निहायत रंज-ओ-ग़म के साथ तमाम बिरादराना हज़रात को इत्तिला दी जाती है कि नीमच में अब्दुल हमीद उर्फ़ बाबू भाई पुवार की अहलिया राबिया बानो साहिबा का क़ज़ा-ए-इलाही से इंतिक़ाल हो गया है। मरहूमा के इंतिक़ाल की ख़बर से उनके खानदान, रिश्तेदारों, अहबाब और बिरादराने-मिल्लत में गहरे रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई है।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
यह दुनिया फ़ानी है और हर इंसान को एक दिन अपने रब्बे-करीम के हुज़ूर लौटकर जाना है। मरहूमा के इंतिक़ाल पर “मुल्तानी समाज” की पूरी टीम की ओर से भी अहले-ख़ाना से इज़हारे-ताज़ियत और हमदर्दी पेश की जाती है।
🕌 नमाज़-ए-जनाज़ा व दफ़्न
मिली जानकारी के मुताबिक मरहूमा राबिया बानो साहिबा की नमाज़-ए-जनाज़ा दिनांक 20 सितंबर 2026, बरोज़ इतवार, सुबह 10 बजे महावीर नगर मस्जिद में अदा की जाएगी।
नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद मरहूमा को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
तमाम बिरादराना हज़रात, रिश्तेदारों और अहबाब से पुरख़ुलूस गुज़ारिश है कि नमाज़-ए-जनाज़ा में शिरकत फ़रमाकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और ग़मज़दा अहले-ख़ाना के साथ अपनी हमदर्दी का इज़हार करें।
🤲 मय्यत को क़ब्र में उतारते वक़्त की दुआ
بِسْمِ اللّٰهِ وَعَلَىٰ مِلَّةِ رَسُولِ اللّٰهِ ﷺ
“अल्लाह के नाम से और रसूलुल्लाह ﷺ की मिल्लत व तरीक़े पर।”
🤲 क़ब्र में मिट्टी देते वक़्त
पहली मर्तबा:
مِنْهَا خَلَقْنَاكُمْ
मिन्हा ख़लक़नाकुम
तर्जुमा: इसी मिट्टी से हमने तुम्हें पैदा किया।
दूसरी मर्तबा:
وَفِيهَا نُعِيدُكُمْ
व फ़ीहा नुईदुकुम
तर्जुमा: और इसी मिट्टी में हम तुम्हें लौटाएंगे।
तीसरी मर्तबा:
وَمِنْهَا نُخْرِجُكُمْ تَارَةً أُخْرَىٰ
व मिन्हा नुख़रिजुकुम तारतन उख़रा
तर्जुमा: और इसी मिट्टी से हम तुम्हें दोबारा निकालकर खड़ा करेंगे।
🤲 मग़फ़िरत की पुरख़ुलूस दुआ
या अल्लाह! मरहूमा राबिया बानो साहिबा की मग़फ़िरत फ़रमा। उनकी तमाम ख़ताओं और गुनाहों से दरगुज़र फ़रमा। उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फ़रमा, क़ब्र को कुशादा और आरामगाह बना। उन्हें सवालात-ए-क़ब्र में आसानी अता फ़रमा और अपनी रहमत व मग़फ़िरत के साये में जगह अता फ़रमा।
या रब्बुल आलमीन! मरहूमा को जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमा, उन्हें अपने हबीब हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शफ़ाअत नसीब फ़रमा और उनके दरजात बुलंद फ़रमा।
अल्लाह तआला अब्दुल हमीद उर्फ़ बाबू भाई पुवार साहब समेत तमाम अहले-ख़ाना, रिश्तेदारों और अहबाब को इस सदमे पर सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए।
आमीन या रब्बल आलमीन।
“मुल्तानी समाज” की ओर से ताज़ियत
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, मुल्क की राजधानी नई दिल्ली से प्रसारित, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल और यूट्यूब चैनल “मुल्तानी समाज” के लिए मध्यप्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट।
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