होकर नमाज़-ए-जनाज़ा अदा करें, उनके हक़ में मग़फ़िरत की दुआ करें और अहल-ए-ख़ाना के ग़म में शरीक होकर उन्हें सब्र-ओ-तसल्ली दें। जनाज़े में शिरकत करना मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत और पीछे रह जाने वालों के लिए दिलजोई का ज़रिया है।
🤲 मरहूम की मग़फ़िरत के लिए दुआ
अल्लाहुम्मग़फ़िर लहू वरहम्हू व आफ़िहि वअफ़ु अन्हु।
ऐ अल्लाह! मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमा, उन पर रहम फ़रमा, उन्हें आफ़ियत अता फ़रमा और उनसे दरगुज़र फ़रमा।
ऐ अल्लाह! मरहूम की क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे। उनकी क़ब्र को कुशादा फ़रमा, उसमें राहत और सुकून अता फ़रमा और उसे अज़ाब-ए-क़ब्र से महफ़ूज़ फ़रमा।
ऐ रब्बे करीम! जब मरहूम को क़ब्र में उतारा जाए, तो अपनी रहमत से उन्हें तन्हाई और वहशत से महफ़ूज़ रखना। क़ब्र के हर मरहले में उन पर रहम फ़रमाना और उनकी मंज़िलें आसान फ़रमाना। उनकी नेकियों को क़ुबूल फ़रमा, गुनाहों को माफ़ फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।
ऐ अल्लाह! जब उनके चाहने वाले उन पर मिट्टी डालें और नम आँखों से वापस लौटें, तो उस वक़्त भी अपनी रहमत से उन्हें महरूम न फ़रमाना। उनके लिए क़ब्र को सुकून, नूर और राहत का ठिकाना बना देना।
ऐ अल्लाह! मरहूम के फ़र्ज़ंद जनाब फुरक़ान मिर्ज़ा समेत तमाम अहल-ए-ख़ाना, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और चाहने वालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा। उनके दिलों को सुकून दे, इस सदमे को बर्दाश्त करने की ताक़त अता फ़रमा और उन्हें अपने फ़ज़्ल-ओ-करम से अज्र-ए-अज़ीम नसीब फ़रमा।
आमीन सुम्मा आमीन, या रब्बुल आलमीन।
📞 जनाज़े और तदफ़ीन के सिलसिले में राब्ता
मरहूम के जनाज़े, नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन के सिलसिले में मजीद मालूमात हासिल करने के लिए उनके फ़र्ज़ंद जनाब फुरक़ान मिर्ज़ा से नीचे दिए गए मोबाइल नंबर पर राब्ता क़ायम किया जा सकता है।
मोबाइल नंबर: 9917157863
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत तथा मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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अल्लाह तआला मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील नसीब फ़रमाए। आमीन।
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