पानीपत, हरियाणा। निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम अहले-मुस्लिम मुल्तानी लोहार-बढ़ई बिरादरी को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन शनिचर, 26 सितंबर 2026 को हाजी याक़ूब ख़ान, मुल्तानी लोहार बिरादरी, मूल निवासी गाँव सुताना एवं हाल बाशिंदे गोहाना रोड, पानीपत, हरियाणा, का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतक़ाल हो गया।
मरहूम के इंतक़ाल की ख़बर से अहले-ख़ानदान, रिश्तेदारों, दोस्तों, अज़ीज़ों और पूरी बिरादरी में गहरा रंज-ओ-मलाल और शदीद ग़म की लहर दौड़ गई। इस दुख की घड़ी में हर आँख अश्कबार और हर दिल मरहूम की मग़फ़िरत के लिए दुआगो है।
आज बाद नमाज़-ए-ईशा होगा जनाज़ा और सुपुर्द-ए-ख़ाक
मिली जानकारी के मुताबिक़ मरहूम हाजी याक़ूब ख़ान की नमाज़-ए-जनाज़ा आज बाद नमाज़-ए-ईशा, तक़रीबन रात 8 बजे, मेहराना, पानीपत स्थित कब्रिस्तान में अदा की जाएगी। नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद मरहूम को उसी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
तमाम अहले-बिरादरी, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, दोस्त-अहबाब और जानने वालों से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फ़रमाएँ और मरहूम के लिए मग़फ़िरत एवं बुलंदी-ए-दरजात की दुआ करें।
कब्र में उतारते और मिट्टी देते वक़्त दुआ
जब मरहूम को कब्र में उतारा जाए तो अहले-ख़ैर उनकी मग़फ़िरत की दुआ करें और मिट्टी देते हुए दिल से दुआ करें:
“ऐ अल्लाह! हमारे इस मरहूम बंदे की मग़फ़िरत फ़रमा, उसकी ख़ता-बख़्शी फ़रमा, उसकी कब्र को नूर से भर दे, उसे कुशादा और आराम की जगह बना दे। उसकी तन्हाई को अपनी रहमत से दूर फ़रमा। उसके दर्जात बुलंद फ़रमा और उसे जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फ़रमा।”
मिट्टी देते वक़्त यह आयत पढ़ना भी मंसून है:
مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَىٰ
“इसी मिट्टी से हमने तुम्हें पैदा किया, इसी में तुम्हें लौटाएँगे और इसी से तुम्हें दोबारा निकालेंगे।”
(सूरह ताहा: 55)
नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद मरहूम के लिए दुआ
तमाम मुसलमानों से गुज़ारिश है कि मरहूम के लिए ख़ुसूसन यह दुआ फ़रमाएँ:
اللّٰهُمَّ اغْفِرْ لَهُ وَارْحَمْهُ وَعَافِهِ وَاعْفُ عَنْهُ
“ऐ अल्लाह! इसकी मग़फ़िरत फ़रमा, इस पर रहमत फ़रमा, इसे आफ़ियत अता फ़रमा और इससे दरगुज़र फ़रमा।”
अल्लाह तआला मरहूम हाजी याक़ूब ख़ान की मुकम्मल मग़फ़िरत फ़रमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमाए, क़ब्र के तमाम मराहिल आसान फ़रमाए, उन्हें सवालात-ए-क़ब्र में कामयाबी अता फ़रमाए और जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मुक़ाम अता फ़रमाए।
अल्लाह तआला तमाम पसमानदगान को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए और इस सदमे को बर्दाश्त करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन या रब्बुल आलमीन।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
संपर्क: 9671955918
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
अगर आप भी अपनी ख़बर, मज़मून (आर्टिकल), पैग़ाम, मुबारकबाद, ताज़ियती इश्तिहार, दिलचस्प वाक़ियात, तहरीर, अफ़साना (कहानी) या अपने कारोबार का इश्तिहार (विज्ञापन) क़ौमी सतह पर शाया या प्रसारित करवाना चाहते हैं, तो बराए मेहरबानी नीचे दिए गए नंबरों पर राब्ता फ़रमाएँ।
📞 9410652990
📞 8010884848
आपका एतमाद ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।
No comments:
Post a Comment