Friday, September 25, 2026

अब्दुल वहाब साहब का इंतक़ाल, बिरादरी में पसरा ग़म, इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन —

जयपुर, राजस्थान। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन शनिवार, 26 सितंबर 2026 को जयपुर, राजस्थान में मरहूम लाल मोहम्मद साहब, चांदपोल वालों के फ़रज़ंद जनाब अब्दुल वहाब साहब का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया।

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।

अब्दुल वहाब साहब के इंतक़ाल की ख़बर से अहले-ख़ानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़ों और बिरादराना हज़रात में गहरे रंज और सदमे की फ़िज़ा है। इस मुश्किल और ग़मगीन घड़ी में तमाम अहले-ख़ानदान के साथ दिली हमदर्दी और ताज़ियत का इज़हार किया जाता है।

जनाज़े और तदफ़ीन का ऐलान

मिली इत्तिला के मुताबिक मरहूम जनाब अब्दुल वहाब साहब का जनाज़ा चांदपोल से नारी का नाका कब्रिस्तान, जयपुर ले जाया जाएगा।

मैय्यत की तदफ़ीन का वक़्त सुबह 10:00 बजे मुक़र्रर किया गया है।

तमाम अहले-ख़ैर और बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि अपनी मसरूफ़ियात में से वक़्त निकालकर जनाज़े में शरीक हों और मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ।

कब्र में उतारते और मिट्टी देते वक़्त दुआ

अल्लाह तआला मरहूम अब्दुल वहाब साहब की मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों से दरगुज़र फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए और उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।

कब्र में उतारते वक़्त पढ़ा जाता है:

«بِسْمِ اللّٰهِ وَعَلَىٰ مِلَّةِ رَسُولِ اللّٰهِ ﷺ»

तर्जुमा: अल्लाह के नाम से और अल्लाह के रसूल ﷺ के दीन व तरीक़े पर।

मिट्टी देते वक़्त यह दुआ की जाए:

«مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَىٰ»

तर्जुमा: हमने तुम्हें इसी मिट्टी से पैदा किया, इसी में तुम्हें वापस लौटाएँगे और इसी से दोबारा तुम्हें निकालेंगे।

इसके बाद तमाम हाज़रीन मरहूम के लिए दिल से दुआ-ए-मग़फ़िरत करें:

ऐ अल्लाह! मरहूम अब्दुल वहाब साहब की मग़फ़िरत फ़रमा, उनकी क़ब्र को कुशादा और रोशन फ़रमा, उन्हें सवाल-ए-क़ब्र में कामयाबी अता फ़रमा, उनके दर्जात बुलंद फ़रमा, उनकी नेकियों को क़ुबूल फ़रमा और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।

या अल्लाह! उनके तमाम गुनाहों को माफ़ फ़रमा, रहमत की चादर में ढांप ले और उनके घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फ़रमा। आमीन या रब्बुल आलमीन।

रसूल-ए-अकरम ﷺ ने मुसलमान भाई की ताज़ियत और उसके लिए दुआ करने की बड़ी फ़ज़ीलत बयान फ़रमाई है। इसलिए इस मौक़े पर तमाम बिरादराना हज़रात से ख़ास तौर पर गुज़ारिश है कि मरहूम को अपनी दुआओं में याद रखें और उनके लिए ईसाल-ए-सवाब करें।

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूम की मग़फ़िरत फ़रमाए और तमाम अहले-ख़ानदान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए। आमीन।

राब्ता: 9460000786


ख़ास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज"

उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट

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