Thursday, January 7, 2021

आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए चार दिवसीय बीएलटी प्रशिक्षण आज डायट निशातगंज लखनऊ में संपन्न हुआ।


प्रशिक्षण का शुभारंभ 4 जनवरी 2021 को डायट प्राचार्य डाॅ पवन सचान द्वारा किया गया। समापन कार्यक्रम पर मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री दिनेश कुमार ने सभी प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्हें ब्लॉक पर जाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुचारू रूप से 

गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने को संदेश देते हुए जानकारी दी कि बेसिक शिक्षा तथा आईसीडीसी के सम्मिलित प्रयास से चलने वाला यह कार्यक्रम 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से पूर्व तैयार किए जाने के लिए निशुल्क शाला पूर्व शिक्षा वाटिका के रूप में विकसित करने के लिए एक योजना है। इस प्रशिक्षण में प्रत्येक ब्लॉक से 3 प्रतिभागी आईसीडीएस से तथा एक बेसिक शिक्षा से (के आर पी) को मिलाकर 4 बीएलटी की

टीम तैयार की गई है, जनपद से प्रशिक्षण प्राप्त कर यह टीम 11 जनवरी से अपने-अपने ब्लॉक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण चलाएगी। जिसमें खेल खेल में प्रारंभिक शिक्षा देने के गुर सिखाए जाएंगे। प्रशिक्षण डायट प्रवक्ता दिव्य दर्शन, एसआरजी क्षमा सिंह , सीडीपीओ कामिनी

श्रीवास्तव , सीडीपीओ डॉक्टर सविता जैन, सुधा मौर्य द्वारा दिया गया ।कार्यक्रम का समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ l प्रशिक्षण का प्रबंधन डीसी ट्रेनिंग संतोष मिश्र ने किया l समापन के अवसर पर उन्होंने सभी ब्लॉकों की कार्य योजना ब्लॉकों की टीमों के साथ साझा की।

इंदौर - सरे राह भीड़ भाड़ में एक असमाजिक युवक द्वारा इंदौर के प्रसिद्ध रोबोट चोराहे के रोबोट को तोड़ फोड़ कर छिन्न भिन्न कर दिया गया


जहाँ पब्लिक मूकदर्शक बनी रही वही इतने बड़े शोर गुल वाले चोराहे पर शाश्कीय सम्पत्ति के नुकसान के साथ  इतनी बड़ी वारदात हो गई और 



पुलिस का कोई जवान मोके पर नही पहुँच पाया !  जो कि अपराध जगत पर सवालिया निशान है

जलालाबाद मदरसा मिफ्ता उल उलूम के शैखुल हदीस मौलाना रिज़वान साहब का इन्तिकाल,गहरे रंज ओ गम का माहौल


प्रसिद्ध शिक्षण संस्था मदरसा मिफ्ता उल उलूम के शेखुल हदीस हज़रत मौलाना रिज़वान साहब इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए। ये ग़मगीन खबर जैसे ही लोगो को मिली गहरे रंज ओ गम का इज़हार किया। एक अज़ीम शख्सियत,शेखुल हदीस ( विद्वान) को खो दिया। 

 शैखुल हदीस,हज़रत मौलाना रिज़वान साहब अज़ीम शख्सियत के मालिक थे,काफी अर्से से मदरसा मिफ्ता उल उलूम में एक बा वक़ार उस्ताद के फ़राएज़ अंजाम दे रहे थे।हज़रत कई रोज़ से मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती थे।दिमाग की नस फटने की वजह से इन्तिकाल का सबब बताया जा रहा है।नज़दीकी गांव सौंता रसूलपुर के रहने वाले थे।इत्तला के मुताबिक उनके आबाई वतन गांव सौंता रसूलपुर में ही आखरी रुसुमात, सुपुर्द के खाक, अंजाम दी जाएगी ।हज़रत पचास साल की उम्र में इस दुनिया को हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह गए।

इन्तिकाल की खबर आग की तरह फैल गयी। धार्मिक,सामाजिक,राजनैतिक गलियारों में गहरा रंजोगम का इज़हार किया गया।

