पारोली, जिला भीलवाड़ा (राजस्थान), 29 सितंबर 2026।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और अफ़सोस के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को यह इत्तिला दी जाती है कि आज दिन मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को पारोली, जिला भीलवाड़ा, राजस्थान में मोहम्मद इब्राहिम जी पुवार की बहू तथा अब्दुल हक़ पुवार की अहलिया, निशा बानू का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतकाल हो गया।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
मरहूमा के इंतकाल की ख़बर सुनकर खानदान, रिश्तेदारों, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादराने मुल्तानी में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई। इस दुख की घड़ी में हर शख़्स मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फिरत और उनके अहले-ख़ाना के लिए सब्र-ए-जमील की दुआ कर रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा नमाज़-ए-ज़ुहर के बाद अदा की जाएगी, जिसके पश्चात उन्हें उनके आबाई/मुक़ामी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम बिरादराना हज़रात से गुज़ारिश है कि अपनी मसरूफ़ियत में से वक़्त निकालकर नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाएँ और मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें।
मैय्यत को कब्र में उतारते वक़्त दुआ
जब मरहूमा को कब्र में उतारा जाए तो अल्लाह तआला उनके लिए कब्र के सफ़र को आसान फरमाए, कब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए और उसे जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
اللّٰهُمَّ اغْفِرْ لَهَا وَارْحَمْهَا، وَعَافِهَا وَاعْفُ عَنْهَا۔
ऐ अल्लाह! मरहूमा की मग़फ़िरत फरमा, उन पर रहम फरमा, उन्हें आफ़ियत अता फरमा और उनसे दरगुज़र फरमा।
اللّٰهُمَّ نَوِّرْ قَبْرَهَا وَوَسِّعْ مُدْخَلَهَا۔
ऐ अल्लाह! उनकी कब्र को नूर से भर दे और उनकी कब्र को कुशादा फरमा।
कब्र पर मिट्टी डालते वक़्त
मैय्यत को मिट्टी देते हुए यह दुआ की जाए कि:اللّٰهُمَّ ثَبِّتْهَا عِنْدَ السُّؤَالِ، وَاجْعَلْ قَبْرَهَا رَوْضَةً مِنْ رِيَاضِ الْجَنَّةِ।
ऐ अल्लाह! सवाल के वक़्त उन्हें साबित-क़दम रख और उनकी कब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
तमाम हज़रात से गुज़ारिश है कि मरहूमा के लिए सूरह-ए-फ़ातिहा, सूरह-ए-इख़लास और दुआ-ए-मग़फ़िरत फरमाएँ। अल्लाह रब्बुल आलमीन मरहूमा के तमाम सग़ीरा-कबीरा गुनाहों को माफ़ फरमाए, उनकी कब्र को रोशन और कुशादा फरमाए, सवाल-ए-कब्र को आसान फरमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला से आला मक़ाम अता फरमाए और अपने हबीब हज़रत मुहम्मद ﷺ की शफ़ाअत नसीब फरमाए।
अहले-ख़ाना के लिए दुआ
अल्लाह तआला मरहूमा के तमाम अहले-ख़ाना, रिश्तेदारों और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को इस सदमे को बर्दाश्त करने की ताक़त अता फरमाए, उन्हें सब्र-ए-जमील नसीब फरमाए और इस ग़म की घड़ी में अपना ख़ास करम फरमाए।
या अल्लाह! मरहूमा निशा बानू की मग़फ़िरत फरमा, उनकी कब्र को नूर से भर दे, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमा और उनके तमाम घरवालों को सब्र-ए-जमील अता फरमा।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल "मुल्तानी समाज" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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