इस अज़ीम शख्सियत के इन्तिकाल पर गहरा रंजोगम,के साथ दुवाएँ मगफिरत के लिए मदरसा मिफ्ता उल उलूम के मोहतमिम कारी वलीउल्लाह खान शेरवानी, मुफ़्ती सैयद मो कासिम ,मौलाना आरज़ू मियां, शहर काजी सैयद शारिक हुसैन,मुफ़्ती महताब,देवबन्द शेखुल हदीस मौलाना मो यामीन, जमीयत उलेमा ए हिन्द शामली महासचिव मौलाना अय्यूब मिफ्ताहि,सैयद हुजेफा थानवी,मौलाना नज्म थानवी,मौलाना मज़हर हुसैन कांधला,मौलाना नज़ाकत खान,मौलाना साजिद कासमी,मौलाना बिलाल,मुफ़्ती फरजान शेरवानी मिफ्ताहि,निसार कासमी,चेयरमैन चौ0 अब्दुल गफ्फार, पूर्व चेयरमैन अशरफ अली खान, शेर ज़मां खान, मियाँ शहज़ाद सिद्दीकी,सैयद वजाहत मिया, फैज़ शेरवानी, ज़ीशान काज़मी, ,काज़ी तारिक,समी खान, शावेज़ खान,कारी इनाम, डॉ सऊद हसन,मौलाना लुकमान, मौलाना समीउल्लाह खान, पूर्व चेयरमैन ज़हीर मलिक,मुफ़्ती इब्राहिम,सभासद चौ इस्तिखार,नसीम राही,बबलू मियाँ,शाहनवाज़ पुंडीर, शारिक त्यागी,फैसल मलिक,अख़लाक़ मलिक,मौलाना राशिद नूरिया,आदि ने गहरे रंजो गम का इज़हार करते हुए,अहले खाना को सब्र ए जमील अदा फमाये।मरहूम को जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम हासिल हो,दुवाएँ की गई।


 अल्लाह  मगफिरत फरमाए। घर वालों को सब्र अता फरमाए आमीन

Wednesday, January 6, 2021

उर्दू ज़बान संयुक्त राष्ट्र की सरकारी भाषा बन गई - - -


पहली बार संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल का उर्दू ज़बान मे पैग़ाम जारी किया गया! इस तरह उर्दु अदब एक अंतर्राष्ट्रीय ज़बान बन गई! एक रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की ओर से 06 भाषाओं - अंग्रेजी, अरबी, चीनी, फ्रांसीसी, रूसी व जापानी को ही संयुक्त राष्ट्र में अन्तर्राष्ट्रीय भाषा का दर्जा था, लेकिन अब इतिहास में पहली बार संयुक्त राष्ट्र की ओर से सेक्रेट्री जनरल का बयान उर्दू ज़बान के साथ जारी किया गया है! गोर तलब है कि उर्दू दुनिया के तकरीबन हर हिस्से में बोली, समझी और पढ़ी जाती है! दुनिया के तकरीबन 40 मुल्कों में उर्दू पाइ जाती है!                  अमरीका, बरतानिया, फ़्रांस, जर्मनी के कई शहरों में उर्दू की पढ़ाई होती है! संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से उर्दू ज़बान का सरकारी तोर पर प्रयोग किये जाने का फैसला इस ज़बान की मकबूलियत और अहमियत का नतीजा है!                             उर्दू   डवलपमेंट आर्गेनईजेशन कन्वीनर तहसीन अली असारवी, शमीम कस्सार, हाजी ओसाफ, उर्दू टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रईसुदीन राना, मास्टर शोएब, मास्टर शहजाद, कलीम त्यागी, अन्जुम गौहरे अदब के डा०तनवीर गौहर,  हनीफ एजुकेशनल एंड वेल्फेयर सोसाइटी मुजफ्फरनगर के डाक्टर अकील, सामाजिक वेल्फेयर सोसाइटी मुजफ्फरनगर के नफीस अन्सारी, इकराम एडवोकेट ने  संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी जनरल का शुक्रिया अदा किया है और कहा कि संयुक्त राष्ट्र के इस कारनामे से उर्दू ज़बान विकास होगा तथा इस की एहमियत भी बढेगी!

Tuesday, January 5, 2021

केंद्र और राज्य सरकार ने गरीब लोगो के लिये अलग से 10℅ EWS कैटेगरी में आरक्षण दिया हैं।

 


जिसे EWS (Economically Weaker Section ) कैटेगरी कहा जाता हैं, जिसके लिये मुस्लिम समाज के ज्यादातर लोग पात्र हैं और *EWS* के हकदार हैं। ये आरक्षण हमारे  समाज के आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने में  मददगार साबित हो सकता है। लेकिन अफसोस के "EWS के 10% आरक्षण" को लेकर मुस्लिम समाज में जानकारी का बहुत ज्यादा अभाव है, इसलिये "EWS" को लेकर प्रचार और जागरूकता करना जरुरी है और ये हम सब की जिम्मेदारी है !!!  


#पात्रता:


जो मुस्लिम भाई बहन सामान्य वर्ग से है (जनरल  कैटेगरी से है) और जिनकी सालाना उत्पन्न  यानी वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम हैं, वह इस आरक्षण के लिये पात्र है!!!


#शैक्षणिक क्षेत्र में फायदा:-


सभी शिक्षण संस्थाओं मे सभी कोर्सेस के लिये 10% सीट्स EWS  कॅटेगरी के लिये आरक्षित है और "फीस" मे भी सहूलियात मिलती हैं।


#शासकीय_नौकरियों में फायदा


1) गवर्नमेंट की हर नौकरी में 10% नौकरियां EWS कैटेगरी के लिये आरक्षित है।



2) क्लास D से लेकर क्लास A गजेटेड

(सिपाही से लेकर कलेक्टर ) तक की सभी नौकरियों में EWS  आरक्षण का लाभ मिल रहा है।


 3) 10% EWS आरक्षण* का लाभ लेने के लिये आपके पास "EWS सर्टिफिकेट" होना जरुरी है!


महाराष्ट्र /मध्यप्रदेश/छत्तीसगढ़ /झारखण्ड/बिहार/उ0प्र0 मे EWS सर्टिफिकेट कैसे हासिल करें??


*EWS  सर्टिफिकेट "तहसीलदार" के ऑफिस से मिलता है, आपको अपने तहसील के "सेतु सुविधा केन्द्र  च्वाइस सेन्टर या ई-सेवा केंद्र" से आवेदन करना पड़ेगा।


#आवश्यक दस्तावेज:-


-*पालक/अभिभावक का वार्षिक आय प्रमाणपत्र

 *लाभार्थी का  आधार कार्ड

 *टी. सी. या निर्गम उतारा/जन्म प्रमाणपत्र

 

नोट- EWS के 10% के लिहाज से गरीब सामान्य कैटेगरी के मुस्लिम व अन्य लोगों को बतायें , और EWS Certificate  बनाने मे लोगों की मदद करे.

Saturday, January 2, 2021

नीमच ,इंडियन रिलीफ फाउंडेशन, का सर्व मुस्लिम समाज द्वारा बनाया गया स्थापना दिवस

 


नीमच (मध्य प्रदेश) 02/01/2021

इंडियन रिलीफ  फाउंडेशन  को  सफलता  पूर्वक  एक  वर्ष  पूर्ण   करने पर  मुस्लिम  समाज  द्वारा स्थापना दिवस  बनाया गया 


इस  उपलक्ष्य  पर  सर्व मुस्लिम  समाज  जिला अध्यक्ष  वसीम  खान  द्वारा  बताया गया  की     "I R F"  नीमच  की  ही  एक  सामाजिक  संस्था  है  जो हर  सामाजिक कार्य   मे  बढ़  चढ़   कर  हिस्सा  लेती  है  लॉक  डाउन  मे भी  IRF  द्वारा  काफ़ी बड़ी  संख्या  मे  भोजन  वितरण  किया  गया  और राशन  किट और  मास्क    भी बाटे  गए  थे ! 

 आज स्थापना  दिवस  पर  टीम  के   सभी मेम्बर  द्वारा  नीमच  सिटी  कच्ची   बस्ती  रेलवे  स्टेशन  और पुटपाथ  पर  सोने वाले असहाय  लोगो  को ढूंढ  कर  उन  को  कम्बल  वितरण किये  गए  जिस  से बहुत  से जरूत मंद को बढ़ती  ठण्ड  मे   मदद  मिलेगी    !

 और इस  टीम  द्वारा  सेवा  भाव  रखते  हुए  शहर  मे  50 से  ज्यादा लोगो  को  रोजगार भी उपलब्ध  करा   रही  है  

 स्थापना  दिवस के उपलक्ष्य पर  सर्व मुस्लिम समाज अध्यक्ष वसीम  खान , 

खुदाई  ख़िदमगर से  कृपाल माडलोई  जी,    

डेमोक्रेटिक यूथ फ्रेडरेशन ऑफ़  इंडिया से योगेश यादव कौशल

भीम आर्मी से हर्षित गोशल , 

राष्ट्रीय छात्र  संगठन  इंडिया से मनीष  कदम ,  आरिफ  खान, अशरफ, मंसूरी,

 खिदमत फाउंडेशन  से  साबिर खान ,शाहरुख  खान, कालू  कुरैशी,  रेहमान  कुरैशी,  जुबेर  खान,  लाइक  खान ,  शेरू  खान,  खालिद  खान,  और अन्य  साथी  मोके  पर उपस्थित  थे  

जो  सभी  सेवा भाव  से  सामाजिक  कार्यों  मे  बढ़ चढ़ कर  हिस्सा लेते  है  और  जरूरत मंद  लोगो  की  मदद  करते  है


इंदौर (मध्य प्रदेश)सांप्रदायिक घटनाओं के विरोध में मुस्लिम नुमाइंदा कमेटी के प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

 


इंदौर (मध्य प्रदेश )

दिनांक 02/01/2021


*साम्प्रदायिक घटनाओं के विरोध में मुस्लिम नुमाइंदा कमेटी का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला*

गौतमपुरा की चांदनखेड़ी में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में नुमाईंदा कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल महासचिव अब्दुल रऊफ बेलीम के नेतृत्व में कलेक्टर से मिला मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राममंदिर के नाम पर होने वाली जनजागरण रैलियों और उनके तौर तरीकों को लेकर अपनी चिंता से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मांग की कि इस तरह की रैलियों पर अंकुश लगाया जाए। रैलियों को मुस्लिम मोहल्लो में न जाने दिया जाए तथा भड़काऊ नारे लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ।

उन्हें बताया गया कि जिले के अनेक क्षेत्रों में यह यात्राएं निकालने का आव्हान वाट्स एप पर किए जा रहे हैं,जिनमें उकसाने वाले और भड़काऊ नारे लिखे गये हैं।कलेक्टर महोदय को संबंधित वाट्स एप मैसेज की स्क्रीन शार्ट उपलब्ध कराई गई।जिस पर उन्होने तुरंत कार्रवाई के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए।

चांदनखेड़ी में पांच भाईयों में से हातम नामक व्यक्ति की हालत चिंताजनक होने की बात उन्हें बताई गई।जिस पर उन्होंने तुरंत हातम सीएचएल अपोलो में शिफ्ट करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस पर प्रतिनिधिमंडल ने उनका आभार व्यक्त किया।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रकरण में गिरफतार लोगों को ज़मानत देने की मांग की,जिस पर उन्होने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया,उम्मीद है हमारे भाई जल्द रिहा होकर अपने घर वालों के बीच होंगे। इस सम्बंध में ज़िला कलेक्टर श्री मनीष सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा गया जिसमें मुख्य रूप से निम्न मांग की गई है:

1. वर्तमान में इस प्रकार की रैली/यात्राएं निकालने की न तो कोई आवश्यकता है और न ही इसका कोई औचित्य है।

2. वर्तमान में कोरोना गाइडलाइन के तहत किसी भी प्रकार की रैली अथवा यात्राएं निकालने पर प्रतिबंध है तथा जिले में धारा 144 प्रभावशील है। एसी स्थिति में इस प्रकार की यात्राएं निकालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जिससे कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो।

3. इस प्रकार की यात्राएं/रैली मुस्लिम मोहल्लों में न जाने दी जाए ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे।

प्रतिनिधिमंडल में मुनीर एहमद खान,नूर मोहम्मद कुरैशी,सलीम अंसारी,कफील रज़ा, डॉ. मुमताज़ कुरैशी, इस्हाक अंसारी,अब्दुल अज़ीज़ सल्फी,आदिल सईद, अब्दुल वहीद छीपा, मो.फारूक, मो.हारून छीपा, मो.शफीक(शफ्फु),मुख्तार मंसूरी,एडवोकेट इमरान खान, शोएब आमदनी, शोएब अमीन, कदीर अंसारी शामिल थे।